2028 के अंत तक शनि कब-कब वक्री और मार्गी होंगे, किस राशि में, और उस समय के लिए परंपरा के उपाय।
शनि 27 जुलाई 2026 से मीन में वक्री हैं और 11 दिसंबर 2026 को मार्गी होंगे, यानी सीधी चाल चलने लगेंगे।
| वक्री | मार्गी | राशि | अवधि |
|---|---|---|---|
| 27 जुलाई 2026 | 11 दिसंबर 2026 | मीन | 137 दिन |
| 9 अगस्त 2027 | 24 दिसंबर 2027 | मेष से वापस मीन | 137 दिन |
| 23 अगस्त 2028 | 2029 तक | मेष | — |
तारीख़ें भारतीय समय में, पंचांग की गणना से हैं: ये वे दिन हैं जब ग्रह रुककर उल्टा या फिर सीधा चलने लगते हैं। हर तारीख़ के आगे-पीछे कुछ दिन ग्रह धीमे चलते हैं।
27 जुलाई 2026 से मीन में शनि के वक्री रहते: साढ़े साती मेष (पहला चरण), मीन (चरम) और कुंभ (अंतिम चरण) पर चलती है; ढैय्या धनु (चौथे भाव की ढैय्या, जिसे कंटक यानी काँटे जैसा माना जाता है) और सिंह (आठवें भाव की, यानी अष्टम ढैय्या) पर।
9 अगस्त 2027 से मेष में शनि के वक्री रहते: साढ़े साती वृषभ (पहला चरण), मेष (चरम) और मीन (अंतिम चरण) पर चलती है; ढैय्या मकर (चौथे भाव की ढैय्या, जिसे कंटक यानी काँटे जैसा माना जाता है) और कन्या (आठवें भाव की, यानी अष्टम ढैय्या) पर।
20 अक्टूबर 2027 से, जब वक्री शनि वापस मीन में आते हैं: साढ़े साती मेष (पहला चरण), मीन (चरम) और कुंभ (अंतिम चरण) पर चलती है; ढैय्या धनु (चौथे भाव की ढैय्या, जिसे कंटक यानी काँटे जैसा माना जाता है) और सिंह (आठवें भाव की, यानी अष्टम ढैय्या) पर।
23 अगस्त 2028 से मेष में शनि के वक्री रहते: साढ़े साती वृषभ (पहला चरण), मेष (चरम) और मीन (अंतिम चरण) पर चलती है; ढैय्या मकर (चौथे भाव की ढैय्या, जिसे कंटक यानी काँटे जैसा माना जाता है) और कन्या (आठवें भाव की, यानी अष्टम ढैय्या) पर।
दशा में पराशर ग्रह के फल का समय उनके द्रेष्काण (राशि का तीसरा भाग) से बताते हैं: पहले द्रेष्काण का फल दशा के आरंभ में, दूसरे का मध्य में और तीसरे का अंत में। ग्रह वक्री हों तो यह क्रम उलट जाता है। राहु और केतु सदा वक्री रहते हैं, इसलिए उनका फल सदा उलटे क्रम में मिलता है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 47.3–4
ग्रह उन भावों के ज़रिए फल देते हैं जिनके वे स्वामी हैं और जिस भाव में बैठे हैं, और वक्री ग्रह बलवान माने जाते हैं। इसलिए वक्री शनि उन बातों को सामने लाते हैं जो आपके लग्न के लिए इनके अपने भावों की हैं, और उस भाव की जिसमें ये वक्री होकर लौटते हैं। तालिका दोनों बताती है, आगे की उन 2 राशियों के लिए जिनमें ये वक्री होंगे।
| लग्न | किन भावों के स्वामी | इस लग्न के लिए | मीन में वक्री, 27 जुलाई 2026 से | मेष में वक्री, 9 अगस्त 2027 से |
|---|---|---|---|---|
| मेष | दसवें और ग्यारहवें भाव | अशुभ | आपका बारहवाँ भाव (ख़र्च) | आपका पहला भाव (आप ख़ुद) |
| वृषभ | नौवें और दसवें भाव | योगकारक | आपका ग्यारहवाँ भाव (आमदनी) | आपका बारहवाँ भाव (ख़र्च) |
| मिथुन | आठवें और नौवें भाव | तटस्थ | आपका दसवाँ भाव (करियर) | आपका ग्यारहवाँ भाव (आमदनी) |
| कर्क | सातवें और आठवें भाव | मारक | आपका नौवाँ भाव (भाग्य) | आपका दसवाँ भाव (करियर) |
| सिंह | छठे और सातवें भाव | अशुभ · मारक | आपका आठवाँ भाव (आयु) | आपका नौवाँ भाव (भाग्य) |
| कन्या | पाँचवें और छठे भाव | तटस्थ | आपका सातवाँ भाव (शादी) | आपका आठवाँ भाव (आयु) |
| तुला | चौथे और पाँचवें भाव | योगकारक | आपका छठा भाव (रोग) | आपका सातवाँ भाव (शादी) |
| वृश्चिक | तीसरे और चौथे भाव | अशुभ | आपका पाँचवाँ भाव (संतान) | आपका छठा भाव (रोग) |
| धनु | दूसरे और तीसरे भाव | मारक | आपका चौथा भाव (माता) | आपका पाँचवाँ भाव (संतान) |
| मकर | पहले और दूसरे भाव | तटस्थ | आपका तीसरा भाव (छोटे भाई-बहन) | आपका चौथा भाव (माता) |
| कुंभ | पहले और बारहवें भाव | शुभ | आपका दूसरा भाव (जमा धन) | आपका तीसरा भाव (छोटे भाई-बहन) |
| मीन | ग्यारहवें और बारहवें भाव | अशुभ · मारक | आपका पहला भाव (आप ख़ुद) | आपका दूसरा भाव (जमा धन) |
तालिका के नाम, बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, अध्याय 34 से:
आज कई ज्योतिषी वक्री शनि को ऐसे पढ़ते हैं; यह आधुनिक पढ़त है, शास्त्रों की नहीं। मंत्र, दान और लाल किताब के उपाय परंपरा के हैं। आपकी कुंडली में शनि कहाँ हैं, इससे तय होता है कि यह समय आप पर कितना असर डालेगा।
27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक, मीन में।
9 अगस्त 2027 से 24 दिसंबर 2027 तक, मेष से वापस मीन में।
23 अगस्त 2028 से अगले साल तक, मेष में।
वक्री ग्रह पृथ्वी से देखने पर उल्टी दिशा में चलता दिखता है। शास्त्र वक्री शनि को कमज़ोर नहीं, बलवान मानते हैं: उन्हें चेष्टा बल, यानी गति का बल, मिलता है (फलदीपिका 4.4, बृहत् पाराशर होरा शास्त्र 27.21–23)।
आपकी कुंडली में हर ग्रह कहाँ बैठे हैं, आपके लग्न के लिए किन भावों के स्वामी हैं और कौन-सी दशा चल रही है, इसी से तय होता है कि वे आपके लिए क्या करेंगे। सभी नौ ग्रह देखने के लिए अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

