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वार्षिक राशिफल

वार्षिक राशिफल
2026

बारहों राशियों का यह साल: कौन-से पहलू मज़बूत हैं और कौन-से नहीं। चंद्र राशि से, वैदिक ज्योतिष के अनुसार।

12 राशियाँ2026वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
हर राशि का यह साल, एक-एक करके · कोई और राशि पढ़ने के लिए उस पर टैप करें
2026 · मेष · स्वामी मंगल
ठीक-ठाक

2026 में पहला हिस्सा धीमा और अंत मज़बूत — और पूरे साल साढ़ेसाती का पहला चरण ख़र्च बढ़ाता है।

1 जून तक

गुरु आपके तीसरे भाव (पराक्रम भाव) में हैं, जो उनके लिए कमज़ोर जगह है। मेहनत पूरी होती है पर नतीजे धीरे आते हैं; छोटी यात्राएँ और छोटे बदलाव व्यस्त रखते हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके चौथे भाव (घर और माता का भाव) में आते हैं। घर, प्रॉपर्टी और मन की शांति आपका समय माँगते हैं; घर बदलने या मरम्मत की संभावना है।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में आते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। सोच तेज़ रहती है, फ़ैसले सही निकलते हैं और संतान या पढ़ाई से अच्छी ख़बर की संभावना है।

पूरे सालशनि आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में रहते हैं — यह साढ़ेसाती की शुरुआत है। ख़र्च बढ़ते हैं और नींद पर असर पड़ता है; फ़िज़ूलख़र्ची रोकें और दिनचर्या बनाए रखें।

करियर63प्रेम66स्वास्थ्य53धन65
कुल62
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर63

काम के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

तीसरे भाव में गुरु करियर के लिए कमज़ोर स्थिति है: मेहनत पूरी होती है, पर श्रेय और पैसा देर से मिलता है। तबादला, काम की छोटी यात्राएँ और जगह बदलना आम है। जल्दबाज़ी में नौकरी न छोड़ें और थोड़ी सी बढ़ोतरी के लिए नौकरी न बदलें — हुनर बढ़ाएँ, अपने काम को ठीक से सामने रखें और यह समय निकलने दें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं, इसलिए कुछ समय काम पीछे लगता है। काम में सुविधा बढ़ती है — बेहतर जगह, वाहन, या घर के पास पोस्टिंग — पर तरक़्क़ी धीमी रहती है। काम के लिए नए शहर जाने की बात आ सकती है; परिवार के साथ बैठकर फ़ैसला करें। प्रॉपर्टी, शिक्षा और घर से होने वाला काम अच्छा चलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

31 अक्टूबर से

पाँचवें भाव में गुरु समझ को तेज़ करते हैं: काम में आपके फ़ैसले सही निकलते हैं और आपके विचारों पर ध्यान जाता है। परीक्षा, सर्टिफ़िकेशन और परीक्षा से मिलने वाले प्रमोशन के लिए बहुत अच्छा समय; शिक्षक, सलाहकार और रचनात्मक काम वालों के लिए भी। नई नौकरी के लिए आवेदन करने या बड़ों के सामने अपनी योजना रखने का अच्छा समय। काम का पैसा सट्टे से दूर रखें।

पूरे साल

बारहवें भाव में शनि, साढ़ेसाती का पहला चरण, ख़र्च बढ़ाते हैं और मेहनत दिखती नहीं। घर से दूर, विदेश में या अस्पताल और बड़ी संस्थाओं का काम सामने वाले काम से बेहतर चलता है। फ़िज़ूलख़र्ची रोकें, बड़े क़र्ज़ से बचें और बिना पढ़े कुछ भी साइन न करें।

4 दिसंबर तक

ग्यारहवें भाव में राहु बड़ा लाभ और काम के नए संपर्क देते हैं; आमदनी में उछाल आ सकता है।

5 दिसंबर से

दसवें भाव में राहु अचानक मौक़े और तेज़ तरक़्क़ी देते हैं, ख़ासकर टेक, राजनीति, मीडिया और बड़ी कंपनियों में; ईमानदार रहें, क्योंकि शॉर्टकट पकड़े जाते हैं। चौथे भाव में केतु काम की जगह को अस्थिर महसूस कराते हैं; बदलने का फ़ैसला करने से पहले धैर्य रखें।

सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम66

प्रेम और विवाह के लिए 2026: पहला हिस्सा मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।

31 अक्टूबर से

पाँचवें भाव में गुरु प्रेम के लिए सबसे अच्छे समयों में से एक है: भावनाएँ सच्ची होती हैं, और अभी शुरू हुए रिश्ते के शादी तक पहुँचने की अच्छी संभावना है। अविवाहित लोग नए लोगों से मिलने के लिए हाँ कहें; जो पहले से प्रेम में हैं वे अभी घरवालों से बात कर सकते हैं, क्योंकि प्रेम विवाह को आशीर्वाद मिलने की संभावना ज़्यादा है। शादीशुदा जोड़ों में फिर से नज़दीकी लौटती है, और कई लोग संतान की योजना बनाते हैं। रिश्ते में ईमानदारी रखें — न खेल, न छिपाव। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

पूरे साल

बारहवें भाव में शनि, साढ़ेसाती का पहला चरण, प्रेम में दूरी और मन में चुपचाप चिंता लाते हैं: साथी का दूर होना, नींद की कमी, या अपने सबसे क़रीबी लोगों से अनदेखा महसूस करना। अविवाहितों को घर से दूर कोई मिल सकता है, पर पक्का करने से पहले समय लें। शादीशुदा जोड़े अपने बीच चुप्पी न बढ़ने दें — साथ में एकांत का समय निकालें और चिंताएँ जल्दी साझा करें। शादी और घर के ख़र्च पर लगाम रखें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें।

4 दिसंबर तक

ग्यारहवें भाव में राहु जान-पहचान का दायरा बढ़ाते हैं; नए दोस्त और ऑनलाइन या सामाजिक परिचय सही व्यक्ति तक ले जा सकते हैं। पाँचवें भाव में केतु प्रेम को फीका या दूर-दूर सा बना सकते हैं; छोटे, सच्चे इशारे भावना को ज़िंदा रखते हैं।

5 दिसंबर से

दसवें भाव में राहु ध्यान रुतबे और काम की ओर खींचते हैं; काग़ज़ पर शानदार दिखने वाला रिश्ता भी मन से सही लगना चाहिए।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य53

सेहत के लिए 2026: पहला हिस्सा मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

तीसरे भाव में गुरु ताक़त के लिए कमज़ोर स्थिति है: ऊर्जा आती-जाती रहती है, और अच्छी शुरुआत के बाद व्यायाम का मन ढीला पड़ जाता है। छोटी यात्राएँ और भागदौड़ दिनचर्या तोड़ती हैं, और थकान सबसे पहले कंधों, गले और साँस पर दिखती है। नियम इतना छोटा रखें कि निभ सके — रोज़ बीस मिनट की सैर और दस मिनट प्राणायाम इस समय उस बड़े जिम प्लान से ज़्यादा काम आते हैं जो महीने भर में छूट जाए।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

चौथे भाव में गुरु घर में सुकून और शांति लाते हैं, जिससे नींद अच्छी होती है और मन ठहरता है। इसका दूसरा पहलू ढीली दिनचर्या है — ज़्यादा बैठना, घर का भारी खाना, कम चलना — और इसका असर छाती और वज़न पर दिखता है। इस समय माँ की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, इसलिए किसी तकलीफ़ का इंतज़ार किए बिना उनकी जाँच करा दें, और अपने दिन में शाम की सैर बनाए रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है; नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

31 अक्टूबर से

पाँचवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: मन साफ़ रहता है, चिंता घटती है और पाचन ठीक होता है, क्योंकि पाँचवाँ भाव मन के साथ पेट का भी है। नई दिनचर्या शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है — योग, सुबह की सैर, खान-पान की योजना — क्योंकि अभी शुरू की गई आदतें टिकती हैं। यह समय गर्भावस्था और बच्चों की सेहत के लिए भी अनुकूल है; दोनों में डॉक्टर से नियमित जाँच फिर भी ज़रूरी है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

पूरे साल

बारहवें भाव में शनि, साढ़ेसाती का पहला चरण, सबसे पहले नींद पर असर दिखाते हैं: नींद देर से आती है, कच्ची रहती है या रात में टूटती है, और थकान वहीं से बढ़ती है। सेहत पर ख़र्च — जाँच, इलाज, अस्पताल — बढ़ सकता है, और पैरों व आँखों को देखभाल चाहिए। तय समय पर सोकर और देर रात स्क्रीन से दूर रहकर नींद बचाएँ, सेहत के लिए कुछ पैसा अलग रखें, और ख़र्च के डर से जाँच न टालें। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है: पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं।

4 दिसंबर तक

ग्यारहवें भाव में राहु ऊर्जा ऊँची रखते हैं और बीमारी से जल्दी उबारते हैं; बस पार्टियों और मेल-जोल में ज़्यादती पर लगाम रखें।

5 दिसंबर से

दसवें भाव में राहु काम को हावी कर देते हैं — तनाव, छूटा खाना और देर रातें; काम के दिन का एक पक्का अंत तय करें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन65

धन के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

तीसरे भाव में गुरु धन के लिए कमज़ोर स्थिति है: उतनी ही आमदनी के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है, और यात्रा, भाई-बहन और गैजेट पर छोटे-छोटे ख़र्च मिलकर बड़े हो जाते हैं। नौकरी वाले बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद न रखें; व्यापारियों को भुगतान के लिए पीछे लगना पड़ता है और ग्राहक बचाए रखने के लिए मुनाफ़ा घटाना पड़ सकता है। हर महीने ख़र्च का हिसाब रखें, बचत को हाथ न लगाएँ, और जल्दी मुनाफ़े के चक्कर में बार-बार निवेश न बदलें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

चौथे भाव में गुरु पैसे को घर की ओर ले जाते हैं: घर ख़रीदना या उसकी मरम्मत, गाड़ी, या माँ की मदद। अपने रहने के लिए प्रॉपर्टी ख़रीदने का ठीक-ठाक समय है, और परिवार की ज़मीन-जायदाद के मामले आगे बढ़ सकते हैं। बाक़ी निवेशों पर रिटर्न सामान्य रहता है, और अभी लिया गया होम लोन हर महीने की आमदनी में आराम से समाना चाहिए। दिखावे के लिए नहीं, ज़रूरत के लिए ख़रीदें, और किसी भी प्रॉपर्टी के काग़ज़ दो बार जाँचें।

31 अक्टूबर से

पाँचवें भाव में गुरु पैसों की समझ को तेज़ करते हैं: अभी लिए गए निवेश के फ़ैसले आम तौर पर सही निकलते हैं। लंबे समय का निवेश शुरू करने, बच्चों की पढ़ाई की योजना बनाने या अच्छी तरह समझे हुए व्यापारिक विचार में पैसा लगाने का अच्छा समय है। नौकरी वालों को काम के आधार पर बोनस मिल सकता है; व्यापारियों को सोच-समझकर शुरू किए गए नए काम से फ़ायदा होता है। निवेश जाँच-परखकर करें, सुनी-सुनाई टिप पर नहीं — गुरु सोच-समझकर लिए फ़ैसलों का फल देते हैं, जुए का नहीं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

पूरे साल

बारहवें भाव में शनि, साढ़ेसाती का पहला चरण, ख़र्च बढ़ाते हैं — अस्पताल, यात्रा, घर बदलना या दूर रहने वाले परिवार का ख़र्च — और पैसा ऐसे रास्तों से निकलता है जिनकी योजना नहीं थी। नौकरी वाले बजट कसकर चलाएँ; व्यापारी ऊपरी ख़र्च पर नज़र रखें और उधार के भरोसे विदेश में कारोबार न फैलाएँ। फ़िज़ूलख़र्ची रोकें, बड़े क़र्ज़ से बचें और जिसे पूरा पढ़ा न हो उसमें निवेश न करें। अभी से आपातकाल का पैसा जोड़ें; इससे साढ़ेसाती का बाक़ी समय बहुत आसान हो जाएगा। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: बचत धीरे बढ़ती है और परिवार के ख़र्च के लिए पक्का बजट चाहिए।

4 दिसंबर तक

ग्यारहवें भाव में राहु अचानक बड़ा लाभ और आमदनी के नए स्रोत देते हैं; इसका आनंद लें, पर इसका अच्छा हिस्सा समय रहते सुरक्षित बचत में डाल दें। पाँचवें भाव में केतु निवेश की समझ को धुँधला करते हैं; उन्हीं सीधे विकल्पों पर टिकें जिन्हें आप समझते हैं।

5 दिसंबर से

दसवें भाव में राहु नई भूमिका या साहसी व्यापारिक क़दम से आमदनी तेज़ी से बढ़ा सकते हैं; हर रुपया हिसाब में रखें, क्योंकि शॉर्टकट पकड़े जाते हैं।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: पहला हिस्सा मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

तीसरे भाव में गुरु भाई-बहनों और चचेरे-ममेरे भाई-बहनों को केंद्र में लाते हैं: इस साल किसी भाई या बहन को आपकी मदद, सलाह या पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है। रिश्तेदारों से मिलने की छोटी यात्राएँ आम हैं, पर पारिवारिक योजनाएँ आपकी सोच से धीमी चलती हैं। भाई-बहनों की खुलकर मदद करें, लेन-देन लिखित में रखें, और छोटी ग़लतफ़हमी को बढ़ने से पहले फ़ोन या मुलाक़ात से दूर करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

चौथे भाव में गुरु घर को साल का मुख्य विषय बनाते हैं: घर ख़रीदना, बनवाना या उसकी मरम्मत, नया वाहन या घर बदलना — सब संभव है। परंपरा इसे अस्थिर स्थिति मानती है, इसलिए इस काम में सोच से ज़्यादा भाग-दौड़, ख़र्च और रिश्तेदारों से खटपट होती है, और माँ की सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है। प्रॉपर्टी की योजना पर आगे बढ़ें, पर हर काग़ज़ जाँचें और बजट से बाहर न जाएँ।

31 अक्टूबर से

पाँचवें भाव में गुरु संतान के लिए शुभ हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर से अच्छी ख़बर, बेटे-बेटी की शादी या परिवार में बच्चे का जन्म संभव है, और संतान की आशा रखने वाले दंपती के लिए यह अनुकूल समय है। पारिवारिक मामलों में आपकी समझ सही रहती है और बड़े आपके फ़ैसलों का साथ देते हैं। बच्चों को इत्मीनान से समय दें, और उनका दाख़िला या मुंडन, नामकरण जैसे संस्कार इसी समय में तय करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

पूरे साल

बारहवें भाव में शनि, साढ़ेसाती का पहला चरण, घर का ख़र्च बढ़ाते हैं और दूरी ला सकते हैं — आपको काम के लिए दूर रहना पड़ सकता है, या परिवार का कोई सदस्य दूर जा सकता है। घर में नींद और मन की शांति पर असर पड़ता है। सोच-समझकर बजट बनाएँ, घर या किसी कार्यक्रम के लिए बड़ा क़र्ज़ न लें, और माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और नौवें भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।

4 दिसंबर तक

ग्यारहवें भाव में राहु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं और बड़े भाई-बहनों व दोस्तों से मदद दिलाते हैं; घर की आमदनी बढ़ सकती है। पाँचवें भाव में केतु बच्चों को अपने में खोया हुआ सा बना सकते हैं; उन्हें इत्मीनान से समय दें और उनकी सुनें।

5 दिसंबर से

दसवें भाव में राहु आपको काम और रुतबे की ओर खींचते हैं; परिवार का नाम बढ़ता है, पर घर को दिया जाने वाला समय बचाकर रखें। चौथे भाव में केतु घर में मन उचाट कर सकते हैं; बड़ा बदलाव करने से ज़्यादा घर में छोटे बदलाव मदद करते हैं।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
52जन॰
सबसे कमज़ोर47फ़र॰
47मार्च
54अप्रैल
54मई
52जून
50जुल॰
47अग॰
52सित॰
49अक्टू॰
67नव॰
सबसे अच्छा68दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके चौथे भाव में: घर और मन की शांति पर ध्यान चाहिए; प्रॉपर्टी के मामले, घर बदलना या मरम्मत की संभावना।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके पाँचवें भाव में: गुरु की सबसे अच्छी जगहों में से एक — सोच तेज़, फ़ैसले सही, और संतान, पढ़ाई व प्रेम पर कृपा।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके दसवें भाव में: ऊँची महत्वाकांक्षा और काम में अचानक तरक़्क़ी, अक्सर टेक्नोलॉजी या विदेशी जुड़ाव से। केतु आपके चौथे भाव में: घर में बेचैनी और सुख-सुविधाओं से मन हटना।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

मेष राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा मेष राशि में हो तो व्यक्ति फुर्तीला, साहसी और साफ़ बोलने वाला होता है। काम जोश से शुरू करते हैं, मन की बात कह देते हैं और इंतज़ार पसंद नहीं करते; इसी आग से ग़ुस्सा जल्दी आता है, पर उतनी ही जल्दी उतर भी जाता है। मेष मंगल की राशि है, इसलिए सामने साफ़ लक्ष्य हो तो ये सबसे अच्छा काम करते हैं।

प्रतीकमेढ़ा
तत्वअग्नि
प्रकारचर
स्वामीमंगल
नक्षत्रअश्विनी, भरणी, कृत्तिका (पहला चरण)
शुभ दिनमंगलवार
स्वभाव की बातें
फुर्तीलासाहसीस्पष्टवादीऊर्जावानप्रतिस्पर्धी
ख़ूबियाँ
फ़ैसले में तेज़उद्यमीआत्मनिर्भरजल्दी माफ़ करने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी ग़ुस्साअधीरजल्दबाज़हठी
करियर
रक्षा सेवाएँपुलिससर्जरीइंजीनियरिंगखेल-कूद
इनसे अच्छी बनती है
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल मंगल का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझावसाल 2026 में धीरज और अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताक़त होंगे।
पूरा विवरणइस साल रोज़ मंगल का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
मेष का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · वृषभ · स्वामी शुक्र
बहुत अच्छा

2026 में शुरुआत मज़बूत और बाक़ी साल धीमा — और पूरे साल शनि टिकाऊ लाभ देते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में हैं। बचत बढ़ती है, परिवार में अपनापन बढ़ता है और आपकी बात का वज़न होता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके तीसरे भाव (पराक्रम भाव) में आते हैं, जो उनके लिए कमज़ोर जगह है। मेहनत पूरी होती है पर नतीजे धीरे आते हैं; छोटी यात्राएँ और छोटे बदलाव व्यस्त रखते हैं।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके चौथे भाव (घर और माता का भाव) में आते हैं। घर, प्रॉपर्टी और मन की शांति आपका समय माँगते हैं; घर बदलने या मरम्मत की संभावना है।

पूरे सालशनि आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में रहते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। आमदनी लगातार बढ़ती है और पुरानी मेहनत का फल मिलता है।

करियर84प्रेम76स्वास्थ्य76धन89
कुल81
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर84

काम के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

दूसरे भाव में गुरु कमाई के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: वेतन बढ़ना, बेहतर तनख़्वाह वाला ऑफ़र या व्यापार में लगातार आमदनी की संभावना है, और काम पर आपकी बात का वज़न होता है। तनख़्वाह की बात अभी करें, बाद में नहीं। पारिवारिक व्यापार ख़ास तौर पर अच्छा चलता है; बैंकिंग, पढ़ाना, खाने-पीने का काम और सलाह का काम भी। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

तीसरे भाव में गुरु करियर के लिए कमज़ोर स्थिति है: मेहनत पूरी होती है, पर श्रेय और पैसा देर से मिलता है। तबादला, काम की छोटी यात्राएँ और जगह बदलना आम है। जल्दबाज़ी में नौकरी न छोड़ें और थोड़ी सी बढ़ोतरी के लिए नौकरी न बदलें — हुनर बढ़ाएँ, अपने काम को ठीक से सामने रखें और यह समय निकलने दें।

31 अक्टूबर से

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं, इसलिए कुछ समय काम पीछे लगता है। काम में सुविधा बढ़ती है — बेहतर जगह, वाहन, या घर के पास पोस्टिंग — पर तरक़्क़ी धीमी रहती है। काम के लिए नए शहर जाने की बात आ सकती है; परिवार के साथ बैठकर फ़ैसला करें। प्रॉपर्टी, शिक्षा और घर से होने वाला काम अच्छा चलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

पूरे साल

ग्यारहवें भाव में शनि लगातार और टिकाऊ लाभ देते हैं: आमदनी बढ़ती है, पुरानी मेहनत का फल मिलता है और बड़े लोग मदद करते हैं। प्रमोशन, लंबे प्रोजेक्ट और टिकाऊ जान-पहचान के लिए बहुत अच्छा साल।

4 दिसंबर तक

दसवें भाव में राहु अचानक मौक़े और तेज़ तरक़्क़ी देते हैं, ख़ासकर टेक, राजनीति, मीडिया और बड़ी कंपनियों में; ईमानदार रहें, क्योंकि शॉर्टकट पकड़े जाते हैं। चौथे भाव में केतु काम की जगह को अस्थिर महसूस कराते हैं; बदलने का फ़ैसला करने से पहले धैर्य रखें।

5 दिसंबर से

नौवें भाव में राहु विदेश या अलग तरह के मौक़े दे सकते हैं, पर बड़ों या मार्गदर्शकों से मतभेद भी; सम्मान बनाए रखें। तीसरे भाव में केतु हिम्मत बढ़ाते हैं; सोच-समझकर लिए छोटे जोखिम फ़ायदा देते हैं।

सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम76

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत और बाक़ी साल मिला-जुला।

1 जून तक

दूसरे भाव में गुरु परिवार के ज़रिए शादी के लिए मज़बूत समय है: बड़े पहल करते हैं, रिश्तेदारों के ज़रिए रिश्ता आता है और घर में नया सदस्य जुड़ता है। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो परिवार को साफ़ बताएँ कि आप क्या चाहते हैं और उनके लाए रिश्तों से मिलें। शादीशुदा लोगों के घर में अपनापन बढ़ता है और जीवनसाथी के परिवार से समझ बेहतर होती है। परिवार के मेल-जोल में मीठा बोलें — इस समय आपकी बात का वज़न है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

31 अक्टूबर से

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।

पूरे साल

ग्यारहवें भाव में शनि प्रेम में धीमे पर टिकाऊ नतीजे देते हैं: लंबा इंतज़ार ख़त्म होता है, और दोस्तों, साथ काम करने वालों या किसी बड़े की जान-पहचान से रिश्ता पक्का होता है। अविवाहित लोग जल्दबाज़ी वाले प्रेम से ज़्यादा व्यावहारिक और समझदारी भरा चुनाव पसंद करते हैं, और वह चुनाव टिकता है। शादीशुदा जोड़ों को दोस्तों और परिवार का साथ मिलता है, और लंबे समय से अटकी साझा योजनाएँ पूरी होती हैं। समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्ते को नाम देने का अच्छा साल। शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।

4 दिसंबर तक

दसवें भाव में राहु ध्यान रुतबे और काम की ओर खींचते हैं; काग़ज़ पर शानदार दिखने वाला रिश्ता भी मन से सही लगना चाहिए।

5 दिसंबर से

नौवें भाव में राहु दूसरे धर्म, क्षेत्र या देश से रिश्ता ला सकते हैं, और बड़ों का कुछ विरोध भी; सम्मान के साथ बातचीत जारी रखें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 2 जून से 30 अक्टूबर तक सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य76

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत और बाक़ी साल मिला-जुला।

1 जून तक

दूसरे भाव में गुरु रसोई के ज़रिए सेहत सँभालते हैं: खाना समय पर होने लगता है, परिवार साथ बैठकर ज़्यादा खाता है, और नियमित खाने से ऊर्जा भी स्थिर रहती है। खाने का समय तय करने, बाहर का खाना कम करने और दाँत व आँखों की जाँच कराने का यह अच्छा समय है। बस पारिवारिक समारोहों में मिठाई और भारी खाने पर ध्यान रखें, जो इन दिनों ज़्यादा होते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

तीसरे भाव में गुरु ताक़त के लिए कमज़ोर स्थिति है: ऊर्जा आती-जाती रहती है, और अच्छी शुरुआत के बाद व्यायाम का मन ढीला पड़ जाता है। छोटी यात्राएँ और भागदौड़ दिनचर्या तोड़ती हैं, और थकान सबसे पहले कंधों, गले और साँस पर दिखती है। नियम इतना छोटा रखें कि निभ सके — रोज़ बीस मिनट की सैर और दस मिनट प्राणायाम इस समय उस बड़े जिम प्लान से ज़्यादा काम आते हैं जो महीने भर में छूट जाए।

31 अक्टूबर से

चौथे भाव में गुरु घर में सुकून और शांति लाते हैं, जिससे नींद अच्छी होती है और मन ठहरता है। इसका दूसरा पहलू ढीली दिनचर्या है — ज़्यादा बैठना, घर का भारी खाना, कम चलना — और इसका असर छाती और वज़न पर दिखता है। इस समय माँ की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, इसलिए किसी तकलीफ़ का इंतज़ार किए बिना उनकी जाँच करा दें, और अपने दिन में शाम की सैर बनाए रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है; नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

पूरे साल

ग्यारहवें भाव में शनि स्थिर और टिकाऊ सेहत देते हैं: पुराने दर्द में राहत मिलती है, ऊर्जा एक-सी रहती है और अभी बनाई गई दिनचर्या साथ बनी रहती है। नियमित सैर से पैर और टखने मज़बूत रहते हैं, और बड़े भाई-बहनों की सेहत भी आम तौर पर ठीक रहती है। लंबा लक्ष्य तय करने का यह बहुत अच्छा साल है — जो वज़न पाना है, रोज़ के क़दमों की गिनती — और उसे पूरे साल निभाएँ। शनि की दृष्टि आपके पहले और आठवें भाव पर भी है: थकान और जकड़न बढ़ती है, इसलिए दिनचर्या हल्की और नियमित रखें; पुरानी बीमारियों पर नज़र रखें, और सड़क पर सावधानी ज़्यादा ज़रूरी है।

