मार्च में नया व्यापार शुरू करने का मुहूर्त
नई दिल्ली के समय सेमार्च 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए 9 शुभ दिन हैं: 4, 10, 11, 14, 15, 18, 22, 24 और 27 मार्च। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 4 मार्च 2027 (91%) है। 15 मार्च (94%) का प्रतिशत इससे ज़्यादा है, पर वह खरमास (जब सूर्य धनु या मीन राशि में हों) में पड़ता है, जिसके बीतने तक कई परिवार रुकते हैं, इसलिए उसे सबसे अच्छा दिन नहीं कहा गया। इनमें से 5 खरमास में पड़ते हैं, जिसके बीतने तक उत्तर भारत के कई परिवार रुकते हैं। 5 और दिनों का मुहूर्त केवल रात में है, इसलिए वे गिने नहीं गए।
4मार्च
गुरुवार, 4 मार्चकृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ामुहूर्तसुबह 6:43 से 7:19; सुबह 10:18 से दोपहर 2:28; रात 9:22 से अगले दिन रात 1:35 · रात मेंसबसे अच्छा समय:सुबह 11:05 से दोपहर 2:00
10मार्च
बुधवार, 10 मार्चशुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद सुबह 10:52 तक, फिर रेवतीमुहूर्तसुबह 6:36 से 6:54; सुबह 9:54 से दोपहर 2:04; शाम 6:43 से अगले दिन रात 1:37 · रात में; रात 3:41 से सुबह 6:35 (10–11 मार्च की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 9:54 से 11:03
11मार्च
गुरुवार, 11 मार्चशुक्ल तृतीया · रेवती सुबह 11:20 तक, फिर अश्विनीमुहूर्तसुबह 6:35 से 6:51; सुबह 9:51 से दोपहर 2:02सबसे अच्छा समय:सुबह 11:02 से दोपहर 2:00
14मार्च
रविवार, 14 मार्चशुक्ल षष्ठी · रोहिणीमुहूर्तसुबह 10:23 से दोपहर 1:50; शाम 6:26 से अगले दिन रात 1:22 · रात में; रात 3:26 से सुबह 6:31 (14–15 मार्च की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 10:23 से दोपहर 12:30
15मार्च
सोमवार, 15 मार्चशुक्ल सप्तमी · मृगशिरामुहूर्तसुबह 7:29 से 8:01; सुबह 9:36 से शाम 4:05; शाम 6:23 से अगले दिन रात 1:17; रात 3:21 से सुबह 6:30 (15–16 मार्च की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 9:36 से 10:51खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
18मार्च
गुरुवार, 18 मार्चशुक्ल एकादशी · पुष्यमुहूर्तसुबह 6:27 से 7:47; सुबह 9:23 से दोपहर 3:53; शाम 6:11 से अगले दिन रात 1:05; रात 3:09 से 3:21 (18–19 मार्च की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 10:59 से दोपहर 1:59खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
22मार्च
सोमवार, 22 मार्च होलीपूर्णिमा · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 6:23 से 7:33; सुबह 9:07 से दोपहर 3:39; शाम 5:55 से अगले दिन रात 12:50; रात 2:54 से सुबह 6:22 (22–23 मार्च की रात)सबसे अच्छा समय:सुबह 9:25 से 10:57खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
24मार्च
बुधवार, 24 मार्चकृष्ण द्वितीया · चित्रामुहूर्तसुबह 6:20 से 7:24; सुबह 9:00 से दोपहर 3:30; शाम 5:48 से 7:25सबसे अच्छा समय:सुबह 9:24 से 10:56खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
27मार्च
शनिवार, 27 मार्चकृष्ण पंचमी दोपहर 1:33 तक, फिर कृष्ण षष्ठी · अनुराधामुहूर्तसुबह 6:17 से 7:13; सुबह 8:47 से दोपहर 3:19; शाम 5:35 से रात 10:15सबसे अच्छा समय:सुबह 10:54 से दोपहर 1:59खरमासउत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
मार्च9 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि123491%567891082%1187%12131460%1594%16171885%1920212285%232491%25262779%28293031
9 शुभ दिन मार्च 2027 में नया व्यापार शुरू करने के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
- 1 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा शाम 4:27 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 2 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 3 मार्चबुधवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 10:34 से अगले दिन सुबह 4:08; सुबह 5:50 से 6:43 (गुरुवार, 4 मार्च की सुबह) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 4 मार्चगुरुवारशुभसुबह 11:05 से दोपहर 2:00कृष्ण द्वादशी · उत्तराषाढ़ा91%
- 5 मार्चशुक्रवारमुहूर्त नहींश्रवण अगले दिन सुबह 4:20 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 6 मार्चशनिवार · महाशिवरात्रिमुहूर्त नहींधनिष्ठा पूरे दिन: यह नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 7 मार्चरविवारमुहूर्त नहींधनिष्ठा सुबह 6:42 तक, फिर शतभिषा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 8 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींशतभिषा सुबह 8:35 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 9 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 10 मार्चबुधवारशुभसुबह 9:54 से 11:03शुक्ल द्वितीया · उत्तरा भाद्रपद सुबह 10:52 तक, फिर रेवती82%
- 11 मार्चगुरुवारशुभसुबह 11:02 से दोपहर 2:00शुक्ल तृतीया · रेवती सुबह 11:20 तक, फिर अश्विनी87%
