CosmiqeAI
नई दिल्ली · व्रत

प्रदोष व्रत 2026
अगला: शुक्र प्रदोष व्रत, शुक्रवार, 6 नवंबर

प्रदोष व्रत त्रयोदशी, यानी तेरहवीं तिथि, को शिव के लिए रखा जाता है, महीने में दो बार।

शिवआगे की 31 तारीख़ेंपूर्णिमांत
अगला प्रदोष व्रत · नई दिल्लीशुक्रवार, 6 नवंबरशुक्र प्रदोष व्रत · कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी
त्रयोदशी शुरू
6 नवंबर, सुबह 10:31
त्रयोदशी समाप्त
7 नवंबर, सुबह 10:48
पूजा (प्रदोष काल)
शाम 5:33 से रात 8:10 तक
उसके बाद · नई दिल्लीरविवार, 22 नवंबररवि प्रदोष व्रत · कार्तिक शुक्ल त्रयोदशी
त्रयोदशी शुरू
22 नवंबर, सुबह 4:57
त्रयोदशी समाप्त
22–23 नवंबर की रात 2:37
पूजा (प्रदोष काल)
शाम 5:25 से रात 8:06 तक

नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।

प्रदोष व्रत की तारीख़ें

जनवरी 2028 तक, तिथि के समय के साथ
नवंबर 2026
6शुक्रशुक्र प्रदोष व्रत धनतेरसत्रयोदशी 6 नवंबर, सुबह 10:31 से 7 नवंबर, सुबह 10:48 तक · पूजा शाम 5:33 से रात 8:10 तक
22रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 22 नवंबर, सुबह 4:57 से 22–23 नवंबर की रात 2:37 तक · पूजा शाम 5:25 से रात 8:06 तक
दिसंबर 2026
6रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 5–6 दिसंबर की रात 12:52 से 6–7 दिसंबर की रात 2:22 तक · पूजा शाम 5:24 से रात 8:08 तक
21सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 21 दिसंबर, शाम 5:36 से 22 दिसंबर, दोपहर 2:24 तक · पूजा शाम 5:36 से रात 8:13 तक
जनवरी 2027
5मंगलभौम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 4 जनवरी, शाम 6:16 से 5 जनवरी, रात 8:40 तक · पूजा शाम 5:38 से रात 8:22 तक
20बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 20 जनवरी, सुबह 4:41 से 20–21 जनवरी की रात 1:12 तक · पूजा शाम 5:50 से रात 8:31 तक
फ़रवरी 2027
3बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 3 फ़रवरी, दोपहर 1:50 से 4 फ़रवरी, शाम 4:31 तक · पूजा शाम 6:02 से रात 8:39 तक
18गुरुगुरु प्रदोष व्रतत्रयोदशी 18 फ़रवरी, दोपहर 2:28 से 19 फ़रवरी, सुबह 11:14 तक · पूजा शाम 6:13 से रात 8:46 तक
मार्च 2027
5शुक्रशुक्र प्रदोष व्रतत्रयोदशी 5 मार्च, सुबह 9:54 से 6 मार्च, दोपहर 12:04 तक · पूजा शाम 6:24 से रात 8:51 तक
20शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 19 मार्च, रात 11:17 से 20 मार्च, रात 8:45 तक · पूजा शाम 6:32 से रात 8:45 तक
अप्रैल 2027
4रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 4 अप्रैल, सुबह 4:27 से 5 अप्रैल, सुबह 5:23 तक · पूजा शाम 6:41 से रात 8:58 तक
18रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 18 अप्रैल, सुबह 7:42 से 19 अप्रैल, सुबह 6:08 तक · पूजा शाम 6:49 से रात 9:01 तक
मई 2027
3सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 3 मई, रात 8:04 से 4 मई, शाम 7:31 तक · पूजा रात 8:04 से 9:06 तक
17सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 17 मई, शाम 4:28 से 18 मई, शाम 4:04 तक · पूजा शाम 7:06 से रात 9:11 तक
जून 2027
2बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 2 जून, सुबह 8:29 से 3 जून, सुबह 6:35 तक · पूजा शाम 7:15 से रात 9:17 तक
16बुधबुध प्रदोष व्रतत्रयोदशी 15–16 जून की रात 2:31 से 16–17 जून की रात 3:20 तक · पूजा शाम 7:21 से रात 9:21 तक
जुलाई 2027
1गुरुगुरु प्रदोष व्रतत्रयोदशी 1 जुलाई, शाम 6:15 से 2 जुलाई, दोपहर 3:23 तक · पूजा शाम 7:23 से रात 9:24 तक
15गुरुगुरु प्रदोष व्रतत्रयोदशी 15 जुलाई, दोपहर 2:41 से 16 जुलाई, शाम 4:35 तक · पूजा शाम 7:21 से रात 9:24 तक
31शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 30–31 जुलाई की रात 2:18 से 31 जुलाई, रात 10:58 तक · पूजा शाम 7:13 से रात 9:19 तक
अगस्त 2027
14शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 14 अगस्त, सुबह 5:21 से 15 अगस्त, सुबह 7:54 तक · पूजा शाम 7:02 से रात 9:12 तक
29रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 29 अगस्त, सुबह 9:36 से 30 अगस्त, सुबह 6:13 तक · पूजा शाम 6:47 से रात 9:01 तक
सितंबर 2027
13सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 12 सितंबर, रात 10:13 से 13–14 सितंबर की रात 12:40 तक · पूजा शाम 6:29 से रात 8:49 तक
27सोमसोम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 27 सितंबर, शाम 4:55 से 28 सितंबर, दोपहर 1:55 तक · पूजा शाम 6:13 से रात 8:36 तक
अक्टूबर 2027
12मंगलभौम प्रदोष व्रतत्रयोदशी 12 अक्टूबर, शाम 4:14 से 13 अक्टूबर, शाम 5:48 तक · पूजा शाम 5:55 से रात 8:24 तक
27बुधबुध प्रदोष व्रत धनतेरसत्रयोदशी 26–27 अक्टूबर की रात 1:04 से 27 अक्टूबर, रात 10:50 तक · पूजा शाम 5:41 से रात 8:15 तक
नवंबर 2027
11गुरुगुरु प्रदोष व्रतत्रयोदशी 11 नवंबर, सुबह 10:07 से 12 नवंबर, सुबह 10:21 तक · पूजा शाम 5:30 से रात 8:08 तक
25गुरुगुरु प्रदोष व्रतत्रयोदशी 25 नवंबर, सुबह 10:51 से 26 नवंबर, सुबह 9:48 तक · पूजा शाम 5:25 से रात 8:06 तक
दिसंबर 2027
11शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 10–11 दिसंबर की रात 2:53 से 11–12 दिसंबर की रात 1:43 तक · पूजा शाम 5:25 से रात 8:09 तक
25शनिशनि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 24 दिसंबर, रात 11:08 से 25 दिसंबर, रात 11:32 तक · पूजा शाम 5:31 से रात 8:15 तक
जनवरी 2028
9रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 9 जनवरी, शाम 5:56 से 10 जनवरी, दोपहर 3:36 तक · पूजा शाम 5:56 से रात 8:24 तक
23रविरवि प्रदोष व्रतत्रयोदशी 23 जनवरी, दोपहर 2:23 से 24 जनवरी, शाम 4:09 तक · पूजा शाम 5:53 से रात 8:33 तक
प्रदोष व्रत रख रहे हैं?हमारे मुहूर्त ज्योतिषी एस्ट्रो मुहूर्त से व्रत, उसकी पूजा और अपने शहर के समय के बारे में पूछें।

प्रदोष व्रत क्या है

इसकी पूजा प्रदोष काल में होती है, सूर्यास्त के बाद के एक-दो घंटे, जब माना जाता है कि शिव कैलाश पर नृत्य करते हैं। प्रदोष अपने वार का नाम लेता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष, शनिवार को शनि प्रदोष, और इसी तरह, और परंपरा हर एक को अलग कामना से जोड़ती है: सोम शिव कृपा के लिए, भौम सेहत और क़र्ज़ से राहत के लिए, शनि संतान के लिए।

