अंक ज्योतिष · लो शू · 7 ग़ायब
7 ग़ायब होने का अर्थ है कि आपकी जन्म तिथि में 7 नहीं है, और न मूलांक (जन्म का दिन, जोड़कर एक अंक) 7 है, न भाग्यांक (पूरी तारीख़, जोड़कर)। वर्ग में इसका खाना संतान और रचनात्मकता का है, और इसके ग्रह केतु हैं। यह बढ़ाने वाली ऊर्जा है, कोई कमी नहीं।
जन्म 15 जनवरी 1990। धूसर, धारीदार खाने ग़ायब अंक हैं: 2, 3, 4, 7।
आपके ग्रिड में 7 नहीं है, यानी केतु के अंक की भीतर झाँकने वाली ऊर्जा को बढ़ाना है। आपका ध्यान व्यावहारिक और भौतिक चीज़ों पर ज़्यादा रह सकता है, और अनुभव से मिली सीख को मन में बैठने में दूसरा मौक़ा लग सकता है। शांति से सोचने का समय, गहरे विषयों पर पढ़ना और थोड़ा ध्यान इस पक्ष को बढ़ाते हैं।
हर ग्रिड में हर अंक तीन तरह से पढ़ा जाता है: ग़ायब, एक बार, या एक से ज़्यादा बार। अपना ग्रिड बनाएँ और देखें कि आपके कौन-से अंक ग़ायब हैं और कौन-से दोहराए गए हैं।
1950 से 2025 तक की हर जन्म तिथि पर गिना गया, ठीक कैलकुलेटर के तरीक़े से
1950 से 1999 की जन्म तिथियों में से 48.9% में 7 ग़ायब है; 2000 से 2025 में 62.8%।
इसके साथ सबसे ज़्यादा ग़ायब: 4 (ऐसी 55% तारीख़ों में) और 8 (ऐसी 52% तारीख़ों में)।
अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख़ को हुआ है, तो 7 कभी ग़ायब नहीं होता, क्योंकि तब आपका मूलांक 7 है और मूलांक ग्रिड में जाता है। भाग्यांक 7 हो तब भी यही बात है।
7 आठ में से 2 रेखाओं पर है, और रेखा तभी पूरी होती है जब उसके तीनों अंक हों
भावनाएँ मन में बंद रह सकती हैं, और अपने मन की आवाज़ पर भरोसा आसानी से न हो। अपने साथ शांत समय और संगीत, चित्रकारी या लिखने जैसा कोई रचनात्मक काम इस रेखा को खोलते हैं।
काम शुरू करने से पहले आप बहुत सोच सकते हैं, या ग़लती के डर से काम टाल सकते हैं। समय-सीमा तय करना, काम को छोटे हिस्सों में बाँटना और जल्दी फ़ैसले लेने का अभ्यास इस रेखा को जगाते हैं।
तारीख़ के अंक, शून्य छोड़कर, और साथ में मूलांक और भाग्यांक
1950 से 2025 की 84% जन्म तिथियों में तीन से पाँच अंक ग़ायब हैं, और एक भी तारीख़ नौ के नौ खाने नहीं भरती: ग़ायब अंक आम बात है, कोई दोष नहीं।
ग्रिड पूरा पढ़ा जाता है: जो ग़ायब है, वह उसके साथ पढ़ा जाता है जो ज़्यादा है
सूर्य का अंक एक से ज़्यादा बार हो तो इच्छाशक्ति बहुत पक्की होती है और आगे बढ़कर अगुवाई करना स्वभाव में होता है। ध्यान न दें तो यही ताक़त अहंकार, सब कुछ अपने हाथ में रखने की आदत या दूसरों की बात काटने में बदल सकती है। दोनों साथ पढ़ें: ग़ायब 7 वह गुण है जिसे बढ़ाना है, और दोहराया 1 वह जिसे संतुलन में रखना है।
चंद्र का अंक एक से ज़्यादा बार हो तो आप बहुत संवेदनशील होते हैं; लोगों के बोलने से पहले ही उनका मन पढ़ लेते हैं। इसी वजह से जल्दी बुरा लगना, बातों को दिल पर ले लेना और मूड का बदलते रहना भी हो सकता है। दोनों साथ पढ़ें: ग़ायब 7 वह गुण है जिसे बढ़ाना है, और दोहराया 2 वह जिसे संतुलन में रखना है।
7, केतु का अंक है। मंगलवार को इनका मंत्र जपना और उसी दिन कंबल और तिल का दान करना, ग़ायब 7 की ऊर्जा बढ़ाने का पारंपरिक तरीक़ा है। यह एक सुझाव है: अपनी श्रद्धा के अनुसार करें।
कंबल और तिल
भगवान गणेश
भारत में कई अंक ज्योतिषी ऐसा मोबाइल, गाड़ी या मकान नंबर भी सुझाते हैं जिसमें 7 हो। इससे ग्रिड नहीं बदलता, जो जन्म तिथि से बनता है, पर यह आम चलन है; मोबाइल नंबर किसी नंबर की जाँच करता है। रत्न के लिए पूरी कुंडली चाहिए, इसलिए यहाँ कोई रत्न नहीं सुझाया गया।
ग़ायब अंक एक हल्का संकेत है। ज्योतिष में आपकी कुंडली में केतु कितने बलवान हैं, यह कहीं ज़्यादा बताता है: वे किस राशि और भाव में हैं, और कौन-सी दशा चल रही है; मुफ़्त कुंडली दिखाती है कि आपकी कुंडली में केतु कहाँ हैं।
केतु के बारे में और: केतु ग्रह · केतु के उपाय।
गहराई और आत्मचिंतन बढ़ाने की बारी: 7 केतु का अंक है, और जिस जन्म तिथि में यह न हो वह यह गुण अपने आप नहीं देती, इसलिए इसे मेहनत और उपाय से बनाया जाता है। रोज़मर्रा में यह कैसा दिखता है, ऊपर लिखा है।
7 के स्वामी केतु हैं: मंगलवार को ॐ केतवे नमः 108 बार जपें और उसी दिन कंबल और तिल का दान करें, अपनी श्रद्धा के अनुसार। 7 वाला मोबाइल या गाड़ी नंबर भी आम चलन है।
1950 से 2025 की 53.7% जन्म तिथियों में 7 ग़ायब है: 1950 से 1999 की 48.9% में और 2000 से 2025 की 62.8% में।
भावना की रेखा और कर्म की रेखा: हर एक को पूरा होने के लिए 7 चाहिए।
नहीं। मूलांक और भाग्यांक दोनों ग्रिड में जोड़े जाते हैं, इसलिए मूलांक या भाग्यांक 7 हो तो ग्रिड में 7 ज़रूर होता है।
जन्म तिथि भरें, और कैलकुलेटर आपका लो शू ग्रिड बना देता है: कौन-से अंक ग़ायब हैं, कौन-से दोहराए गए हैं, कौन-सी रेखाएँ पूरी हैं और हर ग़ायब अंक का उपाय।
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