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जन्म तिथि से रत्न
आपकी कुंडली से आपका रत्न

पूरी कुंडली से पढ़ा गया: आपका लग्न, कौन-से ग्रह उसके लिए शुभ हैं, हर ग्रह कितना बलवान है और कौन-सी दशा चल रही है। रत्न क्यों चुना, कैसे पहनें, और इस कुंडली को कौन-से रत्न नहीं पहनने चाहिए, सब बताता है।

क्या मिलेगा
  • आपकी कुंडली का रत्न, और वह किस ग्रह को बल देता है
  • पहनने की विधि: उंगली, धातु, दिन, वज़न और मंत्र
  • उपरत्न, अगर मुख्य रत्न न पहन सकें
  • इस कुंडली के लिए वर्जित रत्न, हर एक का कारण
पूरी कुंडली सेयही रत्न क्योंपहनने की विधिकिससे बचें
जन्म तिथि
सोमंबुगुशुशर
जन्म का समयआधे घंटे में भी लग्न बदल सकता है।
:
हम दोपहर 12 बजे का समय मानेंगे। चंद्र राशि लगभग पक्की रहेगी, और अक्सर नक्षत्र भी। लग्न, भाव और उन पर टिकी बातें पक्की नहीं रहेंगी, क्योंकि लग्न लगभग हर दो घंटे में राशि बदलता है, और दशा की तारीख़ें भी खिसक सकती हैं।
सूची में से चुनें — इससे टाइमज़ोन और अक्षांश-देशांतर भी सही लगते हैं।

उदाहरण22 नवंबर 1988, सुबह 10:30 · मुंबई, भारतअपना जन्म विवरण भरें

आपकी कुंडली का रत्न

माणिक्य

सूर्य को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

मोती

चंद्र को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

मूंगा

मंगल को बल देता है

मंगल, धनु लग्न के लिए शुभ फल देने वाला ग्रह है जो आपकी कुंडली में कमज़ोर है, इसलिए इसका रत्न उसे बल देता है।

आपकी कुंडली का रत्न

पन्ना

बुध को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

पुखराज

गुरु को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

हीरा

शुक्र को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

नीलम

शनि को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

गोमेद

राहु को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

लहसुनिया

केतु को बल देता है

आपकी कुंडली का रत्न

कोई रत्न नहीं

इस कुंडली में किसी रत्न की ज़रूरत नहीं दिखती। यह भी एक जवाब है: रत्न उस ग्रह के लिए होता है जो आपके लग्न के लिए शुभ हो और जिसे बल चाहिए, और यहाँ ऐसा नहीं है। लग्नेश का मंत्र और दान ज़्यादा सहज तरीक़ा है।

साथ में सहायकमाणिक्यसूर्य को बल देता है

सूर्य, धनु लग्न के लिए शुभ फल देने वाला ग्रह है जो आपकी कुंडली में कमज़ोर है, इसलिए इसका रत्न उसे बल देता है।

साथ में सहायकमोतीचंद्र को बल देता है

साथ में सहायकमूंगामंगल को बल देता है

साथ में सहायकपन्नाबुध को बल देता है

साथ में सहायकपुखराजगुरु को बल देता है

साथ में सहायकहीराशुक्र को बल देता है

साथ में सहायकनीलमशनि को बल देता है

साथ में सहायकगोमेदराहु को बल देता है

साथ में सहायकलहसुनियाकेतु को बल देता है

पहनने की विधि

माणिक्य के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीअनामिका (अंगूठी वाली उंगली)
धातुसोना
दिनरविवार
समयशुक्ल पक्ष में सुबह
वज़न3-5 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ सूर्याय नमःOm Suryaya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर माणिक्य न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न रक्त गार्नेट है। धातु: सोना या तांबा।

इनके साथ न पहनें
हीरानीलमगोमेदलहसुनिया

इनके ग्रह सूर्य के विरोधी हैं।

मोती के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीसबसे छोटी उंगली
धातुचांदी
दिनसोमवार
समयशुक्ल पक्ष में शाम को
वज़न4-6 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ सोमाय नमःOm Somaya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर मोती न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न चंद्रकांत मणि है। धातु: चांदी।

इनके साथ न पहनें
पन्नाहीरानीलमगोमेदलहसुनिया

इनके ग्रह चंद्र के विरोधी हैं।

मूंगा के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीअनामिका (अंगूठी वाली उंगली)
धातुसोना या तांबा
दिनमंगलवार
समयशुक्ल पक्ष में सुबह
वज़न5-7 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ मंगलाय नमःOm Mangalaya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर मूंगा न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न कार्नेलियन है। धातु: तांबा।

इनके साथ न पहनें
पन्नानीलमगोमेदलहसुनिया

इनके ग्रह मंगल के विरोधी हैं।

पन्ना के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीसबसे छोटी उंगली
धातुसोना
दिनबुधवार
समयशुक्ल पक्ष में सुबह
वज़न3-5 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ बुधाय नमःOm Budhaya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर पन्ना न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न हरा टूमलाइन है। धातु: सोना।