4 दिसंबर तक

दसवें भाव में राहु काम को हावी कर देते हैं — तनाव, छूटा खाना और देर रातें; काम के दिन का एक पक्का अंत तय करें।

5 दिसंबर से

नौवें भाव में राहु लंबी या विदेश यात्रा लाते हैं जो दिनचर्या और नींद बिगाड़ती है; अपनी दवाएँ साथ रखें और खाने का समय जितना हो सके सामान्य रखें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन89

धन के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

दूसरे भाव में गुरु धन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: आमदनी बढ़ती है, बचत आख़िरकार खाते में टिकती है और परिवार के पैसों के मामले ठीक से सुलझते हैं। नौकरी वाले अच्छी बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापार में नक़दी की आवक लगातार बनी रहती है और ग्राहक समय पर भुगतान करते हैं। हर महीने की एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बनाएँ या थोड़ा-थोड़ा करके सोना ख़रीदें — अभी जो अलग रखेंगे, वह टिकता है और बढ़ता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

तीसरे भाव में गुरु धन के लिए कमज़ोर स्थिति है: उतनी ही आमदनी के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है, और यात्रा, भाई-बहन और गैजेट पर छोटे-छोटे ख़र्च मिलकर बड़े हो जाते हैं। नौकरी वाले बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद न रखें; व्यापारियों को भुगतान के लिए पीछे लगना पड़ता है और ग्राहक बचाए रखने के लिए मुनाफ़ा घटाना पड़ सकता है। हर महीने ख़र्च का हिसाब रखें, बचत को हाथ न लगाएँ, और जल्दी मुनाफ़े के चक्कर में बार-बार निवेश न बदलें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

31 अक्टूबर से

चौथे भाव में गुरु पैसे को घर की ओर ले जाते हैं: घर ख़रीदना या उसकी मरम्मत, गाड़ी, या माँ की मदद। अपने रहने के लिए प्रॉपर्टी ख़रीदने का ठीक-ठाक समय है, और परिवार की ज़मीन-जायदाद के मामले आगे बढ़ सकते हैं। बाक़ी निवेशों पर रिटर्न सामान्य रहता है, और अभी लिया गया होम लोन हर महीने की आमदनी में आराम से समाना चाहिए। दिखावे के लिए नहीं, ज़रूरत के लिए ख़रीदें, और किसी भी प्रॉपर्टी के काग़ज़ दो बार जाँचें।

पूरे साल

ग्यारहवें भाव में शनि लगातार और टिकाऊ लाभ देते हैं: आमदनी बढ़ती है, पुराने निवेश पकते हैं और लंबे समय से अटका पैसा आख़िरकार मिलता है। नौकरी वालों को भरोसेमंद बढ़ोतरी मिलती है; व्यापारियों को पुराने ग्राहकों और लंबे अनुबंधों से लाभ होता है; धीरज से बचत करने वालों का निवेश फल देता है। निवेश के लिए प्रॉपर्टी या ज़मीन ख़रीदने, बुढ़ापे के लिए पैसा जोड़ने और क़र्ज़ चुकाने का बहुत अच्छा साल। हर लाभ का कुछ हिस्सा फिर से निवेश करते रहें — यहाँ फ़ायदा समय के साथ बढ़ता है। शनि की दृष्टि आपके आठवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें।

4 दिसंबर तक

दसवें भाव में राहु नई भूमिका या साहसी व्यापारिक क़दम से आमदनी तेज़ी से बढ़ा सकते हैं; हर रुपया हिसाब में रखें, क्योंकि शॉर्टकट पकड़े जाते हैं।

5 दिसंबर से

नौवें भाव में राहु विदेश या अलग तरह के स्रोतों से पैसा दिला सकते हैं, पर ज़रूरत से ज़्यादा वादा करने वाले सलाहकारों से सावधान रहें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत और बाक़ी साल मिला-जुला।

1 जून तक

दूसरे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: शादी, बच्चे के जन्म या किसी के घर लौटने से परिवार बढ़ता है, और घर की आर्थिक हालत सुधरती है। आपकी बात में मिठास भी होती है और वज़न भी, इसलिए किसी रिश्तेदार से पुरानी अनबन मिटाने का यही समय है। जो पारिवारिक पूजा या मिलन टलता आ रहा है, उसे अभी करें, और परिवार के लिए कुछ बचत अलग रखें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

तीसरे भाव में गुरु भाई-बहनों और चचेरे-ममेरे भाई-बहनों को केंद्र में लाते हैं: इस साल किसी भाई या बहन को आपकी मदद, सलाह या पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है। रिश्तेदारों से मिलने की छोटी यात्राएँ आम हैं, पर पारिवारिक योजनाएँ आपकी सोच से धीमी चलती हैं। भाई-बहनों की खुलकर मदद करें, लेन-देन लिखित में रखें, और छोटी ग़लतफ़हमी को बढ़ने से पहले फ़ोन या मुलाक़ात से दूर करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

31 अक्टूबर से

चौथे भाव में गुरु घर को साल का मुख्य विषय बनाते हैं: घर ख़रीदना, बनवाना या उसकी मरम्मत, नया वाहन या घर बदलना — सब संभव है। परंपरा इसे अस्थिर स्थिति मानती है, इसलिए इस काम में सोच से ज़्यादा भाग-दौड़, ख़र्च और रिश्तेदारों से खटपट होती है, और माँ की सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है। प्रॉपर्टी की योजना पर आगे बढ़ें, पर हर काग़ज़ जाँचें और बजट से बाहर न जाएँ।

पूरे साल

ग्यारहवें भाव में शनि परिवार को लगातार और टिकाऊ लाभ देते हैं: बड़े भाई-बहन मदद करते हैं, घर की आमदनी बढ़ती है, और लंबे समय से अटकी योजनाएँ — घर या पारिवारिक कार्यक्रम — आख़िर पूरी होती हैं। परिवार के पुराने मित्र ज़रूरत पर काम आते हैं। प्रॉपर्टी की ख़रीद पूरी करने या बड़े परिवार को एक साथ लाने के लिए बहुत अच्छा साल। शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए।

4 दिसंबर तक

दसवें भाव में राहु आपको काम और रुतबे की ओर खींचते हैं; परिवार का नाम बढ़ता है, पर घर को दिया जाने वाला समय बचाकर रखें। चौथे भाव में केतु घर में मन उचाट कर सकते हैं; बड़ा बदलाव करने से ज़्यादा घर में छोटे बदलाव मदद करते हैं।

5 दिसंबर से

नौवें भाव में राहु परंपरा और मान्यताओं को लेकर पिता या बड़ों से मतभेद ला सकते हैं; असहमति हो तब भी सम्मान से सुनें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 2 जून से 30 अक्टूबर तक सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
88जन॰
83फ़र॰
83मार्च
सबसे अच्छा90अप्रैल
90मई
70जून
68जुल॰
सबसे कमज़ोर65अग॰
70सित॰
67अक्टू॰
67नव॰
65दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके तीसरे भाव में: मेहनत का फल सामान्य से धीरे मिलता है; छोटे बदलाव, छोटी यात्राएँ और जगह बदलने का दौर।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके चौथे भाव में: घर और मन की शांति पर ध्यान चाहिए; प्रॉपर्टी के मामले, घर बदलना या मरम्मत की संभावना।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके नौवें भाव में: मान्यताओं पर सवाल उठते हैं, और लंबी या विदेश यात्रा के योग; बड़ों का सम्मान करें। केतु आपके तीसरे भाव में: भीतरी हिम्मत और आध्यात्मिक बल; छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

वृषभ राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा वृषभ में हो तो व्यक्ति शांत, धैर्यवान और स्थिर स्वभाव का होता है। यहाँ चंद्रमा उच्च के होते हैं, इसलिए मन टिका रहता है: आराम, अच्छा खाना, परिवार और जोड़ा हुआ पैसा इन्हें प्रिय है, और एक बार साथ दें तो निभाते हैं। दूसरी तरफ़ ज़िद और बदलाव से परहेज़ भी है। वृषभ शुक्र की राशि है, जो सुंदरता और संगीत की समझ देती है।

प्रतीकबैल
तत्वपृथ्वी
प्रकारस्थिर
स्वामीशुक्र
नक्षत्रकृत्तिका (दूसरा से चौथा चरण), रोहिणी, मृगशिरा (पहला-दूसरा चरण)
शुभ दिनशुक्रवार
स्वभाव की बातें
शांतधैर्यवानस्थिरवफ़ादारज़मीन से जुड़ा
ख़ूबियाँ
भरोसेमंदपरिवार को मानने वालाकिफ़ायतीसंगीत-प्रेमी
इन पर ध्यान दें
ज़िद्दीबदलाव से कतराने वालाहक़ जताने वालाआरामतलब
करियर
बैंकिंगसंगीतखेती-बाड़ीगहनों का व्यापारफ़ैशन
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल शुक्र का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ शुक्र का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
वृषभ का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · मिथुन · स्वामी बुध
अच्छा

2026 में शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा — और पूरे साल शनि काम को मुख्य परीक्षा बनाते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में हैं। आत्मविश्वास लौटता है और लोग फिर आपकी ओर देखते हैं, पर अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है, इसलिए क़दम-दर-क़दम चलें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में आते हैं। बचत बढ़ती है, परिवार में अपनापन बढ़ता है और आपकी बात का वज़न होता है।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके तीसरे भाव (पराक्रम भाव) में आते हैं, जो उनके लिए कमज़ोर जगह है। मेहनत पूरी होती है पर नतीजे धीरे आते हैं; छोटी यात्राएँ और छोटे बदलाव व्यस्त रखते हैं।

पूरे सालशनि आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में रहते हैं। काम का बोझ भारी और पहचान धीमी रहती है, पर जो बनाते हैं वह टिकता है।

करियर72प्रेम72स्वास्थ्य73धन72
कुल72
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर72

काम के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

पहले भाव में गुरु आपको फिर से सबकी नज़र में लाते हैं: लोग आपकी बात सुनते हैं और आत्मविश्वास लौटता है। ज़िम्मेदारी वाला पद लेने या अपना काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर शास्त्र ज़रूरत से ज़्यादा फैलने से मना करते हैं — उतना ही वादा करें जितना निभा सकें, और दफ़्तर के झगड़ों में अहं को दूर रखें। नौकरी ढूँढ रहे लोगों को इंटरव्यू आसानी से मिलेंगे, पर ऑफ़र के लिए अच्छी तैयारी चाहिए।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दूसरे भाव में गुरु कमाई के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: वेतन बढ़ना, बेहतर तनख़्वाह वाला ऑफ़र या व्यापार में लगातार आमदनी की संभावना है, और काम पर आपकी बात का वज़न होता है। तनख़्वाह की बात अभी करें, बाद में नहीं। पारिवारिक व्यापार ख़ास तौर पर अच्छा चलता है; बैंकिंग, पढ़ाना, खाने-पीने का काम और सलाह का काम भी। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

31 अक्टूबर से

तीसरे भाव में गुरु करियर के लिए कमज़ोर स्थिति है: मेहनत पूरी होती है, पर श्रेय और पैसा देर से मिलता है। तबादला, काम की छोटी यात्राएँ और जगह बदलना आम है। जल्दबाज़ी में नौकरी न छोड़ें और थोड़ी सी बढ़ोतरी के लिए नौकरी न बदलें — हुनर बढ़ाएँ, अपने काम को ठीक से सामने रखें और यह समय निकलने दें।

पूरे साल

दसवें भाव में शनि करियर को साल की मुख्य परीक्षा बनाते हैं: काम का भारी बोझ, सख़्त बॉस और धीरे मिलने वाली पहचान। अनुशासन से निभाया जाए तो यह पक्की जगह बनाती है — कई लोगों को असली ज़िम्मेदारी इसी में मिलती है। बड़ों से अहं का टकराव और किसी भी तरह का शॉर्टकट न करें।

4 दिसंबर तक

नौवें भाव में राहु विदेश या अलग तरह के मौक़े दे सकते हैं, पर बड़ों या मार्गदर्शकों से मतभेद भी; सम्मान बनाए रखें। तीसरे भाव में केतु हिम्मत बढ़ाते हैं; सोच-समझकर लिए छोटे जोखिम फ़ायदा देते हैं।

5 दिसंबर से

आठवें भाव में राहु काम में अचानक मोड़ लाते हैं; जोखिम भरे निवेश से बचें और रिकॉर्ड साफ़ रखें।

सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम72

प्रेम और विवाह के लिए 2026: पहला हिस्सा मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

पहले भाव में गुरु आपका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और लोग आपको पसंद करने लगते हैं: आप पर ध्यान जाता है, और आप साफ़ समझते हैं कि जीवनसाथी में क्या चाहिए। अविवाहित और रिश्ता ढूँढ रहे लोगों के लिए यह वह समय है जब परिवार और दोस्त आपकी शादी की बात गंभीरता से लेने लगते हैं और भरोसे के लोगों के ज़रिए अच्छे रिश्ते आते हैं। शादीशुदा लोगों के लिए पुरानी बातों पर खुलकर बात करना आसान होता है। बस अहं या शर्तों की लंबी सूची की वजह से अच्छा रिश्ता हाथ से न जाने दें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दूसरे भाव में गुरु परिवार के ज़रिए शादी के लिए मज़बूत समय है: बड़े पहल करते हैं, रिश्तेदारों के ज़रिए रिश्ता आता है और घर में नया सदस्य जुड़ता है। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो परिवार को साफ़ बताएँ कि आप क्या चाहते हैं और उनके लाए रिश्तों से मिलें। शादीशुदा लोगों के घर में अपनापन बढ़ता है और जीवनसाथी के परिवार से समझ बेहतर होती है। परिवार के मेल-जोल में मीठा बोलें — इस समय आपकी बात का वज़न है।

31 अक्टूबर से

तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

पूरे साल

दसवें भाव में शनि काम और ज़िम्मेदारी को साल की मुख्य माँग बनाते हैं, और प्रेम को उसी के बीच जगह बनानी पड़ती है। अविवाहित लोग करियर की वजह से शादी टाल सकते हैं, या काम के ज़रिए किसी गंभीर और समझदार साथी से मिल सकते हैं। शादीशुदा जोड़ों का रिश्ता थका हुआ और सिर्फ़ काम-काजी बन सकता है, जिसमें अपनापन कम हो। एक-दूसरे के लिए नियमित समय निकालें, और दोनों के करियर की योजना पर खुलकर बात करें। शनि की दृष्टि आपके सातवें भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।

4 दिसंबर तक

नौवें भाव में राहु दूसरे धर्म, क्षेत्र या देश से रिश्ता ला सकते हैं, और बड़ों का कुछ विरोध भी; सम्मान के साथ बातचीत जारी रखें।

5 दिसंबर से

आठवें भाव में राहु राज़, जलन या अचानक मोड़ ला सकते हैं; रिश्ते में पारदर्शिता रखें और बिना आधार के शक से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार की बातचीत में रूखापन ला सकते हैं; घर में एक प्यार भरा शब्द बहुत काम करता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य73

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

पहले भाव में गुरु शरीर की रक्षा करते हैं: ऊर्जा अच्छी रहती है, आप जल्दी ठीक होते हैं और मन में उम्मीद बनी रहती है। यही गुरु वज़न भी बढ़ाते हैं, इसलिए भूख, शुगर और लिवर पर ध्यान चाहिए — तला-भुना और मीठा इस समय सामान्य से जल्दी शरीर पर चढ़ता है। इस समय की शुरुआत में शुगर और लिवर समेत ख़ून की एक सामान्य जाँच करा लें, और रोज़ आधे घंटे की सैर जोड़ लें ताकि आराम बढ़ा हुआ वज़न न बन जाए।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दूसरे भाव में गुरु रसोई के ज़रिए सेहत सँभालते हैं: खाना समय पर होने लगता है, परिवार साथ बैठकर ज़्यादा खाता है, और नियमित खाने से ऊर्जा भी स्थिर रहती है। खाने का समय तय करने, बाहर का खाना कम करने और दाँत व आँखों की जाँच कराने का यह अच्छा समय है। बस पारिवारिक समारोहों में मिठाई और भारी खाने पर ध्यान रखें, जो इन दिनों ज़्यादा होते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

31 अक्टूबर से

तीसरे भाव में गुरु ताक़त के लिए कमज़ोर स्थिति है: ऊर्जा आती-जाती रहती है, और अच्छी शुरुआत के बाद व्यायाम का मन ढीला पड़ जाता है। छोटी यात्राएँ और भागदौड़ दिनचर्या तोड़ती हैं, और थकान सबसे पहले कंधों, गले और साँस पर दिखती है। नियम इतना छोटा रखें कि निभ सके — रोज़ बीस मिनट की सैर और दस मिनट प्राणायाम इस समय उस बड़े जिम प्लान से ज़्यादा काम आते हैं जो महीने भर में छूट जाए।

पूरे साल

दसवें भाव में शनि काम को भारी बनाते हैं, और क़ीमत शरीर चुकाता है: लंबे घंटे, ग़लत ढंग से बैठना, छूटा व्यायाम, और शाम तक घुटनों और कमर में दर्द। काम का तनाव नींद भी काट सकता है। इस साल सेहत को काम का हिस्सा मानें — उठने का तय समय, काम से पहले या बाद में छोटी सैर, डेस्क पर हर घंटे एक छोटा ब्रेक, और साल की वह जाँच जिसे टाला न जाए। शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: नींद कच्ची होती है और सेहत का ख़र्च बढ़ सकता है, इसलिए सोने का समय बचाएँ।

4 दिसंबर तक

नौवें भाव में राहु लंबी या विदेश यात्रा लाते हैं जो दिनचर्या और नींद बिगाड़ती है; अपनी दवाएँ साथ रखें और खाने का समय जितना हो सके सामान्य रखें।

5 दिसंबर से

आठवें भाव में राहु ऐसे लक्षण, एलर्जी या संक्रमण ला सकते हैं जिनकी वजह देर से पकड़ में आती है; योग्य डॉक्टर को दिखाएँ, बताई गई जाँचें पूरी कराएँ, और ख़ुद से दवा लेने से बचें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन72

धन के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

पहले भाव में गुरु आत्मविश्वास और मान बढ़ाते हैं, और पैसा आम तौर पर समय पर आता है — पर चाहतें भी बढ़ती हैं: बड़ा घर, नई गाड़ी, धूमधाम वाला समारोह। नौकरी वालों की आमदनी में उछाल नहीं, स्थिरता रहती है; व्यापारियों पर ग्राहक आसानी से भरोसा करते हैं। रहन-सहन पर होने वाला ख़र्च बजट में रखें, और सिर्फ़ दिल बड़ा होने की वजह से किसी के गारंटर न बनें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दूसरे भाव में गुरु धन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: आमदनी बढ़ती है, बचत आख़िरकार खाते में टिकती है और परिवार के पैसों के मामले ठीक से सुलझते हैं। नौकरी वाले अच्छी बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापार में नक़दी की आवक लगातार बनी रहती है और ग्राहक समय पर भुगतान करते हैं। हर महीने की एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बनाएँ या थोड़ा-थोड़ा करके सोना ख़रीदें — अभी जो अलग रखेंगे, वह टिकता है और बढ़ता है।

31 अक्टूबर से

तीसरे भाव में गुरु धन के लिए कमज़ोर स्थिति है: उतनी ही आमदनी के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है, और यात्रा, भाई-बहन और गैजेट पर छोटे-छोटे ख़र्च मिलकर बड़े हो जाते हैं। नौकरी वाले बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद न रखें; व्यापारियों को भुगतान के लिए पीछे लगना पड़ता है और ग्राहक बचाए रखने के लिए मुनाफ़ा घटाना पड़ सकता है। हर महीने ख़र्च का हिसाब रखें, बचत को हाथ न लगाएँ, और जल्दी मुनाफ़े के चक्कर में बार-बार निवेश न बदलें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

पूरे साल

दसवें भाव में शनि आमदनी को कड़ी मेहनत से बाँध देते हैं: पैसा आता है, पर सिर्फ़ उस मेहनत का जो दिखती है और लगातार होती है। नौकरी वालों की भूमिका बेहतर वेतन से पहले भारी हो सकती है; व्यापारियों को सख़्त नियम, टैक्स की जाँच या महँगी देरी का सामना करना पड़ सकता है। अनुशासन से बचत के लिए यह स्थिर साल है, पर नए काम पर बड़े दाँव के लिए नहीं। टैक्स समय पर भरें, हिसाब-किताब साफ़ रखें, और एक बार के जोखिम के बजाय नियमित जमा से बचत बढ़ाएँ। शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।

4 दिसंबर तक

नौवें भाव में राहु विदेश या अलग तरह के स्रोतों से पैसा दिला सकते हैं, पर ज़रूरत से ज़्यादा वादा करने वाले सलाहकारों से सावधान रहें।

5 दिसंबर से

आठवें भाव में राहु अचानक लाभ भी देते हैं और अचानक नुक़सान भी; सट्टा, छिपे शुल्क वाली योजनाएँ और अस्पष्ट क़र्ज़ से बचें, और बीमा चालू रखें। दूसरे भाव में केतु बचत के प्रति लापरवाह बनाते हैं; हर महीने अपने-आप कटने वाली बचत शुरू करें ताकि पैसा ख़र्च होने से पहले अलग हो जाए।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

पहले भाव में गुरु आपको परिवार का सहारा बनाते हैं: बड़े आपकी बात सुनते हैं और आपकी एक बात से छोटे झगड़े सुलझ जाते हैं। पर शास्त्र इसे बेचैन स्थिति मानते हैं — घर बदलना या घर का ख़र्च बढ़ना आम है। माता-पिता और बच्चों को सिर्फ़ सलाह नहीं, समय दें, और परिवार की हर ज़िम्मेदारी अकेले अपने सिर न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है; पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दूसरे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: शादी, बच्चे के जन्म या किसी के घर लौटने से परिवार बढ़ता है, और घर की आर्थिक हालत सुधरती है। आपकी बात में मिठास भी होती है और वज़न भी, इसलिए किसी रिश्तेदार से पुरानी अनबन मिटाने का यही समय है। जो पारिवारिक पूजा या मिलन टलता आ रहा है, उसे अभी करें, और परिवार के लिए कुछ बचत अलग रखें।

31 अक्टूबर से

तीसरे भाव में गुरु भाई-बहनों और चचेरे-ममेरे भाई-बहनों को केंद्र में लाते हैं: इस साल किसी भाई या बहन को आपकी मदद, सलाह या पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है। रिश्तेदारों से मिलने की छोटी यात्राएँ आम हैं, पर पारिवारिक योजनाएँ आपकी सोच से धीमी चलती हैं। भाई-बहनों की खुलकर मदद करें, लेन-देन लिखित में रखें, और छोटी ग़लतफ़हमी को बढ़ने से पहले फ़ोन या मुलाक़ात से दूर करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

पूरे साल

दसवें भाव में शनि काम का दबाव पारिवारिक जीवन पर डालते हैं: लंबे घंटों के बाद घर के लिए कम समय बचता है, और माता-पिता को आपके करियर की चिंता हो सकती है। ध्यान न रखें तो घर को आपकी बची-खुची ताक़त ही मिलती है। परिवार का समय तय रखें, बड़े फ़ैसलों में जीवनसाथी और माता-पिता को शामिल करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।

4 दिसंबर तक

नौवें भाव में राहु परंपरा और मान्यताओं को लेकर पिता या बड़ों से मतभेद ला सकते हैं; असहमति हो तब भी सम्मान से सुनें।

5 दिसंबर से

आठवें भाव में राहु अचानक पारिवारिक ख़र्च या विरासत के छिपे विवाद ला सकते हैं; काग़ज़ात ठीक रखें और परिवार में चोरी-छिपे के सौदों से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार से आपकी बात को रूखा या उखड़ा बना सकते हैं; प्यार की बात खुलकर कहें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
66जन॰
61फ़र॰
61मार्च
68अप्रैल
68मई
सबसे अच्छा75जून
73जुल॰
70अग॰
75सित॰
72अक्टू॰
54नव॰
सबसे कमज़ोर48दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके दूसरे भाव में: धन, परिवार और वाणी पर कृपा — बचत बढ़ती है, परिवार साथ आता है, और आपकी बात का वज़न होता है।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके तीसरे भाव में: मेहनत का फल सामान्य से धीरे मिलता है; छोटे बदलाव, छोटी यात्राएँ और जगह बदलने का दौर।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके आठवें भाव में: अचानक घटनाएँ और छिपे मामले; सेहत और पैसे में सावधानी रखें। केतु आपके दूसरे भाव में: परिवार में बातचीत और पैसे पर ध्यान चाहिए।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

मिथुन राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा मिथुन में हो तो व्यक्ति जिज्ञासु, बातूनी और हाज़िरजवाब होता है। जल्दी सीखते हैं, लोगों का साथ पसंद करते हैं और एक साथ कई काम संभाल लेते हैं; ऊब इनकी सबसे बड़ी दुश्मन है, और मन भटकता या राय बदलता रहता है। मिथुन बुध की राशि है, इसलिए बातचीत, व्यापार, लेखन और तेज़ दिमाग़ वाले कामों में आगे रहते हैं।

प्रतीकजुड़वाँ
तत्ववायु
प्रकारद्विस्वभाव
स्वामीबुध
नक्षत्रमृगशिरा (तीसरा-चौथा चरण), आर्द्रा, पुनर्वसु (पहला से तीसरा चरण)
शुभ दिनबुधवार
स्वभाव की बातें
जिज्ञासुबातूनीहाज़िरजवाबमिलनसारबहुमुखी
ख़ूबियाँ
जल्दी सीखने वालाअच्छा बोलने वालाहालात में ढल जाने वालाकई काम साथ संभालने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी ऊबने वालाबेचैनजल्दी भटकने वालाबार-बार राय बदलने वाला
करियर
पत्रकारितालेखनव्यापारमार्केटिंगआईटी
इनसे अच्छी बनती है
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल बुध का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ बुध का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
मिथुन का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · कर्क · स्वामी चंद्र
ठीक-ठाक

