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वृश्चिक राशि · साप्ताहिक राशिफल

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल
26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक

वृश्चिक ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर वृश्चिक राशि का इस हफ़्ते का हाल है, वृश्चिक से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

वृश्चिक26 अक्टूबर से 1 नवंबर तकवैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप वृश्चिक पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनिवृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती नहीं है।अगली साढ़े साती 28 जनवरी 2041 से शुरू होगी। तारीख़ें देखें →
26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक · वृश्चिक · स्वामी मंगल
अच्छाधीमा पड़ रहा है

26 अक्टूबर – 1 नवंबर के हफ़्ते में शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

चंद्रमा आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में हैं। आप मुश्किलों पर भारी पड़ते हैं; अटके काम निपटाएँ, सेहत सुधारें और छोटे विवाद सुलझाएँ।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

चंद्रमा आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में हैं। लोग अपनापन और मदद दिखाते हैं; मुलाक़ातें, साझेदारी और जीवनसाथी के साथ समय अच्छा रहता है।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

चंद्रमा आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में हैं। यह चंद्राष्टम है: ऊर्जा और मन दोनों कमज़ोर रहते हैं, इसलिए कुछ नया शुरू न करें, सँभलकर यात्रा करें और ज़्यादा आराम करें।

रविवार 1 नवंबर

चंद्रमा आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में हैं। मन धर्म, बड़ों और लंबी योजनाओं की ओर जाता है; काम सोच से धीमे चलते हैं।

हफ़्ते के धीमे ग्रहसूर्य आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं। गुरु आपके नौवें भाव में हैं (31 अक्टूबर से दसवें भाव में) और शनि पाँचवें भाव में। पूरा हाल मासिक और सालाना राशिफल में है।

करियर67प्रेम74स्वास्थ्य67धन67घर-परिवार70
कुल मिलाकर68
01

इस हफ़्ते करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू, दौर-दर-दौर
करियर67

काम के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

छठे भाव में चंद्रमा इन दिनों अटका हुआ काम निपटाने में मदद करते हैं: फ़ाइलें, टारगेट और बचा हुआ काम आगे बढ़ता है, और कोई मुश्किल साथी या प्रतिस्पर्धी कम परेशान करता है। नौकरी ढूँढ रहे लोग इन दिनों आवेदन करें और इंटरव्यू दें।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

सातवें भाव में चंद्रमा इन दिनों लोगों से जुड़े काम के लिए अच्छे हैं, और ग्राहकों व साझेदारों से मुलाक़ातें अच्छी रहती हैं। व्यापारी शर्तें तय कर सकते हैं या नया ग्राहक जोड़ सकते हैं, और नौकरी वाले मिलकर किए जाने वाले काम में अच्छा करते हैं।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

आठवें भाव में चंद्रमा होने से ये दिन चंद्राष्टम के होते हैं, जब मन बेचैन रहता है और योजनाएँ खिसकती हैं। इन दिनों कोई नया काम शुरू न करें, किसी समझौते पर दस्तख़त न करें और इस्तीफ़ा न दें; चल रहा काम चुपचाप पूरा करें और चंद्रमा के आगे बढ़ने का इंतज़ार करें।

रविवार 1 नवंबर

नौवें भाव में चंद्रमा इस दिन कुछ सीखने, सलाह लेने और बड़ों से बात करने के लिए अच्छे हैं, और किसी अनुभवी की बात काम आती है। पर मन रोज़ के काम से भटक सकता है, इसलिए समय-सीमा और छोटी-छोटी बातों पर ध्यान रखें।

पूरे हफ़्ते

बुध आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए हर ऑफ़र लेटर और अनुबंध दो बार पढ़ें, और जो दस्तख़त रुक सके उसे उसके बाद करें।

पूरे हफ़्ते

नौवें भाव में मंगल नियमों और उसूलों को लेकर बॉस या मार्गदर्शक से खिंचाव ला सकते हैं। काम की यात्रा भाग-दौड़ भरी रहती है; इन दिनों किसी बड़े से रिश्ता न बिगाड़ें।

