अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2027 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। वृषभ राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि मेष राशि में आएँगे, यानी 3 जून 2027 को।
7 महीने बाद शुरू होगी · 3 जून 2027
1पहला चरण
3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि मेष में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
8 अगस्त 2029 – 31 मई 2032
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि वृषभ में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि मिथुन में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2029 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। मिथुन राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि वृषभ राशि में आएँगे, यानी 8 अगस्त 2029 को।
2 साल 9 महीने बाद शुरू होगी · 8 अगस्त 2029
1पहला चरण
8 अगस्त 2029 – 31 मई 2032
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि वृषभ में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि मिथुन में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
13 जुलाई 2034 – 27 अगस्त 2036
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि कर्क में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2032 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। कर्क राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि मिथुन राशि में आएँगे, यानी 31 मई 2032 को।
5 साल 7 महीने बाद शुरू होगी · 31 मई 2032
1पहला चरण
31 मई 2032 – 13 जुलाई 2034
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि मिथुन में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
13 जुलाई 2034 – 27 अगस्त 2036
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि कर्क में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
27 अगस्त 2036 – 13 जुलाई 2039
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि सिंह में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2034 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। सिंह राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि कर्क राशि में आएँगे, यानी 13 जुलाई 2034 को।लेकिन अभी अष्टम शनि चल रहा है, 23 फ़रवरी 2028 तक। शनि आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में हैं: यह ढाई साल का दौर है, जिसे लोग अक्सर साढ़े साती समझ लेते हैं। इसका मतलब →
7 साल 8 महीने बाद शुरू होगी · 13 जुलाई 2034
1पहला चरण
13 जुलाई 2034 – 27 अगस्त 2036
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि कर्क में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
27 अगस्त 2036 – 13 जुलाई 2039
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि सिंह में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
22 अक्टूबर 2038 – 26 सितंबर 2041
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि कन्या में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2036 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। कन्या राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि सिंह राशि में आएँगे, यानी 27 अगस्त 2036 को।
9 साल 9 महीने बाद शुरू होगी · 27 अगस्त 2036
1पहला चरण
27 अगस्त 2036 – 13 जुलाई 2039
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि सिंह में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
22 अक्टूबर 2038 – 26 सितंबर 2041
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि कन्या में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
28 जनवरी 2041 – 30 अगस्त 2044
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि तुला में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2038 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। तुला राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि कन्या राशि में आएँगे, यानी 22 अक्टूबर 2038 को।
11 साल 11 महीने बाद शुरू होगी · 22 अक्टूबर 2038
1पहला चरण
22 अक्टूबर 2038 – 26 सितंबर 2041
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि कन्या में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
28 जनवरी 2041 – 30 अगस्त 2044
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि तुला में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
11 दिसंबर 2043 – 8 दिसंबर 2046
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि वृश्चिक में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2041 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। वृश्चिक राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि तुला राशि में आएँगे, यानी 28 जनवरी 2041 को।
14 साल 3 महीने बाद शुरू होगी · 28 जनवरी 2041
1पहला चरण
28 जनवरी 2041 – 30 अगस्त 2044
