2027 में गुरु, दौर दर दौर
मेष राशि के चंद्र से; तारीख़ें भारत के समय से
31 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:03 से 25 जनवरी 2027, रात 1:31 तक
गुरु सिंह में, आपके पाँचवें भाव में
संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव शुभ
गुरु की सबसे अच्छी जगहों में से एक — सोच तेज़, फ़ैसले सही, और संतान, पढ़ाई व प्रेम पर कृपा।
यह पूरा दौर 2027 में वेध में: केतु पूरे समय आपके चौथे भाव में रहते हैं, जो इस शुभ गोचर को रोकने वाला भाव है (फलदीपिका 26.7), इसलिए इसका अच्छा फल अधूरा मिलता है।
फलदीपिका 26.19 (गुरु के पाँचवें से आठवें भाव तक का एक ही श्लोक), पाँचवें भाव पर, जो उनके शुभ भावों में है: इस गोचर में संतान-सुख, सज्जनों की मित्रता और वरिष्ठों या सत्ताधारियों की कृपा मिलती है।
25 जनवरी 2027, रात 1:31 से 26 जून 2027, सुबह 5:19 तक
गुरु कर्क में, आपके चौथे भाव में
घर और माता का भाव कठिन
घर और मन की शांति पर ध्यान चाहिए; प्रॉपर्टी के मामले, घर बदलना या मरम्मत की संभावना।
पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे चौथे भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।
फलदीपिका 26.18 (गुरु के पहले से चौथे भाव तक का एक ही श्लोक), चौथे भाव पर, जो उनके शुभ भावों में नहीं: इस गोचर में संबंधियों से दुःख, अपमान और पशुधन या अन्य संपत्ति को लेकर संकट की चेतावनी देती है।
26 जून 2027, सुबह 5:19 से 26 नवंबर 2027, शाम 6:45 तक
गुरु फिर सिंह में
संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव शुभ
ऊपर उस दौर का जो फल दिया है, वही फिर लागू होता है।
यह पूरा दौर वेध में: केतु पूरे समय आपके चौथे भाव में रहते हैं, जो इस शुभ गोचर को रोकने वाला भाव है (फलदीपिका 26.7), इसलिए इसका अच्छा फल अधूरा मिलता है।
26 नवंबर 2027, शाम 6:45 से 28 फ़रवरी 2028, शाम 7:17 तक
गुरु कन्या में, आपके छठे भाव में
काम, सेहत और विरोधियों का भाव कठिन
रोज़ के काम, सेहत और क़र्ज़ पर ध्यान चाहिए, और विरोधी सक्रिय रहते हैं।
28 फ़रवरी 2028 के बाद गुरु सिंह राशि में, यानी आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में जाते हैं।
फलदीपिका 26.19 (गुरु के पाँचवें से आठवें भाव तक का एक ही श्लोक), छठे भाव पर, जो उनके शुभ भावों में नहीं: इस गोचर में प्रतिद्वंद्वियों और अपने ही संबंधियों से परेशानी, साथ ही रोग की चेतावनी देती है।