चंद्र के लिए मंत्र, दान, व्रत, रत्न, रुद्राक्ष और हर भाव के लिए लाल किताब के उपाय, हर एक के कारण के साथ।
ये सुझाव हैं, नुस्ख़े नहीं। परंपरा में ये उपाय तब किए जाते हैं जब कुंडली में चंद्र कमज़ोर या पीड़ित हों, या उनकी दशा या कोई कठिन गोचर चल रहा हो। कौन-सा आप पर लागू है, यह आपकी कुंडली बताएगी।
बीज मंत्र ग्रह की मूल ध्वनि है। इसे गिनकर नियम से जपना चंद्र के शुभ फल (मन, भावनाएँ और माता) बढ़ाने का सबसे पुराना तरीक़ा है। जप सोमवार से शुरू करें, और पूरा जप होने तक रोज़ उसी समय उतनी ही गिनती रखें।
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
चंद्र के अपने नाम का छोटा मंत्र, उनके लिए जो गिनती के बजाय सीधे प्रार्थना करना चाहें। चंद्र के लिए भगवान शिव की पूजा की जाती है।
ॐ सोमाय नमः
108 बार
चंद्र से जुड़ी चीज़ें सोमवार को किसी ज़रूरतमंद को दान करें। लाल किताब और पाराशरी परंपरा, दोनों इसे सबसे सहज उपाय मानती हैं।
सोमवार को शिव या पार्वती के लिए रखा गया व्रत मन को स्थिर करता है और चंद्र के कष्ट कम करता है।
रत्न चंद्र को बल देता है, इसलिए यह तभी फ़ायदा करता है जब चंद्र आपके लग्न के लिए शुभ हों, यानी लग्न के लिए अच्छे भावों के स्वामी हों। कुंडली दिखाकर ही पहनें: कुछ लग्नों के लिए यही रत्न नुक़सान करता है।
रुद्राक्ष में रत्न जैसा जोखिम नहीं होता; इसे चंद्र को शांत और स्थिर रखने के लिए पहना जाता है। दाने के देवता उसकी मुखी (धारियों की गिनती) से तय होते हैं, इसलिए वे ऊपर बताए गए चंद्र के पूज्य देवता से अलग हो सकते हैं।
लाल किताब हर भाव के लिए अलग उपाय देती है, क्योंकि चंद्र हर भाव से अलग फल देते हैं। आपकी कुंडली में ये जिस भाव में बैठे हों, उसी का उपाय करें। पक्का घर वह भाव है जिसे लाल किताब ग्रह का स्थायी घर मानती है।
| भाव | उपाय | किसलिए |
|---|---|---|
| पहला भाव | जेब में चाँदी का चौकोर टुकड़ा रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: पहले भाव में चंद्र आकर्षक व्यक्तित्व, अच्छी कल्पना-शक्ति और लोकप्रियता देते हैं। |
| दूसरा भाव | घर में चाँदी की चीज़ें और चावल रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: दूसरे भाव में चंद्र धन, परिवार का सुख और सुंदर आँखें देते हैं। |
| तीसरा भाव | सोमवार को दूध या चावल दान करें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: तीसरे भाव में चंद्र बहादुरी, अच्छे भाई-बहन और संचार से जुड़े कामों में सफलता देते हैं। |
| चौथा भाव | सिरहाने चाँदी के बर्तन में पानी भरकर रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: चौथे भाव (पक्का घर) में चंद्र माँ से भरपूर सुख, संपत्ति, वाहन और घर में शांति देते हैं। |
| पाँचवाँ भाव | सोमवार को शिव मंदिर में दूध चढ़ाएँ। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: पाँचवें भाव में चंद्र अच्छी संतान और भावनात्मक समझ देते हैं। |
| छठा भाव | गरीबों को दूध और चावल दान करें; चाँदी के बर्तन में बारिश का पानी रखें। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: छठे भाव में चंद्र हों तो व्यक्ति को सर्दी, खाँसी और पानी से होने वाली बीमारियाँ जल्दी लगती हैं। |
| सातवाँ भाव | चाँदी की गोली या टुकड़ा हमेशा अपने पास रखें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: सातवें भाव में चंद्र सुंदर और साथ निभाने वाला जीवनसाथी देते हैं। |
| आठवाँ भाव | चाँदी का चौकोर टुकड़ा पास रखें; घर में मंदिर या पूजा का स्थान न रखें; श्मशान में दूध चढ़ाएँ। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: आठवें भाव में चंद्र भावनात्मक उथल-पुथल, पानी से डर और पुरानी बीमारियाँ देते हैं। |
| नौवाँ भाव | मंदिर में जल और सफ़ेद फूल चढ़ाएँ। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: नौवें भाव में चंद्र भाग्य, आध्यात्मिक झुकाव और लंबी यात्राएँ देते हैं। |
| दसवाँ भाव | किसी धार्मिक स्थान पर दूध दान करें; दूध से जुड़ा कारोबार न करें। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: दसवें भाव में चंद्र व्यक्ति को काम-काज में ज़रूरत से ज़्यादा भावुक बना सकते हैं। |
| ग्यारहवाँ भाव | घर में चाँदी और चावल रखें; ज़रूरतमंदों को दूध दें। | यहाँ के शुभ फल को और पक्का करने के लिए: ग्यारहवें भाव में चंद्र बहुत से मित्र, स्थिर आमदनी और इच्छाओं की पूर्ति देते हैं। |
| बारहवाँ भाव | सोमवार को सफ़ेद कपड़ा या चावल दान करें; रात को पलंग के नीचे पानी का बर्तन रखें और सुबह वह पानी किसी पौधे में डाल दें। | कठिन पक्ष हल्का करने के लिए: बारहवें भाव में चंद्र नींद में गड़बड़ी, आँखों की तकलीफ़ और माँ की सेहत की परेशानी देते हैं। |
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः, कुल 11,000 बार, रोज़ कम से कम 108 बार, सोमवार को।
सोमवार को किसी ज़रूरतमंद को चावल और सफ़ेद वस्त्र का दान करें।
मोती। हर किसी को नहीं: तभी, जब चंद्र लग्न के लिए शुभ हों। पहले कुंडली दिखाएँ।
आपकी कुंडली में हर ग्रह कहाँ बैठे हैं, आपके लग्न के लिए किन भावों के स्वामी हैं और कौन-सी दशा चल रही है, इसी से तय होता है कि वे आपके लिए क्या करेंगे। सभी नौ ग्रह देखने के लिए अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँ।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

