अक्टूबर में नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त
नई दिल्ली के समय सेअक्टूबर 2026 में नया व्यापार शुरू करने के लिए 8 शुभ दिन हैं: 1, 2, 5, 19, 24, 26, 28 और 30 अक्टूबर। इनमें से 6 दिन बीत चुके हैं। बचे हुए दिनों में सबसे अच्छा दिन शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 (91%) है। 9 और दिनों का मुहूर्त केवल रात में है या भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है, इसलिए वे गिने नहीं गए।
28अक्टूबर
बुधवार, 28 अक्टूबरकृष्ण तृतीया · रोहिणीमुहूर्तदोपहर 1:26 से 3:38; शाम 6:38 से अगले दिन रात 1:07 · रात मेंसबसे अच्छा समय:दोपहर 1:28 से 2:37
30अक्टूबर
शुक्रवार, 30 अक्टूबरकृष्ण पंचमी · मृगशिरामुहूर्तसुबह 6:31 से 7:57सबसे अच्छा समय:सुबह 6:31 से 7:54
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
अक्टूबरयह महीना8 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि191%264%34591%67891011121314151617181979%202122232461%252685%272860%293091%31
8 शुभ दिन अक्टूबर 2026 में नया व्यापार शुरू करने के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
- 1 अक्टूबरगुरुवार · बीत गयाशुभसुबह 10:41 से दोपहर 12:09कृष्ण पंचमी · रोहिणीपितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या (पितृ पक्ष का आख़िरी दिन) के बाद तक रुकते हैं91%
- 2 अक्टूबरशुक्रवार · बीत गयाशुभसुबह 6:14 से 7:28कृष्ण षष्ठी · मृगशिरापितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं64%
- 3 अक्टूबरशनिवार · बीत गयामुहूर्त नहींआर्द्रा अगले दिन रात 1:29 तक, फिर पुनर्वसु: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 4 अक्टूबररविवार · बीत गयाकेवल रातइसका मुहूर्त सुबह 5:00 से 6:15 (सोमवार, 5 अक्टूबर की सुबह) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 5 अक्टूबरसोमवार · बीत गयाशुभसुबह 9:35 से 10:41कृष्ण दशमी · पुष्यपितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं91%
- 6 अक्टूबरमंगलवार · बीत गयायह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 7 अक्टूबरबुधवार · बीत गयामुहूर्त नहींमघा रात 9:40 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 8 अक्टूबरगुरुवार · बीत गयाकेवल रातइसका मुहूर्त रात 9:20 से 10:16 है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 9 अक्टूबरशुक्रवार · बीत गयामुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी रात 9:36 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं ली जाती
- 10 अक्टूबरशनिवार · बीत गयामुहूर्त नहींअमावस्या रात 9:20 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा: इनमें से कोई तिथि नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं ली जाती
- 11 अक्टूबररविवार · शारदीय नवरात्रि · बीत गयाकेवल रातइसका मुहूर्त रात 9:31 से 10:32 है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 12 अक्टूबरसोमवार · बीत गयामुहूर्त नहींस्वाति रात 11:52 तक, फिर विशाखा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 13 अक्टूबरमंगलवार · बीत गयायह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 14 अक्टूबरबुधवार · बीत गयाकेवल रातइसका मुहूर्त रात 1:13 से 2:03 (14–15 अक्टूबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 15 अक्टूबरगुरुवार · बीत गयामुहूर्त नहींज्येष्ठा पूरे दिन: यह नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 16 अक्टूबरशुक्रवार · बीत गयामुहूर्त नहींज्येष्ठा सुबह 6:47 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 17 अक्टूबरशनिवार · बीत गयामुहूर्त नहींमूल सुबह 9:47 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 18 अक्टूबररविवार · बीत गयाभद्रा मेंइसका मुहूर्त दोपहर 1:07 से शाम 4:17; शाम 7:17 से अगले दिन रात 1:47; सुबह 4:05 से 6:24 (सोमवार, 19 अक्टूबर की सुबह) है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 19 अक्टूबरसोमवार · दुर्गा अष्टमी · महानवमी · बीत गयाशुभसुबह 6:24 से 7:49शुक्ल अष्टमी · उत्तराषाढ़ा79%
