
राजयोग रिपोर्ट
Rajyog Reportआपकी कुंडली में सभी 47 योग जाँचे गए — कौन-से आपके पास हैं, और कब फल देंगे।
25 पन्नेहिंदी · अंग्रेज़ी · हिंग्लिश
कुंडली में योग
योगकारक जन्म कुंडली का एक राजयोग है। 1960 से 1999 की 8,349 असली जन्म कुंडलियों में से 50.1% में यह बना, आधी से ज़्यादा कुंडलियों में।
योगकारक वाली एक असली कुंडली
राजयोग
एक ही ग्रह केंद्र भाव (चौथे, सातवें या दसवें — प्रथम भाव शामिल नहीं, क्योंकि उसका स्वामी हर लग्न में होता ही है) और त्रिकोण भाव (पांचवें या नवें — यहाँ भी प्रथम भाव शामिल नहीं) दोनों का स्वामी हो।
स्रोत: BPHS।
यह भंग नहीं होता, केवल तब कमज़ोर पड़ता है जब वह ग्रह नीच राशि में हो या त्रिक भाव (6/8/12) में बैठा हो।
योग अपना फल ज़्यादातर उन ग्रहों की दशा में देता है जो इसे बनाते हैं। विंशोत्तरी दशा
इंजन को असली जन्म कुंडलियों पर चलाकर गिना गया: 1960 से 1999 तक, हर हफ़्ते चार, चार शहरों में
5 जनवरी 1985, 11:00, मुंबई: कुंभ लग्न
यहाँ कैसे बनता है: शुक्र एक केंद्र और एक त्रिकोण, दोनों के स्वामी हैं (चतुर्थ और नवम भाव), जो कुंभ में बैठे हैं
इस कुंडली के लिए कुंडली रिपोर्ट क्या पढ़ती है: शुक्र आपकी कुंडली में एक केंद्र और एक त्रिकोण भाव, दोनों के स्वामी हैं। इसलिए एक ही ग्रह कर्म और भाग्य, दोनों से जुड़ा है। शास्त्रीय ग्रंथ इसे किन्हीं भी दो भाव-स्वामियों के संबंध से अधिक महत्व देते हैं। इसकी दशाओं में जीवन आगे बढ़ता है।
| ग्रह | राशि | भाव |
|---|---|---|
| सूर्य | धनु | ग्यारहवें |
| चंद्र | वृषभ | चौथे |
| मंगल | कुंभ | पहले |
| बुध | वृश्चिक | दसवें |
| गुरु | धनु | ग्यारहवें |
| शुक्र | कुंभ | पहले |
| शनि | वृश्चिक | दसवें |
| राहु | वृषभ | चौथे |
| केतु | वृश्चिक | दसवें |
26 जुलाई 1985, 05:00, लखनऊ, कर्क लग्न: मंगल एक केंद्र और एक त्रिकोण, दोनों के स्वामी हैं (पंचम और दशम भाव), जो कर्क में बैठे हैं। यहाँ यह मध्यम बनता है, जबकि ऊपर की कुंडली में बलवान।
| ग्रह | राशि | भाव |
|---|---|---|
| सूर्य | कर्क | पहले |
| चंद्र | तुला | चौथे |
| मंगल | कर्क | पहले |
| बुध | सिंह | दूसरे |
| गुरु | मकर | सातवें |
| शुक्र | वृषभ | ग्यारहवें |
| शनि | तुला | चौथे |
| राहु | मेष | दसवें |
| केतु | तुला | चौथे |
अपनी कुंडली के लिए पढ़ें

आपकी कुंडली में सभी 47 योग जाँचे गए — कौन-से आपके पास हैं, और कब फल देंगे।
25 पन्नेहिंदी · अंग्रेज़ी · हिंग्लिश

आपकी पूरी कुंडली का फल: हर ग्रह, हर भाव और हर योग, दशाएँ तारीख़ों के साथ, और आपके लिए उपाय।
46 पन्नेहिंदी · अंग्रेज़ी · हिंग्लिश
राजयोग, जो तब बनता है जब एक ही ग्रह केंद्र भाव (चौथे, सातवें या दसवें — प्रथम भाव शामिल नहीं, क्योंकि उसका स्वामी हर लग्न में होता ही है) और त्रिकोण भाव (पांचवें या नवें — यहाँ भी प्रथम भाव शामिल नहीं) दोनों का स्वामी हो; पूरा नियम ऊपर है।
1960 से 1999 की 8,349 असली जन्म कुंडलियों में से 50.1% में यह बना।
BPHS।
इंजन की जाँच में: यह भंग नहीं होता, केवल तब कमज़ोर पड़ता है जब वह ग्रह नीच राशि में हो या त्रिक भाव (6/8/12) में बैठा हो; बाक़ी ऊपर के हिस्से में है।
मुफ़्त कुंडली इस पेज के हर योग को आपकी जन्म कुंडली पर जाँचती है और बताती है कौन-से बनते हैं और कितने बलवान।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