2026 में पहला हिस्सा मिला-जुला और अंत मज़बूत — और पूरे साल शनि भाग्य के लिए भी मेहनत माँगते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में आते हैं। आत्मविश्वास लौटता है और लोग फिर आपकी ओर देखते हैं, पर अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है, इसलिए क़दम-दर-क़दम चलें।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में आते हैं। बचत बढ़ती है, परिवार में अपनापन बढ़ता है और आपकी बात का वज़न होता है।

पूरे सालशनि आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में रहते हैं। चीज़ें भाग्य से ज़्यादा मेहनत से मिलती हैं; बड़ों का ध्यान रखें।

करियर62प्रेम63स्वास्थ्य53धन59
कुल59
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर62

काम के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

बारहवें भाव में गुरु काम को पर्दे के पीछे ले जाते हैं: मेहनत होती है पर श्रेय देर से मिलता है और ख़र्च बढ़ते हैं — यात्रा, जगह बदलना या नया सेटअप। विदेशी कंपनी, निर्यात, अस्पताल, रिसर्च, सेवा-संस्था या घर से दूर का काम इसमें ठीक चलता है। अभी सिर्फ़ पैसे के लिए नौकरी न बदलें; विदेश जाने या सीखने के लिए बदलाव ठीक रह सकता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पहले भाव में गुरु आपको फिर से सबकी नज़र में लाते हैं: लोग आपकी बात सुनते हैं और आत्मविश्वास लौटता है। ज़िम्मेदारी वाला पद लेने या अपना काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर शास्त्र ज़रूरत से ज़्यादा फैलने से मना करते हैं — उतना ही वादा करें जितना निभा सकें, और दफ़्तर के झगड़ों में अहं को दूर रखें। नौकरी ढूँढ रहे लोगों को इंटरव्यू आसानी से मिलेंगे, पर ऑफ़र के लिए अच्छी तैयारी चाहिए।

31 अक्टूबर से

दूसरे भाव में गुरु कमाई के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: वेतन बढ़ना, बेहतर तनख़्वाह वाला ऑफ़र या व्यापार में लगातार आमदनी की संभावना है, और काम पर आपकी बात का वज़न होता है। तनख़्वाह की बात अभी करें, बाद में नहीं। पारिवारिक व्यापार ख़ास तौर पर अच्छा चलता है; बैंकिंग, पढ़ाना, खाने-पीने का काम और सलाह का काम भी। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

पूरे साल

नौवें भाव में शनि भाग्य को भी मेहनत माँगने वाला बनाते हैं: बड़ों या पिता से मदद सीमित रहती है और दूर की योजनाओं में समय लगता है। अनुशासन हो तो उच्च शिक्षा और पढ़ाना अच्छा चलता है। इस साल सिफ़ारिश पर नहीं, अपने काम के रिकॉर्ड पर भरोसा करें।

4 दिसंबर तक

आठवें भाव में राहु काम में अचानक मोड़ लाते हैं; जोखिम भरे निवेश से बचें और रिकॉर्ड साफ़ रखें।

5 दिसंबर से

सातवें भाव में राहु साझेदारों और ग्राहकों को अस्थिर बनाते हैं; हर सौदा लिखित में रखें और भरोसे से पहले जाँच लें। पहले भाव में केतु काम से मन उचाट कर सकते हैं; अपने लक्ष्य लिखकर रखें और हर महीने देखें।

सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम63

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली और बाक़ी साल मज़बूत।

1 जून तक

बारहवें भाव में गुरु प्रेम में दूरी या ख़र्च लाते हैं: साथी का दूसरे शहर या देश में होना, मिलने के लिए यात्राएँ, या शादी की तैयारी का बजट से बाहर जाना। अविवाहितों को विदेश या घर से दूर रिश्ता मिल सकता है — यह चल सकता है, पर व्यक्ति को अच्छी तरह जानने में समय लें। शादीशुदा जोड़े साथ में एकांत और यात्राओं का आनंद लेते हैं, पर चुपचाप दूरी बनाने से बचें। शादी का ख़र्च पहले से मिलकर तय की गई सीमा में रखें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पहले भाव में गुरु आपका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और लोग आपको पसंद करने लगते हैं: आप पर ध्यान जाता है, और आप साफ़ समझते हैं कि जीवनसाथी में क्या चाहिए। अविवाहित और रिश्ता ढूँढ रहे लोगों के लिए यह वह समय है जब परिवार और दोस्त आपकी शादी की बात गंभीरता से लेने लगते हैं और भरोसे के लोगों के ज़रिए अच्छे रिश्ते आते हैं। शादीशुदा लोगों के लिए पुरानी बातों पर खुलकर बात करना आसान होता है। बस अहं या शर्तों की लंबी सूची की वजह से अच्छा रिश्ता हाथ से न जाने दें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

31 अक्टूबर से

दूसरे भाव में गुरु परिवार के ज़रिए शादी के लिए मज़बूत समय है: बड़े पहल करते हैं, रिश्तेदारों के ज़रिए रिश्ता आता है और घर में नया सदस्य जुड़ता है। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो परिवार को साफ़ बताएँ कि आप क्या चाहते हैं और उनके लाए रिश्तों से मिलें। शादीशुदा लोगों के घर में अपनापन बढ़ता है और जीवनसाथी के परिवार से समझ बेहतर होती है। परिवार के मेल-जोल में मीठा बोलें — इस समय आपकी बात का वज़न है।

पूरे साल

नौवें भाव में शनि बड़ों को सतर्क बनाते हैं: माता-पिता या समाज किसी रिश्ते को, ख़ासकर अलग पृष्ठभूमि वाले रिश्ते को, देर से मानते हैं, और आस्था या सोच के मतभेद सामने आते हैं। अविवाहित लोग परिवार को शुरू से शामिल करें और बहस के बजाय धैर्य से उनकी चिंताओं का जवाब दें। शादीशुदा जोड़े एक-दूसरे की परंपराओं का सम्मान करें और माता-पिता के प्रति ज़िम्मेदारियाँ मिलकर निभाएँ। अभी धीरे मिली मंज़ूरी बरसों तक टिकती है।

4 दिसंबर तक

आठवें भाव में राहु राज़, जलन या अचानक मोड़ ला सकते हैं; रिश्ते में पारदर्शिता रखें और बिना आधार के शक से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार की बातचीत में रूखापन ला सकते हैं; घर में एक प्यार भरा शब्द बहुत काम करता है।

5 दिसंबर से

सातवें भाव में राहु अलग तरह के या उलझन भरे रिश्ते लाते हैं — बिल्कुल अलग पृष्ठभूमि का रिश्ता, ऑनलाइन पहचान या कभी हाँ, कभी ना वाला व्यक्ति; पक्का करने से पहले तथ्य और परिवार की अच्छी तरह जाँच करें। पहले भाव में केतु आपको अपने में सिमटा सकते हैं; दूसरों से अंदाज़ा लगवाने के बजाय अपनी भावनाएँ ख़ुद कहें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य53

सेहत के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

बारहवें भाव में गुरु ध्यान आराम की ओर ले जाते हैं: शरीर ज़्यादा नींद माँगता है, और सेहत पर ख़र्च — जाँच, अस्पताल जाना, परिवार में किसी का इलाज — बढ़ता है। नींद कच्ची या टूटी हुई रह सकती है, ख़ासकर देर रात स्क्रीन और भारी रात के खाने से। सोने का समय तय रखें, रात का खाना जल्दी खाएँ और इलाज के ख़र्च के लिए कुछ बचत अलग रखें; ध्यान, प्राणायाम और किसी शांत जगह पर कुछ दिन या तीर्थयात्रा इस समय बहुत ठीक रहते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पहले भाव में गुरु शरीर की रक्षा करते हैं: ऊर्जा अच्छी रहती है, आप जल्दी ठीक होते हैं और मन में उम्मीद बनी रहती है। यही गुरु वज़न भी बढ़ाते हैं, इसलिए भूख, शुगर और लिवर पर ध्यान चाहिए — तला-भुना और मीठा इस समय सामान्य से जल्दी शरीर पर चढ़ता है। इस समय की शुरुआत में शुगर और लिवर समेत ख़ून की एक सामान्य जाँच करा लें, और रोज़ आधे घंटे की सैर जोड़ लें ताकि आराम बढ़ा हुआ वज़न न बन जाए।

31 अक्टूबर से

दूसरे भाव में गुरु रसोई के ज़रिए सेहत सँभालते हैं: खाना समय पर होने लगता है, परिवार साथ बैठकर ज़्यादा खाता है, और नियमित खाने से ऊर्जा भी स्थिर रहती है। खाने का समय तय करने, बाहर का खाना कम करने और दाँत व आँखों की जाँच कराने का यह अच्छा समय है। बस पारिवारिक समारोहों में मिठाई और भारी खाने पर ध्यान रखें, जो इन दिनों ज़्यादा होते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

पूरे साल

नौवें भाव में शनि सेहत का ध्यान पिता और बड़ों की ओर ले जाते हैं: उनके जोड़ों, हड्डियों और पुरानी तकलीफ़ों को ज़्यादा देखभाल चाहिए, और उन्हें डॉक्टर के पास ले जाने की ज़िम्मेदारी आप पर आ सकती है। लंबा सफ़र सामान्य से ज़्यादा थकाता है, और देर तक बैठने से कूल्हों और जाँघों में अकड़न आती है। इस समय की शुरुआत में ही बड़ों की जाँच तय कर दें, और लंबे सफ़र में हर दो-तीन घंटे पर रुककर थोड़ा चल लें। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है: पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं।

4 दिसंबर तक

आठवें भाव में राहु ऐसे लक्षण, एलर्जी या संक्रमण ला सकते हैं जिनकी वजह देर से पकड़ में आती है; योग्य डॉक्टर को दिखाएँ, बताई गई जाँचें पूरी कराएँ, और ख़ुद से दवा लेने से बचें।

5 दिसंबर से

सातवें भाव में राहु जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता ला सकते हैं; दोनों की जाँच नियमित रखें और बाहर का अनियमित खाना कम करें। पहले भाव में केतु भूख कम कर सकते हैं और थकान दे सकते हैं, और छोटी चोट या खरोंच की आशंका भी रहती है; समय पर खाएँ और सँभलकर चलें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन59

धन के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

बारहवें भाव में गुरु ख़र्च बढ़ाते हैं, अक्सर अच्छे कामों पर — यात्रा, बच्चे की विदेश में पढ़ाई, शादी, अस्पताल या दान — पर पैसा आने से तेज़ जाता है। नौकरी वालों की तनख़्वाह खिंची-खिंची रहती है; व्यापारियों को किसी भी कमाई से पहले सेटअप या विदेश से जुड़े ख़र्च उठाने पड़ते हैं। बड़े ख़र्चों की योजना पहले से बनाएँ, आपातकाल के लिए पैसा अलग रखें, और जिसने पहले पैसा नहीं लौटाया उसे फिर उधार न दें। घर से दूर या विदेश में प्रॉपर्टी सोच-समझकर ली जाए तो ठीक रह सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पहले भाव में गुरु आत्मविश्वास और मान बढ़ाते हैं, और पैसा आम तौर पर समय पर आता है — पर चाहतें भी बढ़ती हैं: बड़ा घर, नई गाड़ी, धूमधाम वाला समारोह। नौकरी वालों की आमदनी में उछाल नहीं, स्थिरता रहती है; व्यापारियों पर ग्राहक आसानी से भरोसा करते हैं। रहन-सहन पर होने वाला ख़र्च बजट में रखें, और सिर्फ़ दिल बड़ा होने की वजह से किसी के गारंटर न बनें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है।

31 अक्टूबर से

दूसरे भाव में गुरु धन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक हैं: आमदनी बढ़ती है, बचत आख़िरकार खाते में टिकती है और परिवार के पैसों के मामले ठीक से सुलझते हैं। नौकरी वाले अच्छी बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापार में नक़दी की आवक लगातार बनी रहती है और ग्राहक समय पर भुगतान करते हैं। हर महीने की एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बनाएँ या थोड़ा-थोड़ा करके सोना ख़रीदें — अभी जो अलग रखेंगे, वह टिकता है और बढ़ता है।

पूरे साल

नौवें भाव में शनि पैसे को भाग्य के बजाय आपकी अपनी मेहनत पर टिका देते हैं: परिवार से मदद सीमित रहती है, विरासत के मामले धीरे चलते हैं और दूर की योजनाओं में समय लगता है। पिता, बड़ों या धार्मिक कामों पर ख़र्च बढ़ सकता है। नौकरी हो या व्यापार, लगातार काम करें और जुआ न खेलें तो ठीक रहता है। लंबे समय के लिए निवेश करें, कम जान-पहचान वालों के जल्दी अमीर बनाने वाले प्रस्तावों से बचें, और रिटर्न धीरे आने की उम्मीद रखें। शनि की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है: लाभ देर से और सिर्फ़ लगातार मेहनत पर मिलता है, इसलिए पैसा आने से पहले उसे ख़र्च न करें।

4 दिसंबर तक

आठवें भाव में राहु अचानक लाभ भी देते हैं और अचानक नुक़सान भी; सट्टा, छिपे शुल्क वाली योजनाएँ और अस्पष्ट क़र्ज़ से बचें, और बीमा चालू रखें। दूसरे भाव में केतु बचत के प्रति लापरवाह बनाते हैं; हर महीने अपने-आप कटने वाली बचत शुरू करें ताकि पैसा ख़र्च होने से पहले अलग हो जाए।

5 दिसंबर से

सातवें भाव में राहु साझेदारों और ग्राहकों को पैसों के मामले में भरोसे लायक़ नहीं रहने देते; हर सौदा लिखित में रखें और माल देने से पहले भुगतान की शर्तें तय करें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है, इसलिए घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पहले भाव में गुरु आपको परिवार का सहारा बनाते हैं: बड़े आपकी बात सुनते हैं और आपकी एक बात से छोटे झगड़े सुलझ जाते हैं। पर शास्त्र इसे बेचैन स्थिति मानते हैं — घर बदलना या घर का ख़र्च बढ़ना आम है। माता-पिता और बच्चों को सिर्फ़ सलाह नहीं, समय दें, और परिवार की हर ज़िम्मेदारी अकेले अपने सिर न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है; पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

31 अक्टूबर से

दूसरे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: शादी, बच्चे के जन्म या किसी के घर लौटने से परिवार बढ़ता है, और घर की आर्थिक हालत सुधरती है। आपकी बात में मिठास भी होती है और वज़न भी, इसलिए किसी रिश्तेदार से पुरानी अनबन मिटाने का यही समय है। जो पारिवारिक पूजा या मिलन टलता आ रहा है, उसे अभी करें, और परिवार के लिए कुछ बचत अलग रखें।

पूरे साल

नौवें भाव में शनि पिता और बड़ों से जुड़े मामलों पर असर डालते हैं: पिता से मतभेद या उनकी सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, और बड़ों से मदद सीमित रहती है। धार्मिक योजनाएँ और तीर्थ यात्राएँ होती हैं, पर देर से। माता-पिता से नियमित मिलते रहें, असहमति में भी उनकी राय का सम्मान करें, और उनसे सहारे की उम्मीद के बजाय उनकी ज़िम्मेदारियाँ अपने ऊपर लें।

4 दिसंबर तक

आठवें भाव में राहु अचानक पारिवारिक ख़र्च या विरासत के छिपे विवाद ला सकते हैं; काग़ज़ात ठीक रखें और परिवार में चोरी-छिपे के सौदों से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार से आपकी बात को रूखा या उखड़ा बना सकते हैं; प्यार की बात खुलकर कहें।

5 दिसंबर से

सातवें भाव में राहु घर और ससुराल के रिश्तों में उलझन लाते हैं; खुलकर बात करें और बाहर वालों की बातों से परिवार के फ़ैसले न होने दें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
50जन॰
सबसे कमज़ोर45फ़र॰
45मार्च
52अप्रैल
52मई
50जून
48जुल॰
45अग॰
50सित॰
47अक्टू॰
56नव॰
सबसे अच्छा57दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपकी चंद्र राशि के ऊपर: सोच बड़ी होती है, पर बेचैनी और अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है; परंपरा इस दौर में सँभलकर चलने को कहती है।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके दूसरे भाव में: धन, परिवार और वाणी पर कृपा — बचत बढ़ती है, परिवार साथ आता है, और आपकी बात का वज़न होता है।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में साफ़गोई और ईमानदारी चाहिए। केतु आपकी चंद्र राशि के ऊपर: वैराग्य और आत्मचिंतन; सेहत की दिनचर्या बनाए रखें।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

कर्क राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा कर्क में हो तो व्यक्ति भावुक होता है और दूसरों का ख़याल रखता है। यह चंद्रमा की अपनी राशि है, इसलिए भावनाएँ, घर और माँ इनके लिए बहुत मायने रखते हैं: ये रक्षा करने वाले और वफ़ादार होते हैं और हर भलाई याद रखते हैं, पर मन ज्वार-भाटे की तरह चढ़ता-उतरता है और दिल की चोट देर तक रहती है। घर में सुकून हो तो ये सबसे स्थिर रहते हैं।

प्रतीककेकड़ा
तत्वजल
प्रकारचर
स्वामीचंद्र
नक्षत्रपुनर्वसु (चौथा चरण), पुष्य, आश्लेषा
शुभ दिनसोमवार
स्वभाव की बातें
भावुकपरवाह करने वालारक्षा करने वालावफ़ादारघर से जुड़ा
ख़ूबियाँ
पालने-पोसने वालाएहसान मानने वालामन भाँप लेने वालापरिवार के लिए समर्पित
इन पर ध्यान दें
मूडीजल्दी आहत होने वालाबात दिल पर रखने वालाज़रूरत से ज़्यादा फ़िक्र करने वाला
करियर
नर्सिंगहोटल व्यवसायज़मीन-जायदादकाउंसलिंगखान-पान का व्यवसाय
इनसे अच्छी बनती है
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इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल चंद्र का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ चंद्र का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
कर्क का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · सिंह · स्वामी सूर्य
ठीक-ठाक

2026 में शुरुआत मज़बूत और बाक़ी साल मिला-जुला — और पूरे साल अष्टम शनि धैर्य माँगते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में आते हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में आते हैं। आत्मविश्वास लौटता है और लोग फिर आपकी ओर देखते हैं, पर अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है, इसलिए क़दम-दर-क़दम चलें।

पूरे सालशनि आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में रहते हैं — यह अष्टम शनि, यानी शनि की ढैय्या है। देरी और अचानक बदलाव की उम्मीद रखें; धैर्य और साफ़ काग़ज़ात से यह समय निकल जाता है।

करियर63प्रेम57स्वास्थ्य58धन66
कुल61
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर63

काम के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

ग्यारहवें भाव में गुरु काम में लाभ का सबसे अच्छा समय है: वेतन बढ़ना, प्रमोशन, अटका पैसा मिलना और लक्ष्य पूरे होना। बड़े अधिकारी और जान-पहचान आपके साथ हैं — किसी की सिफ़ारिश से मनचाही नौकरी मिल सकती है। अगर ज़्यादा माँगने का इंतज़ार कर रहे थे, तो इसी समय माँगें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

बारहवें भाव में गुरु काम को पर्दे के पीछे ले जाते हैं: मेहनत होती है पर श्रेय देर से मिलता है और ख़र्च बढ़ते हैं — यात्रा, जगह बदलना या नया सेटअप। विदेशी कंपनी, निर्यात, अस्पताल, रिसर्च, सेवा-संस्था या घर से दूर का काम इसमें ठीक चलता है। अभी सिर्फ़ पैसे के लिए नौकरी न बदलें; विदेश जाने या सीखने के लिए बदलाव ठीक रह सकता है।

31 अक्टूबर से

पहले भाव में गुरु आपको फिर से सबकी नज़र में लाते हैं: लोग आपकी बात सुनते हैं और आत्मविश्वास लौटता है। ज़िम्मेदारी वाला पद लेने या अपना काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर शास्त्र ज़रूरत से ज़्यादा फैलने से मना करते हैं — उतना ही वादा करें जितना निभा सकें, और दफ़्तर के झगड़ों में अहं को दूर रखें। नौकरी ढूँढ रहे लोगों को इंटरव्यू आसानी से मिलेंगे, पर ऑफ़र के लिए अच्छी तैयारी चाहिए।

पूरे साल

आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) काम के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: देरी, अचानक बदलाव, पुनर्गठन और बिना श्रेय की मेहनत। काग़ज़ात ठीक रखें, शॉर्टकट और अधिकारियों से विवाद से बचें, और अगली नौकरी पक्की किए बिना नौकरी न छोड़ें। रिसर्च, बीमा, खनन, तेल और पर्दे के पीछे का काम अपवाद हैं। शनि की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है: काम का बोझ भारी और पहचान धीमी, और लगातार मेहनत ही रास्ता है।

4 दिसंबर तक

सातवें भाव में राहु साझेदारों और ग्राहकों को अस्थिर बनाते हैं; हर सौदा लिखित में रखें और भरोसे से पहले जाँच लें। पहले भाव में केतु काम से मन उचाट कर सकते हैं; अपने लक्ष्य लिखकर रखें और हर महीने देखें।

5 दिसंबर से

छठे भाव में राहु विरोधियों और प्रतियोगियों पर साफ़ बढ़त देते हैं; नौकरी की परीक्षा, मुक़दमे और सेवा के काम के लिए अच्छा।

सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम57

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

ग्यारहवें भाव में गुरु प्रेम की पुरानी इच्छाएँ पूरी करते हैं: जिस रिश्ते की उम्मीद थी वह आगे बढ़ता है, और दोस्त या रिश्तेदार सही व्यक्ति से मिलवाते हैं। सगाई या शादी के लिए यह सबसे अच्छे समयों में से एक है, और परिवार आसानी से राज़ी होते हैं। शादीशुदा जोड़ों का साथ में सामाजिक जीवन ख़ुशहाल रहता है और परिवार में अच्छी ख़बर आती है। अगर प्रस्ताव रखने या हाँ कहने के सही मौक़े का इंतज़ार था, तो वह यही है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

बारहवें भाव में गुरु प्रेम में दूरी या ख़र्च लाते हैं: साथी का दूसरे शहर या देश में होना, मिलने के लिए यात्राएँ, या शादी की तैयारी का बजट से बाहर जाना। अविवाहितों को विदेश या घर से दूर रिश्ता मिल सकता है — यह चल सकता है, पर व्यक्ति को अच्छी तरह जानने में समय लें। शादीशुदा जोड़े साथ में एकांत और यात्राओं का आनंद लेते हैं, पर चुपचाप दूरी बनाने से बचें। शादी का ख़र्च पहले से मिलकर तय की गई सीमा में रखें।

31 अक्टूबर से

पहले भाव में गुरु आपका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और लोग आपको पसंद करने लगते हैं: आप पर ध्यान जाता है, और आप साफ़ समझते हैं कि जीवनसाथी में क्या चाहिए। अविवाहित और रिश्ता ढूँढ रहे लोगों के लिए यह वह समय है जब परिवार और दोस्त आपकी शादी की बात गंभीरता से लेने लगते हैं और भरोसे के लोगों के ज़रिए अच्छे रिश्ते आते हैं। शादीशुदा लोगों के लिए पुरानी बातों पर खुलकर बात करना आसान होता है। बस अहं या शर्तों की लंबी सूची की वजह से अच्छा रिश्ता हाथ से न जाने दें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

पूरे साल

आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) रिश्तों के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: छिपी बातें सामने आती हैं, ससुराल या साझा पैसे से तनाव बनता है, और मन उदास रहता है। रिश्ते की बात अचानक टूट सकती है या ज़रूरी बातें देर से पता चल सकती हैं, इसलिए सब कुछ जाँच लें और जल्दबाज़ी न करें। शादीशुदा जोड़े एक-दूसरे के तनाव के साथ धैर्य रखें और ऐसी बात न कहें जो वापस न ली जा सके। यह जो है उसे बचाने का समय है, बड़े बदलाव करने का नहीं। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और पाँचवें भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें; प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।

4 दिसंबर तक

सातवें भाव में राहु अलग तरह के या उलझन भरे रिश्ते लाते हैं — बिल्कुल अलग पृष्ठभूमि का रिश्ता, ऑनलाइन पहचान या कभी हाँ, कभी ना वाला व्यक्ति; पक्का करने से पहले तथ्य और परिवार की अच्छी तरह जाँच करें। पहले भाव में केतु आपको अपने में सिमटा सकते हैं; दूसरों से अंदाज़ा लगवाने के बजाय अपनी भावनाएँ ख़ुद कहें।

5 दिसंबर से

छठे भाव में राहु रिश्ते में अफ़वाहों, विरोधियों और दख़ल से ऊपर उठने में मदद करते हैं। बारहवें भाव में केतु रिश्ते के शांत, आत्मिक पक्ष को गहरा करते हैं; साथ में बिताया एकांत सुकून देता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य58

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

ग्यारहवें भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे अच्छे समय में से एक है: पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं, जाँच की रिपोर्टें सुधरती हैं और ऊर्जा लौटती है। दोस्त भी मदद करते हैं — सैर का साथी, योग की क्लास या खेल का साथी आपको नियमित रखता है। अभी एक साफ़ लक्ष्य तय करें, जैसे वज़न का लक्ष्य या रोज़ के क़दमों की गिनती, और हर महीने उसे देखें; इस समय बनाई गई आदत आसानी से निभती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

बारहवें भाव में गुरु ध्यान आराम की ओर ले जाते हैं: शरीर ज़्यादा नींद माँगता है, और सेहत पर ख़र्च — जाँच, अस्पताल जाना, परिवार में किसी का इलाज — बढ़ता है। नींद कच्ची या टूटी हुई रह सकती है, ख़ासकर देर रात स्क्रीन और भारी रात के खाने से। सोने का समय तय रखें, रात का खाना जल्दी खाएँ और इलाज के ख़र्च के लिए कुछ बचत अलग रखें; ध्यान, प्राणायाम और किसी शांत जगह पर कुछ दिन या तीर्थयात्रा इस समय बहुत ठीक रहते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

