अंक ज्योतिष · मूलांक 8
मूलांक 8 हर उस व्यक्ति का मूल अंक है जिसका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख़ को हुआ हो। इसके स्वामी शनि हैं, शुभ दिन शनिवार और रविवार हैं, और मित्र अंक 4, 5 और 6 हैं।
सिर्फ़ जन्म का दिन गिना जाता है, जोड़कर एक अंक तक
जन्म 8, 17 या 26 तारीख़ को हुआ? आप मूलांक 8 हैं, महीना और साल कुछ भी हो। आपका भाग्यांक पूरी तारीख़ से बनता है और कोई भी अंक हो सकता है: उसे निकालें।
शक्ति पुंज, स्वामी शनि
फ़ाइनेंस, क़ानून, रियल एस्टेट, राजनीति, सरकारी नौकरी, बड़ी कंपनियों में आगे। किसी संस्था के जन्मजात मुखिया, जो लंबे समय तक चलने वाली चीज़ें बनाते हैं।
वफ़ादार पर भावनाओं में सतर्क। प्यार को ज़िम्मेदारी और सुरक्षा देकर जताते हैं। ऐसा साथी चाहिए जो उनकी देर से खुलने वाली भावनाओं को समझे।
हड्डियाँ, जोड़, दाँत, पुरानी बीमारियाँ। शनि से जुड़ी दिक़्क़तें चक्रों में आती हैं। अनुशासित जीवनशैली और नियमित जाँच ज़रूरी।
कर्मयोग और सेवा का रास्ता। शनि पूजा, शनिवार का व्रत और ज़रूरतमंदों की सेवा पुराने कर्मों को संतुलित करते हैं।
ज़रूरी दिन पर पहनें, या पास रखें।
आपके शुभ दिन शनिवार और रविवार हैं: नया काम इन्हीं दिनों शुरू करें।
मोबाइल, गाड़ी या मकान नंबर, और तारीख़ों के लिए।
जिस तारीख़ का अपना अंक 8 या 8 का मित्र हो, वह शुरुआत के लिए अच्छी है: इंटरव्यू, ख़रीदारी, पहली मुलाक़ात। अगर वह शनिवार या रविवार को भी पड़े, तो और अच्छा।
अंकों का मेल उनके ग्रहों के मेल जैसा होता है, और यह मित्रता दोनों तरफ़ से एक जैसी हो, ज़रूरी नहीं
| अंक | उसका ग्रह | 8 की नज़र में | उसकी नज़र में 8 | क्यों |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सूर्य | विरोधी | विरोधी | शनि और सूर्य में अनबन है |
| 2 | चंद्र | सम | सम | शनि और चंद्र एक-दूसरे के प्रति तटस्थ हैं |
| 3 | गुरु | सम | सम | शनि और गुरु एक-दूसरे के प्रति तटस्थ हैं |
| 4 | राहु | मित्र | मित्र | शनि (8) और राहु (4) मित्र हैं |
| 5 | बुध | मित्र | सम | शनि (8) बुध (5) को मित्र मानते हैं; बुध शनि को सम मानते हैं |
| 6 | शुक्र | मित्र | मित्र | शनि (8) और शुक्र (6) मित्र हैं |
| 7 | केतु | सम | मित्र | शनि (8) केतु (7) को सम मानते हैं; केतु शनि को मित्र मानते हैं |
| 8 | शनि | वही अंक | वही अंक | दोनों के स्वामी शनि हैं |
| 9 | मंगल | विरोधी | विरोधी | शनि और मंगल में अनबन है |
शादी के लिए यह एक हल्की जाँच है; परिवार दोनों कुंडलियों का पूरा कुंडली मिलान देखते हैं।
आपके मूलांक के स्वामी शनि हैं। शनिवार को इनका मंत्र जपना और उसी दिन काले तिल और लोहे का दान करना शनि को आपके लिए मज़बूत रखने का पारंपरिक तरीक़ा है। यह एक सुझाव है: अपनी श्रद्धा के अनुसार करें।
काले तिल और लोहे
शनि देव
शनि के बारे में और: शनि ग्रह · शनि के उपाय।
किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख़: दिन को जोड़कर एक अंक तक लाने पर 8 आता है। मूलांक में महीना और साल नहीं गिने जाते।
रंग: काला, गहरा नीला, बैंगनी। दिन: शनिवार और रविवार। मित्र अंक: 4, 5 और 6; विरोधी: 1 और 9।
4, 5 और 6, क्योंकि इनके ग्रह शनि के मित्र हैं; 1 और 9 से मेल सबसे कठिन है।
शनि। इनका मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः है, 108 बार, और दान शनिवार को काले तिल और लोहे का; यह एक सुझाव है, अपनी श्रद्धा के अनुसार।
नहीं। मूलांक 8 सिर्फ़ जन्म के दिन से बनता है और स्वभाव बताता है; भाग्यांक 8 पूरी तारीख़ से बनता है और जीवन की दिशा बताता है। दोनों के स्वामी शनि हैं, इसलिए दोनों का स्वर मिलता-जुलता है।
जन्म तिथि भरें, और कैलकुलेटर आपका मूलांक और भाग्यांक, गणना, शुभ दिन और महीने की शुभ तारीख़ें निकाल देता है।
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