बुध के लिए मंत्र, दान, व्रत, रत्न, रुद्राक्ष और हर भाव के लिए लाल किताब के उपाय, हर एक के कारण के साथ।
ये सुझाव हैं, नुस्ख़े नहीं। परंपरा में ये उपाय तब किए जाते हैं जब कुंडली में बुध कमज़ोर या पीड़ित हों, या उनकी दशा या कोई कठिन गोचर चल रहा हो। कौन-सा आप पर लागू है, यह आपकी कुंडली बताएगी।
बीज मंत्र ग्रह की मूल ध्वनि है। इसे गिनकर नियम से जपना बुध के शुभ फल (बुद्धि, बातचीत और व्यापार) बढ़ाने का सबसे पुराना तरीक़ा है। जप बुधवार से शुरू करें, और पूरा जप होने तक रोज़ उसी समय उतनी ही गिनती रखें।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
बुध के अपने नाम का छोटा मंत्र, उनके लिए जो गिनती के बजाय सीधे प्रार्थना करना चाहें। बुध के लिए भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
ॐ बुधाय नमः
108 बार
बुध से जुड़ी चीज़ें बुधवार को किसी ज़रूरतमंद को दान करें। लाल किताब और पाराशरी परंपरा, दोनों इसे सबसे सहज उपाय मानती हैं।
बुधवार को विष्णु या कृष्ण के लिए रखा गया व्रत मन को स्थिर करता है और बुध के कष्ट कम करता है।
रत्न बुध को बल देता है, इसलिए यह तभी फ़ायदा करता है जब बुध आपके लग्न के लिए शुभ हों, यानी लग्न के लिए अच्छे भावों के स्वामी हों। कुंडली दिखाकर ही पहनें: कुछ लग्नों के लिए यही रत्न नुक़सान करता है।
रुद्राक्ष में रत्न जैसा जोखिम नहीं होता; इसे बुध को शांत और स्थिर रखने के लिए पहना जाता है। दाने के देवता उसकी मुखी (धारियों की गिनती) से तय होते हैं, इसलिए वे ऊपर बताए गए बुध के पूज्य देवता से अलग हो सकते हैं।
लाल किताब हर भाव के लिए अलग उपाय देती है, क्योंकि बुध हर भाव से अलग फल देते हैं। आपकी कुंडली में ये जिस भाव में बैठे हों, उसी का उपाय करें। पक्का घर वह भाव है जिसे लाल किताब ग्रह का स्थायी घर मानती है।
| भाव | उपाय | किसलिए |
|---|---|---|
| पहला भाव | गले में छेद वाला ताँबे का सिक्का पहनें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: पहले भाव में बुध बुद्धि, हाज़िरजवाबी और बातचीत का हुनर देते हैं, पर व्यक्ति का मन चंचल हो सकता है। |
| दूसरा भाव | बुधवार को हरी मूंग दाल दान करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: दूसरे भाव में बुध बुद्धि से धन, अच्छी वाणी और ख़ुशहाल पारिवारिक जीवन देते हैं। |
| तीसरा भाव | अपने पास हरा कपड़ा रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: तीसरे भाव में बुध तेज़ बुद्धि, लेखन और व्यापार में सफलता और अच्छे भाई-बहन देते हैं। |
| चौथा भाव | पन्ना पहनें या कलाई पर हरा धागा बाँधें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: चौथे भाव में बुध अच्छी शिक्षा और घर का सुख देते हैं, पर व्यक्ति बेचैन और बदलते मन का हो सकता है। |
| पाँचवाँ भाव | बुधवार को हरी चीज़ें या मूंग दाल दान करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: पाँचवें भाव में बुध बुद्धिमान संतान और निवेश व पढ़ाई में सफलता देते हैं। |
| छठा भाव | खेती की ज़मीन में गंगाजल की एक बोतल दबाएँ; जीवनसाथी (ग्रंथ में पत्नी) बाएँ हाथ में चाँदी की अँगूठी पहनें; ज़रूरी काम बेटी या किसी कन्या की मौजूदगी में, या हाथ में फूल लेकर शुरू करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: लाल किताब में छठे भाव में बुध उच्च के होते हैं। |
| सातवाँ भाव | पन्ना या हरी चीज़ें पास रखें; ससुराल वालों से अच्छे संबंध रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: सातवें भाव (पक्का घर) में बुध बुद्धिमान जीवनसाथी, व्यापार में सफलता और ख़रीद-बिक्री की तेज़ समझ देते हैं। |
| आठवाँ भाव | बहते पानी में हरी मूंग दाल बहाएँ; अनाथों को सामान दान करें। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: आठवें भाव में बुध नसों की बीमारियाँ, अनिद्रा और व्यापार की साझेदारी में नुक़सान देते हैं। |
| नौवाँ भाव | मंदिर में हरी चीज़ें दान करें; अपने गुरु का आदर करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: नौवें भाव में बुध आध्यात्मिक ज्ञान, विदेश यात्रा और दार्शनिक सोच देते हैं। |
| दसवाँ भाव | हरा रूमाल पास रखें; बुधवार को कपड़े दान करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: दसवें भाव में बुध व्यापार में सफलता, काम की जगह पर अच्छी साख और अधिकारियों की कृपा देते हैं। |
| ग्यारहवाँ भाव | गाय को हरा चारा खिलाएँ; मूंग दाल दान करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: ग्यारहवें भाव में बुध मित्रों, बुद्धि और बातचीत के ज़रिए लाभ देते हैं। |
| बारहवाँ भाव | बहते पानी में हरी मूंग दाल बहाएँ; पन्ने की अंगूठी पहनें। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: बारहवें भाव में बुध पैसों का नुक़सान, बोलने में दिक़्क़त और मन की बेचैनी देते हैं। |
चौथे, सातवें और बारहवें भाव में लाल किताब अपने उपायों में रत्न भी बताती है; रत्न कुंडली दिखाकर ही पहनें।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः, कुल 9,000 बार, रोज़ कम से कम 108 बार, बुधवार को।
बुधवार को किसी ज़रूरतमंद को हरी मूँग और हरे वस्त्र का दान करें।
पन्ना। हर किसी को नहीं: तभी, जब बुध लग्न के लिए शुभ हों। पहले कुंडली दिखाएँ।
आपकी कुंडली में हर ग्रह कहाँ बैठे हैं, आपके लग्न के लिए किन भावों के स्वामी हैं और कौन-सी दशा चल रही है, इसी से तय होता है कि वे आपके लिए क्या करेंगे। सभी नौ ग्रह देखने के लिए अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