- 20 अक्टूबरमंगलवार · दशहरा · अबूझ मुहूर्त: परंपरा में यह दिन अपने-आप शुभ है, और कई परिवार इस दिन बिना मुहूर्त देखे काम करते हैं; पास लिखा फ़ैसला इस काम के पंचांग नियम का है, उन परिवारों के लिए जो फिर भी मुहूर्त देखते हैं · बीत गयायह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 21 अक्टूबरबुधवार · बीत गयामुहूर्त नहींधनिष्ठा शाम 7:48 तक, फिर शतभिषा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 22 अक्टूबरगुरुवार · बीत गयामुहूर्त नहींशतभिषा रात 8:49 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 23 अक्टूबरशुक्रवार · बीत गयाकेवल रातइसका मुहूर्त रात 9:03 से अगले दिन रात 1:29; रात 3:45 से सुबह 6:27 (23–24 अक्टूबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 24 अक्टूबरशनिवार · बीत गयाशुभदोपहर 12:43 से 1:29शुक्ल त्रयोदशी · उत्तरा भाद्रपद61%
- 25 अक्टूबररविवार · शरद पूर्णिमा · बीत गयाभद्रा मेंइसका मुहूर्त दोपहर 12:40 से 3:50; शाम 6:50 से अगले दिन रात 1:20; रात 3:38 से सुबह 6:28 (25–26 अक्टूबर की रात) है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 26 अक्टूबरसोमवार · बीत गयाशुभसुबह 6:28 से 7:52पूर्णिमा · अश्विनी85%
- 27 अक्टूबरमंगलवार · बीत गयायह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 28 अक्टूबरबुधवारशुभदोपहर 1:28 से 2:37कृष्ण तृतीया · रोहिणी60%
- 29 अक्टूबरगुरुवार · करवा चौथकेवल रातइसका मुहूर्त रात 10:10 से अगले दिन रात 1:04; रात 3:22 से सुबह 6:31 (29–30 अक्टूबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 30 अक्टूबरशुक्रवारशुभसुबह 6:31 से 7:54कृष्ण पंचमी · मृगशिरा91%
- 31 अक्टूबरशनिवारकेवल रातइसका मुहूर्त सुबह 5:39 से 6:32 (रविवार, 1 नवंबर की सुबह) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
मुहूर्त किस काम के लिए
और यह दिन कैसे मनाया जाता हैमुहूर्त दुकान खुलने के लिए है: शटर उठाना, दीया जलाना और पहली बिक्री, यानी बोहनी, इसी समय के भीतर। कई दुकानदार पहले गणेश और लक्ष्मी की पूजा करते हैं, दरवाज़े पर स्वस्तिक बनाकर शुभ-लाभ लिखते हैं, और उसी घंटे बही-खाता खोलते हैं। फ़र्म का रजिस्ट्रेशन या पहला बिल भी इसी तरह समय से किया जा सकता है।
पंचांग में अक्टूबर 2026
नया व्यापार शुरू करने के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ8 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं10 दिन
मुहूर्त केवल रात में7 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता4 दिन
मुहूर्त भद्रा में2 दिन
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
- रविवार, 11 अक्टूबर, शारदीय नवरात्रि: इसका मुहूर्त रात 9:31 से 10:32 है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- सोमवार, 19 अक्टूबर, दुर्गा अष्टमी और महानवमी: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 6:24 से 7:49
- मंगलवार, 20 अक्टूबर, दशहरा: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- रविवार, 25 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा: इसका मुहूर्त दोपहर 12:40 से 3:50; शाम 6:50 से अगले दिन रात 1:20; रात 3:38 से सुबह 6:28 (25–26 अक्टूबर की रात) है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- गुरुवार, 29 अक्टूबर, करवा चौथ: इसका मुहूर्त रात 10:10 से अगले दिन रात 1:04; रात 3:22 से सुबह 6:31 (29–30 अक्टूबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
एक दिन की जाँच
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर| जाँच | यह दिन | नियम |
|---|
| वार | शुक्रवार | ✓ सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार में से एक |
| नक्षत्र | मृगशिरा | ✓ उन 11 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | कृष्ण पंचमी | ✓ अनुमत तिथि |
| सबसे अच्छा समय | सुबह 6:31 से 7:54 | ✓ राहु काल (सुबह 10:41 से दोपहर 12:04) से बाहर |
| लग्न और भाव | तुला लग्न: आठवाँ भाव ख़ाली, बारहवाँ भाव ख़ाली | ✓ आठवें भाव या बारहवें भाव में सूर्य, मंगल या शनि न हों |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।