इनके साथ न पहनें
मूंगामोती

इनके ग्रह बुध के विरोधी हैं।

पुखराज के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीतर्जनी (अंगूठे के पास वाली उंगली)
धातुसोना
दिनगुरुवार
समयशुक्ल पक्ष में सुबह
वज़न3-5 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ गुरवे नमःOm Gurave Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर पुखराज न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न सुनैला है। धातु: सोना।

इनके साथ न पहनें
हीरा

इनके ग्रह गुरु के विरोधी हैं।

हीरा के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीबीच वाली उंगली
धातुप्लैटिनम या सफ़ेद सोना
दिनशुक्रवार
समयशुक्ल पक्ष में सुबह
वज़न0.5-1 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ शुक्राय नमःOm Shukraya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर हीरा न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न सफ़ेद पुखराज है। धातु: चाँदी या सफ़ेद सोना।

इनके साथ न पहनें
माणिक्यमोतीपुखराज

इनके ग्रह शुक्र के विरोधी हैं।

नीलम के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीबीच वाली उंगली
धातुचांदी, लोहा या पंचधातु
दिनशनिवार
समयशुक्ल पक्ष में शाम को
वज़न3-5 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ शं शनैश्चराय नमःOm Sham Shanaishcharaya Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर नीलम न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न कटैला है। धातु: चांदी।

इनके साथ न पहनें
माणिक्यमूंगामोती

इनके ग्रह शनि के विरोधी हैं।

गोमेद के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीबीच वाली उंगली
धातुचांदी या अष्टधातु
दिनशनिवार
समयकृष्ण पक्ष में शाम को
वज़न5-7 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ राहवे नमःOm Rahave Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर गोमेद न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न ज़रकन है। धातु: चांदी।

इनके साथ न पहनें
माणिक्यमोतीमूंगा

इनके ग्रह राहु के विरोधी हैं।

लहसुनिया के पारंपरिक नियम:

दायाँ हाथ
उंगलीबीच वाली उंगली
धातुचांदी या सोना
दिनमंगलवार
समयकृष्ण पक्ष में शाम को
वज़न3-5 कैरेट
धारण से पहले मंत्रॐ केतवे नमःOm Ketave Namah

108 बार जपें, फिर धारण करें।

उपरत्न

अगर लहसुनिया न पहन सकें, तो उसी ग्रह का उपरत्न टाइगर आई है। धातु: चांदी।

इनके साथ न पहनें
माणिक्यमोतीमूंगा

इनके ग्रह केतु के विरोधी हैं।

इस कुंडली के लिए नहीं

पहनने वाले रत्न जितना ही ज़रूरी: ये उस ग्रह को बल देंगे जो आपके लग्न के ख़िलाफ़ काम करता है।

माणिक्य

मोती

मूंगा

पन्ना

पुखराज

हीरा

शुक्र, धनु लग्न में अपने भाव-स्वामित्व के कारण अशुभ फल देने वाला ग्रह है — इसका रत्न उसके भावों को ही बल देगा।

नीलम

शनि, धनु लग्न में अपने भाव-स्वामित्व के कारण अशुभ फल देने वाला ग्रह है — इसका रत्न उसके भावों को ही बल देगा।

गोमेद

लहसुनिया

इस कुंडली में कोई रत्न वर्जित नहीं।

नवरत्न

नौ ग्रहों के नौ रत्न, उनके उपरत्न के साथ। आपके रत्न चिह्नित हैं।

माणिक्यसूर्यउपरत्न: रक्त गार्नेटसहायककौन पहन सकता है
मोतीचंद्रउपरत्न: चंद्रकांत मणिकौन पहन सकता है
मूंगामंगलउपरत्न: कार्नेलियनआपकाकौन पहन सकता है
पन्नाबुधउपरत्न: हरा टूमलाइनकौन पहन सकता है
पुखराजगुरुउपरत्न: सुनैलाकौन पहन सकता है
हीराशुक्रउपरत्न: सफ़ेद पुखराजवर्जितकौन पहन सकता है
नीलमशनिउपरत्न: कटैलावर्जितकौन पहन सकता है
गोमेदराहुउपरत्न: ज़रकनकौन पहन सकता है
लहसुनियाकेतुउपरत्न: टाइगर आईकौन पहन सकता है

राशि के अनुसार रत्न (परंपरा)

हर राशि के स्वामी का पारंपरिक रत्न, आपकी चंद्र राशि और लग्न चिह्नित। यह परंपरा है, आपकी गणना नहीं: ऊपर का रत्न पूरी कुंडली से पढ़ा गया है और अक्सर अलग होता है।

मेषमूंगाचंद्र
वृषभहीरा
मिथुनपन्ना
कर्कमोती
सिंहमाणिक्य
कन्यापन्ना
तुलाहीरा
वृश्चिकमूंगा
धनुपुखराजलग्न
मकरनीलम
कुंभनीलम
मीनपुखराज