31 अक्टूबर से

पहले भाव में गुरु शरीर की रक्षा करते हैं: ऊर्जा अच्छी रहती है, आप जल्दी ठीक होते हैं और मन में उम्मीद बनी रहती है। यही गुरु वज़न भी बढ़ाते हैं, इसलिए भूख, शुगर और लिवर पर ध्यान चाहिए — तला-भुना और मीठा इस समय सामान्य से जल्दी शरीर पर चढ़ता है। इस समय की शुरुआत में शुगर और लिवर समेत ख़ून की एक सामान्य जाँच करा लें, और रोज़ आधे घंटे की सैर जोड़ लें ताकि आराम बढ़ा हुआ वज़न न बन जाए।

पूरे साल

आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थिति है: पुरानी तकलीफ़ें उभर सकती हैं, ठीक होने में समय लगता है और छोटी दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है — सड़क पर, सीढ़ियों पर, मशीनों के साथ। गाड़ी सावधानी से चलाएँ, लंबे सफ़र में जल्दबाज़ी न करें, और बार-बार लौटने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें। डॉक्टर का बताया इलाज पूरा करें; सिर्फ़ वही प्रक्रिया किसी हल्के समय तक रुक सकती है जो सचमुच वैकल्पिक हो, और वह भी डॉक्टर की सहमति से।

4 दिसंबर तक

सातवें भाव में राहु जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता ला सकते हैं; दोनों की जाँच नियमित रखें और बाहर का अनियमित खाना कम करें। पहले भाव में केतु भूख कम कर सकते हैं और थकान दे सकते हैं, और छोटी चोट या खरोंच की आशंका भी रहती है; समय पर खाएँ और सँभलकर चलें।

5 दिसंबर से

छठे भाव में राहु ठीक होने के लिए अच्छे हैं: शरीर बीमारी से अच्छी तरह लड़ता है और इलाज असर करता है; बस साफ़-सफ़ाई को गंभीरता से लें, क्योंकि संक्रमण ही एक कमज़ोर कड़ी है। बारहवें भाव में केतु नींद कच्ची और सपने गहरे करते हैं; सोने से पहले कुछ मिनट का ध्यान मदद करता है, और पैरों को छोटी चोटों से बचाएँ।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन66

धन के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ का सबसे अच्छा समय है: एक से ज़्यादा जगह से आमदनी बढ़ती है, अटका और पुराना पैसा मिलता है, और पहले किया निवेश फल देने लगता है। नौकरी वाले बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापारियों के ऑर्डर और मुनाफ़ा बढ़ते हैं; निवेशकों को लगातार रिटर्न मिलता है। इस समय अपना दिया हुआ पैसा वापस माँगें, पुराने क़र्ज़ चुकाएँ, और हर लाभ का एक तय हिस्सा ख़र्च करने से पहले बचत में डालें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

बारहवें भाव में गुरु ख़र्च बढ़ाते हैं, अक्सर अच्छे कामों पर — यात्रा, बच्चे की विदेश में पढ़ाई, शादी, अस्पताल या दान — पर पैसा आने से तेज़ जाता है। नौकरी वालों की तनख़्वाह खिंची-खिंची रहती है; व्यापारियों को किसी भी कमाई से पहले सेटअप या विदेश से जुड़े ख़र्च उठाने पड़ते हैं। बड़े ख़र्चों की योजना पहले से बनाएँ, आपातकाल के लिए पैसा अलग रखें, और जिसने पहले पैसा नहीं लौटाया उसे फिर उधार न दें। घर से दूर या विदेश में प्रॉपर्टी सोच-समझकर ली जाए तो ठीक रह सकती है।

31 अक्टूबर से

पहले भाव में गुरु आत्मविश्वास और मान बढ़ाते हैं, और पैसा आम तौर पर समय पर आता है — पर चाहतें भी बढ़ती हैं: बड़ा घर, नई गाड़ी, धूमधाम वाला समारोह। नौकरी वालों की आमदनी में उछाल नहीं, स्थिरता रहती है; व्यापारियों पर ग्राहक आसानी से भरोसा करते हैं। रहन-सहन पर होने वाला ख़र्च बजट में रखें, और सिर्फ़ दिल बड़ा होने की वजह से किसी के गारंटर न बनें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है।

पूरे साल

आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) धन के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: अचानक ख़र्च, देर से भुगतान, टैक्स या बीमा की परेशानी और फँसे हुए निवेश। नौकरी वाले कई महीनों का आपातकालीन पैसा अलग रखें; व्यापारी कारोबार फैलाने, लंबे उधार पर माल देने या गारंटी पर दस्तख़त करने से बचें। सट्टा, शॉर्टकट और अस्पष्ट योजनाओं से पूरी तरह दूर रहें। टैक्स और क़र्ज़ के हर काग़ज़ को ठीक रखें — इस समय साफ़ रिकॉर्ड ही आपकी रक्षा करता है। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: बचत धीरे बढ़ती है और परिवार के ख़र्च के लिए पक्का बजट चाहिए।

4 दिसंबर तक

सातवें भाव में राहु साझेदारों और ग्राहकों को पैसों के मामले में भरोसे लायक़ नहीं रहने देते; हर सौदा लिखित में रखें और माल देने से पहले भुगतान की शर्तें तय करें।

5 दिसंबर से

छठे भाव में राहु क़र्ज़ उतारने, पैसों के विवाद जीतने और मुश्किल लोगों से बकाया वसूलने में मदद करते हैं। बारहवें भाव में केतु यात्रा, सेहत या दान पर ख़र्च कराते हैं; एक सीमा तय करें और उस पर टिके रहें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है, इसलिए घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

31 अक्टूबर से

पहले भाव में गुरु आपको परिवार का सहारा बनाते हैं: बड़े आपकी बात सुनते हैं और आपकी एक बात से छोटे झगड़े सुलझ जाते हैं। पर शास्त्र इसे बेचैन स्थिति मानते हैं — घर बदलना या घर का ख़र्च बढ़ना आम है। माता-पिता और बच्चों को सिर्फ़ सलाह नहीं, समय दें, और परिवार की हर ज़िम्मेदारी अकेले अपने सिर न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है; पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

पूरे साल

आठवें भाव में शनि (अष्टम शनि) घर-परिवार के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, पुश्तैनी प्रॉपर्टी का विवाद या ससुराल से तनाव परेशान कर सकता है। इस साल परिवार में मेल बनाए रखने के लिए ख़ास ध्यान चाहिए। स्वास्थ्य बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक रखें, जहाँ तक हो सके परिवार के मुक़दमों से बचें, और रिश्तेदारों के बीच बड़ी रक़म का लेन-देन न करें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और पाँचवें भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें; बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए।

4 दिसंबर तक

सातवें भाव में राहु घर और ससुराल के रिश्तों में उलझन लाते हैं; खुलकर बात करें और बाहर वालों की बातों से परिवार के फ़ैसले न होने दें।

5 दिसंबर से

छठे भाव में राहु पारिवारिक विवादों में जीत और क़र्ज़ चुकाने में मदद करते हैं; देखभाल से बड़ों की सेहत सुधरती है।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

इस साल का सबसे अनुकूल समय बीत चुका है। 2026 के बाक़ी महीनों में 31 अक्टूबर से सबसे अच्छा है: काम की बातें और तैयारी तभी रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
59जन॰
54फ़र॰
54मार्च
61अप्रैल
61मई
50जून
48जुल॰
सबसे कमज़ोर45अग॰
50सित॰
47अक्टू॰
47नव॰
सबसे अच्छा63दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, यात्रा और आध्यात्मिक काम — पैसा जाता है, अक्सर अच्छे कामों में; विदेश यात्रा के योग।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपकी चंद्र राशि के ऊपर: सोच बड़ी होती है, पर बेचैनी और अपने ऊपर ख़र्च भी बढ़ता है; परंपरा इस दौर में सँभलकर चलने को कहती है।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके छठे भाव में: प्रतियोगिता और विरोधियों पर जीत; मुक़दमे और सेहत सुधार के लिए अच्छा। केतु आपके बारहवें भाव में: आध्यात्मिक उन्नति और तीर्थ; अच्छे कामों पर ख़र्च।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

सिंह राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा सिंह में हो तो व्यक्ति स्वाभिमानी, उदार और दिल का गर्म होता है। अगुवाई करना, सम्मान पाना और काम शान से करना इन्हें पसंद है; जो इन पर निर्भर हों उनकी रक्षा करते हैं और खुलकर देते हैं। अहं और पहचान की चाह से इन्हें सलाह देना मुश्किल हो सकता है। सिंह सूर्य की राशि है, इसलिए अधिकार वाले पदों और सरकारी कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकशेर
तत्वअग्नि
प्रकारस्थिर
स्वामीसूर्य
नक्षत्रमघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी (पहला चरण)
शुभ दिनरविवार
स्वभाव की बातें
स्वाभिमानीउदारगर्मजोशआत्मविश्वासीशाही मिज़ाज
ख़ूबियाँ
रौबदाररक्षा करने वालागरिमामयईमानदार
इन पर ध्यान दें
सलाह कम सुनने वालातारीफ़ चाहने वालाकभी-कभी हुक्म चलाने वालाजल्दी बुरा मानने वाला
करियर
सरकारी नौकरीप्रशासनराजनीतिचिकित्साप्रबंधन
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल सूर्य का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ सूर्य का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
सिंह का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · कन्या · स्वामी बुध
अच्छा

2026 में शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला — और पूरे साल शनि साझेदारी की परीक्षा लेते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में आते हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में आते हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं।

पूरे सालशनि आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में रहते हैं। रिश्तों और सौदों की परीक्षा होती है; धैर्य और साफ़ शर्तें मदद करती हैं।

करियर81प्रेम67स्वास्थ्य70धन76
कुल74
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर81

काम के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम को जीवन के केंद्र में ले आते हैं: ज़िम्मेदारी बढ़ना, नई भूमिका, तबादला या विभाग बदलना संभव है। परंपरा इसे आसान स्थिति नहीं मानती — बोझ इनाम से पहले बढ़ता है और बड़े आपको ध्यान से देखते हैं। नई भूमिका लें, पर काग़ज़ात साफ़ रखें और अधिकारियों से टकराव न करें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु काम में लाभ का सबसे अच्छा समय है: वेतन बढ़ना, प्रमोशन, अटका पैसा मिलना और लक्ष्य पूरे होना। बड़े अधिकारी और जान-पहचान आपके साथ हैं — किसी की सिफ़ारिश से मनचाही नौकरी मिल सकती है। अगर ज़्यादा माँगने का इंतज़ार कर रहे थे, तो इसी समय माँगें।

31 अक्टूबर से

बारहवें भाव में गुरु काम को पर्दे के पीछे ले जाते हैं: मेहनत होती है पर श्रेय देर से मिलता है और ख़र्च बढ़ते हैं — यात्रा, जगह बदलना या नया सेटअप। विदेशी कंपनी, निर्यात, अस्पताल, रिसर्च, सेवा-संस्था या घर से दूर का काम इसमें ठीक चलता है। अभी सिर्फ़ पैसे के लिए नौकरी न बदलें; विदेश जाने या सीखने के लिए बदलाव ठीक रह सकता है।

पूरे साल

सातवें भाव में शनि साझेदारी और ग्राहकों से रिश्तों की परीक्षा लेते हैं: सौदे देर से पूरे होते हैं और साझेदार धीमे या मुश्किल हो सकते हैं। नौकरी वाले धैर्य से ठीक रहते हैं; नई साझेदारी तभी करें जब शर्तें बिल्कुल साफ़ हों।

4 दिसंबर तक

छठे भाव में राहु विरोधियों और प्रतियोगियों पर साफ़ बढ़त देते हैं; नौकरी की परीक्षा, मुक़दमे और सेवा के काम के लिए अच्छा।

5 दिसंबर से

पाँचवें भाव में राहु सट्टे और शॉर्टकट की ओर खींचते हैं; चतुर विचार काम करते हैं, जुआ नहीं। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।

सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम67

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में रखते हैं, इसलिए प्रेम को उतना समय नहीं मिलता जितना चाहिए। अविवाहित लोग अक्सर काम के ज़रिए या किसी बड़े के परिचय से किसी से मिलते हैं — पर शुरू में ही देख लें कि शादी के बाद करियर को लेकर दोनों की सोच मिलती है। शादीशुदा लोग ध्यान रखें कि जीवनसाथी को अनदेखा महसूस न हो। साथ बिताने के लिए नियमित समय तय करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु प्रेम की पुरानी इच्छाएँ पूरी करते हैं: जिस रिश्ते की उम्मीद थी वह आगे बढ़ता है, और दोस्त या रिश्तेदार सही व्यक्ति से मिलवाते हैं। सगाई या शादी के लिए यह सबसे अच्छे समयों में से एक है, और परिवार आसानी से राज़ी होते हैं। शादीशुदा जोड़ों का साथ में सामाजिक जीवन ख़ुशहाल रहता है और परिवार में अच्छी ख़बर आती है। अगर प्रस्ताव रखने या हाँ कहने के सही मौक़े का इंतज़ार था, तो वह यही है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

31 अक्टूबर से

बारहवें भाव में गुरु प्रेम में दूरी या ख़र्च लाते हैं: साथी का दूसरे शहर या देश में होना, मिलने के लिए यात्राएँ, या शादी की तैयारी का बजट से बाहर जाना। अविवाहितों को विदेश या घर से दूर रिश्ता मिल सकता है — यह चल सकता है, पर व्यक्ति को अच्छी तरह जानने में समय लें। शादीशुदा जोड़े साथ में एकांत और यात्राओं का आनंद लेते हैं, पर चुपचाप दूरी बनाने से बचें। शादी का ख़र्च पहले से मिलकर तय की गई सीमा में रखें।

पूरे साल

सातवें भाव में शनि विवाह की मुख्य परीक्षा हैं: नए रिश्ते तय होने में देर लगती है, और प्रस्ताव अक्सर देरी, शर्तों या उम्र के अंतर के साथ आते हैं। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो सिर्फ़ समय निकलने के डर से जल्दबाज़ी न करें — इस शनि में धीरे और अच्छी तरह जाँचकर किया गया चुनाव टिकाऊ होता है। शादीशुदा जोड़ों को दूरी या ज़िम्मेदारियों का बोझ महसूस होता है; खुली बातचीत और काम का बँटवारा रिश्ता बनाए रखते हैं। इस समय अलगाव जैसा अंतिम फ़ैसला न लें।

4 दिसंबर तक

छठे भाव में राहु रिश्ते में अफ़वाहों, विरोधियों और दख़ल से ऊपर उठने में मदद करते हैं। बारहवें भाव में केतु रिश्ते के शांत, आत्मिक पक्ष को गहरा करते हैं; साथ में बिताया एकांत सुकून देता है।

5 दिसंबर से

पाँचवें भाव में राहु अचानक तेज़ आकर्षण और अलग तरह के प्रेम संबंध लाते हैं; रोमांच का आनंद लें, पर पूरा भरोसा करने से पहले तथ्य और इरादे जाँच लें। ग्यारहवें भाव में केतु चाहने वालों की भीड़ से हटाकर एक सच्चे रिश्ते की ओर मन ले जाते हैं।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य70

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में ले आते हैं, और सबसे ज़्यादा दबाव सेहत पर पड़ता है: लंबे घंटे, छूटा हुआ खाना, कुर्सी पर ग़लत ढंग से बैठना और देर रात तक जागना। इसका असर सबसे पहले घुटनों, कमर और आँखों पर दिखता है, और बैठे रहने से वज़न बढ़ता है। सैर या योग का समय किसी मीटिंग की तरह पक्का करें, दोपहर का खाना समय पर खाएँ, और दिन भर स्क्रीन पर रहते हैं तो आँखों की जाँच करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है, इसलिए इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे अच्छे समय में से एक है: पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं, जाँच की रिपोर्टें सुधरती हैं और ऊर्जा लौटती है। दोस्त भी मदद करते हैं — सैर का साथी, योग की क्लास या खेल का साथी आपको नियमित रखता है। अभी एक साफ़ लक्ष्य तय करें, जैसे वज़न का लक्ष्य या रोज़ के क़दमों की गिनती, और हर महीने उसे देखें; इस समय बनाई गई आदत आसानी से निभती है।

31 अक्टूबर से

बारहवें भाव में गुरु ध्यान आराम की ओर ले जाते हैं: शरीर ज़्यादा नींद माँगता है, और सेहत पर ख़र्च — जाँच, अस्पताल जाना, परिवार में किसी का इलाज — बढ़ता है। नींद कच्ची या टूटी हुई रह सकती है, ख़ासकर देर रात स्क्रीन और भारी रात के खाने से। सोने का समय तय रखें, रात का खाना जल्दी खाएँ और इलाज के ख़र्च के लिए कुछ बचत अलग रखें; ध्यान, प्राणायाम और किसी शांत जगह पर कुछ दिन या तीर्थयात्रा इस समय बहुत ठीक रहते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे और आठवें भाव पर भी है: इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं; छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है।

पूरे साल

सातवें भाव में शनि जीवनसाथी की सेहत को ध्यान के केंद्र में लाते हैं, और उनकी देखभाल आपको थका सकती है। आपकी अपनी ऊर्जा भी सामान्य से कम रहती है, और कमर के निचले हिस्से में जकड़न रह सकती है। घर का बोझ बाँटें, दोनों की जाँच की तारीख़ें कैलेंडर में रखें, और लंबे आराम की बजाय हर सुबह कमर के लिए हल्की स्ट्रेचिंग या योग करें। शनि की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है: थकान और जकड़न बढ़ती है, इसलिए दिनचर्या हल्की और नियमित रखें।

4 दिसंबर तक

छठे भाव में राहु ठीक होने के लिए अच्छे हैं: शरीर बीमारी से अच्छी तरह लड़ता है और इलाज असर करता है; बस साफ़-सफ़ाई को गंभीरता से लें, क्योंकि संक्रमण ही एक कमज़ोर कड़ी है। बारहवें भाव में केतु नींद कच्ची और सपने गहरे करते हैं; सोने से पहले कुछ मिनट का ध्यान मदद करता है, और पैरों को छोटी चोटों से बचाएँ।

5 दिसंबर से

पाँचवें भाव में राहु ज़्यादा सोचने और एसिडिटी को बढ़ाते हैं; समय पर खाएँ और ज़्यादा चाय-कॉफ़ी से बचें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन76

धन के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

दसवें भाव में गुरु पैसे को काम से बाँध देते हैं: आमदनी नई भूमिका या बड़ी ज़िम्मेदारी पर टिकती है, और बोझ बढ़ने के बाद ही बढ़ती है। व्यापारियों को मुनाफ़ा दिखने से पहले विस्तार, लाइसेंस या साख पर ख़र्च करना पड़ सकता है। नियमित निवेश के लिए ठीक समय है, पर सिर्फ़ उम्मीद के भरोसे बचत को नए काम में झोंकने का नहीं। टैक्स और कारोबार के काग़ज़ात साफ़ रखें, और ईएमआई तभी बढ़ाएँ जब बढ़ी हुई आमदनी कुछ महीने टिक जाए। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ का सबसे अच्छा समय है: एक से ज़्यादा जगह से आमदनी बढ़ती है, अटका और पुराना पैसा मिलता है, और पहले किया निवेश फल देने लगता है। नौकरी वाले बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापारियों के ऑर्डर और मुनाफ़ा बढ़ते हैं; निवेशकों को लगातार रिटर्न मिलता है। इस समय अपना दिया हुआ पैसा वापस माँगें, पुराने क़र्ज़ चुकाएँ, और हर लाभ का एक तय हिस्सा ख़र्च करने से पहले बचत में डालें।

31 अक्टूबर से

बारहवें भाव में गुरु ख़र्च बढ़ाते हैं, अक्सर अच्छे कामों पर — यात्रा, बच्चे की विदेश में पढ़ाई, शादी, अस्पताल या दान — पर पैसा आने से तेज़ जाता है। नौकरी वालों की तनख़्वाह खिंची-खिंची रहती है; व्यापारियों को किसी भी कमाई से पहले सेटअप या विदेश से जुड़े ख़र्च उठाने पड़ते हैं। बड़े ख़र्चों की योजना पहले से बनाएँ, आपातकाल के लिए पैसा अलग रखें, और जिसने पहले पैसा नहीं लौटाया उसे फिर उधार न दें। घर से दूर या विदेश में प्रॉपर्टी सोच-समझकर ली जाए तो ठीक रह सकती है।

पूरे साल

सातवें भाव में शनि दूसरों पर टिके पैसे को धीमा करते हैं: सौदे देर से पूरे होते हैं, ग्राहक भुगतान टालते हैं और साझेदार हिसाब को लेकर मुश्किल खड़ी कर सकता है। जीवनसाथी से जुड़े या साझा ख़र्च बढ़ सकते हैं। नौकरी वाले ख़र्च पर क़ाबू रखें तो ज़्यादा असर नहीं पड़ता; व्यापारी बकाया वसूलने पर ध्यान दें और जब तक हर शर्त काग़ज़ पर न हो, नई साझेदारी न करें। मालिकाना हक़ साफ़ किए बिना साझा पैसा प्रॉपर्टी या नए काम में न लगाएँ।

4 दिसंबर तक

छठे भाव में राहु क़र्ज़ उतारने, पैसों के विवाद जीतने और मुश्किल लोगों से बकाया वसूलने में मदद करते हैं। बारहवें भाव में केतु यात्रा, सेहत या दान पर ख़र्च कराते हैं; एक सीमा तय करें और उस पर टिके रहें।

5 दिसंबर से

पाँचवें भाव में राहु ट्रेडिंग, लॉटरी और जल्दी मुनाफ़े की टिप की ओर खींचते हैं; अच्छी तरह परखे लंबे समय के विचार चलते हैं, जुआ नहीं — सट्टे में कभी उससे ज़्यादा न लगाएँ जितना खोना सह सकें। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

31 अक्टूबर से

बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है, इसलिए घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

पूरे साल

सातवें भाव में शनि घर के माहौल को गंभीर बनाते हैं: जीवनसाथी की सेहत या काम, या ससुराल की ज़िम्मेदारियाँ आपका ज़्यादा समय लेती हैं। संयुक्त परिवार के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं। घर में ज़िम्मेदारियाँ साफ़-साफ़ बाँटें, रूठकर चुप्पी साधने से बचें, और व्यस्तता के बावजूद ससुराल आना-जाना बनाए रखें। शनि की दृष्टि आपके नौवें और चौथे भाव पर भी है: पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ; घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।

4 दिसंबर तक

छठे भाव में राहु पारिवारिक विवादों में जीत और क़र्ज़ चुकाने में मदद करते हैं; देखभाल से बड़ों की सेहत सुधरती है।

5 दिसंबर से

पाँचवें भाव में राहु बच्चों के फ़ैसलों को अलग और समझने में मुश्किल बनाते हैं; उन पर हुक्म चलाए बिना उनके क़रीब रहें, और परिवार का पैसा सट्टे से दूर रखें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
65जन॰
60फ़र॰
60मार्च
66अप्रैल
66मई
73जून
71जुल॰
68अग॰
सबसे अच्छा74सित॰
70अक्टू॰
61नव॰
सबसे कमज़ोर56दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी — आमदनी, मित्र और जान-पहचान सब साथ देते हैं।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, यात्रा और आध्यात्मिक काम — पैसा जाता है, अक्सर अच्छे कामों में; विदेश यात्रा के योग।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके पाँचवें भाव में: अनोखे आकर्षण और जोखिम भरा सट्टा; संतान पर ध्यान चाहिए। केतु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी, अक्सर अचानक।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

कन्या राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा कन्या में हो तो व्यक्ति सावधान, व्यावहारिक और मददगार होता है। दूसरों से छूटी बारीकियाँ देख लेते हैं, सलीका पसंद करते हैं और बात के पक्के होते हैं; सेहत, काम और सेवा इनके लिए अहम हैं। यही बारीक नज़र कभी चिंता और कमियाँ निकालने में बदल जाती है। कन्या बुध की राशि है, इसलिए हिसाब-किताब, चिकित्सा, विश्लेषण और पढ़ाने में अच्छे रहते हैं।

प्रतीककन्या
तत्वपृथ्वी
प्रकारद्विस्वभाव
स्वामीबुध
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी (दूसरा से चौथा चरण), हस्त, चित्रा (पहला-दूसरा चरण)
शुभ दिनबुधवार
स्वभाव की बातें
सावधानव्यावहारिकमददगारसलीक़ेदारबात का पक्का
ख़ूबियाँ
बारीकी से काम करने वालातर्कशीलसेवाभावीसेहत का ध्यान रखने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी चिंता करने वालाकमियाँ निकालने वालाख़ुद पर सख़्तछोटी बातों पर अटकने वाला
करियर
अकाउंटेंसीचिकित्साअध्यापनडेटा विश्लेषणफ़ार्मेसी
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल बुध का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ बुध का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
कन्या का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · तुला · स्वामी शुक्र
बहुत अच्छा

2026 में शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत — और पूरे साल शनि आपके साथ हैं।

1 जून तक

गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में आते हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में आते हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।

पूरे सालशनि आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में रहते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। आप विरोधियों पर भारी पड़ते हैं और पुराने क़र्ज़ व बीमारियों से छुटकारा पाते हैं।

करियर90प्रेम76स्वास्थ्य90धन73
कुल82
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर90

काम के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

नौवें भाव में गुरु काम में भाग्य का साथ देते हैं: कोई बड़ा या मार्गदर्शक आपका साथ देता है, और सही मौक़ा सही समय पर आता है। उच्च शिक्षा, सरकारी कृपा, पढ़ाना, क़ानून और लंबी यात्रा या विदेश से जुड़ा काम अच्छा चलता है। तबादला या विदेश में पोस्टिंग मिले तो उसके ठीक रहने की संभावना है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दसवें भाव में गुरु काम को जीवन के केंद्र में ले आते हैं: ज़िम्मेदारी बढ़ना, नई भूमिका, तबादला या विभाग बदलना संभव है। परंपरा इसे आसान स्थिति नहीं मानती — बोझ इनाम से पहले बढ़ता है और बड़े आपको ध्यान से देखते हैं। नई भूमिका लें, पर काग़ज़ात साफ़ रखें और अधिकारियों से टकराव न करें।

