CosmiqeAI
नई दिल्ली · सोमवार

आज की तिथि
28 सितंबर 2026

कृष्ण द्वितीया रात 7:14 तक, फिर कृष्ण तृतीया। आश्विन मास, कृष्ण पक्ष।

15 में दूसरी तिथिभद्रा तिथिसूर्योदय सुबह 6:13
आज, सूर्योदय पर · सोम 28 सितंबर
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण पक्ष · 15 में दूसरी · आश्विन मास
शुरू
27 सितंबर, रात 8:59
समाप्त
28 सितंबर, रात 7:14
फिर
कृष्ण तृतीया
देवता
ब्रह्मा

भद्रा (कल्याण): यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम

कल की तिथि · मंगल 29 सितंबर
कृष्ण तृतीया
कृष्ण पक्ष · 15 में तीसरी · आश्विन मास
शुरू
28 सितंबर, रात 7:14
समाप्त
29 सितंबर, शाम 5:10
फिर
कृष्ण चतुर्थी
देवता
गौरी

जया (विजय): मुक़दमा, परीक्षा, मुक़ाबला या कोई कठिन बात

आजद्वितीया श्राद्ध
किसी शुभ तिथि पर कुछ शुरू करना है?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से पूछें कि आपकी कुंडली के लिए कौन-सी तिथि और समय ठीक है।

आने वाले व्रत

हर तिथि के शुरू और ख़त्म होने के समय के साथ
संकष्टी चतुर्थीमंगल 29 सितंबरकृष्ण चतुर्थी: 29 सितंबर, शाम 5:10 से 30 सितंबर, दोपहर 2:55 तकचंद्रोदय के समय की चतुर्थी से
इंदिरा एकादशीमंगल 6 अक्टूबरकृष्ण एकादशी: 6 अक्टूबर, रात 2:08 से 7 अक्टूबर, रात 12:35 तकसूर्योदय की तिथि से
गुरु प्रदोष व्रतगुरु 8 अक्टूबरकृष्ण त्रयोदशी: 7 अक्टूबर, रात 11:17 से 8 अक्टूबर, रात 10:16 तकसूर्यास्त (प्रदोष काल) की तिथि से
मासिक शिवरात्रिगुरु 8 अक्टूबरकृष्ण चतुर्दशी: 8 अक्टूबर, रात 10:16 से 9 अक्टूबर, रात 9:36 तकआधी रात (निशीथ) की चतुर्दशी से
आश्विन अमावस्याशनि 10 अक्टूबरअमावस्या: 9 अक्टूबर, रात 9:36 से 10 अक्टूबर, रात 9:20 तकसूर्योदय की तिथि से
विनायक चतुर्थीबुध 14 अक्टूबरशुक्ल चतुर्थी: 13 अक्टूबर, रात 11:28 से 15 अक्टूबर, रात 1:13 तकदोपहर की चतुर्थी से
आश्विन पूर्णिमारवि 25 अक्टूबरस्नान-दान: सोम 26 अक्टूबरपूर्णिमा: 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 तकव्रत शाम की पूर्णिमा से; स्नान-दान सूर्योदय की तिथि से

तिथि कैलेंडर

अगले 30 दिन, सूर्योदय की तिथि से
सोम 28 सितंबरकृष्ण द्वितीयारात 7:14 तक
मंगल 29 सितंबरकृष्ण तृतीयाशाम 5:10 तकसंकष्टी चतुर्थी (शाम 5:10 से)
बुध 30 सितंबरकृष्ण चतुर्थीदोपहर 2:55 तक
गुरु 1 अक्टूबरकृष्ण पंचमीदोपहर 12:35 तक
शुक्र 2 अक्टूबरकृष्ण षष्ठीसुबह 10:15 तक
शनि 3 अक्टूबरकृष्ण सप्तमीसुबह 8:00 तककृष्ण अष्टमी अगले सूर्योदय से पहले ही शुरू होकर ख़त्म (क्षय)
रवि 4 अक्टूबरकृष्ण नवमी5 अक्टूबर, रात 3:54 तक
सोम 5 अक्टूबरकृष्ण दशमी6 अक्टूबर, रात 2:08 तक
मंगल 6 अक्टूबरकृष्ण एकादशी7 अक्टूबर, रात 12:35 तकइंदिरा एकादशी
बुध 7 अक्टूबरकृष्ण द्वादशीरात 11:17 तक
गुरु 8 अक्टूबरकृष्ण त्रयोदशीरात 10:16 तकगुरु प्रदोष व्रतमासिक शिवरात्रि (रात 10:16 से)
शुक्र 9 अक्टूबरकृष्ण चतुर्दशीरात 9:36 तक
शनि 10 अक्टूबरअमावस्यारात 9:20 तकआश्विन अमावस्या
रवि 11 अक्टूबरशुक्ल प्रतिपदारात 9:31 तक
सोम 12 अक्टूबरशुक्ल द्वितीयारात 10:13 तक
मंगल 13 अक्टूबरशुक्ल तृतीयारात 11:28 तक
बुध 14 अक्टूबरशुक्ल चतुर्थी15 अक्टूबर, रात 1:13 तकविनायक चतुर्थी
गुरु 15 अक्टूबरशुक्ल पंचमी16 अक्टूबर, रात 3:25 तक
शुक्र 16 अक्टूबरशुक्ल षष्ठी17 अक्टूबर, सुबह 5:54 तक
शनि 17 अक्टूबरशुक्ल सप्तमी18 अक्टूबर, सुबह 8:28 तक
रवि 18 अक्टूबरशुक्ल सप्तमीसुबह 8:28 तकशुक्ल सप्तमी दूसरे सूर्योदय पर भी (वृद्धि)
सोम 19 अक्टूबरशुक्ल अष्टमीसुबह 10:52 तक
मंगल 20 अक्टूबरशुक्ल नवमीदोपहर 12:50 तक
बुध 21 अक्टूबरशुक्ल दशमीदोपहर 2:12 तक
गुरु 22 अक्टूबरशुक्ल एकादशीदोपहर 2:48 तकपापांकुशा एकादशी
शुक्र 23 अक्टूबरशुक्ल द्वादशीदोपहर 2:36 तकशुक्र प्रदोष व्रत (दोपहर 2:36 से)
शनि 24 अक्टूबरशुक्ल त्रयोदशीदोपहर 1:37 तक
रवि 25 अक्टूबरशुक्ल चतुर्दशीसुबह 11:56 तकआश्विन पूर्णिमा (सुबह 11:56 से)
सोम 26 अक्टूबरपूर्णिमासुबह 9:41 तक
मंगल 27 अक्टूबरकृष्ण प्रतिपदासुबह 7:02 तककृष्ण द्वितीया अगले सूर्योदय से पहले ही शुरू होकर ख़त्म (क्षय)