सबसे अच्छे दिन

ये दिन इंटरव्यू, वरिष्ठों से मुलाक़ात, योजना की पेशकश और मंज़ूरी के लिए रखें।

सावधानी
  • गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक

    चंद्राष्टम: चंद्रमा आपके आठवें भाव में — नई नौकरी की शुरुआत, अनुबंध पर दस्तख़त, इस्तीफ़ा या वरिष्ठों से बहस टालें

प्रेम74

प्रेम और विवाह के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

छठे भाव में चंद्रमा इन दिनों छोटी तकरारें सुलझाने और व्यावहारिक अड़चनें दूर करने में मदद करते हैं, जैसे रिश्ते की बात में अटका कोई मुद्दा या घर की कोई पुरानी शिकायत। इसे शांति और दृढ़ता से संभालें, और घर के कामों में जीवनसाथी का हाथ बँटाएँ।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

सातवें भाव में चंद्रमा आपका मन जीवनसाथी की ओर मोड़ते हैं, और रिश्ते वाले परिवार से मिलने या साथ में सच्चा समय बिताने के लिए ये हफ़्ते के सबसे अच्छे दिनों में से हैं। अविवाहित लोग किसी से मिलवाने की बात पर हाँ कहें, और जोड़े अपनी साझा योजनाओं पर खुलकर बात करें।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

आठवें भाव में चंद्रमा का यह समय चंद्राष्टम कहलाता है, जब मन उदास रहता है और छोटे-छोटे शक असल से बड़े लगते हैं। इन दिनों रिश्ता पक्का न करें, प्रस्ताव न रखें और रिश्ते का कोई बड़ा फ़ैसला न लें; बातों को शांत रखें और चंद्रमा के आगे बढ़ने का इंतज़ार करें।

रविवार 1 नवंबर

नौवें भाव में चंद्रमा इस दिन माता-पिता और बड़ों को आपके प्रेम-जीवन में ले आते हैं, और उनकी राय आपसे अलग हो सकती है। जवाब देने से पहले धैर्य से सुनें, और इस समय को किसी कठिन बहस के बजाय मंदिर जाने या परिवार से फ़ोन पर बात करने में लगाएँ।

पूरे हफ़्ते

शुक्र आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए बातचीत आगे बढ़ाएँ और सगाई या शादी की तारीख़ उसके बाद तय करें।

पूरे हफ़्ते

नौवें भाव में मंगल आपकी पसंद को लेकर पिता या बड़ों से मतभेद ला सकते हैं; अपनी बात ज़िद से नहीं, आदर से रखें।

सबसे अच्छे दिन

ये दिन रिश्ते के लिए परिवार से मुलाक़ात, साथ घूमने जाने या दिल की बात के लिए रखें। पर बुध पूरे हफ़्ते वक्री हैं, इसलिए ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें।

सावधानी
  • गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक

    चंद्राष्टम: चंद्रमा आपके आठवें भाव में — रिश्ता पक्का करना, रिश्ते के बड़े फ़ैसले या झगड़ा छेड़ना टालें

स्वास्थ्य67

सेहत के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

छठे भाव में चंद्रमा शरीर को ठीक होने में मदद करते हैं, इसलिए टिकी हुई सर्दी, थकान या कोई छोटी तकलीफ़ इन दिनों कम होती है। रुकी हुई जाँच या डॉक्टर को दोबारा दिखाने के लिए यह अच्छा समय है, और जो इलाज चल रहा है उसे पूरी लगन से निभाने का भी।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

सातवें भाव में चंद्रमा इन दिनों मन को शांत और मिलनसार रखते हैं, और जीवनसाथी या क़रीबी दोस्तों के साथ बिताया समय मन को सच में सुकून देता है। इसका आनंद लें, पर बाहर का खाना और देर रात तक जागना सीमित रखें ताकि मन के साथ शरीर भी आराम में रहे।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

आठवें भाव में चंद्रमा होने के ये दो-तीन दिन चंद्राष्टम कहलाते हैं, जब मन जल्दी थकता है और ऊर्जा कम रहती है। ज़्यादा आराम करें, शरीर पर ज़ोर न डालें, सड़क पर और यात्रा में ख़ास सावधानी रखें, और शरीर में कुछ अलग लगे तो इंतज़ार किए बिना डॉक्टर को दिखाएँ।

