मिथुन ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर मिथुन राशि का इस हफ़्ते का हाल है, मिथुन से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।
26 अक्टूबर – 1 नवंबर के हफ़्ते में शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
चंद्रमा आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में हैं। लाभ, अच्छी ख़बर और दोस्तों की मदद के लिए हफ़्ते के सबसे अच्छे दिन।
चंद्रमा आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं। ख़र्च बढ़ते हैं और नींद पर असर पड़ता है; दिन हल्के रखें और बड़े फ़ैसले टालें।
चंद्रमा आपके पहले भाव (आपकी अपनी राशि) में हैं। भावनाएँ जल्दी उभरती हैं, पर ऊर्जा अच्छी रहती है; उसे सबसे ज़रूरी काम में लगाएँ।
चंद्रमा आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में हैं। पैसे और परिवार की बातें दिन भर चलती हैं; ख़र्च और बोलचाल पर ध्यान दें।
हफ़्ते के धीमे ग्रहसूर्य आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं। गुरु आपके दूसरे भाव में हैं (31 अक्टूबर से तीसरे भाव में) और शनि दसवें भाव में। पूरा हाल मासिक और सालाना राशिफल में है।
काम के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
ग्यारहवें भाव में चंद्रमा इन दिनों काम से लाभ लाते हैं: कोई भुगतान आता है, कोई ऑर्डर मिलता है या किसी जान-पहचान वाले से नया रास्ता खुलता है। अपने संपर्कों से बात करें और जो पैसा या काम बकाया है, उसके लिए याद दिलाएँ।
बारहवें भाव में चंद्रमा इन दिनों थकान लाते हैं और काम पर आप कम नज़र आते हैं, साथ ही काम से जुड़ा ख़र्च बढ़ सकता है। चुपचाप पीछे रहकर काम और योजना बनाने पर ध्यान दें, और बड़े फ़ैसले या तनख़्वाह की बात टाल दें।
पहले भाव में चंद्रमा इन दिनों मन को ताज़ा और साफ़ रखते हैं, और लोग आपकी बात और आपके ढंग को अच्छे से लेते हैं। मीटिंग में अपनी बात रखने, किसी ग्राहक से मिलने या इंटरव्यू देने के लिए ये दिन अच्छे हैं।
दूसरे भाव में चंद्रमा इस दिन मन को पैसे की ओर ले जाते हैं, जो बकाया माँगने, बिल बनाने या दाम बताने के लिए ठीक है। पर बोलते समय नरमी रखें, क्योंकि बड़ों या ग्राहकों से कही गई लापरवाह बात सामान्य से ज़्यादा देर तक याद रखी जाती है।
बुध आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए हर ऑफ़र लेटर और अनुबंध दो बार पढ़ें, और जो दस्तख़त रुक सके उसे उसके बाद करें।
दूसरे भाव में मंगल बोली को तीखा और ख़र्च को तेज़ करते हैं। मीटिंग में रूखी बात या व्यापार के लिए जल्दबाज़ी की ख़रीद भारी पड़ सकती है, इसलिए दोनों से पहले रुककर सोचें।
यह दिन इंटरव्यू, वरिष्ठों से मुलाक़ात, योजना की पेशकश और मंज़ूरी के लिए रखें।
प्रेम और विवाह के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
ग्यारहवें भाव में चंद्रमा इन दिनों दोस्त, मेल-जोल और अच्छी ख़बरें लाते हैं, और किसी नए परिचय या रिश्ते पर हाँ के लिए यह हफ़्ते का सबसे अच्छा मौक़ा होता है। न्योते स्वीकार करें, और साझा दोस्तों के बीच जीवनसाथी के साथ समय का आनंद लें।
बारहवें भाव में चंद्रमा इन दिनों थकान और मन में अकेलापन ला सकते हैं, और यात्रा, ख़र्च या बस थकान की वजह से जीवनसाथी दूर-दूर से लग सकते हैं। आराम करें, देर रात की बहस से बचें, और रिश्ते की ज़रूरी बातचीत चंद्रमा के आगे बढ़ने तक रोककर रखें।
पहले भाव में चंद्रमा इन दिनों आपका मन प्रसन्न रखते हैं और आपको अपनेपन से भरा और बातचीत में सहज बनाते हैं। ये दिन पहली मुलाक़ात, रिश्ते वाले परिवार को फ़ोन करने या जीवनसाथी के साथ सुकून भरी शाम के लिए अच्छे हैं, इसलिए योजना बना लें।
