CosmiqeAI
नई दिल्ली · 2026, 2027, 2028

गुरु नानक जयंती 2026
24 नवंबर 2026

गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, कार्तिक पूर्णिमा पर।

मंगलवार
गुरु नानक जयंती 2026 · नई दिल्लीमंगलवार, 24 नवंबर
कैसे तय होता है
उसी दिन, कार्तिक पूर्णिमा
गुरु नानक जयंती 2027 · नई दिल्लीरविवार, 14 नवंबर
कैसे तय होता है
उसी दिन, कार्तिक पूर्णिमा
हर सुबह का पंचांग, WhatsApp परत्योहारों की तारीख़ और मुहूर्त भी, CosmiqeAI चैनल पर। मुफ़्त।

2026, 2027, 2028 में गुरु नानक जयंती

तिथि के समय के साथ
202624 नवंबरमंगलवार
202714 नवंबररविवार
20282 नवंबरगुरुवार

गुरु नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा वाले दिन ही होता है, वही तिथि दूसरे नाम से।

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में।

गुरु नानक जयंती की पूजा की तैयारी?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से अपने परिवार और शहर के लिए सही मुहूर्त पूछें।

गुरु नानक जयंती क्यों मनाते हैं

इसका महत्व

गुरु नानक जयंती सिखों के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व (गुरपुरब) है। जनमसाखियों की परंपरा के अनुसार उनका जन्म 1469 में राय भोई दी तलवंडी में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब है। कुछ इतिहासकार जन्म वैसाख में मानते हैं, पर सिख पंथ यह गुरपुरब कार्तिक की पूरनमाशी को मनाता है, और पूरी संगत इसी दिन उत्सव मनाती है।

गुरु नानक देव जी ने सिखाया कि करतार एक है, जिसे हर साँस में याद किया जाए, और उसके आगे सभी इंसान बराबर हैं। उनकी शिक्षा को अक्सर तीन सूत्रों में कहा जाता है: नाम जपो, किरत करो और वंड छको, यानी नाम का सिमरन, ईमानदारी की कमाई और मिल-बाँटकर खाना। गुरपुरब अखंड पाठ, कीर्तन, कथा, लंगर और रात भर रोशनी से सजे गुरुद्वारों के साथ मनाया जाता है।

गुरपुरब कैसे मनाया जाता है

क्रम से
  1. 1
    प्रभात फेरियाँ

    गुरपुरब से पहले के दिनों में संगत सुबह-सुबह प्रभात फेरियाँ निकालती है और मोहल्लों में शबद गाती है।

  2. 2
    अखंड पाठ

    गुरुद्वारे में अखंड पाठ, यानी गुरु ग्रंथ साहिब का शुरू से अंत तक बिना रुके पाठ, इस तरह आरंभ किया जाता है कि उसका भोग गुरपुरब के दिन पड़े।

  3. 3
    नगर कीर्तन

    पंज प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकलता है, जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब सजी हुई पालकी में शहर से होकर ले जाए जाते हैं, साथ में शबद कीर्तन और गतका होता है।

  4. 4
    गुरपुरब की सुबह

    दिन की शुरुआत गुरुद्वारे में तड़के आसा दी वार और कीर्तन से होती है, और अखंड पाठ का भोग पड़ता है।

  5. 5
    कीर्तन और कथा

    रागी गुरु ग्रंथ साहिब के शबद गाते हैं और कथावाचक गुरु नानक देव जी के जीवन और शिक्षा की कथा सुनाते हैं, फिर अरदास होती है।

  6. 6
    लंगर

    सब लोग पंगत में, यानी ज़मीन पर कतारों में, साथ बैठकर गुरु के लंगर का प्रसाद ग्रहण करते हैं, और बहुत से लोग लंगर बनाने और परोसने की सेवा करते हैं।

  7. 7
    रात

    गुरुद्वारे और घर दीयों और रोशनी से सजते हैं, और कीर्तन अक्सर देर रात तक चलता है।

गुरु नानक जयंती की कथा

स्रोत: सिख परंपरा, जनमसाखियाँ

गुरु नानक देव जी का जन्म तलवंडी में मेहता कालू जी और माता तृप्ता जी के घर हुआ। जनमसाखियाँ बताती हैं कि बचपन से ही उनका मन सांसारिक कामों से ज़्यादा करतार में लगता था, और उनकी बड़ी बहन बेबे नानकी ने सबसे पहले उन्हें पहचाना। युवावस्था में वे सुल्तानपुर लोधी में काम करते थे।

जनमसाखियों के अनुसार वहीं वे वेईं नदी में गए और तीन दिन तक नहीं लौटे। लौटकर उनके पहले वचन थे कि न कोई हिंदू है, न मुसलमान, यानी करतार के आगे सब एक हैं। इसके बाद वे लंबी यात्राओं पर निकले, जिन्हें उदासियाँ कहते हैं, साथ में भाई मरदाना रबाब बजाते थे, और जहाँ भी गए अपनी बाणी सुनाई।