रविवार 1 नवंबर

नौवें भाव में चंद्रमा मन में उम्मीद जगाते हैं, पर यात्रा, व्रत या लंबे धार्मिक आयोजन शरीर को थका सकते हैं। रोज़ की दवा चल रही हो तो व्रत हल्का रखें, सफ़र में पानी और खाना साथ रखें, और उसके बाद पूरी नींद लें।

पूरे हफ़्ते

नौवें भाव में मंगल सफ़र में बुख़ार या थकान और बड़ों से खटपट ला सकते हैं; दवाएँ साथ रखें, लंबी ड्राइव के बीच आराम करें, और बड़ों से बहस छोटी रखें।

पूरे हफ़्ते

बुध आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए रिपोर्ट और पर्चे पर अमल से पहले उन्हें दोबारा जाँचें।

सबसे अच्छे दिन

ये दिन जाँच और नई दिनचर्या या खान-पान की शुरुआत के लिए रखें।

सावधानी
  • पूरे हफ़्ते

    शुक्र वक्री: मिठाई, भारी खाना और देर रातें लौट आती हैं; ज़्यादती पर लगाम रखें

  • गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक

    चंद्राष्टम: चंद्रमा आपके आठवें भाव में — ज़्यादा थकान, जोखिम भरा सफ़र, भारी वज़न उठाना और नींद छोड़ना टालें

धन67

धन के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

छठे भाव में चंद्रमा इन दिनों को पैसों के मामले निपटाने के लिए अच्छा बनाते हैं: बकाया वसूलें, महँगा क़र्ज़ कुछ कम करें या क्रेडिट कार्ड का बकाया चुका दें। व्यापारी बिल का कोई विवाद सुलझा सकते हैं या सप्लायर से मज़बूती से मोल-भाव कर सकते हैं।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

सातवें भाव में चंद्रमा दूसरों के ज़रिए आने वाले पैसे में मदद करते हैं, इसलिए इन दिनों ग्राहकों, साझेदारों या ख़रीदारों से मुलाक़ात अच्छी रहती है। जिस सौदे की बात चल रही है उसे पक्का करें, और दाम व भुगतान की तारीख़ लिखित में तय करें।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

आठवें भाव में चंद्रमा चंद्राष्टम का समय बनाते हैं, जब पैसों की समझ कमज़ोर रहती है और कोई अचानक बिल या अटका भुगतान परेशान कर सकता है। सिर्फ़ रोज़ के भुगतान करें, और इन दिनों न उधार दें, न बड़ी ख़रीदारी करें, न पैसों के काग़ज़ों पर दस्तख़त करें।

रविवार 1 नवंबर

नौवें भाव में चंद्रमा बड़ों और शुभचिंतकों से पैसों की सलाह दिलाते हैं, और यात्रा, पूजा या माता-पिता पर ख़र्च सामने आ सकता है। सलाह ध्यान से सुनें, पर उस पर पैसा लगाने से पहले ख़ुद जाँच लें।

पूरे हफ़्ते

शुक्र आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए बड़ी ख़रीदारी और नया निवेश उसके बाद करें; बकाया माँगना और काग़ज़ी काम अभी हो सकता है।

पूरे हफ़्ते

बुध आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 13 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए हर आँकड़ा दोबारा जाँचें, और बड़े ट्रांसफ़र व क़र्ज़ के काग़ज़ उसके बाद रखें।

सबसे अच्छे दिन

ये दिन बकाये की वसूली और पैसों के काग़ज़ी काम के लिए रखें।

सावधानी
  • गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक

    चंद्राष्टम: चंद्रमा आपके आठवें भाव में — उधार देना, क़र्ज़ लेना, पैसों के काग़ज़ों पर दस्तख़त या किसी भी तरह का सट्टा टालें