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; बस उसे पढ़ने वाली घड़ी अलग होती है।

सभी तीस तिथियाँ

उनके वर्ग और देवता के साथ
शुक्ल पक्ष: बढ़ता चंद्रमा
1प्रतिपदानंदा · अग्नि
2द्वितीयाभद्रा · ब्रह्मा
3तृतीयाजया · गौरी
4चतुर्थीरिक्ता · गणेश · विनायक चतुर्थी
5पंचमीपूर्णा · नाग देवता
6षष्ठीनंदा · कार्तिकेय
7सप्तमीभद्रा · सूर्य
8अष्टमीजया · शिव · दुर्गा अष्टमी
9नवमीरिक्ता · दुर्गा
10दशमीपूर्णा · यम
11एकादशीनंदा · विश्वेदेव · एकादशी व्रत
12द्वादशीभद्रा · विष्णु
13त्रयोदशीजया · कामदेव · प्रदोष व्रत
14चतुर्दशीरिक्ता · शिव
15पूर्णिमापूर्णा · चंद्रमा · पूर्णिमा व्रत, सत्यनारायण कथा
कृष्ण पक्ष: घटता चंद्रमा
1प्रतिपदानंदा · अग्नि
2द्वितीयाभद्रा · ब्रह्मा
3तृतीयाजया · गौरी
4चतुर्थीरिक्ता · गणेश · संकष्टी चतुर्थी
5पंचमीपूर्णा · नाग देवता
6षष्ठीनंदा · कार्तिकेय
7सप्तमीभद्रा · सूर्य
8अष्टमीजया · शिव · कालाष्टमी
9नवमीरिक्ता · दुर्गा
10दशमीपूर्णा · यम
11एकादशीनंदा · विश्वेदेव · एकादशी व्रत
12द्वादशीभद्रा · विष्णु
13त्रयोदशीजया · कामदेव · प्रदोष व्रत
14चतुर्दशीरिक्ता · शिव · मासिक शिवरात्रि
15अमावस्यापूर्णा · पितर · पितृ तर्पण और दान

तिथियों के पाँच वर्ग

परंपरा में किसके लिए चुनी जाती है
नंदाआनंदतिथियाँ 1, 6, 11

उत्सव, संगीत और कला, और ऐसे काम जिनमें आनंद चाहिए

भद्राकल्याणतिथियाँ 2, 7, 12

यात्रा, नया घर या वाहन, और टिकाऊ काम

जयाविजयतिथियाँ 3, 8, 13

मुक़दमा, परीक्षा, मुक़ाबला या कोई कठिन बात

रिक्तारिक्ततिथियाँ 4, 9, 14

ख़त्म करने और निपटाने के काम, जैसे क़र्ज़ चुकाना; नई शुरुआत के लिए नहीं

पूर्णापूर्णतिथियाँ 5, 10, 15

हर शुभ काम: पाँचों में सबसे पूर्ण

तिथि क्या है

और यह दिन के बीच में क्यों बदलती है

तिथि वह समय है जिसमें चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकल जाता है। तीस तिथियों का एक चंद्र मास होता है: शुक्ल पक्ष की पंद्रह, जब चंद्रमा बढ़ते हुए पूर्णिमा तक पहुँचता है, और कृष्ण पक्ष की पंद्रह, जब वह घटते हुए अमावस्या तक। चंद्रमा की चाल एक-सी नहीं रहती, इसलिए तिथि लगभग 19 से 26 घंटे तक की होती है और दिन-रात के किसी भी पहर शुरू हो सकती है।

