दिन और उसका स्वामी ग्रह। यह पंचांग का पाँचवाँ अंग है, जिसे हर कोई जानता है, बिना यह जाने कि यह पंचांग का हिस्सा है।
| वार | ग्रह | किस बात के लिए |
|---|---|---|
| रविवार | सूर्य | अधिकार, स्वास्थ्य, सरकारी काम |
| सोमवार | चंद्र | मन, जल, यात्रा, माता |
| मंगलवार | मंगल | साहस, शल्य चिकित्सा, संपत्ति, विवाद |
| बुधवार | बुध | पढ़ाई, व्यापार, लेखन, बातचीत |
| गुरुवार | बृहस्पति | शिक्षा, संस्कार, धन, संतान |
| शुक्रवार | शुक्र | विवाह, सुख-सुविधा, कला, वाहन |
| शनिवार | शनि | मेहनत, लोहा, ज़मीन, धीरे चलने वाला हर काम |
दिन को चौबीस होरा में बाँटें और पहली होरा उस दिन के अपने ग्रह को दें। बाकी होरा इस क्रम में आती हैं: शनि, गुरु, मंगल, सूर्य, शुक्र, बुध, चंद्र। चौबीस होरा बाद अगले दिन के स्वामी ग्रह की होरा आती है। रविवार को सूर्य से शुरू करें, तो सोमवार चंद्र को, मंगलवार मंगल को, और इसी तरह शनिवार तक। हफ़्ता होरा के क्रम से निकलता है, उल्टा नहीं, और आप इसे आज की होराओं पर देख सकते हैं।
आपकी कुंडली नहीं। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 AI ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि जो काम आप करना चाहते हैं उसके लिए इनमें से कौन-सा समय ठीक है। पैसे मिनट के हिसाब से।



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आपकी अपनी कुंडली से रिपोर्ट9 विस्तृत रिपोर्ट — जन्म कुंडली, कुंडली मिलान, आने वाला साल और भी।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशसभी रिपोर्ट देखें