घर-परिवार70

घर-परिवार के लिए 26 अक्टूबर – 1 नवंबर का हफ़्ता: शुरुआत मज़बूत, बीच का समय मिला-जुला और अंत धीमा।

सोमवार 26 से मंगलवार 27 अक्टूबर तक

छठे भाव में चंद्रमा घर की किसी खटपट या किसी रिश्तेदार से छोटे विवाद को शांति से सुलझाने का धैर्य देते हैं। इन दिनों घर के काम, बिल, और बड़ों की दवा या डॉक्टर के पास जाने का काम निपटा लें, इसके बाद घर ज़्यादा आराम से चलेगा।

बुधवार 28 से गुरुवार 29 अक्टूबर तक

सातवें भाव में चंद्रमा जीवनसाथी और ससुराल वालों से अच्छा तालमेल लाते हैं, और घर में मेल-जोल का माहौल रहता है। ये दिन मेहमानों की ख़ातिरदारी, साथ मिलकर रिश्तेदारों से मिलने या परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छे हैं, इसलिए योजना में दूसरों को भी शामिल करें और इस समय का आनंद लें।

शुक्रवार 30 से शनिवार 31 अक्टूबर तक

आठवें भाव में चंद्रमा चंद्राष्टम के दिन लाते हैं, जब भावनाएँ गहरी रहती हैं और घर में कही छोटी बात का भी ग़लत मतलब निकल जाता है। इन दिनों कोई पारिवारिक आयोजन शुरू न करें, प्रॉपर्टी का सौदा न करें और कोई पुराना विवाद न छेड़ें; ये दिन शांति से बीतने दें।

रविवार 1 नवंबर

नौवें भाव में चंद्रमा आपका मन पिता, बड़ों और घर की परंपराओं की ओर ले जाते हैं, और साथ मिलकर पूजा करना या मंदिर जाना अच्छा लगता है। बड़े बिना माँगे सलाह दे सकते हैं, इसलिए पलटकर बहस करने के बजाय धैर्य से उनकी बात सुनें।

पूरे हफ़्ते

शुक्र आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में हैं, पर 14 नवंबर तक वक्री हैं, इसलिए गाड़ी, गहने या महँगा सामान उसके बाद ख़रीदें।

पूरे हफ़्ते

नौवें भाव में मंगल काम करने के तरीक़े को लेकर पिता या बड़ों से तीखी बहस करा सकते हैं; उनकी राय का सम्मान करें और धार्मिक योजनाएँ सादी रखें।

सबसे अच्छे दिन

ये दिन पारिवारिक कार्यक्रमों, घर में पूजा, प्रॉपर्टी देखने जाने और लंबे समय से टलती पारिवारिक बातचीत के लिए रखें। पर बुध पूरे हफ़्ते वक्री हैं, इसलिए प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें, और ज़रूरी बातें आमने-सामने कहें।

सावधानी
  • गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक

    चंद्राष्टम: चंद्रमा आपके आठवें भाव में — प्रॉपर्टी के सौदे, गृह प्रवेश, घर की कोई बड़ी ख़रीद या पुराने पारिवारिक विवाद छेड़ना टालें

02

इस हफ़्ते के अच्छे और कमज़ोर दिन

अंकों के साथ, सबसे अच्छा दिन चिह्नित
दिन-ब-दिन
85सोम
सबसे अच्छा86मंगल
81बुध
सबसे अच्छा86गुरु
54शुक्र
सबसे कमज़ोर53शनि
70रवि
  • सोमवार 26 अक्टूबर · 85

    चंद्रमा छठे भाव में — रोज़ का काम, सेहत और विरोधी, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; अश्विनी नक्षत्र

  • मंगलवार 27 अक्टूबर · 86

    चंद्रमा छठे भाव में — रोज़ का काम, सेहत और विरोधी, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; भरणी नक्षत्र

  • बुधवार 28 अक्टूबर · 81

    चंद्रमा सातवें भाव में — विवाह और साझेदारी, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; कृत्तिका नक्षत्र

  • गुरुवार 29 अक्टूबर · 86

    चंद्रमा सातवें भाव में — विवाह और साझेदारी, चंद्रमा के लिए अच्छी जगह; मृगशिरा नक्षत्र; चंद्राष्टम रात 10:06 से; करवा चौथ

