सूर्य और चंद्रमा के भोगांश जोड़कर सत्ताईस भागों में बाँटा गया योग। यह न अभ्यास वाला योग है, न कुंडली का योग।
| दिन | कब तक |
|---|---|
| आजसोमवार | ध्रुव सुबह 8:53 तकव्याघात सुबह 6:13 तकहर्षण आगे भी |
| 29 सितंबरमंगलवार | हर्षण रात 3:20 तकवज्र आगे भी |
| 30 सितंबरबुधवार | वज्र रात 12:20 तकसिद्धि आगे भी |
| 1 अक्टूबरगुरुवार | सिद्धि रात 9:18 तकव्यतीपात आगे भी |
| 2 अक्टूबरशुक्रवार | व्यतीपात शाम 6:17 तकवरीयान आगे भी |
| 3 अक्टूबरशनिवार | वरीयान दोपहर 3:21 तकपरिघ आगे भी |
सूर्य और चंद्रमा के भोगांश जोड़ें और योग को 13°20′ के सत्ताईस भागों में बाँटें: यही नित्य योग है। यह दिन का एक गुण है, आपकी कुंडली का कोई योग नहीं, और इसका आसन से कोई संबंध नहीं।
आपकी कुंडली नहीं। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 AI ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि जो काम आप करना चाहते हैं उसके लिए इनमें से कौन-सा समय ठीक है। पैसे मिनट के हिसाब से।



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