अंक ज्योतिष · मूलांक 6
मूलांक 6 हर उस व्यक्ति का मूल अंक है जिसका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख़ को हुआ हो। इसके स्वामी शुक्र हैं, शुभ दिन शुक्रवार और शनिवार हैं, और मित्र अंक 4, 5, 7 और 8 हैं।
सिर्फ़ जन्म का दिन गिना जाता है, जोड़कर एक अंक तक
जन्म 6, 15 या 24 तारीख़ को हुआ? आप मूलांक 6 हैं, महीना और साल कुछ भी हो। आपका भाग्यांक पूरी तारीख़ से बनता है और कोई भी अंक हो सकता है: उसे निकालें।
पालनहार, स्वामी शुक्र
कला, फ़ैशन, लग्ज़री ब्रांड, होटल-पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, काउंसलिंग में आगे। सुंदर अनुभव और चीज़ें बनाने का स्वाभाविक हुनर।
समर्पित, रोमांटिक और देखभाल करने वाले साथी। सुंदर घर बनाते हैं। अधिकार जता सकते हैं, पर बेहद वफ़ादार और परवाह करने वाले।
गुर्दे, प्रजनन तंत्र, गला, त्वचा। भारी खाने और आराम की अति से बचें। नियमित डिटॉक्स और हल्का व्यायाम ज़रूरी।
भक्ति और सौंदर्य का रास्ता। कला, संगीत और पवित्र जगह सजाकर पूजा करना। शुक्र से जुड़े अनुष्ठान जुड़ाव बढ़ाते हैं।
ज़रूरी दिन पर पहनें, या पास रखें।
आपके शुभ दिन शुक्रवार और शनिवार हैं: नया काम इन्हीं दिनों शुरू करें।
मोबाइल, गाड़ी या मकान नंबर, और तारीख़ों के लिए।
जिस तारीख़ का अपना अंक 6 या 6 का मित्र हो, वह शुरुआत के लिए अच्छी है: इंटरव्यू, ख़रीदारी, पहली मुलाक़ात। अगर वह शुक्रवार या शनिवार को भी पड़े, तो और अच्छा।
अंकों का मेल उनके ग्रहों के मेल जैसा होता है, और यह मित्रता दोनों तरफ़ से एक जैसी हो, ज़रूरी नहीं
| अंक | उसका ग्रह | 6 की नज़र में | उसकी नज़र में 6 | क्यों |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | विरोधी | विरोधी | शुक्र और सूर्य में अनबन है |
| 2 | चंद्र | सम | सम | शुक्र और चंद्र एक-दूसरे के प्रति तटस्थ हैं |
| 3 | गुरु | सम | सम | शुक्र और गुरु एक-दूसरे के प्रति तटस्थ हैं |
| 4 | राहु | मित्र | मित्र | शुक्र (6) और राहु (4) मित्र हैं |
| 5 | बुध | मित्र | मित्र | शुक्र (6) और बुध (5) मित्र हैं |
| 6 | शुक्र | वही अंक | वही अंक | दोनों के स्वामी शुक्र हैं |
| 7 | केतु | मित्र | मित्र | शुक्र (6) और केतु (7) मित्र हैं |
| 8 | शनि | मित्र | मित्र | शुक्र (6) और शनि (8) मित्र हैं |
| 9 | मंगल | सम | सम | शुक्र और मंगल एक-दूसरे के प्रति तटस्थ हैं |
शादी के लिए यह एक हल्की जाँच है; परिवार दोनों कुंडलियों का पूरा कुंडली मिलान देखते हैं।
आपके मूलांक के स्वामी शुक्र हैं। शुक्रवार को इनका मंत्र जपना और उसी दिन सफ़ेद वस्त्र और चावल का दान करना शुक्र को आपके लिए मज़बूत रखने का पारंपरिक तरीक़ा है। यह एक सुझाव है: अपनी श्रद्धा के अनुसार करें।
सफ़ेद वस्त्र और चावल
देवी लक्ष्मी
शुक्र के बारे में और: शुक्र ग्रह · शुक्र के उपाय।
किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख़: दिन को जोड़कर एक अंक तक लाने पर 6 आता है। मूलांक में महीना और साल नहीं गिने जाते।
रंग: नीला, गुलाबी, गहरा गुलाबी। दिन: शुक्रवार और शनिवार। मित्र अंक: 4, 5, 7 और 8; विरोधी: 1।
4, 5, 7 और 8, क्योंकि इनके ग्रह शुक्र के मित्र हैं; 1 से मेल सबसे कठिन है।
शुक्र। इनका मंत्र ॐ शुक्राय नमः है, 108 बार, और दान शुक्रवार को सफ़ेद वस्त्र और चावल का; यह एक सुझाव है, अपनी श्रद्धा के अनुसार।
नहीं। मूलांक 6 सिर्फ़ जन्म के दिन से बनता है और स्वभाव बताता है; भाग्यांक 6 पूरी तारीख़ से बनता है और जीवन की दिशा बताता है। दोनों के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए दोनों का स्वर मिलता-जुलता है।
जन्म तिथि भरें, और कैलकुलेटर आपका मूलांक और भाग्यांक, गणना, शुभ दिन और महीने की शुभ तारीख़ें निकाल देता है।
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