चूड़ाकरण, बच्चे के पहली बार बाल उतारने का संस्कार।
अगस्त 2027 में मुंडन के लिए कोई शुभ दिन नहीं है। 14 जनवरी 2028 तक सूर्य मकर, कुंभ, मेष, वृषभ या मिथुन राशि में नहीं हैं, और यह काम केवल इन्हीं राशियों के महीनों में होता है। शुक्र 7 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। गुरु 17 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। 2 अगस्त 2027 को यहाँ दिखने वाला ग्रहण इसे बंद रखता है। अगला शुभ दिन शुक्रवार, 28 जनवरी 2028 है, फिर बुधवार, 2 फ़रवरी 2028 और गुरुवार, 3 फ़रवरी 2028।
मुंडन, यानी चूड़ाकरण, बच्चे के पहली बार बाल उतारने का संस्कार है। मनुस्मृति (2.35) इसे पहले या तीसरे साल में बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार विषम साल रखते हैं: पहला, तीसरा या पाँचवाँ। बच्चा माँ की गोद में बैठता है, सिर के बीच की चोटी (शिखा) अक्सर छोड़ दी जाती है, और बाल किसी मंदिर या नदी में अर्पित किए जाते हैं; फिर सिर धोकर हल्दी या चंदन का लेप लगाया जाता है।
इस महीने के काल:
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए मुंडन के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।
ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।
मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए; तीक्ष्ण, काटने और अलग करने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, रेवती), चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) और तीक्ष्ण (ज्येष्ठा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल प्रतिपदा, षष्ठी, अष्टमी और द्वादशी, और कृष्ण प्रतिपदा, षष्ठी, अष्टमी और द्वादशी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।
मुंडन के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय
एक भी नहीं, क्योंकि 14 जनवरी 2028 तक सूर्य मकर, कुंभ, मेष, वृषभ या मिथुन राशि में नहीं हैं, और यह काम केवल इन्हीं राशियों के महीनों में होता है; और शुक्र 7 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं; और गुरु 17 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं; और 2 अगस्त 2027 को यहाँ दिखने वाला ग्रहण इसे बंद रखता है। अगला शुभ दिन शुक्रवार, 28 जनवरी 2028 है।
पंचांग के हिसाब से नहीं: सूर्य सिंह राशि में हैं, और इस राशि के महीने में यह काम नहीं होता।
इसके 31 दिनों में से 16 दिन तब पड़ते हैं जब सूर्य ऐसी राशि में हों जिसमें यह काम नहीं होता, 14 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता और 1 दिन ग्रहण का है।
जून 2027 में, 5 दिन; जुलाई 2027 में 3।
पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और मुंडन के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।
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