31 अक्टूबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु काम में लाभ का सबसे अच्छा समय है: वेतन बढ़ना, प्रमोशन, अटका पैसा मिलना और लक्ष्य पूरे होना। बड़े अधिकारी और जान-पहचान आपके साथ हैं — किसी की सिफ़ारिश से मनचाही नौकरी मिल सकती है। अगर ज़्यादा माँगने का इंतज़ार कर रहे थे, तो इसी समय माँगें।

पूरे साल

छठे भाव में शनि काम के लिए मज़बूत स्थिति है: आप विरोधियों पर भारी पड़ते हैं, पुराना काम निपटाते हैं और मुक़ाबले में जीतते हैं। सरकारी नौकरी, सेवा, स्वास्थ्य, क़ानून और नौकरी की परीक्षाओं के लिए बहुत अच्छा। आवेदन करने, कठिन काम हाथ में लेने और क़र्ज़ चुकाने का अच्छा साल।

4 दिसंबर तक

पाँचवें भाव में राहु सट्टे और शॉर्टकट की ओर खींचते हैं; चतुर विचार काम करते हैं, जुआ नहीं। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।

5 दिसंबर से

चौथे भाव में राहु काम की जगह पर बेचैनी देते हैं; सिर्फ़ असंतोष की वजह से नौकरी न बदलें। दसवें भाव में केतु दिशा को लेकर उलझन दे सकते हैं; अचानक करियर न बदलें।

सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम76

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

नौवें भाव में गुरु बड़ों का आशीर्वाद लाते हैं: माता-पिता, गुरुजन या परिवार के पंडित सही रिश्ता दिलाने में मदद करते हैं, और अलग पृष्ठभूमि के परिवार भी आसानी से राज़ी होते हैं। पारंपरिक विवाह, साथ में तीर्थयात्रा, या दूसरे शहर या विदेश से आए रिश्ते के लिए अच्छा समय है। शादीशुदा जोड़े साझा आस्था, यात्रा या किसी साझा लक्ष्य से क़रीब आते हैं। अगर माता-पिता की सहमति चाहिए, तो अभी माँगें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में रखते हैं, इसलिए प्रेम को उतना समय नहीं मिलता जितना चाहिए। अविवाहित लोग अक्सर काम के ज़रिए या किसी बड़े के परिचय से किसी से मिलते हैं — पर शुरू में ही देख लें कि शादी के बाद करियर को लेकर दोनों की सोच मिलती है। शादीशुदा लोग ध्यान रखें कि जीवनसाथी को अनदेखा महसूस न हो। साथ बिताने के लिए नियमित समय तय करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

31 अक्टूबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु प्रेम की पुरानी इच्छाएँ पूरी करते हैं: जिस रिश्ते की उम्मीद थी वह आगे बढ़ता है, और दोस्त या रिश्तेदार सही व्यक्ति से मिलवाते हैं। सगाई या शादी के लिए यह सबसे अच्छे समयों में से एक है, और परिवार आसानी से राज़ी होते हैं। शादीशुदा जोड़ों का साथ में सामाजिक जीवन ख़ुशहाल रहता है और परिवार में अच्छी ख़बर आती है। अगर प्रस्ताव रखने या हाँ कहने के सही मौक़े का इंतज़ार था, तो वह यही है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है।

पूरे साल

छठे भाव में शनि व्यावहारिक देखभाल से रिश्तों को संभालते हैं: पुराने झगड़े सुलझते हैं, विरोधियों या अफ़वाहों की रुकावट घटती है, और आप समस्याओं को शांति से संभालते हैं। शर्तों या किसी तीसरे की वजह से अटकी रिश्ते की बात लगातार कोशिश से फिर आगे बढ़ सकती है। शादीशुदा जोड़े घर के काम, दिनचर्या और सेहत की आदतें साथ बाँटें — बड़े दिखावे से ज़्यादा छोटी-छोटी देखभाल मायने रखती है। बरसों से चली आ रही ग़लतफ़हमियाँ दूर करने का अच्छा समय।

4 दिसंबर तक

पाँचवें भाव में राहु अचानक तेज़ आकर्षण और अलग तरह के प्रेम संबंध लाते हैं; रोमांच का आनंद लें, पर पूरा भरोसा करने से पहले तथ्य और इरादे जाँच लें। ग्यारहवें भाव में केतु चाहने वालों की भीड़ से हटाकर एक सच्चे रिश्ते की ओर मन ले जाते हैं।

5 दिसंबर से

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी लाते हैं; घर के असंतोष का ग़ुस्सा साथी पर न निकालें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य90

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

नौवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: आस्था और उम्मीद भरा मन शरीर की मदद करता है, और किसी भी बीमारी से उबरना आसान रहता है। पिता और बड़ों की सेहत में सुधार होता है, और उनकी वह पूरी जाँच कराने का यही सही समय है जिसे वे टालते आ रहे हैं। तीर्थ और लंबी यात्राएँ आपके लिए ठीक हैं, पर लंबे सफ़र में देर तक बैठे रहें तो रोज़ स्ट्रेचिंग से कूल्हों और जाँघों को चलाते रहें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में ले आते हैं, और सबसे ज़्यादा दबाव सेहत पर पड़ता है: लंबे घंटे, छूटा हुआ खाना, कुर्सी पर ग़लत ढंग से बैठना और देर रात तक जागना। इसका असर सबसे पहले घुटनों, कमर और आँखों पर दिखता है, और बैठे रहने से वज़न बढ़ता है। सैर या योग का समय किसी मीटिंग की तरह पक्का करें, दोपहर का खाना समय पर खाएँ, और दिन भर स्क्रीन पर रहते हैं तो आँखों की जाँच करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है, इसलिए इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं।

31 अक्टूबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे अच्छे समय में से एक है: पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं, जाँच की रिपोर्टें सुधरती हैं और ऊर्जा लौटती है। दोस्त भी मदद करते हैं — सैर का साथी, योग की क्लास या खेल का साथी आपको नियमित रखता है। अभी एक साफ़ लक्ष्य तय करें, जैसे वज़न का लक्ष्य या रोज़ के क़दमों की गिनती, और हर महीने उसे देखें; इस समय बनाई गई आदत आसानी से निभती है।

पूरे साल

छठे भाव में शनि सेहत के लिए मज़बूत स्थिति है: लंबे समय से चली आ रही तकलीफ़ें आख़िर लगातार इलाज से सुधरती हैं, और अनुशासन आसानी से बनता है। किसी पुरानी परेशानी — घुटना, कमर, शुगर, वज़न — को सही डॉक्टर और महीनों तक निभाई जाने वाली योजना के साथ सँभालने का यही साल है। नियमित व्यायाम, तय खान-पान और डॉक्टर को दोबारा दिखाना, सब इस समय निभ जाते हैं; नतीजे धीमे आते हैं, पर लंबे चलते हैं। शनि की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: पुरानी बीमारियों पर नज़र रखें, और सड़क पर सावधानी ज़्यादा ज़रूरी है; नींद कच्ची होती है और सेहत का ख़र्च बढ़ सकता है, इसलिए सोने का समय बचाएँ।

4 दिसंबर तक

पाँचवें भाव में राहु ज़्यादा सोचने और एसिडिटी को बढ़ाते हैं; समय पर खाएँ और ज़्यादा चाय-कॉफ़ी से बचें।

5 दिसंबर से

चौथे भाव में राहु घर में मन को अशांत करते हैं और नींद बिगाड़ते हैं; सोने के कमरे से स्क्रीन दूर रखें, और चिंताओं को बिस्तर तक ले जाने की बजाय किसी से बात करें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन73

धन के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

नौवें भाव में गुरु धन में भाग्य का साथ देते हैं: पिता या बड़ों से मदद, अटका भुगतान मिलना, या किसी अच्छे पद पर बैठे व्यक्ति के ज़रिए कोई मौक़ा। नौकरी वालों को बोनस या बेहतर वेतन वाली पोस्टिंग मिल सकती है; व्यापारियों को दूर के या निर्यात के ऑर्डर से फ़ायदा होता है। लंबे समय का निवेश, भविष्य के लिए ज़मीन ख़रीदना और पढ़ाई या तीर्थ पर ख़र्च — सब इस समय ठीक बैठते हैं। उन्हीं चीज़ों में पैसा लगाएँ जिन्हें समझते हों, और उन्हें महीनों नहीं, सालों तक रखें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दसवें भाव में गुरु पैसे को काम से बाँध देते हैं: आमदनी नई भूमिका या बड़ी ज़िम्मेदारी पर टिकती है, और बोझ बढ़ने के बाद ही बढ़ती है। व्यापारियों को मुनाफ़ा दिखने से पहले विस्तार, लाइसेंस या साख पर ख़र्च करना पड़ सकता है। नियमित निवेश के लिए ठीक समय है, पर सिर्फ़ उम्मीद के भरोसे बचत को नए काम में झोंकने का नहीं। टैक्स और कारोबार के काग़ज़ात साफ़ रखें, और ईएमआई तभी बढ़ाएँ जब बढ़ी हुई आमदनी कुछ महीने टिक जाए। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

31 अक्टूबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु लाभ का सबसे अच्छा समय है: एक से ज़्यादा जगह से आमदनी बढ़ती है, अटका और पुराना पैसा मिलता है, और पहले किया निवेश फल देने लगता है। नौकरी वाले बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापारियों के ऑर्डर और मुनाफ़ा बढ़ते हैं; निवेशकों को लगातार रिटर्न मिलता है। इस समय अपना दिया हुआ पैसा वापस माँगें, पुराने क़र्ज़ चुकाएँ, और हर लाभ का एक तय हिस्सा ख़र्च करने से पहले बचत में डालें।

पूरे साल

छठे भाव में शनि धन के लिए मज़बूत स्थिति है: पुराने क़र्ज़ उतरते हैं, लगातार पीछे लगने से बकाया वसूल होता है और पैसों के विवाद में जीत मिलती है। नौकरी वालों को ओवरटाइम, सरकारी नौकरी और सेवा के काम से फ़ायदा होता है; व्यापारी दाम और अनुशासन के दम पर प्रतियोगियों से आगे निकलते हैं। क़र्ज़ जल्दी चुकाने, अटका मामला निपटाने और आपातकाल का पैसा जोड़ने का बहुत अच्छा समय है। अपना बकाया माँगते रहें — यहाँ शनि लगन का फल देते हैं। शनि की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें; ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।

4 दिसंबर तक

पाँचवें भाव में राहु ट्रेडिंग, लॉटरी और जल्दी मुनाफ़े की टिप की ओर खींचते हैं; अच्छी तरह परखे लंबे समय के विचार चलते हैं, जुआ नहीं — सट्टे में कभी उससे ज़्यादा न लगाएँ जितना खोना सह सकें। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।

5 दिसंबर से

चौथे भाव में राहु प्रॉपर्टी और वाहन को लेकर उलझन देते हैं; मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें और जल्दबाज़ी में घर न ख़रीदें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

31 अक्टूबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

पूरे साल

छठे भाव में शनि परिवार के लिए मज़बूत स्थिति है: रिश्तेदारों से पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझते हैं, परिवार का क़र्ज़ उतरता है, और नियम से बड़ों की सेहत सुधरती है। घर की समस्याएँ आप शांति से संभालते हैं। अटका प्रॉपर्टी का मामला निपटाने, परिवार का क़र्ज़ चुकाने और पूरे घर के लिए सेहतमंद दिनचर्या बनाने का अच्छा साल।

4 दिसंबर तक

पाँचवें भाव में राहु बच्चों के फ़ैसलों को अलग और समझने में मुश्किल बनाते हैं; उन पर हुक्म चलाए बिना उनके क़रीब रहें, और परिवार का पैसा सट्टे से दूर रखें।

5 दिसंबर से

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी और प्रॉपर्टी के विवाद का ख़तरा लाते हैं; ख़रीदने से पहले मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें, और सिर्फ़ बेचैनी में घर न बदलें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
84जन॰
79फ़र॰
79मार्च
सबसे अच्छा86अप्रैल
86मई
75जून
73जुल॰
सबसे कमज़ोर70अग॰
75सित॰
72अक्टू॰
81नव॰
79दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी — आमदनी, मित्र और जान-पहचान सब साथ देते हैं।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके चौथे भाव में: घर में अशांति, प्रॉपर्टी के मामले या घर बदलना। केतु आपके दसवें भाव में: काम की दिशा में बदलाव और पद-प्रतिष्ठा से मोह कम।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

तुला राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा तुला में हो तो व्यक्ति मिलनसार, न्यायप्रिय और लोगों से अच्छा व्यवहार करने वाला होता है। संतुलन और मेल-जोल चाहते हैं, झगड़े से बचते हैं और सुंदरता की समझ रखते हैं; साझेदारी इनके लिए बहुत मायने रखती है। फ़ैसला लेने में देर लगाते हैं और कभी सिर्फ़ शांति बनाए रखने के लिए हाँ कह देते हैं। तुला शुक्र की राशि है, इसलिए व्यापार, क़ानून, डिज़ाइन और लोगों को जोड़ने वाले कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकतराजू
तत्ववायु
प्रकारचर
स्वामीशुक्र
नक्षत्रचित्रा (तीसरा-चौथा चरण), स्वाति, विशाखा (पहला से तीसरा चरण)
शुभ दिनशुक्रवार
स्वभाव की बातें
मिलनसारन्यायप्रियव्यवहार-कुशलशालीनशांतिप्रिय
ख़ूबियाँ
संतुलितसहयोगीकला-प्रेमीविनम्र
इन पर ध्यान दें
दुविधा में रहने वालासबको ख़ुश रखने वालाटकराव से बचने वालाऐश-आराम का शौक़ीन
करियर
क़ानूनव्यापारडिज़ाइनमानव संसाधनजनसंपर्क
इनसे अच्छी बनती है
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल शुक्र का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझावसाल 2026 में धीरज और अनुशासन आपकी सबसे बड़ी ताक़त होंगे।
पूरा विवरणइस साल रोज़ शुक्र का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
तुला का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · वृश्चिक · स्वामी मंगल
ठीक-ठाक

2026 में शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला — और पूरे साल शनि फ़ैसलों को धीमा रखते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में आते हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में आते हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें।

पूरे सालशनि आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में रहते हैं। फ़ैसले धीरे होते हैं, और सट्टे से दूर रहना ही ठीक है।

करियर66प्रेम54स्वास्थ्य62धन52
कुल58
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर66

काम के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

आठवें भाव में गुरु काम के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक पुनर्गठन, बॉस का बदलना या बिना बताए प्रोजेक्ट रुक जाना। रिसर्च, बीमा, टैक्स और पर्दे के पीछे का काम फिर भी ठीक चलता है। बचत अलग रखें, करियर में बड़ा जोखिम न लें और दूसरों की गारंटी पर दस्तख़त न करें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

नौवें भाव में गुरु काम में भाग्य का साथ देते हैं: कोई बड़ा या मार्गदर्शक आपका साथ देता है, और सही मौक़ा सही समय पर आता है। उच्च शिक्षा, सरकारी कृपा, पढ़ाना, क़ानून और लंबी यात्रा या विदेश से जुड़ा काम अच्छा चलता है। तबादला या विदेश में पोस्टिंग मिले तो उसके ठीक रहने की संभावना है।

31 अक्टूबर से

दसवें भाव में गुरु काम को जीवन के केंद्र में ले आते हैं: ज़िम्मेदारी बढ़ना, नई भूमिका, तबादला या विभाग बदलना संभव है। परंपरा इसे आसान स्थिति नहीं मानती — बोझ इनाम से पहले बढ़ता है और बड़े आपको ध्यान से देखते हैं। नई भूमिका लें, पर काग़ज़ात साफ़ रखें और अधिकारियों से टकराव न करें।

पूरे साल

पाँचवें भाव में शनि फ़ैसलों को धीमा करते हैं और सट्टे को जोखिम भरा बनाते हैं। परीक्षा और प्रमोशन के लिए सामान्य से ज़्यादा तैयारी चाहिए, और विचारों को मानने में लोग समय लेते हैं। नियमित काम पर टिके रहें; शॉर्टकट और उधार के पैसे से ट्रेडिंग से बचें।

4 दिसंबर तक

चौथे भाव में राहु काम की जगह पर बेचैनी देते हैं; सिर्फ़ असंतोष की वजह से नौकरी न बदलें। दसवें भाव में केतु दिशा को लेकर उलझन दे सकते हैं; अचानक करियर न बदलें।

5 दिसंबर से

तीसरे भाव में राहु हिम्मत और पहल देते हैं: बिक्री, मार्केटिंग, मीडिया और तकनीक में बहुत अच्छा, और साहसी क़दम फ़ायदा देते हैं।

सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम54

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

नौवें भाव में गुरु बड़ों का आशीर्वाद लाते हैं: माता-पिता, गुरुजन या परिवार के पंडित सही रिश्ता दिलाने में मदद करते हैं, और अलग पृष्ठभूमि के परिवार भी आसानी से राज़ी होते हैं। पारंपरिक विवाह, साथ में तीर्थयात्रा, या दूसरे शहर या विदेश से आए रिश्ते के लिए अच्छा समय है। शादीशुदा जोड़े साझा आस्था, यात्रा या किसी साझा लक्ष्य से क़रीब आते हैं। अगर माता-पिता की सहमति चाहिए, तो अभी माँगें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है।

31 अक्टूबर से

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में रखते हैं, इसलिए प्रेम को उतना समय नहीं मिलता जितना चाहिए। अविवाहित लोग अक्सर काम के ज़रिए या किसी बड़े के परिचय से किसी से मिलते हैं — पर शुरू में ही देख लें कि शादी के बाद करियर को लेकर दोनों की सोच मिलती है। शादीशुदा लोग ध्यान रखें कि जीवनसाथी को अनदेखा महसूस न हो। साथ बिताने के लिए नियमित समय तय करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

पूरे साल

पाँचवें भाव में शनि प्रेम में ठंडक लाते हैं: भावनाएँ होती हैं पर कहना मुश्किल लगता है, और रिश्ता आनंद से ज़्यादा ज़िम्मेदारी जैसा लग सकता है। अविवाहित लोग किसी बड़ी उम्र के या गंभीर व्यक्ति की ओर खिंच सकते हैं, या प्रेम से ही दूर रह सकते हैं; सिर्फ़ अकेलापन दूर करने के लिए रिश्ता न जोड़ें। शादीशुदा जोड़े जान-बूझकर हँसी-ख़ुशी का समय निकालें, और संतान की योजना में ज़्यादा धैर्य चाहिए हो सकता है। रिश्ते को परखने के बजाय उसे बनाने पर ध्यान दें। शनि की दृष्टि आपके सातवें और दूसरे भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है; घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें।

4 दिसंबर तक

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी लाते हैं; घर के असंतोष का ग़ुस्सा साथी पर न निकालें।

5 दिसंबर से

तीसरे भाव में राहु दिल की बात कहने की हिम्मत देते हैं; संदेश, फ़ोन और साहसी पहल अच्छी रहती है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य62

सेहत के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

आठवें भाव में गुरु सेहत के लिए परीक्षा की स्थिति है: कोई पुरानी, छिपी या धीरे-धीरे बढ़ती तकलीफ़ सामने आ सकती है, और ठीक होने में उम्मीद से ज़्यादा समय लगता है। गुरु की रक्षा फिर भी साथ है, इसलिए यह समय चीज़ों को जल्दी पकड़ने का है, उनसे डरने का नहीं। दो हफ़्ते से ज़्यादा चलने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, स्वास्थ्य बीमा चालू रखें, और अगर डॉक्टर कोई प्रक्रिया बताएँ तो दूसरी राय लेकर उनकी सलाह मानें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

नौवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: आस्था और उम्मीद भरा मन शरीर की मदद करता है, और किसी भी बीमारी से उबरना आसान रहता है। पिता और बड़ों की सेहत में सुधार होता है, और उनकी वह पूरी जाँच कराने का यही सही समय है जिसे वे टालते आ रहे हैं। तीर्थ और लंबी यात्राएँ आपके लिए ठीक हैं, पर लंबे सफ़र में देर तक बैठे रहें तो रोज़ स्ट्रेचिंग से कूल्हों और जाँघों को चलाते रहें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

31 अक्टूबर से

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में ले आते हैं, और सबसे ज़्यादा दबाव सेहत पर पड़ता है: लंबे घंटे, छूटा हुआ खाना, कुर्सी पर ग़लत ढंग से बैठना और देर रात तक जागना। इसका असर सबसे पहले घुटनों, कमर और आँखों पर दिखता है, और बैठे रहने से वज़न बढ़ता है। सैर या योग का समय किसी मीटिंग की तरह पक्का करें, दोपहर का खाना समय पर खाएँ, और दिन भर स्क्रीन पर रहते हैं तो आँखों की जाँच करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है, इसलिए इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं।

पूरे साल

पाँचवें भाव में शनि मन को ज़्यादा सोचने पर मजबूर करते हैं, और चिंता अक्सर पेट पर उतरती है: एसिडिटी, गैस और धीमा पाचन। बच्चों की सेहत या पढ़ाई की फ़िक्र इसे और बढ़ा सकती है। खाना तय समय पर खाएँ, रात का खाना हल्का और जल्दी रखें, और खाने के बाद दस मिनट टहलें; अगर पेट की तकलीफ़ बार-बार लौटे तो सिर्फ़ एंटासिड के भरोसे न रहें, डॉक्टर को दिखाएँ।

4 दिसंबर तक

चौथे भाव में राहु घर में मन को अशांत करते हैं और नींद बिगाड़ते हैं; सोने के कमरे से स्क्रीन दूर रखें, और चिंताओं को बिस्तर तक ले जाने की बजाय किसी से बात करें।

5 दिसंबर से

तीसरे भाव में राहु ऊर्जा और जोश देते हैं; मेहनत वाली कसरत या कोई खेल शुरू करने का अच्छा समय।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन52

धन के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

आठवें भाव में गुरु धन के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक ख़र्च, अटका भुगतान या बिना चेतावनी गिरता निवेश। इसका एक शांत पहलू भी है — बीमा का दावा, विरासत, पीएफ़ या परिवार का पुराना पैसा मिल सकता है। नौकरी वाले नई ईएमआई न लें; व्यापारी नक़दी बचाकर रखें और लंबे उधार पर माल न दें। सट्टे से दूर रहें और किसी की गारंटी पर दस्तख़त न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

नौवें भाव में गुरु धन में भाग्य का साथ देते हैं: पिता या बड़ों से मदद, अटका भुगतान मिलना, या किसी अच्छे पद पर बैठे व्यक्ति के ज़रिए कोई मौक़ा। नौकरी वालों को बोनस या बेहतर वेतन वाली पोस्टिंग मिल सकती है; व्यापारियों को दूर के या निर्यात के ऑर्डर से फ़ायदा होता है। लंबे समय का निवेश, भविष्य के लिए ज़मीन ख़रीदना और पढ़ाई या तीर्थ पर ख़र्च — सब इस समय ठीक बैठते हैं। उन्हीं चीज़ों में पैसा लगाएँ जिन्हें समझते हों, और उन्हें महीनों नहीं, सालों तक रखें।

31 अक्टूबर से

दसवें भाव में गुरु पैसे को काम से बाँध देते हैं: आमदनी नई भूमिका या बड़ी ज़िम्मेदारी पर टिकती है, और बोझ बढ़ने के बाद ही बढ़ती है। व्यापारियों को मुनाफ़ा दिखने से पहले विस्तार, लाइसेंस या साख पर ख़र्च करना पड़ सकता है। नियमित निवेश के लिए ठीक समय है, पर सिर्फ़ उम्मीद के भरोसे बचत को नए काम में झोंकने का नहीं। टैक्स और कारोबार के काग़ज़ात साफ़ रखें, और ईएमआई तभी बढ़ाएँ जब बढ़ी हुई आमदनी कुछ महीने टिक जाए। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

पूरे साल

पाँचवें भाव में शनि सट्टा, ट्रेडिंग और जल्दी मुनाफ़े वाली योजनाओं को जोखिम भरा बनाते हैं: किसी की टिप पर लगाया पैसा अक्सर फँस जाता है। बच्चों की पढ़ाई या ज़रूरतें बजट का बड़ा हिस्सा ले सकती हैं। नौकरी वाले और बचत करने वाले सीधे, लंबे समय के विकल्पों — फ़िक्स्ड डिपॉज़िट, पीएफ़ और नियमित एसआईपी — के साथ ठीक रहते हैं; व्यापारी नए विचार पहले छोटे पैमाने पर आज़माएँ, फिर पूरा पैसा लगाएँ। इस समय उधार के पैसे से कभी ट्रेडिंग न करें। शनि की दृष्टि आपके ग्यारहवें और दूसरे भाव पर भी है: लाभ देर से और सिर्फ़ लगातार मेहनत पर मिलता है, इसलिए पैसा आने से पहले उसे ख़र्च न करें; बचत धीरे बढ़ती है और परिवार के ख़र्च के लिए पक्का बजट चाहिए।

4 दिसंबर तक

चौथे भाव में राहु प्रॉपर्टी और वाहन को लेकर उलझन देते हैं; मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें और जल्दबाज़ी में घर न ख़रीदें।

5 दिसंबर से

तीसरे भाव में राहु पहल का फल देते हैं: साइड की कमाई, बिक्री पर ज़ोर या ऑनलाइन काम से अच्छा पैसा जुड़ सकता है।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

