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ग्रहण

चंद्र ग्रहण 6 जुलाई 2028
आंशिक (खंडग्रास) ग्रहण, भारत में दिखेगा

पूरे भारत में दिखेगा। दिल्ली में रात 10:38 से 7 जुलाई को रात 1:00 तक; यह आंशिक (खंडग्रास) चंद्र ग्रहण है। सूतक दोपहर 1:38 से, यानी ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले से।

दिखेगा या नहीं, और कब

समय भारत का (IST)

यह धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में पड़ता है। हर शहर का समय, जैसा वहाँ से दिखेगा:

जहाँ भी यह दिखेगा, पूरा दिखेगा: रात 10:38 से 7 जुलाई को रात 1:00 तक। सूतक हर जगह एक ही समय, दोपहर 1:38 से शुरू होता है।

यहाँ से दिखेगा: दिल्ली, आगरा, अहमदाबाद, अमृतसर, बेंगलुरु, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोयंबटूर, देहरादून, गुरुग्राम, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, कानपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, लुधियाना, मदुरै, मुंबई, मैसूर, नागपुर, नासिक, नोएडा, पटना, प्रयागराज, पुणे, रायपुर, राजकोट, रांची, सूरत, तिरुवनंतपुरम, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम।

सूतक, और घरों में क्या माना जाता है

सूतक ग्रहण से नौ घंटे पहले शुरू होकर उसके अंत तक रहता है, केवल वहीं जहाँ ग्रहण दिखे

  • सूतक में रसोई बंदसूतक शुरू होने से ग्रहण ख़त्म होने तक नया खाना नहीं बनता; रखे हुए खाने और पानी में तुलसी के पत्ते या कुशा डाली जाती है, जिसे घरों में उसकी रक्षा माना जाता है।
  • मंदिर और मूर्तियाँ ढकी जाती हैंमंदिरों के कपाट बंद होते हैं और घरों में मूर्तियाँ ढक दी जाती हैं; पूजा स्पर्श से नहीं, जाप से होती है।
  • ग्रहण के दौरान जापग्रहण का समय अपने मंत्र के जाप के लिए सबसे अच्छा माना जाता है: तब किया गया जाप कई गुना फल देता है, ऐसा माना जाता है।
  • मोक्ष के बाद स्नान और दानग्रहण ख़त्म होने पर परिवार स्नान करता है, घर साफ़ करके गंगाजल छिड़का जाता है, ताज़ा खाना बनता है, और दान दिया जाता है, अक्सर अनाज या कपड़े।
  • कोई नया काम शुरू नहीं होतासूतक से ग्रहण ख़त्म होने तक कोई मुहूर्त नहीं लिया जाता: शादी, गृह प्रवेश, ख़रीदारी या यात्रा तब शुरू नहीं होती।
  • बच्चे, बुज़ुर्ग, बीमार और गर्भवतीपरंपरा बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमारों के लिए सूतक का उपवास ढीला रखती है; वे ज़रूरत के अनुसार खाते हैं। गर्भवती महिलाओं से ग्रहण के दौरान घर के भीतर रहने, आराम करने और चाकू-सुई से दूर रहने को कहा जाता है, जैसा परिवार पुराने समय से कहते आए हैं।

उत्तर भारत के घरों में जो माना जाता है, परंपरा के रूप में। सूर्य को कभी सीधे न देखें, आंशिक ग्रहण में भी नहीं: ग्रहण वाले चश्मे या पिनहोल से देखें।

पूरी पृथ्वी पर ग्रहण

भारतीय समय

चरणसमय (IST)
उपच्छाया आरंभरात 9:14
स्पर्श: गहरी छाया चंद्रमा को छूती हैरात 10:38
परमग्रासरात 11:49
मोक्ष: गहरी छाया हटती है7 जुलाई को रात 1:00
उपच्छाया समाप्त7 जुलाई को रात 2:25

चंद्र ग्रहण हर जगह एक ही समय पर होता है; शहर-शहर बस यह बदलता है कि उस समय चंद्रमा आकाश में है या नहीं।

आपकी राशि से यह किस भाव में

धनु राशि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र

जिनकी चंद्र राशि धनु है, या जिनका जन्म नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, वे सबसे ज़्यादा सावधानी रखते हैं: परंपरा उनसे ग्रहण न देखने और उस समय जाप करने को कहती है।

चंद्र राशिग्रहण पड़ता हैवह भाव
मेषआपके नौवें भावभाग्य और धर्म का भाव
वृषभआपके आठवें भावअचानक बदलाव का भाव
मिथुनआपके सातवें भावविवाह और साझेदारी का भाव
कर्कआपके छठे भावकाम, सेहत और विरोधियों का भाव
सिंहआपके पाँचवें भावसंतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव
कन्याआपके चौथे भावघर और माता का भाव
तुलाआपके तीसरे भावपराक्रम भाव
वृश्चिकआपके दूसरे भावधन और परिवार का भाव
धनुआपके पहले भावआपकी अपनी राशि ग्रहण की राशि
मकरआपके बारहवें भावख़र्च और दूर देश का भाव
कुंभआपके ग्यारहवें भावलाभ भाव
मीनआपके दसवें भावकर्म भाव

ग्रहण क्यों होता है

सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है, जब चंद्रमा सूर्य के सामने से गुज़रता है; चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह तभी होता है जब अमावस्या या पूर्णिमा राहु या केतु के पास हो, वे दो बिंदु जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है: पुराण इसे समुद्र मंथन में अमृत पीने वाले असुर राहु की कथा से कहते हैं, जो बदला लेने के लिए सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है।

क्या यह ग्रहण आपकी कुंडली को छूता है?आचार्य पराशर देखते हैं कि यह आपकी कुंडली में कहाँ पड़ता है और आपके लिए कौन-सा जाप ठीक है।

आम सवाल

क्या 6 जुलाई 2028 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा?

हाँ, यहाँ दिए सभी 40 भारतीय शहरों से दिखेगा, सूतक के साथ।

6 जुलाई 2028 के ग्रहण का सूतक कब से है?

नई दिल्ली में दोपहर 1:38 से, यानी वहाँ ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले से, ग्रहण ख़त्म होने (7 जुलाई को रात 1:00) तक। ऊपर की तालिका में हर शहर का समय है।

क्या यह मुंबई में दिखेगा?

हाँ, रात 10:38 से 7 जुलाई को रात 1:00 तक; सूतक दोपहर 1:38 से।

6 जुलाई 2028 का ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र।

जो ग्रहण भारत में न दिखे, क्या उसका सूतक माना जाता है?

नहीं। जो ग्रहण किसी जगह से न दिखे, उसका वहाँ सूतक नहीं होता, और उपच्छाया चंद्र ग्रहण का कहीं भी नहीं।

आपके शहर के लिए आज का पंचांग

आपके शहर के लिए सूतक, राहु काल और दिन के मुहूर्त।

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