अंतिम वर्षों में वे करतारपुर में रहे, जहाँ उन्होंने खेती की और संगत लंगर में साथ बनाती-खाती रही, और इस तरह नाम जपो, किरत करो और वंड छको को जीकर दिखाया। ज्योति-जोत समाने से पहले उन्होंने भाई लहणा जी को उत्तराधिकारी बनाया, जो गुरु अंगद देव जी कहलाए। उनका दिया मूल मंत्र, जो इक ओंकार से शुरू होता है, गुरु ग्रंथ साहिब का आरंभ है।

क्या करें, क्या न करें

क्या करें

  • प्रभात फेरी या नगर कीर्तन में शामिल हों, क्योंकि इन दिनों संगत गुरु के लिए मिलकर निकलती है।
  • वंड छको की भावना से लंगर में कुछ सेवा करें, बनाने, परोसने या बर्तन धोने की।
  • लंगर में सबके साथ पंगत में बैठें, क्योंकि गुरु का लंगर सबको बराबर बैठाता है।
  • कीर्तन और कथा सुनें, या घर पर जपुजी साहिब का पाठ करें, जो मूल मंत्र से शुरू होता है।

क्या न करें

  • गुरुद्वारे की मर्यादा के अनुसार अंदर जाने से पहले सिर ढकें, जूते उतारें और हाथ-पैर धो लें।
  • गुरुद्वारे की मर्यादा के अनुसार तंबाकू और शराब गुरुद्वारे में या संगत के पास नहीं लाई जाती।
  • दरबार में ज़मीन पर बैठें और सम्मान के रूप में गुरु ग्रंथ साहिब की ओर पीठ करने से बचें।

क्षेत्रीय नाम, और तारीख़ें क्यों अलग होती हैं

इस दिन को गुरु नानक गुरपुरब, प्रकाश पर्व या गुरु नानक देव जी का प्रकाश उत्सव कहा जाता है। सिख संगत इसे हर जगह मनाती है, और गुरु नानक को मानने वाले पंजाब के बहुत से हिंदू परिवार और सिंधी परिवार भी। गुरपुरब पर भारत से श्रद्धालुओं के जत्थे ननकाना साहिब जाते हैं, और विदेशों के गुरुद्वारे अक्सर नगर कीर्तन पास के सप्ताहांत पर निकालते हैं।

चूँकि यह कार्तिक की पूरनमाशी, यानी चंद्र तिथि पर मनाया जाता है, इसलिए अंग्रेज़ी कैलेंडर में इसकी तारीख़ हर साल बदलती है और अक्टूबर या नवंबर में पड़ती है। गुरुद्वारे हर साल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कैलेंडर में घोषित गुरपुरब की तारीख़ मानते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2026 में गुरु नानक जयंती कब है?

2026 में गुरु नानक जयंती नई दिल्ली में मंगलवार, 24 नवंबर 2026 को है। अपनी तारीख़ और समय के लिए ऊपर अपना शहर चुनें।

2027 में गुरु नानक जयंती कब है?

नई दिल्ली में रविवार, 14 नवंबर 2027।

2028 में गुरु नानक जयंती कब है?

नई दिल्ली में गुरुवार, 2 नवंबर 2028।

अमेरिका या ब्रिटेन में गुरु नानक जयंती की तारीख़ अलग क्यों होती है?

गुरु नानक जयंती का दिन वही है जो कार्तिक पूर्णिमा का, इसलिए वह उसी के साथ बदलता है। कार्तिक पूर्णिमा का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय पर उसकी तिथि, पूर्णिमा, चल रही हो। तिथि पूरी दुनिया में एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है, पर सूर्योदय हर जगह अपने समय पर होता है, इसलिए अमेरिका या ब्रिटेन में वह दिन भारत से एक दिन पहले पड़ सकता है। ऊपर के बॉक्स में अपना शहर चुनें, इस पेज की हर तारीख़ और समय उसके लिए निकाला जाएगा।

त्योहार सबके लिए एक ही दिन है। आपकी कुंडली नहीं।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि यह साल आपके लिए क्या लाया है। पैसे मिनट के हिसाब से।

AI ज्योतिषी से चैट करें

वैदिक ज्योतिष में प्रशिक्षित 24 AI ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिषएस्ट्रो प्रेमप्रेम और रिश्तेएस्ट्रो कुबेरधन और निवेशएस्ट्रो वैद्यसेहत और तंदुरुस्तीचैट, सेकॉल, सेशुल्क हर मिनट के हिसाब से लगता है, और सिर्फ़ तब तक जब तक चैट या कॉल चालू रहे। जब चाहें बंद करें।

आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
गुरु नानक जयंती के बारे में पूछेंएस्ट्रो मुहूर्त · पूछें