ख़रीदने से पहले

असली और बिना ट्रीटमेंट

लैब सर्टिफ़िकेट के साथ असली रत्न लें। गर्म किया, रंगा या काँच भरा रत्न ज्योतिष में नहीं पहना जाता।

नीलम और गोमेद पहले आज़माएँ

नीलम और गोमेद जल्दी असर करते हैं। जड़वाने से पहले तीन दिन पास रखें; नींद, सेहत या काम बिगड़े तो न पहनें।

त्वचा को छूता हुआ

रत्न ऐसे जड़वाएँ कि त्वचा को छुए, बताई धातु में, और बताए दिन और समय पर, मंत्र के बाद पहनें।

दो रत्न साथ हों तो पूछें

कुछ रत्न साथ नहीं पहने जाते। दूसरा रत्न भी बताया गया हो, तो ज्योतिषी से अपनी कुंडली के लिए जोड़ी की पुष्टि करा लें।

विस्तार से

रत्न

रत्न कैसे चुना जाता है

  1. 1
    लग्न से शुरुआत

    हर ग्रह, अपने भाव-स्वामित्व से, आपके लग्न के लिए शुभ या अशुभ होता है। रत्न सिर्फ़ उस ग्रह का दिया जाता है जो आपके लग्न के लिए शुभ हो।

  2. 2
    बल देखें

    षड्बल से पता चलता है कि कुंडली में हर ग्रह कितना बलवान है। शुभ ग्रह कमज़ोर हो, तो रत्न उसी की मदद करता है।

  3. 3
    दशा देखें

    जिस ग्रह की महादशा चल रही है, वह आपके लग्न के लिए शुभ हो, तो उसका रत्न पहले आता है।

  4. 4
    वर्जित और जोड़ी देखें

    जो बलवान ग्रह आपके लग्न के ख़िलाफ़ काम करता है, उसे बल नहीं देना चाहिए, इसलिए उसका रत्न वर्जित है, और विरोधी ग्रहों के रत्न साथ नहीं पहने जाते।

उसी कुंडली से

एक जन्म समय से ये सब

ये सब एक ही कुंडली पढ़ते हैं। यहाँ एक बार जन्म विवरण भर दिया, तो बाक़ी वही सवाल अलग ढंग से पूछे गए हैं।

आम सवाल

7 सवाल
मुझे कौन-सा रत्न पहनना चाहिए?

वह जो आपकी पूरी कुंडली बताए, सिर्फ़ राशि नहीं: जो ग्रह आपके लग्न के लिए शुभ हो, कमज़ोर हो, या जिसकी दशा चल रही हो। ऊपर जन्म विवरण भरें, कारण के साथ आपका रत्न दिखेगा।

क्या यह मेरा बर्थस्टोन है?

नहीं। बर्थस्टोन जन्म के महीने से तय होता है, पश्चिमी तरीक़े से। रत्न कुंडली से चुना जाता है: वह किस ग्रह को बल देता है, और वह ग्रह आपके लग्न के लिए शुभ है या नहीं। बर्थस्टोन कैलकुलेटर आपके महीने का पत्थर बताता है, और ज्योतिष में उसकी जगह।

क्या राशि रत्न पहन सकते हैं?

राशि रत्न आपकी चंद्र राशि के स्वामी का रत्न है। कुछ कुंडलियों में ठीक है, कुछ में नुक़सान करता है: अगर वह ग्रह आपके लग्न के ख़िलाफ़ है, तो उसका रत्न इस पेज की वर्जित सूची में होगा। ख़रीदने से पहले देख लें।

किस उंगली में, और किस हाथ में?

काम करने वाला हाथ, आमतौर पर दायाँ। माणिक्य, मूंगा और पुखराज अनामिका या तर्जनी में, मोती और पन्ना सबसे छोटी उंगली में, नीलम और गोमेद बीच वाली उंगली में। ऊपर का कार्ड आपके रत्न की उंगली बताता है।

उपरत्न क्या है?

उसी ग्रह का विकल्प रत्न, जैसे माणिक्य की जगह गार्नेट या मोती की जगह चंद्रकांत मणि। इसे उसी विधि से पहनते हैं और इसका असर हल्का होता है।

क्या दो रत्न साथ पहन सकते हैं?

तभी जब उनके ग्रह विरोधी न हों। माणिक्य के साथ नीलम, या मूंगा के साथ पन्ना, परंपरा से साथ नहीं पहने जाते; पहनने की विधि वाला कार्ड बताता है कि आपके रत्न के साथ कौन-से न पहनें।

कोई रत्न क्यों नहीं बताया?

जब कोई ग्रह लग्न के लिए शुभ भी हो और उसे बल की ज़रूरत भी हो, ऐसा न मिले, तो रत्न से कुछ नहीं बढ़ता, और ग़लत रत्न नुक़सान कर सकता है। ग्रह का मंत्र और दान ज़्यादा सहज तरीक़ा है।

एक जवाब, या पूरी कुंडली।

यह पेज आपकी कुंडली से एक बात निकालता है। कुंडली भी मुफ़्त है, और उसमें बाक़ी सब है।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें