सितंबर में नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त
नई दिल्ली के समय सेसितंबर 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए 8 शुभ दिन हैं: 2, 3, 4, 6, 16, 17, 18 और 23 सितंबर। सबसे अच्छा दिन शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 (94%) है। इनमें से 4 पितृ पक्ष में पड़ते हैं, जिसके बीतने तक उत्तर भारत के कई परिवार रुकते हैं। 6 और दिनों का मुहूर्त केवल रात में है, भद्रा (विष्टि करण, आधी तिथि जिसमें नया काम नहीं किया जाता) में पड़ता है या आधे घंटे से कम का है, इसलिए वे गिने नहीं गए।
2सितंबर
गुरुवार, 2 सितंबरशुक्ल द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 5:59 से 7:11; सुबह 9:27 से 11:47; दोपहर 2:05 से शाम 4:09; शाम 5:52 से 7:18; रात 8:44 से 10:18 · रात में; रात 12:14 से सुबह 5:59 (2–3 सितंबर की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 10:45 से 11:47
3सितंबर
शुक्रवार, 3 सितंबर हरतालिका तीजशुक्ल तृतीया · हस्तमुहूर्तसुबह 5:59 से 7:07; सुबह 9:23 से 11:43; दोपहर 2:01 से 2:19सबसे अच्छा समय:सुबह 9:23 से 10:45
4सितंबर
शनिवार, 4 सितंबर गणेश चतुर्थीशुक्ल पंचमी · चित्रामुहूर्तदोपहर 1:58 से 2:49सबसे अच्छा समय:दोपहर 1:58 से 2:49
6सितंबर
सोमवार, 6 सितंबरशुक्ल सप्तमी · अनुराधामुहूर्तदोपहर 2:59 से 3:53; शाम 5:35 से 7:03; रात 8:27 से 10:03 · रात में; रात 11:59 से अगले दिन सुबह 6:01 · रात मेंसबसे अच्छा समय:शाम 5:35 से 6:37
16सितंबर
गुरुवार, 16 सितंबरकृष्ण प्रतिपदा · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तदोपहर 1:44 से 3:14; शाम 4:56 से 6:24; शाम 7:48 से रात 9:24 · रात में; रात 11:20 से अगले दिन सुबह 6:06 · रात मेंसबसे अच्छा समय:शाम 4:56 से 6:24पितृ पक्षकई परिवार सर्व पितृ अमावस्या (पितृ पक्ष का आख़िरी दिन) के बाद तक रुकते हैं
17सितंबर
शुक्रवार, 17 सितंबर विश्वकर्मा पूजाकृष्ण द्वितीया · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 8:28 से 10:48; दोपहर 1:06 से शाम 4:53; शाम 7:45 से रात 9:21 · रात में; रात 11:15 से अगले दिन सुबह 6:07 · रात मेंसबसे अच्छा समय:दोपहर 1:06 से 3:20पितृ पक्षकई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं
18सितंबर
शनिवार, 18 सितंबरकृष्ण तृतीया · रेवतीमुहूर्तदोपहर 1:02 से शाम 4:47; शाम 7:41 से रात 9:15 · रात में; रात 11:11 से अगले दिन सुबह 6:03 · रात मेंसबसे अच्छा समय:दोपहर 3:19 से शाम 4:47पितृ पक्षकई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं
23सितंबर
गुरुवार, 23 सितंबरकृष्ण अष्टमी · मृगशिरामुहूर्तदोपहर 12:43 से शाम 4:29सबसे अच्छा समय:दोपहर 3:15 से शाम 4:29पितृ पक्षकई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
सितंबर8 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि1294%394%460%5660%7891011121314151660%1770%1879%192021222364%24252627282930
8 शुभ दिन सितंबर 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
- 1 सितंबरबुधवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 8:48 से 10:22; रात 12:18 से सुबह 5:59 (1–2 सितंबर की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 2 सितंबरगुरुवारशुभसुबह 10:45 से 11:47शुक्ल द्वितीया · उत्तरा फाल्गुनी94%
- 3 सितंबरशुक्रवार · हरतालिका तीजशुभसुबह 9:23 से 10:45शुक्ल तृतीया · हस्त94%
- 4 सितंबरशनिवार · गणेश चतुर्थीशुभदोपहर 1:58 से 2:49शुक्ल पंचमी · चित्रा60%
- 5 सितंबररविवारमुहूर्त नहींस्वाति दोपहर 2:30 तक, फिर विशाखा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 6 सितंबरसोमवारशुभशाम 5:35 से 6:37शुक्ल सप्तमी · अनुराधा60%
- 7 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 8 सितंबरबुधवार · राधा अष्टमीमुहूर्त नहींज्येष्ठा शाम 6:17 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 9 सितंबरगुरुवारमुहूर्त नहींमूल रात 8:52 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 10 सितंबरशुक्रवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 11:50 से अगले दिन सुबह 6:03 है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 11 सितंबरशनिवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त सुबह 6:03 से 6:35; सुबह 8:51 से 11:11; दोपहर 1:29 से 3:33; शाम 5:15 से 6:43; रात 8:08 से 9:44; रात 11:38 से अगले दिन रात 2:58 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 12 सितंबररविवारमुहूर्त नहींश्रवण पूरे दिन: यह नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 13 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींश्रवण सुबह 6:05 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 14 सितंबरमंगलवार · अनंत चतुर्दशीयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 15 सितंबरबुधवार · पितृ पक्षमुहूर्त नहींशतभिषा सुबह 11:33 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 16 सितंबरगुरुवारशुभशाम 4:56 से 6:24कृष्ण प्रतिपदा · उत्तरा भाद्रपदपितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं60%
- 17 सितंबरशुक्रवार · विश्वकर्मा पूजाशुभदोपहर 1:06 से 3:20कृष्ण द्वितीया · उत्तरा भाद्रपदपितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं70%
- 18 सितंबरशनिवारशुभदोपहर 3:19 से शाम 4:47कृष्ण तृतीया · रेवतीपितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं79%
- 19 सितंबररविवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अश्विनी) और शुभ तिथि (कृष्ण तृतीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
- 20 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींभरणी शाम 6:09 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 21 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 22 सितंबरबुधवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त दोपहर 12:47 से शाम 4:33; शाम 7:26 से रात 9:00; रात 10:56 से अगले दिन सुबह 5:49 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 23 सितंबरगुरुवारशुभदोपहर 3:15 से शाम 4:29कृष्ण अष्टमी · मृगशिरापितृ पक्ष: कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं64%
- 24 सितंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींआर्द्रा दोपहर 3:58 तक, फिर पुनर्वसु: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 25 सितंबरशनिवारभद्रा मेंइसका मुहूर्त दोपहर 2:27 से शाम 4:21; शाम 7:13 से रात 8:49; रात 10:45 से अगले दिन सुबह 5:37 है, पर काम के घंटों में यह भद्रा (विष्टि करण) में पड़ता है
- 26 सितंबररविवारबहुत छोटाइसका मुहूर्त दोपहर 12:31 से 12:38 है, कुल मिलाकर आधे घंटे से कम: काम के लिए बहुत छोटा
- 27 सितंबरसोमवारमुहूर्त नहींअश्लेषा सुबह 10:33 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 28 सितंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 29 सितंबरबुधवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी सुबह 10:55 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं ली जाती
- 30 सितंबरगुरुवार · शारदीय नवरात्रिमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (हस्त और चित्रा) और शुभ तिथि (शुक्ल द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
मुहूर्त किस काम के लिए
और यह दिन कैसे मनाया जाता हैमुहूर्त दुकान खुलने के लिए है: शटर उठाना, दीया जलाना और पहली बिक्री, यानी बोहनी, इसी समय के भीतर। कई दुकानदार पहले गणेश और लक्ष्मी की पूजा करते हैं, दरवाज़े पर स्वस्तिक बनाकर शुभ-लाभ लिखते हैं, और उसी घंटे बही-खाता खोलते हैं। फ़र्म का रजिस्ट्रेशन या पहला बिल भी इसी तरह समय से किया जा सकता है।
पंचांग में सितंबर 2027
नया व्यापार शुरू करने के लिए इसके 30 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ8 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं12 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता4 दिन
मुहूर्त भद्रा में3 दिन
मुहूर्त केवल रात में2 दिन
मुहूर्त आधे घंटे से कम1 दिन
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
- शुक्रवार, 3 सितंबर, हरतालिका तीज: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:23 से 10:45
- शनिवार, 4 सितंबर, गणेश चतुर्थी: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय दोपहर 1:58 से 2:49
- बुधवार, 8 सितंबर, राधा अष्टमी: ज्येष्ठा शाम 6:17 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- मंगलवार, 14 सितंबर, अनंत चतुर्दशी: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- बुधवार, 15 सितंबर, पितृ पक्ष: शतभिषा सुबह 11:33 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- शुक्रवार, 17 सितंबर, विश्वकर्मा पूजा: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय दोपहर 1:06 से 3:20
- गुरुवार, 30 सितंबर, शारदीय नवरात्रि: इस दिन के शुभ नक्षत्र (हस्त और चित्रा) और शुभ तिथि (शुक्ल द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
एक दिन की जाँच
शुक्रवार, 3 सितंबर 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर| जाँच | यह दिन | नियम |
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| वार | शुक्रवार | ✓ सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार में से एक |
| नक्षत्र | हस्त | ✓ उन 11 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | शुक्ल तृतीया | ✓ अनुमत तिथि |
| सबसे अच्छा समय | सुबह 9:23 से 10:45 | ✓ राहु काल (सुबह 10:45 से दोपहर 12:20) से बाहर |
| लग्न और भाव | तुला लग्न: आठवाँ भाव ख़ाली, बारहवाँ भाव चंद्र और बुध | ✓ आठवें भाव या बारहवें भाव में सूर्य, मंगल या शनि न हों |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।