सूर्योदय के समय की तिथि उस दिन का नाम तय करती है: इसे उदया तिथि कहते हैं। इसीलिए शाम को द्वितीया लग जाने पर भी पंचांग उस दिन को प्रतिपदा ही कहता है। कुछ व्रत दूसरे समय से देखे जाते हैं: प्रदोष सूर्यास्त से, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय से, और शिवरात्रि व जन्माष्टमी आधी रात से।

छोटी तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो सकती है। वह किसी सूर्योदय को नहीं छूती और क्षय तिथि कहलाती है। लंबी तिथि दो सूर्योदय पा सकती है, तब वह वृद्धि तिथि होती है और दो दिन उसका नाम लेते हैं। इसीलिए कभी-कभी त्योहार उम्मीद से एक दिन पहले या बाद में पड़ता दिखता है।

आपकी जन्म तिथिआपके जन्म के समय की तिथि। मुफ़्त कुंडली में यह आपके नक्षत्र के साथ दिखती है।
अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

9 सवाल
आज कौन-सी तिथि है?

नई दिल्ली में आज सूर्योदय के समय कृष्ण द्वितीया है। यह 28 सितंबर, रात 7:14 तक है, फिर कृष्ण तृतीया शुरू होगी।

कल की तिथि क्या है?

कल सूर्योदय के समय कृष्ण तृतीया होगी, 29 सितंबर, शाम 5:10 तक।

अगली एकादशी कब है?

इंदिरा एकादशी, मंगलवार 6 अक्टूबर को। एकादशी 6 अक्टूबर, रात 2:08 से 7 अक्टूबर, रात 12:35 तक है; व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी हो, और पारण अगली सुबह होता है।

अगली पूर्णिमा और अमावस्या कब है?

आश्विन अमावस्या शनिवार 10 अक्टूबर को है: तिथि 9 अक्टूबर, रात 9:36 से 10 अक्टूबर, रात 9:20 तक रहेगी। आश्विन पूर्णिमा रविवार 25 अक्टूबर को है: तिथि 25 अक्टूबर, सुबह 11:56 से 26 अक्टूबर, सुबह 9:41 तक रहेगी।

तिथि दिन के बीच में क्यों बदल जाती है?

तिथि घड़ी से नहीं, चंद्रमा से नापी जाती है: जब चंद्रमा सूर्य से 12° और आगे निकल जाता है, तब तिथि बदलती है, चाहे उस समय कोई भी पहर हो। दिन का नाम सूर्योदय वाली तिथि से ही रहता है।

व्रत या त्योहार के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

ज़्यादातर उदया तिथि से, यानी सूर्योदय वाली तिथि से। प्रदोष सूर्यास्त से देखा जाता है, संकष्टी चतुर्थी चंद्रोदय से, विनायक चतुर्थी दोपहर से, और शिवरात्रि व जन्माष्टमी आधी रात से।

क्षय तिथि और वृद्धि तिथि क्या होती है?

क्षय तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है, इसलिए किसी दिन का नाम उस पर नहीं पड़ता। वृद्धि तिथि दो सूर्योदय पाती है, इसलिए दो दिन उसका नाम लेते हैं।

नया काम शुरू करने के लिए कौन-सी तिथियाँ अच्छी हैं?

परंपरा में नई शुरुआत के लिए पूर्णा (5, 10, 15), नंदा (1, 6, 11) और भद्रा (2, 7, 12) तिथियाँ अच्छी मानी जाती हैं, और रिक्ता (4, 9, 14) तिथियों और अमावस्या को इससे बचाया जाता है। ज़रूरी काम के लिए दिन आपकी अपनी कुंडली से भी देखा जाता है।

मैं अपनी जन्म तिथि कैसे जानूँ?

जन्म तिथि वह तिथि है जो आपके जन्म के समय चल रही थी। अपनी जन्म तारीख़, समय और जगह से मुफ़्त कुंडली बनाएँ, उसमें नक्षत्र के साथ आपकी जन्म तिथि भी दिखती है।

पंचांग पूरे शहर के लिए एक-सा होता है।

आपकी कुंडली नहीं। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 AI ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि जो काम आप करना चाहते हैं उसके लिए इनमें से कौन-सा समय ठीक है। पैसे मिनट के हिसाब से।

ज्योतिषी से बात करेंवैदिक ज्योतिष में प्रशिक्षित 24 AI ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिष विशेषज्ञएस्ट्रो प्रेमप्रेम और रिश्तों के विशेषज्ञएस्ट्रो कुबेरधन और निवेश विशेषज्ञएस्ट्रो वैद्यसेहत और तंदुरुस्ती विशेषज्ञचैट करें ₹5/मिनटकॉल करें ₹5/मिनट
आपकी अपनी कुंडली से रिपोर्ट9 विस्तृत रिपोर्ट — जन्म कुंडली, कुंडली मिलान, आने वाला साल और भी।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशसभी रिपोर्ट देखें
तिथि के बारे में पूछेंएस्ट्रो मुहूर्त · ₹5/मिनटपूछें