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ग्रहण

सूर्य ग्रहण 17 फ़रवरी 2026
वलयाकार (कंकणाकृति) ग्रहण, भारत में नहीं दिखा

यह ग्रहण बीत चुका है। भारत में कहीं नहीं दिखेगा, इसलिए यहाँ सूतक नहीं माना जाता और उस दिन के मुहूर्त बने रहते हैं। पृथ्वी के दूसरे हिस्सों में यह वलयाकार (कंकणाकृति) सूर्य ग्रहण भारतीय समय से दोपहर 3:26 से शाम 7:57 तक रहता है।

दिखेगा या नहीं, और कब

समय भारत का (IST)

यह कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में पड़ता है।

इसका सूतक नहीं

सूतक वहीं माना जाता है जहाँ ग्रहण दिखे, और उपच्छाया चंद्र ग्रहण में नहीं। इस दिन रसोई, मंदिर और दिन के मुहूर्त सामान्य रूप से चलते हैं। भारत में दिखने वाला अगला ग्रहण मंगलवार, 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण है।

पूरी पृथ्वी पर ग्रहण

भारतीय समय

चरणसमय (IST)
पृथ्वी पर कहीं भी शुरूदोपहर 3:26
मध्य पथ पर वलय (कंकण) शुरूशाम 5:13
परमग्रासशाम 5:41
मध्य पथ पर वलय (कंकण) समाप्तशाम 6:11
हर जगह समाप्तशाम 7:57

सूर्य ग्रहण के ये समय पूरी पृथ्वी के हैं; भारत के किसी शहर से इसका कोई हिस्सा नहीं दिखता।

आपकी राशि से यह किस भाव में

कुंभ राशि, धनिष्ठा नक्षत्र

जिनकी चंद्र राशि कुंभ है, या जिनका जन्म नक्षत्र धनिष्ठा है, वे सबसे ज़्यादा सावधानी रखते हैं: परंपरा उनसे ग्रहण न देखने और उस समय जाप करने को कहती है।

चंद्र राशिग्रहण पड़ता हैवह भाव
मेषआपके ग्यारहवें भावलाभ भाव
वृषभआपके दसवें भावकर्म भाव
मिथुनआपके नौवें भावभाग्य और धर्म का भाव
कर्कआपके आठवें भावअचानक बदलाव का भाव
सिंहआपके सातवें भावविवाह और साझेदारी का भाव
कन्याआपके छठे भावकाम, सेहत और विरोधियों का भाव
तुलाआपके पाँचवें भावसंतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव
वृश्चिकआपके चौथे भावघर और माता का भाव
धनुआपके तीसरे भावपराक्रम भाव
मकरआपके दूसरे भावधन और परिवार का भाव
कुंभआपके पहले भावआपकी अपनी राशि ग्रहण की राशि
मीनआपके बारहवें भावख़र्च और दूर देश का भाव

ग्रहण क्यों होता है

सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है, जब चंद्रमा सूर्य के सामने से गुज़रता है; चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह तभी होता है जब अमावस्या या पूर्णिमा राहु या केतु के पास हो, वे दो बिंदु जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है: पुराण इसे समुद्र मंथन में अमृत पीने वाले असुर राहु की कथा से कहते हैं, जो बदला लेने के लिए सूर्य या चंद्रमा को ग्रसता है।

क्या यह ग्रहण आपकी कुंडली को छूता है?आचार्य पराशर देखते हैं कि यह आपकी कुंडली में कहाँ पड़ता है और आपके लिए कौन-सा जाप ठीक है।

आम सवाल

क्या 17 फ़रवरी 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा?

नहीं। यह तब होता है जब सूर्य या चंद्रमा भारत के क्षितिज के नीचे होते हैं, इसलिए यहाँ सूतक नहीं।

17 फ़रवरी 2026 का ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में है?

कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र।

जो ग्रहण भारत में न दिखे, क्या उसका सूतक माना जाता है?

नहीं। जो ग्रहण किसी जगह से न दिखे, उसका वहाँ सूतक नहीं होता, और उपच्छाया चंद्र ग्रहण का कहीं भी नहीं।

आपके शहर के लिए आज का पंचांग

आपके शहर के लिए सूतक, राहु काल और दिन के मुहूर्त।

आज का पंचांग

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