तारीख़ कैसे तय होती है

प्रदोष उस शाम रखा जाता है जिसके प्रदोष काल में त्रयोदशी ज़्यादा हो। यहाँ प्रदोष काल प्रचलित पंचांगों वाला है: सूर्यास्त से रात के पहले पाँचवें हिस्से के अंत तक, लगभग दो से ढाई घंटे। त्रयोदशी किसी शाम को न छुए, तो जिस दिन सूर्योदय पर हो। हर तारीख़ के साथ दिया पूजा का समय प्रदोष काल का वह हिस्सा है जिसमें त्रयोदशी चल रही हो।

व्रत विधि

  • दिन भर फल और दूध पर, या एक बार भोजन करके व्रत रखें।
  • सूर्यास्त से पहले फिर स्नान करें और साफ़ कपड़े पहनें, हों तो सफ़ेद।
  • प्रदोष काल में शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें, और बेलपत्र, धतूरा और सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
  • “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें, उस वार की प्रदोष कथा पढ़ें, आरती करें, और फिर व्रत खोलें।

क्या खाएँ

  • दिन में फल, दूध, दही और मखाना
  • शाम की पूजा के बाद सात्विक भोजन

किन चीज़ों से बचें

  • मांस, अंडा, शराब और तंबाकू
  • प्याज़ और लहसुन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
अगला प्रदोष व्रत कब है?

शुक्र प्रदोष व्रत, शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को, नई दिल्ली में। त्रयोदशी 6 नवंबर, सुबह 10:31 से 7 नवंबर, सुबह 10:48 तक रहेगी। पूजा (प्रदोष काल): शाम 5:33 से रात 8:10 तक।

नवंबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है?

नई दिल्ली में शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार, 6 नवंबर को और रवि प्रदोष व्रत रविवार, 22 नवंबर को।

दिसंबर 2026 में प्रदोष व्रत कब है?

नई दिल्ली में रवि प्रदोष व्रत रविवार, 6 दिसंबर को और सोम प्रदोष व्रत सोमवार, 21 दिसंबर को।

प्रदोष पूजा का समय क्या है?

प्रदोष काल, सूर्यास्त से लगभग दो घंटे, जब तक त्रयोदशी रहे। इस पेज पर हर तारीख़ के साथ नई दिल्ली का समय दिया है; आपके शहर में यह सूर्यास्त के साथ बदलता है।

एकादशी और प्रदोष लगातार दो दिन पड़ें तो क्या करें?

ऐसा अक्सर होता है। कई लोग दोनों रखते हैं: द्वादशी को जल से सांकेतिक पारण करके प्रदोष का व्रत जारी रखते हैं, और शाम की पूजा के बाद खोलते हैं।

व्रत का दिन सबके लिए एक होता है, पर हर किसी की कुंडली अलग होती है।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ, या 24 ज्योतिषियों में से किसी से पूछें कि कौन-सा व्रत आपके किस ग्रह को बल देगा। पैसे मिनट के हिसाब से।

AI ज्योतिषी से चैट करें

वैदिक ज्योतिष में प्रशिक्षित 24 AI ज्योतिषी। किसी भी भारतीय भाषा में चैट करें; कॉल हिंदी और अंग्रेज़ी में।एस्ट्रो व्यासवैदिक ज्योतिषएस्ट्रो प्रेमप्रेम और रिश्तेएस्ट्रो कुबेरधन और निवेशएस्ट्रो वैद्यसेहत और तंदुरुस्तीचैट, सेकॉल, सेशुल्क हर मिनट के हिसाब से लगता है, और सिर्फ़ तब तक जब तक चैट या कॉल चालू रहे। जब चाहें बंद करें।

आपकी कुंडली से रिपोर्ट

9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
प्रदोष व्रत के बारे में पूछेंएस्ट्रो मुहूर्त · पूछें