दिसंबर में नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त
नई दिल्ली के समय सेदिसंबर 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए 9 शुभ दिन हैं: 8, 9, 10, 13, 20, 22, 25, 29 और 30 दिसंबर। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 (94%) है। इनमें से 5 खरमास (जब सूर्य धनु या मीन राशि में हों) में पड़ते हैं, जिसके बीतने तक उत्तर भारत के कई परिवार रुकते हैं। 5 और दिनों का मुहूर्त केवल रात में है, भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है या राहु काल (दिन के उजाले का वह आठवाँ हिस्सा जो राहु का माना जाता है) में पड़ता है, इसलिए वे गिने नहीं गए।
8दिसंबर
बुधवार, 8 दिसंबरशुक्ल दशमी · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 7:00 से 7:44; सुबह 11:30 से दोपहर 2:22; शाम 5:53 से रात 10:29 · रात में; रात 12:45 से सुबह 7:01 (8–9 दिसंबर की रात)सबसे अच्छा समय:दोपहर 1:30 से 2:22
9दिसंबर
गुरुवार, 9 दिसंबर गीता जयंतीशुक्ल एकादशी · रेवतीमुहूर्तसुबह 7:01 से 7:39; सुबह 11:25 से दोपहर 2:19; शाम 5:49 से रात 10:25 · रात में; रात 12:41 से सुबह 7:02 (9–10 दिसंबर की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 11:25 से दोपहर 1:31
10दिसंबर
शुक्रवार, 10 दिसंबरशुक्ल द्वादशी · अश्विनीमुहूर्तसुबह 7:02 से 7:36; सुबह 11:22 से दोपहर 2:14सबसे अच्छा समय:दोपहर 12:13 से 2:14
13दिसंबर
सोमवार, 13 दिसंबर दत्तात्रेय जयंती मार्गशीर्ष (अगहन) पूर्णिमारोहिणीमुहूर्तसुबह 7:04 से 7:24; सुबह 11:10 से दोपहर 2:02; शाम 5:32 से रात 10:08 · रात में; रात 12:26 से सुबह 7:05 (13–14 दिसंबर की रात)सबसे अच्छा समय:दोपहर 12:15 से 1:32
20दिसंबर
सोमवार, 20 दिसंबरकृष्ण अष्टमी · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 7:08 से 9:00; सुबह 10:42 से दोपहर 1:34; शाम 5:06 से रात 9:40; रात 11:58 से अगले दिन रात 1:53 · रात मेंसबसे अच्छा समय:सुबह 7:08 से 8:26खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
22दिसंबर
बुधवार, 22 दिसंबरकृष्ण दशमी · चित्रामुहूर्तसुबह 7:09 से 8:53; सुबह 10:35 से दोपहर 1:27; शाम 4:57 से रात 9:33; रात 11:51 से अगले दिन रात 12:09 · रात मेंसबसे अच्छा समय:सुबह 7:09 से 8:27खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
25दिसंबर
शनिवार, 25 दिसंबरकृष्ण त्रयोदशी · अनुराधामुहूर्तसुबह 7:11 से 8:41; सुबह 10:23 से दोपहर 1:15; शाम 4:47 से रात 9:21सबसे अच्छा समय:सुबह 11:03 से दोपहर 1:15खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
29दिसंबर
बुधवार, 29 दिसंबरशुक्ल द्वितीया · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 7:25 से 8:25; सुबह 11:35 से दोपहर 12:59; शाम 6:45 से रात 9:05 · रात में; रात 11:23 से अगले दिन सुबह 7:12 · रात मेंसबसे अच्छा समय:सुबह 7:25 से 8:25खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
30दिसंबर
गुरुवार, 30 दिसंबरशुक्ल तृतीया · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 7:12 से 8:20सबसे अच्छा समय:सुबह 7:12 से 8:20खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
दिसंबर9 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि1234567864%994%1085%11121382%1415161718192076%212291%23242579%2627282964%3085%31
9 शुभ दिन दिसंबर 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
- 1 दिसंबरबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (शुक्ल तृतीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
- 2 दिसंबरगुरुवारराहु काल मेंइसका मुहूर्त दोपहर 1:44 से 2:46; शाम 6:16 से रात 10:52; रात 1:10 से 2:30 (2–3 दिसंबर की रात) है, पर काम के घंटों में यह राहु काल में पड़ता है
- 3 दिसंबरशुक्रवार · विवाह पंचमीमुहूर्त नहींश्रवण अगले दिन सुबह 5:33 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 4 दिसंबरशनिवारमुहूर्त नहींधनिष्ठा पूरे दिन: यह नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 5 दिसंबररविवारमुहूर्त नहींधनिष्ठा सुबह 8:41 तक, फिर शतभिषा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 6 दिसंबरसोमवारमुहूर्त नहींशतभिषा सुबह 11:40 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 7 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 8 दिसंबरबुधवारशुभदोपहर 1:30 से 2:22शुक्ल दशमी · उत्तरा भाद्रपद64%
- 9 दिसंबरगुरुवार · गीता जयंतीशुभसुबह 11:25 से दोपहर 1:31शुक्ल एकादशी · रेवती94%
- 10 दिसंबरशुक्रवारशुभदोपहर 12:13 से 2:14शुक्ल द्वादशी · अश्विनी85%
