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वृश्चिक राशि · वार्षिक राशिफल

वृश्चिक राशिफल 2027
पूरा साल

वृश्चिक ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर वृश्चिक राशि का 2027 का हाल है, वृश्चिक से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

वृश्चिक2027वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप वृश्चिक पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनिवृश्चिक राशि पर अभी साढ़े साती नहीं है।अगली साढ़े साती 28 जनवरी 2041 से शुरू होगी। तारीख़ें देखें →
2027 · वृश्चिक · स्वामी मंगल
अच्छा

2027 में सबसे अच्छे महीने जून और सितंबर हैं और सबसे धीमे जनवरी, फ़रवरी और नवंबर — साथ में साल के ज़्यादातर हिस्से में शनि फ़ैसलों को धीमा रखते हैं।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें।

25 जनवरी से 25 जून तक

गुरु आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में आते हैं। बड़े और गुरुजन साथ देते हैं, और तीर्थ, उच्च शिक्षा व लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस दौर में गुरु कर्क राशि में हैं, जो उनकी उच्च राशि है — शास्त्रों के अनुसार यहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।

26 नवंबर से

गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में आते हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके पाँचवें भाव में: संतान या पढ़ाई की चिंता; सट्टे वाले पैसे से पहले दो बार सोचें।

3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल।

करियर77प्रेम76स्वास्थ्य80धन79घर-परिवार80
कुल मिलाकर78
01

2027 में करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू का सार और सबसे अच्छा समय; पूरा फल उसके अपने पेज पर
करियर77

काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें।

2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

प्रेम76

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से है; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 26 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) और खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

स्वास्थ्य80

सेहत के लिए 2027: पूरा साल मज़बूत रहता है। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें। इस दौर में नवंबर साल के सबसे धीमे महीनों में है (वक्री ग्रह या ग्रहण), इसलिए सबसे बड़े क़दम उस महीने में न रखें।

2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

धन79

धन के लिए 2027: पूरा साल मज़बूत रहता है। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

घर-परिवार80

घर-परिवार के लिए 2027: पूरा साल मज़बूत रहता है। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए घर-परिवार के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

25 जनवरी से 25 जून तक

नौवें भाव में गुरु पिता, बड़ों और गुरुजनों का आशीर्वाद दिलाते हैं: उनका साथ, सलाह या पैसे की मदद ज़रूरत के समय मिलती है। माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा, घर में कथा या हवन, या परिवार में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए बहुत अच्छा समय है। पिता के साथ समय बिताएँ, परिवार के बड़े फ़ैसलों में बड़ों की सलाह लें, और जिस तीर्थ यात्रा की बात चल रही है, उसे पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

26 नवंबर से

ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें।

2 जून तक

पाँचवें भाव में शनि संतान से जुड़े मामलों को धीमा करते हैं: बच्चों की पढ़ाई या करियर को ज़्यादा सहारे की ज़रूरत होती है, और उनसे बातचीत में खिंचाव आ सकता है। संतान की आशा रखने वाले दंपती को देरी हो सकती है, इसलिए धैर्य रखें और डॉक्टर की सलाह मानें। बच्चों के साथ सख़्त पर स्नेह भरे रहें, सलाह देने से पहले उनकी सुनें, और नंबरों या शादी को लेकर उन पर दबाव न डालें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर का पैसा तंग रहता है और ग़ुस्से में कही बात देर तक चुभती है, इसलिए सँभलकर बोलें।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

छठे भाव में शनि का होना परिवार के लिए मज़बूत स्थिति है: रिश्तेदारों से पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझते हैं, परिवार का क़र्ज़ उतरता है, और नियम से बड़ों की सेहत सुधरती है। घर की समस्याएँ आप शांति से संभालते हैं। अटका प्रॉपर्टी का मामला निपटाने, परिवार का क़र्ज़ चुकाने और पूरे घर के लिए सेहतमंद दिनचर्या बनाने का अच्छा समय।

पूरे साल

तीसरे भाव में राहु परिवार के मामले संभालने की हिम्मत देते हैं; भाई-बहन की मदद या रिश्तेदारों के साथ छोटी यात्रा अच्छी रहती है। नौवें भाव में केतु परिवार को आस्था की ओर ले जाते हैं; माता-पिता के साथ तीर्थ यात्रा अच्छी रहती है।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है; चातुर्मास और खरमास में पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार उनमें गृह प्रवेश नहीं रखते, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 2 अगस्त

    सूर्य ग्रहण: आपके नौवें भाव (भाग्य और धर्म का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में गृह प्रवेश, मुंडन या कोई और पारिवारिक संस्कार न करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

02

2027 के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
सबसे कमज़ोर72जन॰
सबसे कमज़ोर72फ़र॰
77मार्च
79अप्रैल
80मई
सबसे अच्छा85जून
79जुल॰
78अग॰
81सित॰
80अक्टू॰
सबसे कमज़ोर72नव॰
78दिस॰
  • जन॰ · 72

