CosmiqeAI
वैदिक ज्योतिष

कुंडली के 12 भाव
हर भाव किस बात का है

हर भाव किस बात का है, उसका शास्त्रीय नाम, उसका कारक, और लाल किताब किन ग्रहों को उसमें शुभ मानती है।

12 भाव9 ग्रह

भावों के प्रकार (केंद्र, त्रिकोण, दुःस्थान, उपचय, मारक) तालिका के ठीक नीचे समझाए गए हैं।

भावनामकिस बात काकारकप्रकारयहाँ शुभ (लाल किताब)
पहला भावतनुआप ख़ुद, शरीर, सेहत और आपकी छविसूर्यकेंद्र, त्रिकोणसूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र
दूसरा भावधनजमा धन, परिवार, वाणी और खान-पानगुरुमारकचंद्र, बुध, गुरु, शुक्र
तीसरा भावसहजछोटे भाई-बहन, साहस, मेहनत और छोटी यात्राएँमंगलउपचयसूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, शुक्र, शनि, राहु
चौथा भावसुखमाता, घर, ज़मीन-जायदाद, वाहन और मन की शांतिचंद्रकेंद्रचंद्र, बुध, गुरु, शुक्र
पाँचवाँ भावपुत्रसंतान, पढ़ाई, बुद्धि और प्रेम संबंधगुरुत्रिकोणसूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र
छठा भावरिपुरोग, क़र्ज़, विरोधी, नौकरी और रोज़ का काममंगल, शनिदुःस्थान, उपचयसूर्य, मंगल, बुध, शनि, राहु
सातवाँ भावकलत्रशादी, जीवनसाथी, साझेदारी और व्यापारिक सौदेशुक्रकेंद्र, मारकचंद्र, बुध, गुरु, शुक्र, शनि
आठवाँ भावआयुआयु, अचानक घटनाएँ, विरासत और छिपी बातेंशनिदुःस्थानशनि
नौवाँ भावधर्मभाग्य, पिता, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँगुरु, सूर्यत्रिकोणसूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शुक्र, केतु
दसवाँ भावकर्मकरियर, पद, नाम और अधिकारबुध, सूर्य, गुरु, शनिकेंद्र, उपचयसूर्य, मंगल, बुध, शुक्र, शनि, राहु
ग्यारहवाँ भावलाभआमदनी, लाभ, बड़े भाई-बहन और दोस्तगुरुउपचयसूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, केतु
बारहवाँ भावव्ययख़र्च, विदेश, नींद और मोक्षशनिदुःस्थानशुक्र, केतु

कारक वह ग्रह है जो, लग्न कोई भी हो, किसी भाव की बातों का स्वाभाविक सूचक होता है (संतान के लिए गुरु, विवाह के लिए शुक्र)।

केंद्र, त्रिकोण, दुःस्थान, उपचय और मारक

केंद्र: 1, 4, 7, 10कुंडली के स्तंभ: स्वयं, घर, विवाह, करियर। यहाँ बैठे ग्रह ज़ोर से फल देते हैं।
त्रिकोण: 1, 5, 9भाग्य और पुण्य के भाव। इनके स्वामी लग्न के लिए शुभ माने जाते हैं।
दुःस्थान: 6, 8, 12रोग और क़र्ज़, अचानक घटनाएँ, हानि और ख़र्च। पराशर के अनुसार आठवें और बारहवें भाव के स्वामी जिनके साथ हों, वैसा फल देते हैं, और सूर्य व चंद्र के लिए आठवें भाव का स्वामी होना दोष नहीं (बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 34.5–7)।
त्रिषडाय: 3, 6, 11पराशर कहते हैं कि तीसरे, छठे या ग्यारहवें भाव के स्वामी कठिन फल देते हैं, और यह कठिनता तीसरे से छठे और फिर ग्यारहवें तक बढ़ती जाती है (34.5)।
उपचय: 3, 6, 10, 11वे भाव जो समय और मेहनत से बढ़ते हैं। शनि, मंगल, राहु और सूर्य यहाँ अच्छा करते हैं।
मारक: 2, 7सेहत और आयु के लिए देखे जाने वाले भाव (अध्याय 44)। हर लग्न के लिए कौन-से ग्रह मारक हैं, यह अध्याय 34 बताता है; हर ग्रह के पेज पर यह दिया है।
दिग्बल: ग्रह कहाँ सबसे बलवानपहले भाव में बुध और गुरु, चौथे में चंद्र और शुक्र, सातवें में शनि, दसवें में सूर्य और मंगल: यहाँ ये दिशा का बल पाते हैं (अध्याय 27)।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2 सवाल
कुंडली के 12 भाव कौन-से हैं?

पहला: आप ख़ुद, शरीर, सेहत और आपकी छवि; दूसरा: जमा धन, परिवार, वाणी और खान-पान; तीसरा: छोटे भाई-बहन, साहस, मेहनत और छोटी यात्राएँ; चौथा: माता, घर, ज़मीन-जायदाद, वाहन और मन की शांति; पाँचवाँ: संतान, पढ़ाई, बुद्धि और प्रेम संबंध; छठा: रोग, क़र्ज़, विरोधी, नौकरी और रोज़ का काम; सातवाँ: शादी, जीवनसाथी, साझेदारी और व्यापारिक सौदे; आठवाँ: आयु, अचानक घटनाएँ, विरासत और छिपी बातें; नौवाँ: भाग्य, पिता, धर्म, गुरु और लंबी यात्राएँ; दसवाँ: करियर, पद, नाम और अधिकार; ग्यारहवाँ: आमदनी, लाभ, बड़े भाई-बहन और दोस्त; बारहवाँ: ख़र्च, विदेश, नींद और मोक्ष।

केंद्र और त्रिकोण भाव कौन-से हैं?

केंद्र पहला, चौथा, सातवाँ और दसवाँ भाव हैं; त्रिकोण पहला, पाँचवाँ और नौवाँ। पहला भाव दोनों (केंद्र और त्रिकोण) में आता है।

ग्रह का अर्थ सबके लिए एक है, पर आपकी कुंडली सिर्फ़ आपकी है।

आपकी कुंडली में हर ग्रह कहाँ बैठे हैं, आपके लग्न के लिए किन भावों के स्वामी हैं और कौन-सी दशा चल रही है, इसी से तय होता है कि वे आपके लिए क्या करेंगे। सभी नौ ग्रह देखने के लिए अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ।

मुफ़्त कुंडली बनाएँ

AI ज्योतिषी से चैट करें

वैदिक ज्योतिष में प्रशिक्षित 24 AI ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिषएस्ट्रो प्रेमप्रेम और रिश्तेएस्ट्रो कुबेरधन और निवेशएस्ट्रो वैद्यसेहत और तंदुरुस्तीचैट, सेकॉल, सेशुल्क हर मिनट के हिसाब से लगता है, और सिर्फ़ तब तक जब तक चैट या कॉल चालू रहे। जब चाहें बंद करें।

आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, वार्षिक भविष्यवाणी और मासिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
अपने ग्रहों के बारे में पूछेंएस्ट्रो व्यास · पूछें