दूसरे भाव में चंद्रमा इस दिन प्रेम की बातों में परिवार और पैसे को ले आते हैं, और आपके शब्दों में सामान्य से ज़्यादा भावना होती है। घर के खाने पर हुई रिश्ते की बात नरमी से बोलने पर अच्छी चल सकती है, पर जीवनसाथी से ख़र्च को लेकर बहस न करें।
शुक्र आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए बातचीत आगे बढ़ाएँ और सगाई या शादी की तारीख़ उसके बाद तय करें।
दूसरे भाव में मंगल घर में ज़ुबान तीखी कर देते हैं; पारिवारिक बैठक में एक कड़वा शब्द रिश्ता बिगाड़ सकता है, इसलिए सोच-समझकर बोलें।
यह दिन रिश्ते के लिए परिवार से मुलाक़ात, साथ घूमने जाने या दिल की बात के लिए रखें। पर बुध पूरे हफ़्ते वक्री हैं, इसलिए ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें।
सेहत के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
ग्यारहवें भाव में चंद्रमा सेहत के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं: इन दिनों मन प्रसन्न रहता है, ऊर्जा अच्छी रहती है और छोटी-मोटी तकलीफ़ें हल्की लगती हैं। कोई ऐसी आदत शुरू करने के लिए इन दिनों का फ़ायदा उठाएँ जिसे आप आगे निभाना चाहते हैं, जैसे सुबह की सैर या रात को जल्दी सोना।
बारहवें भाव में चंद्रमा ऊर्जा घटाते हैं और आराम माँगते हैं, और इन दिनों नींद कच्ची या टूटी-टूटी रह सकती है। जल्दी सोएँ, कमरे में अँधेरा और शांति रखें, देर रात जागने और ज़रूरत से ज़्यादा काम से बचें, और हो सके तो दिन में भी थोड़ी देर आराम कर लें।
पहले भाव में चंद्रमा इन दो-तीन दिनों में मन को हल्का रखते हैं और शरीर में ताज़गी और स्थिरता लाते हैं। छूटी हुई दिनचर्या, जैसे सुबह की सैर, समय पर खाना और भरपूर पानी, दोबारा शुरू करने के लिए ये अच्छे दिन हैं, बस सोने का समय रोज़ जैसा ही रखें।
दूसरे भाव में चंद्रमा इस दिन मन को खाने की ओर मोड़ते हैं, और तसल्ली के लिए खाना, देर रात कुछ चबाना या ठीक से खाना छोड़ देना आम है। खाना तय समय पर खाएँ, मिठाई और तली चीज़ें कम रखें, और ज़्यादा चाय की जगह पानी पिएँ।
दूसरे भाव में मंगल तीखे खाने और तीखी बातों की ओर खींचते हैं; मुँह के छाले, मसूड़ों की तकलीफ़ या एसिडिटी हो सकती है, इसलिए खाना सादा और ज़ुबान शांत रखें।
बुध आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए रिपोर्ट और पर्चे पर अमल से पहले उन्हें दोबारा जाँचें।
यह दिन जाँच और नई दिनचर्या या खान-पान की शुरुआत के लिए रखें।
शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें
धन के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
ग्यारहवें भाव में चंद्रमा इन दिनों को हफ़्ते का सबसे अच्छा लाभ का समय बनाते हैं: अटका पैसा आ सकता है, और कोई दोस्त या परिचित कमाई वाला काम दिला सकता है। अपना बकाया वसूलें, निवेश की योजना बनाएँ, और जो आए उसका कुछ हिस्सा सीधे बचत में डालें।
बारहवें भाव में चंद्रमा हफ़्ते के ख़र्च वाले दिन लाते हैं, जब पैसा यात्रा, आराम, ऑनलाइन ऑर्डर या किसी और की ज़रूरतों पर निकल जाता है। बड़ी ख़रीदारी और उधार देना टालें, और पैसे भेजने से पहले हर माँग दो बार जाँचें।
पहले भाव में चंद्रमा मन को अपने पैसों पर टिकाए रखते हैं, इसलिए ये दिन तय भुगतान करने, बजट देखने या किसी ग्राहक से आगे बात करने के लिए अच्छे हैं। जो ज़रूरी हो वही ख़रीदें, और मन में आई ख़रीदारी को एक दिन रुकने दें।
दूसरे भाव में चंद्रमा परिवार के पैसों और बचत की ओर ध्यान ले जाते हैं, और खाने-पीने, मेहमानों या घर की ज़रूरतों पर ख़र्च बढ़ता है। जितना हो सके जमा करें और परिवार का हिसाब शांति से निपटाएँ, पर छोटी चाहतों के लिए बचत न तोड़ें।
शुक्र आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए बड़ी ख़रीदारी और नया निवेश उसके बाद करें; बकाया माँगना और काग़ज़ी काम अभी हो सकता है।