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • फ़र॰ · 72

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी

  • मार्च · 77

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री

  • अप्रैल · 79

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • मई · 80

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह

  • जून · 85

    गुरु नौवें भाव में — अच्छी जगह, उच्च के होने से और मज़बूत; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री

  • जुल॰ · 79

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई

  • अग॰ · 78

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त

  • सित॰ · 81

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि वक्री

  • अक्टू॰ · 80

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह, पर नीच के होने से फल धीमा; शनि और बुध वक्री

  • नव॰ · 72

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

  • दिस॰ · 78

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि पाँचवें भाव में — भारी जगह; शनि वक्री

03

2027 की अहम तारीख़ें

गुरु और शनि का राशि बदलना, वक्री (उल्टी चाल वाले) ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में, और 25 जनवरी से नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 10 जन॰वक्री

    मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में, और 10 मार्च से नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।

  3. 25 जन॰गोचर

    गुरु आपके नौवें भाव में: भाग्य, धर्म और गुरु साथ हैं — तीर्थयात्रा, ऊँची पढ़ाई और लंबी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जहाँ वे सबसे बलवान होते हैं।

  4. 6 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में।

  5. 9 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में, और 24 फ़रवरी से तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  6. 21 फ़र॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। उपच्छाया ग्रहण।

  7. 3 जूनगोचर

    शनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल। मेष शनि की नीच राशि है, इसलिए यह अच्छा भाव कम और देर से फल देता है।

  8. 10 जूनवक्री

    बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव और छिपे मामले) में; वही सावधानी रखें।

  9. 26 जूनगोचर

    गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें।

  10. 18 जुल॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में। उपच्छाया ग्रहण।

  11. 2 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।

  12. 9 अग॰वक्री

    शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में, और 20 अक्टूबर से पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  13. 17 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके तीसरे भाव (हिम्मत, मेहनत और छोटी यात्राएँ) में।

  14. 7 अक्टू॰वक्री

    बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में, और 21 अक्टूबर से ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में; वही सावधानी रखें।

  15. 20 अक्टू॰गोचर

    शनि आपके पाँचवें भाव में: संतान या पढ़ाई की चिंता; सट्टे वाले पैसे से पहले दो बार सोचें।

  16. 26 नव॰गोचर

    गुरु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी — आमदनी, मित्र और जान-पहचान सब साथ देते हैं।

जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।

उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।

शादी और गृह प्रवेश के मुहूर्त, 2027

2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)

विवाह मुहूर्त 2027 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

04

वृश्चिक राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा वृश्चिक में हों, वे गहराई से महसूस करते हैं और बहुत कुछ मन में रखते हैं। ये दृढ़ निश्चयी, समझदार और भरोसे के लोगों के प्रति वफ़ादार होते हैं, और आसानी से हार नहीं मानते। यहाँ चंद्रमा नीच के होते हैं, इसलिए मन में शक आ सकता है या चोट देर तक चुभती है; मन की बात ईमानदारी से कह देना मदद करता है। वृश्चिक मंगल की राशि है, इसलिए ये शोध, चिकित्सा, जाँच-पड़ताल और संकट संभालने वाले कामों में अच्छे रहते हैं।

प्रतीकबिच्छू
तत्वजल
प्रकारस्थिर
स्वामीमंगल
नक्षत्रविशाखा (चौथा चरण), अनुराधा, ज्येष्ठा (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनमंगलवार
स्वभाव की बातें
गहनबातें मन में रखने वालादृढ़ निश्चयीगहरी समझ वालावफ़ादार
ख़ूबियाँ
हार न मानने वालाहर हाल में रास्ता निकालने वालासंकट में शांतराज़ रखने वाला
इन पर ध्यान दें
जल्दी भरोसा न करने वालादेर से माफ़ करने वालाभावनाएँ दबाने वालातीखा बोलने वाला
करियर
शोधचिकित्साजाँच-पड़तालबीमाआपदा प्रबंधन
05

2027 के उपाय

2027 और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ मंगलाय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी मंगल के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
सुझाव2027 में सेहत और घर-परिवार आपके सबसे मज़बूत पक्ष हैं (80) और प्रेम और विवाह पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (76)। कुल मिलाकर साल के सबसे अच्छे महीने जून और सितंबर हैं; हर पक्ष का अपना सबसे अच्छा समय उसके खाने में दिया है।
पूरा विवरणसाल भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय मंगल का मंत्र «ॐ मंगलाय नमः» 108 बार जपें; मंगलवार को यह ख़ास तौर पर करें।
वृश्चिक का आज का राशिफल पढ़ें →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 वृश्चिक राशि के लिए कैसा रहेगा?

अच्छा, 100 में से 78। चारों पहलू आसपास हैं, 76 से 80 के बीच।

2027 में वृश्चिक राशि के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

सबसे अच्छे: जून (85) और सितंबर (81)। सबसे धीमे: जनवरी–फ़रवरी और नवंबर (72)।

क्या 2027 में वृश्चिक राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय वृश्चिक से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं।

2027 में वृश्चिक राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 1, 9; रंग कत्थई, सफ़ेद और लाल।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

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