  • शुक्रवार 30 अक्टूबर · 54

    चंद्रमा आठवें भाव में — अचानक बदलाव और छिपे मामले; आर्द्रा नक्षत्र; पूरे दिन चंद्राष्टम

  • शनिवार 31 अक्टूबर · 53

    चंद्रमा आठवें भाव में — अचानक बदलाव और छिपे मामले; पुनर्वसु नक्षत्र; पूरे दिन चंद्राष्टम

  • रविवार 1 नवंबर · 70

    चंद्रमा नौवें भाव में — भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ, चंद्रमा के लिए मिली-जुली जगह; पुष्य नक्षत्र; चंद्राष्टम रात 12:00 तक; अहोई अष्टमी

03

वृश्चिक राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा वृश्चिक में हों, वे गहराई से महसूस करते हैं और बहुत कुछ मन में रखते हैं। ये दृढ़ निश्चयी, समझदार और भरोसे के लोगों के प्रति वफ़ादार होते हैं, और आसानी से हार नहीं मानते। यहाँ चंद्रमा नीच के होते हैं, इसलिए मन में शक आ सकता है या चोट देर तक चुभती है; मन की बात ईमानदारी से कह देना मदद करता है। वृश्चिक मंगल की राशि है, इसलिए ये शोध, चिकित्सा, जाँच-पड़ताल और संकट संभालने वाले कामों में अच्छे रहते हैं।

प्रतीकबिच्छू
तत्वजल
प्रकारस्थिर
स्वामीमंगल
नक्षत्रविशाखा (चौथा चरण), अनुराधा, ज्येष्ठा (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनमंगलवार
स्वभाव की बातें
गहनबातें मन में रखने वालादृढ़ निश्चयीगहरी समझ वालावफ़ादार
ख़ूबियाँ
हार न मानने वालाहर हाल में रास्ता निकालने वालासंकट में शांतराज़ रखने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी भरोसा न करने वालादेर से माफ़ करने वालाभावनाएँ दबाने वालातीखा बोलने वाला
करियर
शोधचिकित्साजाँच-पड़तालबीमाआपदा प्रबंधन
04

इस हफ़्ते के उपाय

इस हफ़्ते और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ मंगलाय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी मंगल के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
सुझावप्रेम और विवाह सबसे मज़बूत पक्ष है (74) और काम, पैसे और सेहत पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (67)। ज़रूरी काम बुधवार 28 और गुरुवार 29 अक्टूबर के लिए रखें; चंद्राष्टम में रोज़ का काम ही करें: गुरुवार 29 रात 10:06 से शनिवार 31 की आधी रात (रविवार 1, रात 12 बजे) तक।
पूरा विवरणहफ़्ते भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय मंगल का मंत्र «ॐ मंगलाय नमः» 108 बार जपें; मंगलवार को यह ख़ास तौर पर करें।
वृश्चिक का आज का राशिफल पढ़ें →
इस हफ़्ते के त्योहार और व्रत
  • गुरुवार 29 अक्टूबर

    करवा चौथ: नई दिल्ली में चंद्रोदय रात 8:17

  • रविवार 1 नवंबर

    अहोई अष्टमी: अहोई अष्टमी पूजा मुहूर्त शाम 5:36 से 6:54 तक

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
चंद्राष्टम
हर महीने के वे लगभग दो दिन जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव से गुज़रते हैं: रोज़ के काम का समय, नई शुरुआत का नहीं।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

3 सवाल
इस हफ़्ते वृश्चिक राशि के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

गुरुवार 29 अक्टूबर (86)। शनिवार 31 अक्टूबर (53) को सबसे ज़्यादा ध्यान रखें।

यह हफ़्ता (26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक) वृश्चिक राशि के लिए कैसा है?

अच्छा, 100 में से 68: करियर 67, प्रेम 74, सेहत 67, पैसा 67।

इस हफ़्ते वृश्चिक राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 1, 8, 9; रंग काला और लाल।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

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आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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