आठवें भाव में गुरु घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

31 अक्टूबर से

दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

पूरे साल

पाँचवें भाव में शनि संतान से जुड़े मामलों को धीमा करते हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर को ज़्यादा सहारे की ज़रूरत होती है, और उनसे बातचीत में खिंचाव आ सकता है। संतान की आशा रखने वाले दंपती को देरी हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें और डॉक्टर की सलाह मानें। बच्चों के साथ सख़्त पर स्नेह भरे रहें, सलाह देने से पहले उनकी सुनें, और नंबरों या शादी को लेकर उन पर दबाव न डालें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें।

4 दिसंबर तक

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी और प्रॉपर्टी के विवाद का ख़तरा लाते हैं; ख़रीदने से पहले मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें, और सिर्फ़ बेचैनी में घर न बदलें।

5 दिसंबर से

तीसरे भाव में राहु परिवार के मामले संभालने की हिम्मत देते हैं; भाई-बहन की मदद या रिश्तेदारों के साथ छोटी यात्रा अच्छी रहती है। नौवें भाव में केतु परिवार को आस्था की ओर ले जाते हैं; माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
सबसे कमज़ोर45जन॰
45फ़र॰
45मार्च
47अप्रैल
47मई
62जून
61जुल॰
57अग॰
सबसे अच्छा63सित॰
60अक्टू॰
51नव॰
63दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके नौवें भाव में: भाग्य, धर्म और गुरु साथ हैं — तीर्थयात्रा, ऊँची पढ़ाई और लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके तीसरे भाव में: साहसी क़दम सफल होते हैं, ख़ासकर संवाद, मीडिया और टेक्नोलॉजी में। केतु आपके नौवें भाव में: तीर्थयात्रा और गहरी आस्था।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

वृश्चिक राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा वृश्चिक में हो तो व्यक्ति गहराई से महसूस करता है और बहुत कुछ मन में रखता है। दृढ़ निश्चयी, समझदार और भरोसे के लोगों के प्रति वफ़ादार होते हैं, और आसानी से हार नहीं मानते। यहाँ चंद्रमा नीच के होते हैं, इसलिए मन में शक आ सकता है या चोट देर तक चुभती है; मन की बात ईमानदारी से कह देना मदद करता है। वृश्चिक मंगल की राशि है, इसलिए रिसर्च, चिकित्सा, जाँच-पड़ताल और संकट संभालने वाले कामों में अच्छे रहते हैं।

प्रतीकबिच्छू
तत्वजल
प्रकारस्थिर
स्वामीमंगल
नक्षत्रविशाखा (चौथा चरण), अनुराधा, ज्येष्ठा
शुभ दिनमंगलवार
स्वभाव की बातें
गहनबातें मन में रखने वालादृढ़ निश्चयीगहरी समझ वालावफ़ादार
ख़ूबियाँ
हार न मानने वालाहर हाल में रास्ता निकालने वालासंकट में शांतराज़ रखने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी भरोसा न करने वालादेर से माफ़ करने वालाभावनाएँ दबाने वालातीखा बोलने वाला
करियर
शोधचिकित्साजाँच-पड़तालबीमाआपदा प्रबंधन
इनसे अच्छी बनती है
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल मंगल का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ मंगल का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
वृश्चिक का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · धनु · स्वामी गुरु
अच्छा

2026 में शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत — और पूरे साल कंटक शनि नींव को हिलाते हैं।

1 जून तक

गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में आते हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में आते हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

पूरे सालशनि आपके चौथे भाव (घर और माता का भाव) में रहते हैं — यह कंटक शनि, यानी शनि की ढैय्या या छोटी पनौती है। घर और मन की शांति अस्थिर लगती है; परिवार के साथ धैर्य रखें।

करियर77प्रेम73स्वास्थ्य62धन69
कुल70
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर77

काम के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

सातवें भाव में गुरु व्यापार के पक्ष में हैं: नए साझेदार, बड़े ग्राहक और अच्छे सौदे। ग्राहकों से जुड़ा काम, सलाह, बिक्री और व्यापार अच्छा चलता है। अगर साझेदारी या साइड बिज़नेस की सोच रहे हैं, तो यही समय है — शर्तें लिखित में रखें और अच्छी साख वाले साझेदार चुनें। नौकरी वालों को मददगार बॉस या अच्छी टीम से फ़ायदा होता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

आठवें भाव में गुरु काम के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक पुनर्गठन, बॉस का बदलना या बिना बताए प्रोजेक्ट रुक जाना। रिसर्च, बीमा, टैक्स और पर्दे के पीछे का काम फिर भी ठीक चलता है। बचत अलग रखें, करियर में बड़ा जोखिम न लें और दूसरों की गारंटी पर दस्तख़त न करें।

31 अक्टूबर से

नौवें भाव में गुरु काम में भाग्य का साथ देते हैं: कोई बड़ा या मार्गदर्शक आपका साथ देता है, और सही मौक़ा सही समय पर आता है। उच्च शिक्षा, सरकारी कृपा, पढ़ाना, क़ानून और लंबी यात्रा या विदेश से जुड़ा काम अच्छा चलता है। तबादला या विदेश में पोस्टिंग मिले तो उसके ठीक रहने की संभावना है।

पूरे साल

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) नींव को हिलाते हैं: दफ़्तर की राजनीति, न चाहा तबादला या काम की जगह से परेशानी। मन की शांति घटती है और उसका असर काम पर दिखता है। जल्दबाज़ी में नौकरी न बदलें; अगर बदलाव ज़रूरी हो तो शांति से स्वीकार करें और बड़ों से अच्छे संबंध रखें। शनि की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है: काम का बोझ भारी और पहचान धीमी, और लगातार मेहनत ही रास्ता है।

4 दिसंबर तक

तीसरे भाव में राहु हिम्मत और पहल देते हैं: बिक्री, मार्केटिंग, मीडिया और तकनीक में बहुत अच्छा, और साहसी क़दम फ़ायदा देते हैं।

5 दिसंबर से

दूसरे भाव में राहु आमदनी को अनियमित बनाते हैं; बोलचाल पर ध्यान दें और जो पैसे का सौदा पूरा समझ न आए, उससे दूर रहें।

सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम73

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

सातवें भाव में गुरु शास्त्रों में शादी का सबसे जाना-माना समय है: अच्छे रिश्ते आते हैं, बातचीत आसानी से आगे बढ़ती है और परिवार जल्दी मान जाते हैं। अगर रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो यही समय परिवारों से मिलने, रिश्ता पक्का करने और तारीख़ तय करने का है। लंबे समय से साथ चल रहे जोड़े अपने रिश्ते को नाम दे सकते हैं। शादीशुदा लोगों को एक-दूसरे से ज़्यादा साथ और सम्मान मिलता है, और खटास वाले रिश्ते को सुधरने का सच्चा मौक़ा मिलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

31 अक्टूबर से

नौवें भाव में गुरु बड़ों का आशीर्वाद लाते हैं: माता-पिता, गुरुजन या परिवार के पंडित सही रिश्ता दिलाने में मदद करते हैं, और अलग पृष्ठभूमि के परिवार भी आसानी से राज़ी होते हैं। पारंपरिक विवाह, साथ में तीर्थयात्रा, या दूसरे शहर या विदेश से आए रिश्ते के लिए अच्छा समय है। शादीशुदा जोड़े साझा आस्था, यात्रा या किसी साझा लक्ष्य से क़रीब आते हैं। अगर माता-पिता की सहमति चाहिए, तो अभी माँगें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है।

पूरे साल

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर का सुख हिलाते हैं: घर बदलना, माता-पिता की सेहत या तंग रहन-सहन रिश्ते पर दबाव डालते हैं। शादीशुदा जोड़ों में कहाँ और कैसे रहें, इस पर बहस हो सकती है — मिलकर फ़ैसला करें और माता-पिता की ज़रूरतों और अपनी ज़रूरतों में संतुलन रखें। अविवाहितों के रिश्ते की बात घर के मामलों की वजह से टलती है। मन की शांति बचाएँ; इस समय घर का तनाव एक-दूसरे से ज़्यादा हालात से आता है।

4 दिसंबर तक

तीसरे भाव में राहु दिल की बात कहने की हिम्मत देते हैं; संदेश, फ़ोन और साहसी पहल अच्छी रहती है।

5 दिसंबर से

दूसरे भाव में राहु परिवार में बहस और बेकार की बातें बढ़ाते हैं; रिश्ते की बात पक्की होने तक उसे निजी रखें और दूसरे परिवार के बारे में सोच-समझकर बोलें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य62

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

सातवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: ताक़त बनी रहती है, छोटी-मोटी बीमारियाँ जल्दी निकल जाती हैं और थकाने वाले हफ़्ते के बाद आप जल्दी सँभल जाते हैं। जीवनसाथी अक्सर आपको अच्छी आदतों की ओर ले जाते हैं — साथ में सैर करें, साथ में खाएँ, समय पर सोएँ। जीवनसाथी की अपनी सेहत भी आम तौर पर अच्छी रहती है; अगर आप दोनों में से किसी ने जाँच टाल रखी है, तो इसी समय साथ जाकर करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

आठवें भाव में गुरु सेहत के लिए परीक्षा की स्थिति है: कोई पुरानी, छिपी या धीरे-धीरे बढ़ती तकलीफ़ सामने आ सकती है, और ठीक होने में उम्मीद से ज़्यादा समय लगता है। गुरु की रक्षा फिर भी साथ है, इसलिए यह समय चीज़ों को जल्दी पकड़ने का है, उनसे डरने का नहीं। दो हफ़्ते से ज़्यादा चलने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, स्वास्थ्य बीमा चालू रखें, और अगर डॉक्टर कोई प्रक्रिया बताएँ तो दूसरी राय लेकर उनकी सलाह मानें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

31 अक्टूबर से

नौवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: आस्था और उम्मीद भरा मन शरीर की मदद करता है, और किसी भी बीमारी से उबरना आसान रहता है। पिता और बड़ों की सेहत में सुधार होता है, और उनकी वह पूरी जाँच कराने का यही सही समय है जिसे वे टालते आ रहे हैं। तीर्थ और लंबी यात्राएँ आपके लिए ठीक हैं, पर लंबे सफ़र में देर तक बैठे रहें तो रोज़ स्ट्रेचिंग से कूल्हों और जाँघों को चलाते रहें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

पूरे साल

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) मन की शांति पर भार डालते हैं, और उसके ज़रिए नींद, छाती और ब्लड प्रेशर पर भी। घर की चिंताएँ या माँ की बीमारी इस बोझ को बढ़ा सकती है। नींद की रक्षा करें — सोने से पहले आख़िरी घंटे में स्क्रीन नहीं, हल्का रात का खाना, रोज़ एक ही समय पर सोना — ब्लड प्रेशर नियमित जँचवाएँ, और रोज़ दस मिनट अनुलोम-विलोम या शांत साँस को दें। शनि की दृष्टि आपके छठे और पहले भाव पर भी है: पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं; थकान और जकड़न बढ़ती है, इसलिए दिनचर्या हल्की और नियमित रखें।

4 दिसंबर तक

तीसरे भाव में राहु ऊर्जा और जोश देते हैं; मेहनत वाली कसरत या कोई खेल शुरू करने का अच्छा समय।

5 दिसंबर से

दूसरे भाव में राहु जंक फ़ूड, अनियमित खाने और तंबाकू या ज़्यादा चाय जैसी आदतों की ओर खींचते हैं; जो मुँह में जाता है उस पर ध्यान दें, और दाँत व गले का ख़याल रखें। आठवें भाव में केतु अचानक छोटी चोट और नसों का तनाव लाते हैं; धारदार औज़ारों, सीढ़ियों और सड़क पर सावधानी रखें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन69

धन के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

सातवें भाव में गुरु दूसरों के ज़रिए पैसा लाते हैं: अच्छा सौदा, फ़ायदेमंद साझेदारी, या जीवनसाथी जिसकी आमदनी या परिवार से घर की कमाई बढ़ती है। व्यापारियों को बड़े ग्राहकों और साफ़ अनुबंधों से लाभ होता है; नौकरी वालों के घर की आमदनी जीवनसाथी के ज़रिए बढ़ सकती है। मिलकर प्रॉपर्टी ख़रीदने या परिवार की निवेश योजना बनाने का अच्छा समय है। साझेदारी कितनी भी दोस्ताना लगे, पैसों की शर्तें लिखित में रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

आठवें भाव में गुरु धन के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक ख़र्च, अटका भुगतान या बिना चेतावनी गिरता निवेश। इसका एक शांत पहलू भी है — बीमा का दावा, विरासत, पीएफ़ या परिवार का पुराना पैसा मिल सकता है। नौकरी वाले नई ईएमआई न लें; व्यापारी नक़दी बचाकर रखें और लंबे उधार पर माल न दें। सट्टे से दूर रहें और किसी की गारंटी पर दस्तख़त न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

31 अक्टूबर से

नौवें भाव में गुरु धन में भाग्य का साथ देते हैं: पिता या बड़ों से मदद, अटका भुगतान मिलना, या किसी अच्छे पद पर बैठे व्यक्ति के ज़रिए कोई मौक़ा। नौकरी वालों को बोनस या बेहतर वेतन वाली पोस्टिंग मिल सकती है; व्यापारियों को दूर के या निर्यात के ऑर्डर से फ़ायदा होता है। लंबे समय का निवेश, भविष्य के लिए ज़मीन ख़रीदना और पढ़ाई या तीर्थ पर ख़र्च — सब इस समय ठीक बैठते हैं। उन्हीं चीज़ों में पैसा लगाएँ जिन्हें समझते हों, और उन्हें महीनों नहीं, सालों तक रखें।

पूरे साल

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर और जायदाद पर भारी पड़ते हैं: मरम्मत, बार-बार ख़र्च कराती गाड़ी, या अटका हुआ प्रॉपर्टी का सौदा। निवेश के लिए घर ख़रीदने या बड़ा होम लोन लेने का यह अच्छा समय नहीं है। नौकरी वालों को घर के ख़र्च चुभते हैं; व्यापारी दुकान-गोदाम या माल में नक़दी न फँसाएँ। प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक रखें और बड़ी ख़रीदारी तभी करें जब सच में ज़रूरी हो।

4 दिसंबर तक

तीसरे भाव में राहु पहल का फल देते हैं: साइड की कमाई, बिक्री पर ज़ोर या ऑनलाइन काम से अच्छा पैसा जुड़ सकता है।

5 दिसंबर से

दूसरे भाव में राहु आमदनी को अनियमित करते हैं और बचत रिसती रहती है; सट्टे से बचें, परिवार के पैसों का हिसाब साफ़ रखें और ज़ुबानी वादे पर उधार न दें। आठवें भाव में केतु बीमा, विरासत या परिवार के पुराने स्रोत से पैसा दिला सकते हैं, पर अचानक बिल भी; कुछ पैसा अलग रखें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

आठवें भाव में गुरु घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

31 अक्टूबर से

नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

पूरे साल

चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) घर की ज़िंदगी को अस्थिर करते हैं: लंबी खिंचती मरम्मत, मजबूरी में घर बदलना, प्रॉपर्टी का विवाद या बार-बार परेशान करने वाला वाहन। माँ की सेहत का ध्यान रखना ज़रूरी है, और घर में सुकून मुश्किल से मिलता है। जल्दबाज़ी में प्रॉपर्टी न ख़रीदें — ज़रूरी हो तो हर काग़ज़ दो बार जाँचें — और माँ को अपना समय दें।

4 दिसंबर तक

तीसरे भाव में राहु परिवार के मामले संभालने की हिम्मत देते हैं; भाई-बहन की मदद या रिश्तेदारों के साथ छोटी यात्रा अच्छी रहती है। नौवें भाव में केतु परिवार को आस्था की ओर ले जाते हैं; माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

5 दिसंबर से

दूसरे भाव में राहु परिवार में ग़लतफ़हमी और बेवजह की बातें बढ़ाते हैं; सुनी-सुनाई बात आगे न बढ़ाएँ और परिवार के पैसे के मामले खुले रखें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
74जन॰
69फ़र॰
69मार्च
सबसे अच्छा75अप्रैल
75मई
55जून
53जुल॰
सबसे कमज़ोर50अग॰
56सित॰
52अक्टू॰
70नव॰
57दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके आठवें भाव में: छिपे बदलाव, शोध और विरासत के मामले; सेहत और पैसे में सावधानी चाहिए।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके नौवें भाव में: भाग्य, धर्म और गुरु साथ हैं — तीर्थयात्रा, ऊँची पढ़ाई और लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके दूसरे भाव में: पैसा जल्दी आता-जाता है; परिवार में बोलते समय ध्यान रखें। केतु आपके आठवें भाव में: शोध, गूढ़ विद्या और अचानक बदलाव; सावधान रहें।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

धनु राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा धनु में हो तो व्यक्ति आशावादी, खुले दिल वाला और आज़ादी पसंद होता है। पढ़ना-सीखना, यात्रा, धर्म और अच्छी चर्चा इन्हें प्रिय है, और ये सच बोलते हैं, कभी ज़रूरत से ज़्यादा सीधे। कभी निभा सकें उससे ज़्यादा वादा कर देते हैं। धनु गुरु की राशि है, इसलिए शिक्षक, सलाहकार, क़ानून और यात्रा या धर्म से जुड़े कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकधनुर्धर
तत्वअग्नि
प्रकारद्विस्वभाव
स्वामीगुरु
नक्षत्रमूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा (पहला चरण)
शुभ दिनगुरुवार
स्वभाव की बातें
आशावादीखुले दिल वालाआज़ादी पसंदसच्चाधार्मिक
ख़ूबियाँ
ज्ञानीउसूलों वालासीखने का शौक़ीनरोमांच-प्रेमी
इन पर ध्यान दें
हद से ज़्यादा बेबाकज़्यादा वादे करने वालाकभी-कभी उपदेश देने वालाबारीकियों से बेपरवाह
करियर
अध्यापनक़ानूनपर्यटनसलाहकार सेवाएँप्रकाशन
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल गुरु का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ गुरु का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
धनु का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · मकर · स्वामी शनि
अच्छा

2026 में शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा — और पूरे साल शनि आपके साथ हैं।

1 जून तक

गुरु आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में हैं। काम का बोझ बढ़ता है, सेहत को नियम चाहिए, और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में आते हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में आते हैं। योजनाएँ बिना बताए बदल सकती हैं, इसलिए बचत अलग रखें और सेहत व पैसे के फ़ैसले सोच-समझकर लें।

पूरे सालशनि आपके तीसरे भाव (पराक्रम भाव) में रहते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। लगातार मेहनत का फल आख़िर मिलता है, इसलिए आगे बढ़ें।

करियर82प्रेम70स्वास्थ्य68धन60
कुल70
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर82

काम के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

छठे भाव में गुरु काम का बोझ बढ़ाते हैं और दफ़्तर में विरोधी सक्रिय रहते हैं। सरकारी काम, सेवा, स्वास्थ्य और क़ानून के क्षेत्र ठीक चलते हैं, और लगातार कोशिश से नौकरी मिल जाती है, पर प्रमोशन धीमे रहते हैं और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। सेहत का नियम बनाए रखें — काम का तनाव शरीर पर दिखता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

सातवें भाव में गुरु व्यापार के पक्ष में हैं: नए साझेदार, बड़े ग्राहक और अच्छे सौदे। ग्राहकों से जुड़ा काम, सलाह, बिक्री और व्यापार अच्छा चलता है। अगर साझेदारी या साइड बिज़नेस की सोच रहे हैं, तो यही समय है — शर्तें लिखित में रखें और अच्छी साख वाले साझेदार चुनें। नौकरी वालों को मददगार बॉस या अच्छी टीम से फ़ायदा होता है।

31 अक्टूबर से

आठवें भाव में गुरु काम के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक पुनर्गठन, बॉस का बदलना या बिना बताए प्रोजेक्ट रुक जाना। रिसर्च, बीमा, टैक्स और पर्दे के पीछे का काम फिर भी ठीक चलता है। बचत अलग रखें, करियर में बड़ा जोखिम न लें और दूसरों की गारंटी पर दस्तख़त न करें।

पूरे साल

तीसरा भाव शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: लगातार मेहनत का फल आख़िर मिलता है। बिक्री, मीडिया, लेखन, तकनीकी काम और धीरज वाला हर काम अच्छा चलता है। नौकरी बदलना, नया हुनर या अपना काम — आगे बढ़ें, हिम्मत का इनाम मिलता है।

4 दिसंबर तक

दूसरे भाव में राहु आमदनी को अनियमित बनाते हैं; बोलचाल पर ध्यान दें और जो पैसे का सौदा पूरा समझ न आए, उससे दूर रहें।

5 दिसंबर से

पहले भाव में राहु बेचैन महत्वाकांक्षा लाते हैं — आप ज़्यादा और जल्दी चाहते हैं। टेक, मीडिया और विदेश से जुड़े काम में साहसी क़दम फ़ायदा दे सकते हैं, पर बड़े फ़ैसलों से पहले तथ्य जाँचें और अपने को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएँ।

सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम70

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

छठे भाव में गुरु प्रेम में खटपट लाते हैं: छोटी बहसें बड़ी हो जाती हैं, काम का दबाव समय कम छोड़ता है, और किसी एक की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। रिश्ते की बात माँगों, परिवारों के मतभेद या किसी तीसरे की दख़ल से अटक सकती है, इसलिए बातें सीधी और साफ़ रखें। शादीशुदा जोड़े मतभेद रिश्तेदारों के ज़रिए नहीं, आपस में शांति से सुलझाएँ। इस समय एक-दूसरे की देखभाल और धैर्य ही रिश्ते को मज़बूत रखते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

सातवें भाव में गुरु शास्त्रों में शादी का सबसे जाना-माना समय है: अच्छे रिश्ते आते हैं, बातचीत आसानी से आगे बढ़ती है और परिवार जल्दी मान जाते हैं। अगर रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो यही समय परिवारों से मिलने, रिश्ता पक्का करने और तारीख़ तय करने का है। लंबे समय से साथ चल रहे जोड़े अपने रिश्ते को नाम दे सकते हैं। शादीशुदा लोगों को एक-दूसरे से ज़्यादा साथ और सम्मान मिलता है, और खटास वाले रिश्ते को सुधरने का सच्चा मौक़ा मिलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

31 अक्टूबर से

आठवें भाव में गुरु रिश्तों में छिपा तनाव लाते हैं: कोई राज़ खुलता है, ससुराल की दख़ल बढ़ती है, या तय माना हुआ रिश्ता अचानक बदल जाता है। अगर अभी कोई रिश्ता आए, तो हाँ कहने से पहले शांति से परिवार और पृष्ठभूमि की जाँच कर लें। शादीशुदा जोड़ों के सामने साझा पैसे का कोई मामला या सेहत की चिंता आ सकती है जो उनकी परीक्षा ले — एक-दूसरे पर दोष डालने के बजाय मिलकर सामना करें। ग़ुस्से या जल्दबाज़ी में शादी या अलगाव का फ़ैसला न लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

पूरे साल

तीसरे भाव में शनि प्रेम के लिए ज़रूरी हिम्मत और धैर्य देते हैं: आप अपनी बात कहते हैं, उसे निभाते हैं और दूसरों की पहल का इंतज़ार छोड़ देते हैं। जो अविवाहित सच्चे मन से कोशिश करते हैं — परिवारों से मिलना, संपर्क बनाए रखना — उन्हें नतीजे मिलते हैं, भले रफ़्तार अचानक न होकर धीमी और स्थिर हो। शादीशुदा जोड़े समस्याओं को व्यावहारिक ढंग से सुलझाते हैं और एक-दूसरे के लिए ज़्यादा भरोसेमंद बनते हैं। जो पहला क़दम टाल रहे थे, वह अब उठाएँ। शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।

4 दिसंबर तक

दूसरे भाव में राहु परिवार में बहस और बेकार की बातें बढ़ाते हैं; रिश्ते की बात पक्की होने तक उसे निजी रखें और दूसरे परिवार के बारे में सोच-समझकर बोलें।

5 दिसंबर से

पहले भाव में राहु बेचैनी और ध्यान खींचने की चाह बढ़ाते हैं; नए आकर्षण जल्दी आते हैं, इसलिए पक्का करने से पहले व्यक्ति को जानने में समय लें। सातवें भाव में केतु साथी से मन हटा सकते हैं; दूरी को जल्दी पहचानें और फिर से जुड़ने के लिए समय निकालें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य68

सेहत के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

छठे भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थितियों में से एक है: गुरु से जुड़ी तकलीफ़ें — वज़न, शुगर, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन — बढ़ने लगती हैं, और पहले टाली गई कोई परेशानी अब ध्यान माँग सकती है। अच्छी बात यह है कि इलाज असर करता है: सही डॉक्टर मिलते हैं और इलाज पूरा होता है। शुगर, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराएँ, दवाएँ डॉक्टर के कहे अनुसार लें, और तला और मीठा कम करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

सातवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: ताक़त बनी रहती है, छोटी-मोटी बीमारियाँ जल्दी निकल जाती हैं और थकाने वाले हफ़्ते के बाद आप जल्दी सँभल जाते हैं। जीवनसाथी अक्सर आपको अच्छी आदतों की ओर ले जाते हैं — साथ में सैर करें, साथ में खाएँ, समय पर सोएँ। जीवनसाथी की अपनी सेहत भी आम तौर पर अच्छी रहती है; अगर आप दोनों में से किसी ने जाँच टाल रखी है, तो इसी समय साथ जाकर करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

31 अक्टूबर से

आठवें भाव में गुरु सेहत के लिए परीक्षा की स्थिति है: कोई पुरानी, छिपी या धीरे-धीरे बढ़ती तकलीफ़ सामने आ सकती है, और ठीक होने में उम्मीद से ज़्यादा समय लगता है। गुरु की रक्षा फिर भी साथ है, इसलिए यह समय चीज़ों को जल्दी पकड़ने का है, उनसे डरने का नहीं। दो हफ़्ते से ज़्यादा चलने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, स्वास्थ्य बीमा चालू रखें, और अगर डॉक्टर कोई प्रक्रिया बताएँ तो दूसरी राय लेकर उनकी सलाह मानें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