- 12 मार्चशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (अश्विनी) और शुभ तिथि (शुक्ल पंचमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
- 13 मार्चशनिवारमुहूर्त नहींभरणी सुबह 11:03 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 14 मार्चरविवारशुभसुबह 10:23 से दोपहर 12:30शुक्ल षष्ठी · रोहिणी60%
- 15 मार्चसोमवारशुभसुबह 9:36 से 10:51शुक्ल सप्तमी · मृगशिराखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं94%
- 16 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 17 मार्चबुधवारकेवल रातइसका मुहूर्त सुबह 5:07 से 6:27 (गुरुवार, 18 मार्च की सुबह) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 18 मार्चगुरुवारशुभसुबह 10:59 से दोपहर 1:59शुक्ल एकादशी · पुष्यखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं85%
- 19 मार्चशुक्रवारमुहूर्त नहींअश्लेषा अगले दिन रात 1:31 तक, फिर मघा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 20 मार्चशनिवारमुहूर्त नहींमघा रात 11:44 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 21 मार्चरविवार · होलिका दहनकेवल रातइसका मुहूर्त रात 10:07 से अगले दिन रात 12:55; रात 2:57 से सुबह 6:23 (21–22 मार्च की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 22 मार्चसोमवार · होलीशुभसुबह 9:25 से 10:57पूर्णिमा · उत्तरा फाल्गुनीखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं85%
- 23 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 24 मार्चबुधवारशुभसुबह 9:24 से 10:56कृष्ण द्वितीया · चित्राखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं91%
- 25 मार्चगुरुवारमुहूर्त नहींस्वाति शाम 7:39 तक, फिर विशाखा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 26 मार्चशुक्रवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 8:36 से अगले दिन रात 12:34; रात 2:38 से सुबह 6:17 (26–27 मार्च की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- 27 मार्चशनिवारशुभसुबह 10:54 से दोपहर 1:59कृष्ण पंचमी दोपहर 1:33 तक, फिर कृष्ण षष्ठी · अनुराधाखरमास: उत्तर भारत में कई परिवार इसके ख़त्म होने तक रुकते हैं79%
- 28 मार्चरविवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा अगले दिन रात 12:32 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 29 मार्चसोमवारमुहूर्त नहींमूल अगले दिन रात 3:18 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- 30 मार्चमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
- 31 मार्चबुधवारकेवल रातइसका मुहूर्त रात 10:16 से अगले दिन रात 12:14; रात 2:18 से सुबह 6:11 (31 मार्च–1 अप्रैल की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
मुहूर्त किस काम के लिए
और यह दिन कैसे मनाया जाता हैमुहूर्त दुकान खुलने के लिए है: शटर उठाना, दीया जलाना और पहली बिक्री, यानी बोहनी, इसी समय के भीतर। कई दुकानदार पहले गणेश और लक्ष्मी की पूजा करते हैं, दरवाज़े पर स्वस्तिक बनाकर शुभ-लाभ लिखते हैं, और उसी घंटे बही-खाता खोलते हैं। फ़र्म का रजिस्ट्रेशन या पहला बिल भी इसी तरह समय से किया जा सकता है।
पंचांग में मार्च 2027
नया व्यापार शुरू करने के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ9 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं12 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता5 दिन
मुहूर्त केवल रात में5 दिन
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
- शनिवार, 6 मार्च, महाशिवरात्रि: धनिष्ठा पूरे दिन: यह नक्षत्र नया व्यापार शुरू करने के लिए नहीं लिया जाता
- रविवार, 21 मार्च, होलिका दहन: इसका मुहूर्त रात 10:07 से अगले दिन रात 12:55; रात 2:57 से सुबह 6:23 (21–22 मार्च की रात) है, जिसमें दिन का उजाला आधे घंटे से कम है; यह काम दिन में होता है
- सोमवार, 22 मार्च, होली: नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 9:25 से 10:57
एक दिन की जाँच
गुरुवार, 4 मार्च 2027, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर| जाँच | यह दिन | नियम |
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| वार | गुरुवार | ✓ सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार में से एक |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा | ✓ उन 11 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | कृष्ण द्वादशी | ✓ अनुमत तिथि |
| सबसे अच्छा समय | सुबह 11:05 से दोपहर 2:00 | ✓ राहु काल (दोपहर 2:00 से 3:28) से बाहर |
| लग्न और भाव | वृषभ लग्न: आठवाँ भाव ख़ाली, बारहवाँ भाव ख़ाली। 12:14 PM से मिथुन लग्न: आठवाँ भाव चंद्र और बुध और शुक्र और राहु, बारहवाँ भाव ख़ाली | ✓ आठवें भाव या बारहवें भाव में सूर्य, मंगल या शनि न हों |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।