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नई दिल्ली

मुंडन का मुहूर्त नवंबर 2026
इस महीने क्यों नहीं, और अगली तारीख़

चूड़ाकरण, बच्चे के पहली बार बाल उतारने का संस्कार।

इस महीने कोई नहींअगला: बुधवार, 20 जनवरी

नवंबर में मुंडन का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

नवंबर 2026 में मुंडन के लिए कोई शुभ दिन नहीं है। 14 जनवरी 2027 तक सूर्य मकर, कुंभ, मेष, वृषभ या मिथुन राशि में नहीं हैं, और यह काम केवल इन्हीं राशियों के महीनों में होता है। शुक्र 1 नवंबर 2026 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। अगला शुभ दिन बुधवार, 20 जनवरी 2027 है, फिर गुरुवार, 28 जनवरी 2027 और सोमवार, 1 फ़रवरी 2027। फ़रवरी 2027 में 5 और दिन हैं।

अगले शुभ दिन

नवंबर के बाद
20जनवरी
बुधवार, 20 जनवरीशुक्ल त्रयोदशी · मृगशिरामुहूर्तसुबह 10:07 से 11:31; दोपहर 1:07 से शाम 4:17सबसे अच्छा समय:दोपहर 1:51 से शाम 4:17
28जनवरी
गुरुवार, 28 जनवरीकृष्ण सप्तमी · चित्रामुहूर्तसुबह 9:35 से 11:01; दोपहर 12:37 से शाम 5:57सबसे अच्छा समय:दोपहर 3:52 से शाम 5:57
1फ़रवरी
सोमवार, 1 फ़रवरीकृष्ण एकादशी · ज्येष्ठामुहूर्तसुबह 9:19 से 10:45; दोपहर 12:19 से शाम 6:00सबसे अच्छा समय:दोपहर 3:17 से शाम 6:00

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

मुंडन, यानी चूड़ाकरण, बच्चे के पहली बार बाल उतारने का संस्कार है। मनुस्मृति (2.35) इसे पहले या तीसरे साल में बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार विषम साल रखते हैं: पहला, तीसरा या पाँचवाँ। बच्चा माँ की गोद में बैठता है, सिर के बीच की चोटी (शिखा) अक्सर छोड़ दी जाती है, और बाल किसी मंदिर या नदी में अर्पित किए जाते हैं; फिर सिर धोकर हल्दी या चंदन का लेप लगाया जाता है।

पंचांग में नवंबर 2026

मुंडन के लिए इसके 30 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ0 दिन
सूर्य ऐसी राशि में जिसमें यह काम नहीं होता17 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता13 दिन

इस महीने के काल:

  • सूर्य तुला और वृश्चिक राशि में: इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता: पूरे महीने
  • शुक्र अस्त: रविवार, 1 नवंबर तक

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • रविवार, 1 नवंबर, अहोई अष्टमी: रविवार को यह काम नहीं किया जाता
  • शुक्रवार, 6 नवंबर, धनतेरस: सूर्य तुला राशि में हैं, और इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता
  • रविवार, 8 नवंबर, दिवाली और नरक चतुर्दशी: रविवार को यह काम नहीं किया जाता
  • मंगलवार, 10 नवंबर, गोवर्धन पूजा: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • बुधवार, 11 नवंबर, भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा: सूर्य तुला राशि में हैं, और इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता
  • मंगलवार, 17 नवंबर, गोपाष्टमी: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • बुधवार, 18 नवंबर, अक्षय नवमी: सूर्य वृश्चिक राशि में हैं, और इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता
  • शनिवार, 21 नवंबर, तुलसी विवाह: शनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  • सोमवार, 23 नवंबर, वैकुंठ चतुर्दशी: सूर्य वृश्चिक राशि में हैं, और इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता
  • मंगलवार, 24 नवंबर, देव दीपावली और कार्तिक पूर्णिमा: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए मुंडन के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

पहली बार बाल उतारना
नक्षत्र
  • अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, रेवती
तिथियाँ
  • शुक्ल: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए; तीक्ष्ण, काटने और अलग करने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, रेवती), चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) और तीक्ष्ण (ज्येष्ठा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल प्रतिपदा, षष्ठी, अष्टमी और द्वादशी, और कृष्ण प्रतिपदा, षष्ठी, अष्टमी और द्वादशी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

मुंडन के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
नवंबर 2026 में मुंडन के कितने शुभ दिन हैं?

एक भी नहीं, क्योंकि 14 जनवरी 2027 तक सूर्य मकर, कुंभ, मेष, वृषभ या मिथुन राशि में नहीं हैं, और यह काम केवल इन्हीं राशियों के महीनों में होता है; और शुक्र 1 नवंबर 2026 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। अगला शुभ दिन बुधवार, 20 जनवरी 2027 है।

क्या दिवाली (8 नवंबर 2026) मुंडन के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: रविवार को यह काम नहीं किया जाता।

नवंबर 2026 के सभी 30 दिन मुंडन के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 30 दिनों में से 17 दिन तब पड़ते हैं जब सूर्य ऐसी राशि में हों जिसमें यह काम नहीं होता और 13 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता।

नवंबर 2026 के आसपास किस महीने में मुंडन के ज़्यादा दिन हैं?

जनवरी 2027 में, 2 दिन।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और मुंडन के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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