मिथुन ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर मिथुन राशि का 2027 का हाल है, मिथुन से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।
2027 में सबसे अच्छे महीने मई और जून हैं और सबसे धीमे जनवरी और नवंबर — साथ में साल के ज़्यादातर हिस्से में शनि काम को मुख्य परीक्षा बनाते हैं।
गुरु आपके तीसरे भाव (पराक्रम भाव) में हैं, जो उनके लिए कमज़ोर जगह है। मेहनत पूरी होती है पर नतीजे धीरे आते हैं; छोटी यात्राएँ और छोटे बदलाव व्यस्त रखते हैं।
गुरु आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में आते हैं। बचत बढ़ती है, परिवार में अपनापन बढ़ता है और आपकी बात का वज़न होता है। इस दौर में गुरु कर्क राशि में हैं, जो उनकी उच्च राशि है — शास्त्रों के अनुसार यहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।
गुरु आपके चौथे भाव (घर और माता का भाव) में आते हैं। घर, प्रॉपर्टी और मन की शांति आपका समय माँगते हैं; घर बदलने या मरम्मत की संभावना है।
2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके दसवें भाव में: भारी काम और जवाबदेही; अभी जो बनाएँगे, वह लंबा टिकेगा।
3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके ग्यारहवें भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — लगातार लाभ, और पुरानी मेहनत का फल।
काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 25 जून तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 10 जून से 25 जून तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।
2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; 2 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला।
3 जून से 19 अक्टूबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 3 जून से 13 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 25 जून तक है; 24 जनवरी तक और 26 जून से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 25 जून तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।
2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 25 जून तक है; 25 जनवरी से 2 जून तक, 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक धीमा।
3 जून से 9 जून तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। 10 जून से बुध वक्री होते हैं, इसलिए यह समय उससे पहले रखा गया है।
2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है; 2 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला।
तीसरे भाव में गुरु भाई-बहनों और चचेरे-ममेरे भाई-बहनों को केंद्र में लाते हैं: इस साल किसी भाई या बहन को आपकी मदद, सलाह या पैसे की ज़रूरत पड़ सकती है। रिश्तेदारों से मिलने की छोटी यात्राएँ आम हैं, पर पारिवारिक योजनाएँ आपकी सोच से धीमी चलती हैं। भाई-बहनों की खुलकर मदद करें, लेन-देन लिखित में रखें, और छोटी ग़लतफ़हमी को बढ़ने से पहले फ़ोन या मुलाक़ात से दूर करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए पिता और बड़े आपकी योजनाओं का साथ देते हैं और परिवार के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।
दूसरे भाव में गुरु का होना पारिवारिक जीवन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: शादी, बच्चे के जन्म या किसी के घर लौटने से परिवार बढ़ता है, और घर की आर्थिक हालत सुधरती है। आपकी बात में मिठास भी होती है और वज़न भी, इसलिए किसी रिश्तेदार से पुरानी अनबन मिटाने का यही समय है। जो पारिवारिक पूजा या मिलन टलता आ रहा है, उसे अभी करें, और परिवार के लिए कुछ बचत अलग रखें। पर आपके दसवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 2 जून तक का समय घर-परिवार के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 3 जून से 19 अक्टूबर तक है।
चौथे भाव में गुरु घर को साल का मुख्य विषय बनाते हैं: घर ख़रीदना, बनवाना या उसकी मरम्मत, नया वाहन या घर बदलना — सब संभव है। परंपरा इसे अस्थिर स्थिति मानती है, इसलिए इस काम में सोच से ज़्यादा भाग-दौड़, ख़र्च और रिश्तेदारों से खटपट होती है, और माँ की सेहत पर ध्यान देना ज़रूरी है। प्रॉपर्टी की योजना पर आगे बढ़ें, पर हर काग़ज़ जाँचें और बजट से बाहर न जाएँ।
दसवें भाव में शनि काम का दबाव पारिवारिक जीवन पर डालते हैं: लंबे घंटों के बाद घर के लिए कम समय बचता है, और माता-पिता को आपके करियर की चिंता हो सकती है। ध्यान न रखें तो घर को आपकी बची-खुची ताक़त ही मिलती है। परिवार का समय तय रखें, बड़े फ़ैसलों में जीवनसाथी और माता-पिता को शामिल करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। शनि की दृष्टि आपके चौथे भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए।