- 11 दिसंबरशनिवारमुहूर्त नहींभरणी शाम 5:38 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 12 दिसंबररविवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 12:29 से सुबह 7:04 (12–13 दिसंबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 13 दिसंबरसोमवार · दत्तात्रेय जयंती · मार्गशीर्ष (अगहन) पूर्णिमाशुभदोपहर 12:15 से 1:32पूर्णिमा · रोहिणी82%
- 14 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 15 दिसंबरबुधवारमुहूर्त नहींआर्द्रा सुबह 11:21 तक, फिर पुनर्वसु: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 16 दिसंबरगुरुवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 10:59 से दोपहर 1:22 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 17 दिसंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुष्य) और शुभ तिथि (कृष्ण पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
- 18 दिसंबरशनिवारमुहूर्त नहींमघा अगले दिन रात 3:30 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 19 दिसंबररविवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 2:07 से सुबह 7:08 (19–20 दिसंबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 20 दिसंबरसोमवारशुभसुबह 7:08 से 8:26कृष्ण अष्टमी · उत्तरा फाल्गुनीखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं76%
- 21 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 22 दिसंबरबुधवारशुभसुबह 7:09 से 8:27कृष्ण दशमी · चित्राखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं91%
- 23 दिसंबरगुरुवारमुहूर्त नहींस्वाति अगले दिन रात 12:17 तक, फिर विशाखा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 24 दिसंबरशुक्रवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 12:50 से सुबह 7:11 (24–25 दिसंबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 25 दिसंबरशनिवारशुभसुबह 11:03 से दोपहर 1:15कृष्ण त्रयोदशी · अनुराधाखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं79%
- 26 दिसंबररविवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा अगले दिन रात 3:14 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 27 दिसंबरसोमवारमुहूर्त नहींमूल अगले दिन सुबह 5:07 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 28 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 29 दिसंबरबुधवारशुभसुबह 7:25 से 8:25शुक्ल द्वितीया · उत्तराषाढ़ाखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं64%
- 30 दिसंबरगुरुवारशुभसुबह 7:12 से 8:20शुक्ल तृतीया · उत्तराषाढ़ाखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं85%
- 31 दिसंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींश्रवण दोपहर 1:06 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
मुहूर्त किस काम के लिए
और यह दिन कैसे मनाया जाता हैमुहूर्त दुकान खुलने के लिए है: शटर उठाना, दीया जलाना और पहली बिक्री, यानी बोहनी, इसी समय के भीतर। कई दुकानदार पहले गणेश और लक्ष्मी की पूजा करते हैं, दरवाज़े पर स्वस्तिक बनाकर शुभ-लाभ लिखते हैं, और उसी घंटे बही-खाता खोलते हैं। फ़र्म का रजिस्ट्रेशन या पहला बिल भी इसी तरह समय से किया जा सकता है।
पंचांग में दिसंबर 2027
नया व्यापार शुरू करने के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ9 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं13 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता4 दिन
मुहूर्त केवल रात में3 दिन
मुहूर्त राहु काल में1 दिन
मुहूर्त भद्रा में1 दिन
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
- शुक्रवार, 3 दिसंबर, विवाह पंचमी: श्रवण अगले दिन सुबह 5:33 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- गुरुवार, 9 दिसंबर, गीता जयंती: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 11:25 से दोपहर 1:31
- सोमवार, 13 दिसंबर, दत्तात्रेय जयंती और मार्गशीर्ष (अगहन) पूर्णिमा: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय दोपहर 12:15 से 1:32
एक दिन की जाँच
गुरुवार, 9 दिसंबर 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर| जाँच | यह दिन | नियम |
|---|
| वार | गुरुवार | ✓ सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार में से एक |
| नक्षत्र | रेवती | ✓ उन 11 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | शुक्ल एकादशी | ✓ अनुमत तिथि |
| सबसे अच्छा समय | सुबह 11:25 से दोपहर 1:31 | ✓ राहु काल (दोपहर 1:31 से 2:48) से बाहर |
| लग्न और भाव | कुंभ लग्न: आठवाँ भाव गुरु, बारहवाँ भाव राहु। 12:53 PM से मीन लग्न: आठवाँ भाव ख़ाली, बारहवाँ भाव ख़ाली | ✓ आठवें भाव या बारहवें भाव में सूर्य, मंगल या शनि न हों |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।