पूरे साल

तीसरा भाव सेहत के लिए शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: दम-ख़म बढ़ता है, इच्छाशक्ति मज़बूत रहती है और एक बार शुरू की गई दिनचर्या टिकती है। यह लंबी चलने वाली आदत बनाने का समय है — रोज़ की सैर, ताक़त बढ़ाने वाला व्यायाम या योग, जो बरसों चले। बस ज़्यादती न करें: ज़ोर सबसे पहले कंधों, बाँहों और गर्दन पर पड़ता है, इसलिए वार्म-अप करें और भार धीरे-धीरे बढ़ाएँ। शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: नींद कच्ची होती है और सेहत का ख़र्च बढ़ सकता है, इसलिए सोने का समय बचाएँ।

4 दिसंबर तक

दूसरे भाव में राहु जंक फ़ूड, अनियमित खाने और तंबाकू या ज़्यादा चाय जैसी आदतों की ओर खींचते हैं; जो मुँह में जाता है उस पर ध्यान दें, और दाँत व गले का ख़याल रखें। आठवें भाव में केतु अचानक छोटी चोट और नसों का तनाव लाते हैं; धारदार औज़ारों, सीढ़ियों और सड़क पर सावधानी रखें।

5 दिसंबर से

पहले भाव में राहु बेचैनी और घबराहट लाते हैं, और कभी ऐसे लक्षण जिन्हें समझना मुश्किल हो; इंटरनेट पर लक्षण खोजने या ख़ुद दवा लेने की बजाय योग्य डॉक्टर से ठीक से जाँच कराएँ, और दिनचर्या शांत रखें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन60

धन के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

छठे भाव में गुरु क़र्ज़ लेना आसान बनाते हैं — बैंक लोन मंज़ूर कर देते हैं और दोस्त झट से उधार दे देते हैं — पर अभी लिया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। इलाज, मुक़दमे का ख़र्च या दूसरों को दिया उधार बचत को खा सकता है। नौकरी वाले आपातकाल के लिए अलग पैसा रखें; व्यापारी उधार के भरोसे कारोबार न फैलाएँ और बाज़ार में फँसे पैसे पर नज़र रखें। पहले ऊँचे ब्याज वाला क़र्ज़ चुकाएँ, उतना ही उधार दें जितना डूबने पर सह सकें, और स्वास्थ्य बीमा चालू रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

सातवें भाव में गुरु दूसरों के ज़रिए पैसा लाते हैं: अच्छा सौदा, फ़ायदेमंद साझेदारी, या जीवनसाथी जिसकी आमदनी या परिवार से घर की कमाई बढ़ती है। व्यापारियों को बड़े ग्राहकों और साफ़ अनुबंधों से लाभ होता है; नौकरी वालों के घर की आमदनी जीवनसाथी के ज़रिए बढ़ सकती है। मिलकर प्रॉपर्टी ख़रीदने या परिवार की निवेश योजना बनाने का अच्छा समय है। साझेदारी कितनी भी दोस्ताना लगे, पैसों की शर्तें लिखित में रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

31 अक्टूबर से

आठवें भाव में गुरु धन के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक ख़र्च, अटका भुगतान या बिना चेतावनी गिरता निवेश। इसका एक शांत पहलू भी है — बीमा का दावा, विरासत, पीएफ़ या परिवार का पुराना पैसा मिल सकता है। नौकरी वाले नई ईएमआई न लें; व्यापारी नक़दी बचाकर रखें और लंबे उधार पर माल न दें। सट्टे से दूर रहें और किसी की गारंटी पर दस्तख़त न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

पूरे साल

तीसरा भाव धन के लिए शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: लगातार मेहनत से लगातार आमदनी होती है, और आख़िरकार बचत का अनुशासन भी आता है। नौकरी वालों को अतिरिक्त काम, साइड की कमाई या सही समय पर नौकरी बदलने से फ़ायदा होता है; व्यापारियों को बिक्री पर ज़ोर और छोटी यात्राओं से। लंबे समय की एसआईपी या आरडी शुरू करने और उस पर टिके रहने का बहुत अच्छा समय है। सोच-समझकर जोखिम लें, पर उतना ही जितना सह सकें। शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।

4 दिसंबर तक

दूसरे भाव में राहु आमदनी को अनियमित करते हैं और बचत रिसती रहती है; सट्टे से बचें, परिवार के पैसों का हिसाब साफ़ रखें और ज़ुबानी वादे पर उधार न दें। आठवें भाव में केतु बीमा, विरासत या परिवार के पुराने स्रोत से पैसा दिला सकते हैं, पर अचानक बिल भी; कुछ पैसा अलग रखें।

5 दिसंबर से

पहले भाव में राहु ज़्यादा पैसा, जल्दी पाने की चाह देते हैं; कमाई के साहसी विचार चल सकते हैं, पर पैसा लगाने से पहले हर योजना और हर वादे की जाँच करें।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

छठे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन में खटपट लाते हैं: किसी रिश्तेदार से विवाद, परिवार के भीतर पैसे का दावा, या किसी बड़े की सेहत जिसके लिए आपको समय देना पड़े। ननिहाल के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं — मदद के लिए भी और मतभेद के लिए भी। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए क़र्ज़ न लें, बड़ों की नियमित जाँच करवाते रहें, और विवाद अदालत के बजाय बातचीत से सुलझाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है।

31 अक्टूबर से

आठवें भाव में गुरु घर-परिवार के लिए परीक्षा का समय है: अचानक ख़र्च, किसी बड़े की सेहत, या ससुराल या विरासत से जुड़ा कोई मामला आपका समय ले सकता है। पुश्तैनी प्रॉपर्टी के पुराने विवाद फिर उठ सकते हैं। आपात स्थिति के लिए पैसा अलग रखें, बीमा और प्रॉपर्टी के काग़ज़ ठीक कर लें, और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

पूरे साल

तीसरा भाव शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ निभाने की ताक़त मिलती है, और कोई भाई या बहन आपके साथ खड़ा रहता है। भाई-बहनों या चचेरे-ममेरे रिश्तों को सुधारने की कोशिश का फल मिलता है। पारिवारिक योजनाओं में आगे बढ़कर पहल करें — कार्यक्रम का इंतज़ाम, रिश्तेदारों के साथ यात्रा या कोई साझा फ़ैसला — सब अच्छा रहता है। शनि की दृष्टि आपके पाँचवें और नौवें भाव पर भी है: बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।

4 दिसंबर तक

दूसरे भाव में राहु परिवार में ग़लतफ़हमी और बेवजह की बातें बढ़ाते हैं; सुनी-सुनाई बात आगे न बढ़ाएँ और परिवार के पैसे के मामले खुले रखें।

5 दिसंबर से

पहले भाव में राहु घर में बेचैनी और जल्दी भड़कने की आदत देते हैं; बोलने से पहले रुकें और मूड में आकर परिवार के बड़े फ़ैसले न लें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
59जन॰
सबसे कमज़ोर54फ़र॰
54मार्च
61अप्रैल
61मई
सबसे अच्छा77जून
75जुल॰
72अग॰
77सित॰
74अक्टू॰
56नव॰
57दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी के लिए शुभ — शादी और नए व्यापारिक साझेदारों का ख़ास समय।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके आठवें भाव में: छिपे बदलाव, शोध और विरासत के मामले; सेहत और पैसे में सावधानी चाहिए।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपकी चंद्र राशि के ऊपर: बेचैन महत्वाकांक्षा और कुछ उलझन; जल्दबाज़ी में बड़े फ़ैसले न लें। केतु आपके सातवें भाव में: रिश्तों में कुछ दूरी; जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

मकर राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा मकर में हो तो व्यक्ति अनुशासित, व्यावहारिक और महत्वाकांक्षी होता है। मेहनत करते हैं, लंबी योजना बनाते हैं और कम उम्र में ज़िम्मेदारी उठा लेते हैं; प्यार बातों से कम, कर्तव्य से ज़्यादा जताते हैं। कभी रूखे लग सकते हैं और सुरक्षा की चिंता करते हैं। मकर शनि की राशि है, इसलिए सफलता धीरे आती है, पर टिकती है।

प्रतीकमगर
तत्वपृथ्वी
प्रकारचर
स्वामीशनि
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा (दूसरा से चौथा चरण), श्रवण, धनिष्ठा (पहला-दूसरा चरण)
शुभ दिनशनिवार
स्वभाव की बातें
अनुशासितव्यावहारिकमहत्वाकांक्षीमेहनतीकर्तव्यनिष्ठ
ख़ूबियाँ
दूरदर्शीअडिगज़िम्मेदारव्यवस्थित
इन पर ध्यान दें
भावनाएँ कम जताने वालासुरक्षा को लेकर चिंतितज़रूरत से ज़्यादा गंभीरकभी-कभी निराशावादी
करियर
इंजीनियरिंगनिर्माण कार्यउद्योग-धंधेखननप्रशासन
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल शनि का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ शनि का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
मकर का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · कुंभ · स्वामी शनि
ठीक-ठाक

2026 में शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत — और पूरे साल साढ़ेसाती का आख़िरी चरण पैसे को तंग रखता है।

1 जून तक

गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। सोच तेज़ रहती है, फ़ैसले सही निकलते हैं और संतान या पढ़ाई से अच्छी ख़बर की संभावना है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में आते हैं। काम का बोझ बढ़ता है, सेहत को नियम चाहिए, और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में आते हैं। शादी, रिश्ता तय होने और अच्छे व्यापारिक साझेदार मिलने का यह ख़ास समय है।

पूरे सालशनि आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में रहते हैं — यह साढ़ेसाती का आख़िरी चरण है। पैसा तंग रहता है और घर में बोलचाल पर ध्यान चाहिए, पर बोझ हल्का हो रहा है।

करियर67प्रेम65स्वास्थ्य54धन51
कुल59
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर67

काम के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।

1 जून तक

पाँचवें भाव में गुरु समझ को तेज़ करते हैं: काम में आपके फ़ैसले सही निकलते हैं और आपके विचारों पर ध्यान जाता है। परीक्षा, सर्टिफ़िकेशन और परीक्षा से मिलने वाले प्रमोशन के लिए बहुत अच्छा समय; शिक्षक, सलाहकार और रचनात्मक काम वालों के लिए भी। नई नौकरी के लिए आवेदन करने या बड़ों के सामने अपनी योजना रखने का अच्छा समय। काम का पैसा सट्टे से दूर रखें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

छठे भाव में गुरु काम का बोझ बढ़ाते हैं और दफ़्तर में विरोधी सक्रिय रहते हैं। सरकारी काम, सेवा, स्वास्थ्य और क़ानून के क्षेत्र ठीक चलते हैं, और लगातार कोशिश से नौकरी मिल जाती है, पर प्रमोशन धीमे रहते हैं और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। सेहत का नियम बनाए रखें — काम का तनाव शरीर पर दिखता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

31 अक्टूबर से

सातवें भाव में गुरु व्यापार के पक्ष में हैं: नए साझेदार, बड़े ग्राहक और अच्छे सौदे। ग्राहकों से जुड़ा काम, सलाह, बिक्री और व्यापार अच्छा चलता है। अगर साझेदारी या साइड बिज़नेस की सोच रहे हैं, तो यही समय है — शर्तें लिखित में रखें और अच्छी साख वाले साझेदार चुनें। नौकरी वालों को मददगार बॉस या अच्छी टीम से फ़ायदा होता है।

पूरे साल

दूसरे भाव में शनि, साढ़ेसाती का आख़िरी चरण, आमदनी को तंग रखते हैं: बढ़ोतरी कम और पैसा धीरे आता है। काम पर सोच-समझकर बोलें — बड़ों से कड़वी बात सामान्य से ज़्यादा महँगी पड़ती है। सबसे भारी दौर बीत चुका है; अधूरे काम पूरे करें, बोझ लगातार हल्का होता जाएगा।

4 दिसंबर तक

पहले भाव में राहु बेचैन महत्वाकांक्षा लाते हैं — आप ज़्यादा और जल्दी चाहते हैं। टेक, मीडिया और विदेश से जुड़े काम में साहसी क़दम फ़ायदा दे सकते हैं, पर बड़े फ़ैसलों से पहले तथ्य जाँचें और अपने को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएँ।

5 दिसंबर से

बारहवें भाव में राहु ख़र्च बढ़ाते हैं और विदेश की ओर खींचते हैं; विदेश में या विदेशी ग्राहकों के साथ काम अच्छा, पर नुक़सान से बचें। छठे भाव में केतु विरोधियों पर जीत और अटके काम निपटाने में मदद करते हैं।

सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम65

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

पाँचवें भाव में गुरु प्रेम के लिए सबसे अच्छे समयों में से एक है: भावनाएँ सच्ची होती हैं, और अभी शुरू हुए रिश्ते के शादी तक पहुँचने की अच्छी संभावना है। अविवाहित लोग नए लोगों से मिलने के लिए हाँ कहें; जो पहले से प्रेम में हैं वे अभी घरवालों से बात कर सकते हैं, क्योंकि प्रेम विवाह को आशीर्वाद मिलने की संभावना ज़्यादा है। शादीशुदा जोड़ों में फिर से नज़दीकी लौटती है, और कई लोग संतान की योजना बनाते हैं। रिश्ते में ईमानदारी रखें — न खेल, न छिपाव। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

छठे भाव में गुरु प्रेम में खटपट लाते हैं: छोटी बहसें बड़ी हो जाती हैं, काम का दबाव समय कम छोड़ता है, और किसी एक की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। रिश्ते की बात माँगों, परिवारों के मतभेद या किसी तीसरे की दख़ल से अटक सकती है, इसलिए बातें सीधी और साफ़ रखें। शादीशुदा जोड़े मतभेद रिश्तेदारों के ज़रिए नहीं, आपस में शांति से सुलझाएँ। इस समय एक-दूसरे की देखभाल और धैर्य ही रिश्ते को मज़बूत रखते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

31 अक्टूबर से

सातवें भाव में गुरु शास्त्रों में शादी का सबसे जाना-माना समय है: अच्छे रिश्ते आते हैं, बातचीत आसानी से आगे बढ़ती है और परिवार जल्दी मान जाते हैं। अगर रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो यही समय परिवारों से मिलने, रिश्ता पक्का करने और तारीख़ तय करने का है। लंबे समय से साथ चल रहे जोड़े अपने रिश्ते को नाम दे सकते हैं। शादीशुदा लोगों को एक-दूसरे से ज़्यादा साथ और सम्मान मिलता है, और खटास वाले रिश्ते को सुधरने का सच्चा मौक़ा मिलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

पूरे साल

दूसरे भाव में शनि, साढ़ेसाती का आख़िरी चरण, परिवार के मेल की परीक्षा लेते हैं: घर में कड़वी बातें, पैसे की चिंता, और रिश्ते पर देर से राज़ी होने वाले बड़े। रिश्ते की बात चलती रहती है, पर फ़ैसलों में देर लगती है और परिवार की शर्तें सख़्त हो सकती हैं। शादीशुदा जोड़े परिवार के पैसे के मामले साफ़ रखें और एक-दूसरे के रिश्तेदारों पर तीखी टिप्पणी से बचें। सबसे भारी दौर बीत चुका है — अभी का धैर्य आगे का रास्ता साफ़ करता है।

4 दिसंबर तक

पहले भाव में राहु बेचैनी और ध्यान खींचने की चाह बढ़ाते हैं; नए आकर्षण जल्दी आते हैं, इसलिए पक्का करने से पहले व्यक्ति को जानने में समय लें। सातवें भाव में केतु साथी से मन हटा सकते हैं; दूरी को जल्दी पहचानें और फिर से जुड़ने के लिए समय निकालें।

5 दिसंबर से

बारहवें भाव में राहु दूर रहने वाले किसी व्यक्ति या छिपे रिश्ते की ओर आकर्षण लाते हैं; छिपाव फ़ायदे से ज़्यादा नुक़सान करता है, इसलिए खुलापन रखें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य54

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

पाँचवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: मन साफ़ रहता है, चिंता घटती है और पाचन ठीक होता है, क्योंकि पाँचवाँ भाव मन के साथ पेट का भी है। नई दिनचर्या शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है — योग, सुबह की सैर, खान-पान की योजना — क्योंकि अभी शुरू की गई आदतें टिकती हैं। यह समय गर्भावस्था और बच्चों की सेहत के लिए भी अनुकूल है; दोनों में डॉक्टर से नियमित जाँच फिर भी ज़रूरी है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

छठे भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थितियों में से एक है: गुरु से जुड़ी तकलीफ़ें — वज़न, शुगर, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन — बढ़ने लगती हैं, और पहले टाली गई कोई परेशानी अब ध्यान माँग सकती है। अच्छी बात यह है कि इलाज असर करता है: सही डॉक्टर मिलते हैं और इलाज पूरा होता है। शुगर, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराएँ, दवाएँ डॉक्टर के कहे अनुसार लें, और तला और मीठा कम करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

31 अक्टूबर से

सातवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: ताक़त बनी रहती है, छोटी-मोटी बीमारियाँ जल्दी निकल जाती हैं और थकाने वाले हफ़्ते के बाद आप जल्दी सँभल जाते हैं। जीवनसाथी अक्सर आपको अच्छी आदतों की ओर ले जाते हैं — साथ में सैर करें, साथ में खाएँ, समय पर सोएँ। जीवनसाथी की अपनी सेहत भी आम तौर पर अच्छी रहती है; अगर आप दोनों में से किसी ने जाँच टाल रखी है, तो इसी समय साथ जाकर करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

पूरे साल

दूसरे भाव में शनि, साढ़ेसाती का आख़िरी चरण, खान-पान और चेहरे पर असर दिखाते हैं: खाना देर से या अनियमित होता है, और दाँत, मसूड़ों, गले और आँखों को देखभाल चाहिए। चरम चरण का भारीपन उतरने लगता है, पर धीरे-धीरे। खाने का समय तय करें, बासी, तला और बहुत ठंडा खाना कम करें, और दाँत व आँखों की जाँच करा लें; तय समय पर परिवार के साथ खाना किसी भी डाइट से ज़्यादा मदद करता है। शनि की दृष्टि आपके आठवें भाव पर भी है: पुरानी बीमारियों पर नज़र रखें, और सड़क पर सावधानी ज़्यादा ज़रूरी है।

4 दिसंबर तक

पहले भाव में राहु बेचैनी और घबराहट लाते हैं, और कभी ऐसे लक्षण जिन्हें समझना मुश्किल हो; इंटरनेट पर लक्षण खोजने या ख़ुद दवा लेने की बजाय योग्य डॉक्टर से ठीक से जाँच कराएँ, और दिनचर्या शांत रखें।

5 दिसंबर से

बारहवें भाव में राहु नींद बिगाड़ते हैं और देर रात, स्क्रीन या नशे की आदतों की ओर खींच सकते हैं; सोने का समय बचाएँ और सेहत के ख़र्च के लिए पैसा अलग रखें। छठे भाव में केतु पुरानी तकलीफ़ें कम करने और इलाज को चुपचाप असर दिखाने में मदद करते हैं।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन51

धन के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

पाँचवें भाव में गुरु पैसों की समझ को तेज़ करते हैं: अभी लिए गए निवेश के फ़ैसले आम तौर पर सही निकलते हैं। लंबे समय का निवेश शुरू करने, बच्चों की पढ़ाई की योजना बनाने या अच्छी तरह समझे हुए व्यापारिक विचार में पैसा लगाने का अच्छा समय है। नौकरी वालों को काम के आधार पर बोनस मिल सकता है; व्यापारियों को सोच-समझकर शुरू किए गए नए काम से फ़ायदा होता है। निवेश जाँच-परखकर करें, सुनी-सुनाई टिप पर नहीं — गुरु सोच-समझकर लिए फ़ैसलों का फल देते हैं, जुए का नहीं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

छठे भाव में गुरु क़र्ज़ लेना आसान बनाते हैं — बैंक लोन मंज़ूर कर देते हैं और दोस्त झट से उधार दे देते हैं — पर अभी लिया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। इलाज, मुक़दमे का ख़र्च या दूसरों को दिया उधार बचत को खा सकता है। नौकरी वाले आपातकाल के लिए अलग पैसा रखें; व्यापारी उधार के भरोसे कारोबार न फैलाएँ और बाज़ार में फँसे पैसे पर नज़र रखें। पहले ऊँचे ब्याज वाला क़र्ज़ चुकाएँ, उतना ही उधार दें जितना डूबने पर सह सकें, और स्वास्थ्य बीमा चालू रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

31 अक्टूबर से

सातवें भाव में गुरु दूसरों के ज़रिए पैसा लाते हैं: अच्छा सौदा, फ़ायदेमंद साझेदारी, या जीवनसाथी जिसकी आमदनी या परिवार से घर की कमाई बढ़ती है। व्यापारियों को बड़े ग्राहकों और साफ़ अनुबंधों से लाभ होता है; नौकरी वालों के घर की आमदनी जीवनसाथी के ज़रिए बढ़ सकती है। मिलकर प्रॉपर्टी ख़रीदने या परिवार की निवेश योजना बनाने का अच्छा समय है। साझेदारी कितनी भी दोस्ताना लगे, पैसों की शर्तें लिखित में रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

पूरे साल

दूसरे भाव में शनि, साढ़ेसाती का आख़िरी चरण, धन के लिए सबसे तंग स्थिति है: आमदनी धीरे आती है, परिवार के ख़र्च बढ़ते हैं और बचत बनाना मुश्किल होता है। नौकरी वालों की बढ़ोतरी छोटी रहती है; व्यापारियों का भुगतान धीरे आता है और मुनाफ़ा कम रहता है। टाले जा सकने वाले ख़र्च घटाएँ, छोटी ज़रूरतों के लिए लंबे समय की बचत न तोड़ें, और नया क़र्ज़ न लें — सबसे भारी दौर बीत चुका है और दबाव लगातार घटता जाएगा। शनि की दृष्टि आपके आठवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें; लाभ देर से और सिर्फ़ लगातार मेहनत पर मिलता है, इसलिए पैसा आने से पहले उसे ख़र्च न करें।

4 दिसंबर तक

पहले भाव में राहु ज़्यादा पैसा, जल्दी पाने की चाह देते हैं; कमाई के साहसी विचार चल सकते हैं, पर पैसा लगाने से पहले हर योजना और हर वादे की जाँच करें।

5 दिसंबर से

बारहवें भाव में राहु ख़र्च और छिपे नुक़सान बढ़ाते हैं — यात्रा, विदेश के लेन-देन, ऑनलाइन धोखाधड़ी; ख़र्च पर क़ाबू रखें और भुगतान की हर माँग की जाँच करें। छठे भाव में केतु पुराने क़र्ज़ चुपचाप उतारने में मदद करते हैं।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय धीमा और अंत मज़बूत।

1 जून तक

पाँचवें भाव में गुरु संतान के लिए शुभ हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर से अच्छी ख़बर, बेटे-बेटी की शादी या परिवार में बच्चे का जन्म संभव है, और संतान की आशा रखने वाले दंपती के लिए यह अनुकूल समय है। पारिवारिक मामलों में आपकी समझ सही रहती है और बड़े आपके फ़ैसलों का साथ देते हैं। बच्चों को इत्मीनान से समय दें, और उनका दाख़िला या मुंडन, नामकरण जैसे संस्कार इसी समय में तय करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

छठे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन में खटपट लाते हैं: किसी रिश्तेदार से विवाद, परिवार के भीतर पैसे का दावा, या किसी बड़े की सेहत जिसके लिए आपको समय देना पड़े। ननिहाल के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं — मदद के लिए भी और मतभेद के लिए भी। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए क़र्ज़ न लें, बड़ों की नियमित जाँच करवाते रहें, और विवाद अदालत के बजाय बातचीत से सुलझाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है।

31 अक्टूबर से

सातवें भाव में गुरु घर में मेल-जोल लाते हैं: जीवनसाथी का साथ मज़बूत रहता है, ससुराल से रिश्ते सुधरते हैं, और बड़े परिवार में किसी की शादी की संभावना है। भाई-बहन भी क़रीब आते हैं। पारिवारिक कार्यक्रम रखने, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने और संयुक्त परिवार के मामले आपसी सहमति से सुलझाने का अच्छा समय है।

पूरे साल

दूसरे भाव में शनि, साढ़ेसाती का आख़िरी चरण, परिवार में बोलचाल और पैसे पर असर डालते हैं: एक कड़वी बात रिश्ते को लंबे समय तक चुभती है, और घर का हाथ तंग रहता है। संयुक्त परिवार में पैसे या विरासत को लेकर मतभेद उठ सकते हैं। ख़ासकर पारिवारिक मेल-जोल में नरमी से बोलें, घर का हिसाब साफ़ रखें और रिश्तेदारों को उधार देने से बचें — साढ़ेसाती का सबसे भारी हिस्सा बीत चुका है। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।

4 दिसंबर तक

पहले भाव में राहु घर में बेचैनी और जल्दी भड़कने की आदत देते हैं; बोलने से पहले रुकें और मूड में आकर परिवार के बड़े फ़ैसले न लें।

5 दिसंबर से

बारहवें भाव में राहु घर का ख़र्च बढ़ाते हैं और परिवार के किसी सदस्य को विदेश या दूर ले जा सकते हैं; बजट बनाकर चलें और संपर्क बनाए रखें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

31 अक्टूबर से। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
59जन॰
54फ़र॰
54मार्च
61अप्रैल
61मई
सबसे कमज़ोर45जून
45जुल॰
45अग॰
45सित॰
45अक्टू॰
56नव॰
सबसे अच्छा65दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके छठे भाव में: रोज़ के काम, सेहत और कर्ज़ पर ध्यान चाहिए, और विरोधी सक्रिय रहते हैं।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी के लिए शुभ — शादी और नए व्यापारिक साझेदारों का ख़ास समय।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, विदेश यात्रा और बेचैन नींद; साधना से मदद मिलती है। केतु आपके छठे भाव में: विरोधियों पर जीत और सेहत में अच्छा सुधार।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