ग्यारहवें भाव में शनि परिवार को लगातार और टिकाऊ लाभ देते हैं: बड़े भाई-बहन मदद करते हैं, घर की आमदनी बढ़ती है, और लंबे समय से अटकी योजनाएँ — घर या पारिवारिक कार्यक्रम — आख़िर पूरी होती हैं। परिवार के पुराने मित्र ज़रूरत पर काम आते हैं। प्रॉपर्टी की ख़रीद पूरी करने या बड़े परिवार को एक साथ लाने के लिए बहुत अच्छा समय। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: बच्चों को दबाव नहीं, धैर्य और लगातार सहारा चाहिए।
आठवें भाव में राहु अचानक पारिवारिक ख़र्च या विरासत के छिपे विवाद ला सकते हैं; काग़ज़ात ठीक रखें और परिवार में चोरी-छिपे के सौदों से बचें। दूसरे भाव में केतु परिवार से आपकी बात को रूखा या उखड़ा बना सकते हैं; प्यार की बात खुलकर कहें।
3 जून से 19 अक्टूबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त सिर्फ़ 3 जून से 4 जुलाई तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें
मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें
बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें
सूर्य ग्रहण: आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में गृह प्रवेश, मुंडन या कोई और पारिवारिक संस्कार न करें
शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी
गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री
गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह
गुरु दूसरे भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि और बुध वक्री
गुरु तीसरे भाव में — भारी जगह; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि वक्री
गुरु चौथे भाव में — भारी जगह; शनि दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि वक्री
गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में, और 25 जनवरी से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।
मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में, और 10 मार्च से दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।
गुरु आपके दूसरे भाव में: धन, परिवार और वाणी पर कृपा — बचत बढ़ती है, परिवार साथ आता है, और आपकी बात का वज़न होता है। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।
सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में।
बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में, और 24 फ़रवरी से आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।
चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। उपच्छाया ग्रहण।
शनि आपके ग्यारहवें भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — लगातार लाभ, और पुरानी मेहनत का फल। मेष शनि की नीच राशि है, इसलिए यह अच्छा भाव कम और देर से फल देता है।
बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में; वही सावधानी रखें।
गुरु आपके तीसरे भाव में: मेहनत का फल सामान्य से धीरे मिलता है; छोटे बदलाव, छोटी यात्राएँ और जगह बदलने का दौर।
चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में। उपच्छाया ग्रहण।
सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके दूसरे भाव (धन, परिवार और वाणी) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।
शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 20 अक्टूबर से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।
चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में।
बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में, और 21 अक्टूबर से चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में; वही सावधानी रखें।
शनि आपके दसवें भाव में: भारी काम और जवाबदेही; अभी जो बनाएँगे, वह लंबा टिकेगा।
गुरु आपके चौथे भाव में: घर और मन की शांति पर ध्यान चाहिए; प्रॉपर्टी के मामले, घर बदलना या मरम्मत की संभावना।
जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।
उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।
2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)
जिनके चंद्रमा मिथुन में हों, वे जिज्ञासु, बातूनी और हाज़िरजवाब होते हैं। ऐसे लोग जल्दी सीखते हैं, दूसरों का साथ पसंद करते हैं और एक साथ कई काम संभाल लेते हैं; ऊब इनकी सबसे बड़ी दुश्मन है, और मन भटकता या राय बदलता रहता है। मिथुन बुध की राशि है, इसलिए बातचीत, व्यापार, लेखन और तेज़ दिमाग़ वाले कामों में ये आगे रहते हैं।
अच्छा, 100 में से 67। सबसे मज़बूत: प्रेम और सेहत (69); सँभलकर: पैसा (64)।
सबसे अच्छे: जून (79) और मई (74)। सबसे धीमे: जनवरी और नवंबर (59)।
नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय मिथुन से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं।
अंक 3, 5; रंग पीला, सफ़ेद और हरा।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