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि तुला में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
11 दिसंबर 2043 – 8 दिसंबर 2046
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि वृश्चिक में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
8 दिसंबर 2046 – 4 दिसंबर 2049
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि धनु में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2043 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। धनु राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि वृश्चिक राशि में आएँगे, यानी 11 दिसंबर 2043 को।लेकिन अभी कंटक शनि चल रहा है, 23 फ़रवरी 2028 तक। शनि आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव में हैं: यह ढाई साल का दौर है, जिसे लोग अक्सर साढ़े साती समझ लेते हैं। इसका मतलब →
17 साल 1 महीने बाद शुरू होगी · 11 दिसंबर 2043
1पहला चरण
11 दिसंबर 2043 – 8 दिसंबर 2046
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि वृश्चिक में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
8 दिसंबर 2046 – 4 दिसंबर 2049
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि धनु में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
6 मार्च 2049 – 25 फ़रवरी 2052
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि मकर में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
अभी साढ़े साती नहीं चल रही · अगली 2046 में शुरू होगी
अभी शनि मीन राशि में हैं। मकर राशि की साढ़े साती तब शुरू होगी जब शनि धनु राशि में आएँगे, यानी 8 दिसंबर 2046 को।
20 साल 1 महीने बाद शुरू होगी · 8 दिसंबर 2046
1पहला चरण
8 दिसंबर 2046 – 4 दिसंबर 2049
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि धनु में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरण
6 मार्च 2049 – 25 फ़रवरी 2052
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि मकर में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
25 फ़रवरी 2052 – 5 फ़रवरी 2055
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि कुंभ में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
साढ़े साती चल रही है · तीसरा चरण
शनि अभी मीन में हैं, आपकी चंद्र राशि से अगली राशि में: तीसरा और आख़िरी चरण। साढ़े साती 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म होगी।
1 साल 3 महीने बाक़ी · 23 फ़रवरी 2028 को ख़त्म
1पहला चरणबीत गया
24 जनवरी 2020 – 17 जनवरी 2023
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि मकर में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरणबीत गया
29 अप्रैल 2022 – 29 मार्च 2025
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि कुंभ में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरणअभी
29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि मीन में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
आपकी पूरी साढ़े साती: हर चरण, उम्र और उपाय →
साढ़े साती चल रही है · दूसरा चरण
शनि अभी ठीक आपकी चंद्र राशि के ऊपर, मीन में हैं: यह बीच का चरण है। इसके बाद आख़िरी चरण, मेष में।
3 साल 5 महीने बाक़ी · 17 अप्रैल 2030 को ख़त्म
1पहला चरणबीत गया
29 अप्रैल 2022 – 29 मार्च 2025
ख़र्च और दूरियाँ
चंद्र से बारहवाँ भाव · शनि कुंभ में
पैसा तेज़ी से ख़र्च होता है, नींद हल्की होती है, और काम घर से दूर ले जा सकता है।
2दूसरा चरणअभी
29 मार्च 2025 – 23 फ़रवरी 2028
मन और शरीर
चंद्र के ऊपर · शनि मीन में
ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, और मन भारी लग सकता है; पर इसी समय टिकाऊ आदतें बनती हैं।
3तीसरा चरण
3 जून 2027 – 17 अप्रैल 2030
परिवार और बचत
चंद्र से दूसरा भाव · शनि मेष में
दबाव घर पर आता है: पैसे सँभालने पड़ते हैं, और घर में कही बातें दूर तक जाती हैं।
तीनों चरणों के बारे में विस्तार से पढ़ें
पहला चरणचंद्र से बारहवाँ भाव ख़र्च, नींद, दूरी और छोड़ने का है। परंपरा के अनुसार इस दौर में ख़र्च अचानक बढ़ते हैं, नींद हल्की होती है, और काम या परिवार आपको घर से दूर ले जाते हैं। पुराने कर्ज़ चुकाने और अधूरे काम निपटाने का समय है, बड़ा नया कर्ज़ लेने का नहीं।
दूसरा चरणशनि ठीक चंद्र के ऊपर: मन और शरीर। लोग जब कहते हैं कि शनि चढ़ा है, तो यही दौर होता है — ज़िम्मेदारी ज़्यादा, मदद कम, रफ़्तार धीमी, और मन भारी हो सकता है। पर इसी समय लोग ऐसी आदतें और साख बनाते हैं जो लंबी चलती हैं। नींद, दिनचर्या और सेहत का ध्यान रखें, और उदास मन से बड़े फ़ैसले न लें।
तीसरा चरणचंद्र से दूसरा भाव परिवार, बचत, वाणी और खान-पान का है। परंपरा के अनुसार अब दबाव मन से हटकर घर पर आता है: पैसे को सँभालना पड़ता है, घर में कही बातें दूर तक जाती हैं, और पिछले कुछ सालों की मेहनत का फल आने लगता है। नियम से बचत करें और सोचकर बोलें।
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