बुध आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए हर आँकड़ा दोबारा जाँचें, और बड़े ट्रांसफ़र व क़र्ज़ के काग़ज़ उसके बाद रखें।
यह दिन बकाये की वसूली और पैसों के काग़ज़ी काम के लिए रखें।
घर-परिवार के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत मज़बूत।
ग्यारहवें भाव में चंद्रमा परिवार के मेल-मिलाप के लिए हफ़्ते के सबसे अच्छे दिन लाते हैं; बड़े भाई-बहन स्नेह से पेश आते हैं, और किसी रिश्तेदार से अच्छी ख़बर मिल सकती है। लोगों को घर बुलाएँ, परिवार की कोई योजना मिलकर तय करें, या कोई छोटा उत्सव कर लें।
बारहवें भाव में चंद्रमा थकान और थोड़ा अलग-थलग रहने का मन देते हैं, और मेहमानों, यात्रा या मरम्मत पर घर का ख़र्च बढ़ सकता है। इन दिनों ठीक से आराम करें, अतिरिक्त ज़िम्मेदारियाँ लेने से मना करें, और दूर रहने वाले परिवार के किसी सदस्य को फ़ोन कर लें।
पहले भाव में चंद्रमा मन को हल्का और प्रसन्न रखते हैं, और इन दो-तीन दिनों में आपकी ख़ुशमिज़ाजी घर का माहौल अच्छा बना देती है। माँ या पूरे परिवार के साथ एक शाम बिताएँ, और अलग-अलग कमरों में खाने के बजाय सब साथ बैठकर खाएँ।
दूसरे भाव में चंद्रमा परिवार की बातचीत और घर के पैसे को सामने ले आते हैं; कोई रिश्तेदार आ सकता है। खाने की मेज़ पर नरमी से बोलें, क्योंकि इस दिन लापरवाही से कही बात आम दिनों से ज़्यादा चुभती है, और खाने-पीने व मेहमानों पर ख़र्च सोच-समझकर करें।
शुक्र आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए गाड़ी, गहने या महँगा सामान उसके बाद ख़रीदें।
दूसरे भाव में मंगल घर में बोली को तीखा करते हैं और पैसे या विरासत को लेकर झगड़ा शुरू करा सकते हैं; ग़ुस्से में कम बोलें और घर का ख़र्च तय योजना के भीतर रखें।
यह दिन पारिवारिक कार्यक्रमों, घर में पूजा, प्रॉपर्टी देखने जाने और लंबे समय से टलती पारिवारिक बातचीत के लिए रखें। पर बुध पूरे हफ़्ते वक्री हैं, इसलिए प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें, और ज़रूरी बातें आमने-सामने कहें।
चंद्रमा ग्यारहवें भाव में — आमदनी, लाभ और मित्र, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; अश्विनी नक्षत्र
चंद्रमा ग्यारहवें भाव में — आमदनी, लाभ और मित्र, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; भरणी नक्षत्र
चंद्रमा बारहवें भाव में — ख़र्च, नींद और दूर की जगहें, चंद्रमा के लिए कमज़ोर जगह; कृत्तिका नक्षत्र
चंद्रमा बारहवें भाव में — ख़र्च, नींद और दूर की जगहें, चंद्रमा के लिए कमज़ोर जगह; मृगशिरा नक्षत्र; करवा चौथ
चंद्रमा पहले भाव में — आप, आपकी सेहत और मन, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; आर्द्रा नक्षत्र
चंद्रमा पहले भाव में — आप, आपकी सेहत और मन, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; पुनर्वसु नक्षत्र
चंद्रमा दूसरे भाव में — धन, परिवार और वाणी, चंद्रमा के लिए मिली-जुली जगह; पुष्य नक्षत्र; अहोई अष्टमी
जिनके चंद्रमा मिथुन में हों, वे जिज्ञासु, बातूनी और हाज़िरजवाब होते हैं। ऐसे लोग जल्दी सीखते हैं, दूसरों का साथ पसंद करते हैं और एक साथ कई काम संभाल लेते हैं; ऊब इनकी सबसे बड़ी दुश्मन है, और मन भटकता या राय बदलता रहता है। मिथुन बुध की राशि है, इसलिए बातचीत, व्यापार, लेखन और तेज़ दिमाग़ वाले कामों में ये आगे रहते हैं।
करवा चौथ: नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:17
अहोई अष्टमी: अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त शाम 5:36 से 6:54 तक
शुक्रवार 30 अक्टूबर (84)। गुरुवार 29 अक्टूबर (56) को सबसे ज़्यादा ध्यान रखें।
अच्छा, 100 में से 72: करियर 73, प्रेम 69, सेहत 73, पैसा 73।
अंक 3, 5, 6; रंग हल्का नीला और हरा।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