कुंभ राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा कुंभ में हो तो व्यक्ति विचारशील, स्वतंत्र और इंसानियत वाला होता है। अलग ढंग से सोचते हैं, समाज और दोस्तों की परवाह करते हैं और व्यावहारिक मदद करना पसंद करते हैं। कभी उदासीन लग सकते हैं और अपनी राय पर अड़ जाते हैं। कुंभ शनि की राशि है, इसलिए विज्ञान, तकनीक, समाज सेवा और बड़ी संस्थाओं में अच्छा करते हैं।

प्रतीकघड़ा लिए व्यक्ति
तत्ववायु
प्रकारस्थिर
स्वामीशनि
नक्षत्रधनिष्ठा (तीसरा-चौथा चरण), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद (पहला से तीसरा चरण)
शुभ दिनशनिवार
स्वभाव की बातें
विचारशीलस्वतंत्रमानवतावादीअलग सोच वालाप्रगतिशील
ख़ूबियाँ
समाज की फ़िक्र करने वालानिष्पक्षतार्किकदोस्तों का सच्चा
इन पर ध्यान दें
उदासीनअपनी राय पर अड़ने वालाकभी-कभी विद्रोहीमन की थाह न देने वाला
करियर
विज्ञानतकनीकसमाज सेवाइंजीनियरिंगसार्वजनिक क्षेत्र
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल शनि का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ शनि का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
कुंभ का आज का राशिफल पढ़ें →
2026 · मीन · स्वामी गुरु
ठीक-ठाक

2026 में शुरुआत धीमी, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा — और पूरे साल साढ़ेसाती का चरम धैर्य माँगता है।

1 जून तक

गुरु आपके चौथे भाव (घर और माता का भाव) में हैं। घर, प्रॉपर्टी और मन की शांति आपका समय माँगते हैं; घर बदलने या मरम्मत की संभावना है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

गुरु आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में आते हैं — यह उनकी सबसे अच्छी जगहों में से एक है। सोच तेज़ रहती है, फ़ैसले सही निकलते हैं और संतान या पढ़ाई से अच्छी ख़बर की संभावना है।

31 अक्टूबर से

गुरु आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में आते हैं। काम का बोझ बढ़ता है, सेहत को नियम चाहिए, और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है।

पूरे सालशनि आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में रहते हैं — यह साढ़ेसाती का चरम है। ज़िम्मेदारियाँ भारी और मदद कम रहती है, पर अभी बनाई आदतें लंबे समय तक साथ देंगी।

करियर58प्रेम63स्वास्थ्य57धन59
कुल59
01

इस साल करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर58

काम के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत मिला-जुला।

1 जून तक

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं, इसलिए कुछ समय काम पीछे लगता है। काम में सुविधा बढ़ती है — बेहतर जगह, वाहन, या घर के पास पोस्टिंग — पर तरक़्क़ी धीमी रहती है। काम के लिए नए शहर जाने की बात आ सकती है; परिवार के साथ बैठकर फ़ैसला करें। प्रॉपर्टी, शिक्षा और घर से होने वाला काम अच्छा चलता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पाँचवें भाव में गुरु समझ को तेज़ करते हैं: काम में आपके फ़ैसले सही निकलते हैं और आपके विचारों पर ध्यान जाता है। परीक्षा, सर्टिफ़िकेशन और परीक्षा से मिलने वाले प्रमोशन के लिए बहुत अच्छा समय; शिक्षक, सलाहकार और रचनात्मक काम वालों के लिए भी। नई नौकरी के लिए आवेदन करने या बड़ों के सामने अपनी योजना रखने का अच्छा समय। काम का पैसा सट्टे से दूर रखें।

31 अक्टूबर से

छठे भाव में गुरु काम का बोझ बढ़ाते हैं और दफ़्तर में विरोधी सक्रिय रहते हैं। सरकारी काम, सेवा, स्वास्थ्य और क़ानून के क्षेत्र ठीक चलते हैं, और लगातार कोशिश से नौकरी मिल जाती है, पर प्रमोशन धीमे रहते हैं और अभी लिया गया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। सेहत का नियम बनाए रखें — काम का तनाव शरीर पर दिखता है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।

पूरे साल

पहले भाव में शनि, साढ़ेसाती के चरम पर, काम को इनाम से ज़्यादा भारी बनाते हैं: ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और नतीजे देर से। अगली नौकरी पक्की किए बिना नौकरी छोड़ने या जोखिम भरा काम शुरू करने का साल नहीं है। यह हुनर, अनुशासन और भरोसेमंद होने की साख बनाने का साल है — जिसका फल शनि के आगे बढ़ने पर मिलता है। शनि की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है: काम का बोझ भारी और पहचान धीमी, और लगातार मेहनत ही रास्ता है।

4 दिसंबर तक

बारहवें भाव में राहु ख़र्च बढ़ाते हैं और विदेश की ओर खींचते हैं; विदेश में या विदेशी ग्राहकों के साथ काम अच्छा, पर नुक़सान से बचें। छठे भाव में केतु विरोधियों पर जीत और अटके काम निपटाने में मदद करते हैं।

5 दिसंबर से

ग्यारहवें भाव में राहु बड़ा लाभ और काम के नए संपर्क देते हैं; आमदनी में उछाल आ सकता है।

सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें

प्रेम63

प्रेम और विवाह के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पाँचवें भाव में गुरु प्रेम के लिए सबसे अच्छे समयों में से एक है: भावनाएँ सच्ची होती हैं, और अभी शुरू हुए रिश्ते के शादी तक पहुँचने की अच्छी संभावना है। अविवाहित लोग नए लोगों से मिलने के लिए हाँ कहें; जो पहले से प्रेम में हैं वे अभी घरवालों से बात कर सकते हैं, क्योंकि प्रेम विवाह को आशीर्वाद मिलने की संभावना ज़्यादा है। शादीशुदा जोड़ों में फिर से नज़दीकी लौटती है, और कई लोग संतान की योजना बनाते हैं। रिश्ते में ईमानदारी रखें — न खेल, न छिपाव। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।

31 अक्टूबर से

छठे भाव में गुरु प्रेम में खटपट लाते हैं: छोटी बहसें बड़ी हो जाती हैं, काम का दबाव समय कम छोड़ता है, और किसी एक की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। रिश्ते की बात माँगों, परिवारों के मतभेद या किसी तीसरे की दख़ल से अटक सकती है, इसलिए बातें सीधी और साफ़ रखें। शादीशुदा जोड़े मतभेद रिश्तेदारों के ज़रिए नहीं, आपस में शांति से सुलझाएँ। इस समय एक-दूसरे की देखभाल और धैर्य ही रिश्ते को मज़बूत रखते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

पूरे साल

पहले भाव में शनि, साढ़ेसाती के चरम पर, आपको गंभीर और थका हुआ रखते हैं, और इसका असर प्रेम पर पड़ता है: आप अपने में सिमट सकते हैं, और दूसरों को आप तक पहुँचना मुश्किल लग सकता है। रिश्ते की बात धीरे चलती है और छोटी शंकाओं पर टूट सकती है, इसलिए हाँ या ना के लिए दबाव डालने के बजाय समय दें। शादीशुदा जोड़े ज़िम्मेदारियों का बोझ महसूस करते हैं — बोझ बाँटें और चुप रहने के बजाय मन की बात कहें। जो रिश्ता इस दौर में टिकता है, वह लंबा चलता है। शनि की दृष्टि आपके सातवें भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।

4 दिसंबर तक

बारहवें भाव में राहु दूर रहने वाले किसी व्यक्ति या छिपे रिश्ते की ओर आकर्षण लाते हैं; छिपाव फ़ायदे से ज़्यादा नुक़सान करता है, इसलिए खुलापन रखें।

5 दिसंबर से

ग्यारहवें भाव में राहु जान-पहचान का दायरा बढ़ाते हैं; नए दोस्त और ऑनलाइन या सामाजिक परिचय सही व्यक्ति तक ले जा सकते हैं। पाँचवें भाव में केतु प्रेम को फीका या दूर-दूर सा बना सकते हैं; छोटे, सच्चे इशारे भावना को ज़िंदा रखते हैं।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। बस 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (शुक्र वक्री) सगाई या शादी की तारीख़ न रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: पुराना प्रेम और पुरानी चोटें लौटती हैं; सगाई या शादी की तारीख़ तय न करें, और पुराना रिश्ता फिर जोड़ने से पहले दो बार सोचें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

स्वास्थ्य57

सेहत के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

चौथे भाव में गुरु घर में सुकून और शांति लाते हैं, जिससे नींद अच्छी होती है और मन ठहरता है। इसका दूसरा पहलू ढीली दिनचर्या है — ज़्यादा बैठना, घर का भारी खाना, कम चलना — और इसका असर छाती और वज़न पर दिखता है। इस समय माँ की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, इसलिए किसी तकलीफ़ का इंतज़ार किए बिना उनकी जाँच करा दें, और अपने दिन में शाम की सैर बनाए रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है; नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पाँचवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: मन साफ़ रहता है, चिंता घटती है और पाचन ठीक होता है, क्योंकि पाँचवाँ भाव मन के साथ पेट का भी है। नई दिनचर्या शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है — योग, सुबह की सैर, खान-पान की योजना — क्योंकि अभी शुरू की गई आदतें टिकती हैं। यह समय गर्भावस्था और बच्चों की सेहत के लिए भी अनुकूल है; दोनों में डॉक्टर से नियमित जाँच फिर भी ज़रूरी है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

31 अक्टूबर से

छठे भाव में गुरु सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थितियों में से एक है: गुरु से जुड़ी तकलीफ़ें — वज़न, शुगर, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन — बढ़ने लगती हैं, और पहले टाली गई कोई परेशानी अब ध्यान माँग सकती है। अच्छी बात यह है कि इलाज असर करता है: सही डॉक्टर मिलते हैं और इलाज पूरा होता है। शुगर, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराएँ, दवाएँ डॉक्टर के कहे अनुसार लें, और तला और मीठा कम करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

पूरे साल

पहले भाव में शनि, साढ़ेसाती के चरम पर, शरीर पर भार डालते हैं: ऐसी थकान जो नींद से भी पूरी नहीं जाती, जोड़ों में जकड़न, कमर और घुटनों का दर्द, और दाँतों की देखभाल की ज़रूरत। मन भी भारी रह सकता है, और यह भारीपन थकान का ही हिस्सा है। धीमी पर पक्की दिनचर्या रखें — रोज़ सैर, हल्का योग, सोना और खाना तय समय पर — और ज़बरदस्ती खींचने की बजाय हड्डियों, ख़ून और दाँतों की जाँच करा लें।

4 दिसंबर तक

बारहवें भाव में राहु नींद बिगाड़ते हैं और देर रात, स्क्रीन या नशे की आदतों की ओर खींच सकते हैं; सोने का समय बचाएँ और सेहत के ख़र्च के लिए पैसा अलग रखें। छठे भाव में केतु पुरानी तकलीफ़ें कम करने और इलाज को चुपचाप असर दिखाने में मदद करते हैं।

5 दिसंबर से

ग्यारहवें भाव में राहु ऊर्जा ऊँची रखते हैं और बीमारी से जल्दी उबारते हैं; बस पार्टियों और मेल-जोल में ज़्यादती पर लगाम रखें।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय किया जाने वाला ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

धन59

धन के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

चौथे भाव में गुरु पैसे को घर की ओर ले जाते हैं: घर ख़रीदना या उसकी मरम्मत, गाड़ी, या माँ की मदद। अपने रहने के लिए प्रॉपर्टी ख़रीदने का ठीक-ठाक समय है, और परिवार की ज़मीन-जायदाद के मामले आगे बढ़ सकते हैं। बाक़ी निवेशों पर रिटर्न सामान्य रहता है, और अभी लिया गया होम लोन हर महीने की आमदनी में आराम से समाना चाहिए। दिखावे के लिए नहीं, ज़रूरत के लिए ख़रीदें, और किसी भी प्रॉपर्टी के काग़ज़ दो बार जाँचें।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पाँचवें भाव में गुरु पैसों की समझ को तेज़ करते हैं: अभी लिए गए निवेश के फ़ैसले आम तौर पर सही निकलते हैं। लंबे समय का निवेश शुरू करने, बच्चों की पढ़ाई की योजना बनाने या अच्छी तरह समझे हुए व्यापारिक विचार में पैसा लगाने का अच्छा समय है। नौकरी वालों को काम के आधार पर बोनस मिल सकता है; व्यापारियों को सोच-समझकर शुरू किए गए नए काम से फ़ायदा होता है। निवेश जाँच-परखकर करें, सुनी-सुनाई टिप पर नहीं — गुरु सोच-समझकर लिए फ़ैसलों का फल देते हैं, जुए का नहीं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।

31 अक्टूबर से

छठे भाव में गुरु क़र्ज़ लेना आसान बनाते हैं — बैंक लोन मंज़ूर कर देते हैं और दोस्त झट से उधार दे देते हैं — पर अभी लिया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। इलाज, मुक़दमे का ख़र्च या दूसरों को दिया उधार बचत को खा सकता है। नौकरी वाले आपातकाल के लिए अलग पैसा रखें; व्यापारी उधार के भरोसे कारोबार न फैलाएँ और बाज़ार में फँसे पैसे पर नज़र रखें। पहले ऊँचे ब्याज वाला क़र्ज़ चुकाएँ, उतना ही उधार दें जितना डूबने पर सह सकें, और स्वास्थ्य बीमा चालू रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।

पूरे साल

पहले भाव में शनि, साढ़ेसाती के चरम पर, पैसे को तंग महसूस कराते हैं: आमदनी बनी रहती है पर धीरे बढ़ती है, और सेहत या परिवार की ज़िम्मेदारियाँ उसका एक हिस्सा ले लेती हैं। नौकरी वाले अगली नौकरी पक्की किए बिना नौकरी न छोड़ें; व्यापारी उम्मीद के भरोसे न कारोबार फैलाएँ, न बड़ा क़र्ज़ लें। सट्टा, ट्रेडिंग और उधार देने से बचें, आपातकाल के लिए पैसा रखें, और छोटी-छोटी नियमित बचत जारी रखें — शनि के आगे बढ़ने तक वह अच्छी रक़म बन जाती है।

4 दिसंबर तक

बारहवें भाव में राहु ख़र्च और छिपे नुक़सान बढ़ाते हैं — यात्रा, विदेश के लेन-देन, ऑनलाइन धोखाधड़ी; ख़र्च पर क़ाबू रखें और भुगतान की हर माँग की जाँच करें। छठे भाव में केतु पुराने क़र्ज़ चुपचाप उतारने में मदद करते हैं।

5 दिसंबर से

ग्यारहवें भाव में राहु अचानक बड़ा लाभ और आमदनी के नए स्रोत देते हैं; इसका आनंद लें, पर इसका अच्छा हिस्सा समय रहते सुरक्षित बचत में डाल दें। पाँचवें भाव में केतु निवेश की समझ को धुँधला करते हैं; उन्हीं सीधे विकल्पों पर टिकें जिन्हें आप समझते हैं।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: आराम, गहनों और शौक़ पर ख़र्च बढ़ता है; गाड़ी या महँगी चीज़ें ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें

घर-परिवार

घर-परिवार के लिए 2026: शुरुआत मिली-जुली, बीच का समय मज़बूत और अंत धीमा।

1 जून तक

चौथे भाव में गुरु घर को साल का मुख्य विषय बनाते हैं: घर ख़रीदना, बनवाना या उसकी मरम्मत, नया वाहन या घर बदलना — सब संभव है। परंपरा इसे अस्थिर स्थिति मानती है, इसलिए इस काम में सोच से ज़्यादा भाग-दौड़, ख़र्च और रिश्तेदारों से खटपट होती है, और माँ की सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है। प्रॉपर्टी की योजना पर आगे बढ़ें, पर हर काग़ज़ जाँचें और बजट से बाहर न जाएँ।

2 जून से 30 अक्टूबर तक

पाँचवें भाव में गुरु संतान के लिए शुभ हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर से अच्छी ख़बर, बेटे-बेटी की शादी या परिवार में बच्चे का जन्म संभव है, और संतान की आशा रखने वाले दंपती के लिए यह अनुकूल समय है। पारिवारिक मामलों में आपकी समझ सही रहती है और बड़े आपके फ़ैसलों का साथ देते हैं। बच्चों को इत्मीनान से समय दें, और उनका दाख़िला या मुंडन, नामकरण जैसे संस्कार इसी समय में तय करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

31 अक्टूबर से

छठे भाव में गुरु पारिवारिक जीवन में खटपट लाते हैं: किसी रिश्तेदार से विवाद, परिवार के भीतर पैसे का दावा, या किसी बड़े की सेहत जिसके लिए आपको समय देना पड़े। ननिहाल के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं — मदद के लिए भी और मतभेद के लिए भी। पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए क़र्ज़ न लें, बड़ों की नियमित जाँच करवाते रहें, और विवाद अदालत के बजाय बातचीत से सुलझाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है।

पूरे साल

पहले भाव में शनि, साढ़ेसाती के चरम पर, घर के माहौल पर भारी पड़ते हैं: परिवार की ज़िम्मेदारी ज़्यादा होती है, थकान रहती है और घर में आप चिड़चिड़े लग सकते हैं। परिवार वाले शायद न समझ पाएँ कि आप किस दौर से गुज़र रहे हैं। बोझ चुपचाप अकेले न उठाएँ, बाँटें; माता-पिता और बच्चों से नरमी से बात करें, और घर ख़रीदने जैसे बड़े फ़ैसले पूरी योजना के बिना न करें।

4 दिसंबर तक

बारहवें भाव में राहु घर का ख़र्च बढ़ाते हैं और परिवार के किसी सदस्य को विदेश या दूर ले जा सकते हैं; बजट बनाकर चलें और संपर्क बनाए रखें।

5 दिसंबर से

ग्यारहवें भाव में राहु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं और बड़े भाई-बहनों व दोस्तों से मदद दिलाते हैं; घर की आमदनी बढ़ सकती है। पाँचवें भाव में केतु बच्चों को अपने में खोया हुआ सा बना सकते हैं; उन्हें इत्मीनान से समय दें और उनकी सुनें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

2 जून से 30 अक्टूबर तक। गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 29 जून से 23 जुलाई तक और 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें।

सावधानी
  • 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

  • 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    शुक्र वक्री: घर की सुख-सुविधा पर ख़र्च योजना से आगे निकल जाता है; वाहन या महँगा घरेलू सामान ख़रीदना टालें

  • 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 12 दिसंबर से

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

02

इस साल के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
48जन॰
सबसे कमज़ोर45फ़र॰
45मार्च
50अप्रैल
50मई
सबसे अच्छा66जून
64जुल॰
61अग॰
66सित॰
63अक्टू॰
45नव॰
50दिस॰
03

2026 की अहम तारीख़ें

गुरु, शनि और राहु का राशि बदलना, वक्री ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 10 मार्च तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 17 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 17 फ़रवरी: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  3. 26 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 26 फ़रवरी से 20 मार्च तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  4. 3 मार्चग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 3 मार्च: आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में। भारत से दिखेगा, सूतक माना जाएगा।

  5. 2 जूनगोचर

    गुरु आपके पाँचवें भाव में: गुरु की सबसे अच्छी जगहों में से एक — सोच तेज़, फ़ैसले सही, और संतान, पढ़ाई व प्रेम पर कृपा।

  6. 29 जूनवक्री

    बुध वक्री 29 जून से 23 जुलाई तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  7. 26 जुल॰वक्री

    शनि वक्री 26 जुलाई से 10 दिसंबर तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  8. 12 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 12 अगस्त: आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  9. 28 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 28 अगस्त: आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में। भारत से नहीं दिखेगा, सूतक नहीं।

  10. 3 अक्टू॰वक्री

    शुक्र वक्री 3 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: पुराने रिश्ते लौट सकते हैं; महँगी ख़रीदारी टालें।

  11. 24 अक्टू॰वक्री

    बुध वक्री 24 अक्टूबर से 13 नवंबर तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  12. 31 अक्टू॰गोचर

    गुरु आपके छठे भाव में: रोज़ के काम, सेहत और कर्ज़ पर ध्यान चाहिए, और विरोधी सक्रिय रहते हैं।

  13. 5 दिस॰गोचर

    राहु आपके ग्यारहवें भाव में: बड़ा लाभ, नई जान-पहचान और मनोकामनाएँ पूरी। केतु आपके पाँचवें भाव में: मन पढ़ाई और अध्यात्म की ओर; संतान पर ध्यान चाहिए।

  14. 12 दिस॰वक्री

    गुरु वक्री 12 दिसंबर से अगले साल तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

04

मीन राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

चंद्रमा मीन में हो तो व्यक्ति दयालु, कल्पनाशील और आध्यात्मिक होता है। दूसरों का दर्द समझते हैं, आसानी से माफ़ कर देते हैं और धर्म, संगीत व कला की ओर खिंचते हैं। कभी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा कर लेते हैं, सपनों में रहते हैं या कड़वे सच से बचते हैं। मीन गुरु की राशि है, इसलिए उपचार, पढ़ाने, कला और सेवा के कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकमछलियाँ
तत्वजल
प्रकारद्विस्वभाव
स्वामीगुरु
नक्षत्रपूर्वा भाद्रपद (चौथा चरण), उत्तरा भाद्रपद, रेवती
शुभ दिनगुरुवार
स्वभाव की बातें
दयालुकल्पनाशीलआध्यात्मिककरुणामयक्षमाशील
ख़ूबियाँ
निःस्वार्थरचनात्मकसौम्यआस्थावान
इन पर ध्यान दें
हद से ज़्यादा भरोसा करने वालाख़यालों में खोयाकड़वे सच से बचने वालाजल्दी बहकावे में आने वाला
करियर
स्वास्थ्य सेवाअध्यापनललित कलासमाज सेवामनोविज्ञान
इनसे अच्छी बनती है
05

इस साल के उपाय

इस साल और आपकी राशि के लिए
उपायइस साल गुरु का मंत्र नियमित जपें, इससे मन शांत और स्थिर रहेगा।
सुझाव2026 में अपनी सेहत को सबसे आगे रखें — रोज़ की अच्छी आदतें ही सफलता की नींव हैं।
पूरा विवरणइस साल रोज़ गुरु का मंत्र 108 बार जप सकें तो मन स्थिर रहेगा और काम में बरकत रहेगी।
मीन का आज का राशिफल पढ़ें →
06

इस साल सभी 12 राशियाँ

तुला सबसे अच्छी, वृश्चिक सबसे कमज़ोर
एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिष विशेषज्ञ 4.9 · 160 सवालों के जवाब दिए

यह साल आपके लिए क्या लाएगा?

ऊपर का फल आपकी चंद्र राशि से है। एस्ट्रो व्यास इसे आपकी अपनी कुंडली से पढ़ते हैं — आपकी दशा-अंतर्दशा, और धीमे ग्रह आपकी कुंडली पर क्या कर रहे हैं।

सवाल पर टैप करें, वही पूछा जाएगा

सिर्फ़ राशि नहीं, आपकी अपनी कुंडली

विस्तार से लिखी रिपोर्ट

मासिक भविष्यवाणी

Monthly Prediction

आपका महीना दिन-ब-दिन, आपकी अपनी कुंडली से: अच्छे दिन, संभलकर चलने वाले दिन, और ज़रूरी कामों की सही तारीख़ें।

25 पन्नेहिंदी · अंग्रेज़ी · हिंग्लिश

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
वार्षिक राशिफल कैसे निकाला जाता है?

धीमे ग्रहों से: गुरु, शनि, राहु और केतु, और साल भर में हर एक आपकी राशि से किस भाव में है। गुरु लगभग साल में एक बार राशि बदलते हैं, इसलिए साल दो-तीन हिस्सों में बँटता है; शनि, राहु और केतु तय करते हैं कि पूरे साल क्या रहेगा।

साढ़ेसाती क्या है?

वे साढ़े सात साल जिनमें शनि आपकी राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव से गुज़रते हैं, हर भाव में लगभग ढाई साल। यह सिर्फ़ परेशानी नहीं, धैर्य और अनुशासन माँगती है। अपनी साढ़ेसाती की तारीख़ें देखें।

अष्टम शनि, कंटक शनि और शनि की ढैय्या क्या हैं?

शनि आपकी राशि से आठवें भाव में हों तो अष्टम शनि, और चौथे में हों तो कंटक शनि। उत्तर भारत में दोनों को शनि की ढैय्या कहते हैं, और कंटक शनि को छोटी पनौती भी। हर एक लगभग ढाई साल चलता है और सेहत, काग़ज़ात और घर में सावधानी माँगता है।

जो ग्रहण भारत में न दिखे, क्या उसका असर होता है?

सूतक सिर्फ़ उसी ग्रहण का माना जाता है जो आपकी जगह से दिखे, इसलिए भारत में न दिखने वाले ग्रहण का सूतक नहीं होता। पर आपकी राशि से वह जिस भाव में पड़ता है, उसका असर राशिफल में गिना जाता है।

क्या यह वर्षफल जैसा ही है?

नहीं। वर्षफल आपकी अपनी जन्म कुंडली से, हर साल आपके जन्मदिन के लिए बनता है; यह आपकी राशि के सभी लोगों का साल है। अपने साल के लिए वार्षिक भविष्यफल रिपोर्ट देखें।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

ज्योतिषी से बात करेंवैदिक ज्योतिष में प्रशिक्षित 24 AI ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिष विशेषज्ञएस्ट्रो प्रेमप्रेम और रिश्तों के विशेषज्ञएस्ट्रो कुबेरधन और निवेश विशेषज्ञएस्ट्रो वैद्यसेहत और तंदुरुस्ती विशेषज्ञचैट करें ₹5/मिनटकॉल करें ₹5/मिनट
आपकी अपनी कुंडली से रिपोर्ट9 विस्तृत रिपोर्ट — जन्म कुंडली, कुंडली मिलान, आने वाला साल और भी।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशसभी रिपोर्ट देखें
मुफ़्त कुंडली बनाएँ
अपने दिन के बारे में पूछेंएस्ट्रो व्यास · ₹5/मिनटपूछें