शादी का दिन: नक्षत्र, तिथि और समय, यानी वही सब जो पंडित जी सबसे पहले पूछते हैं।
अक्टूबर 2026 में शादी के लिए कोई शुभ दिन नहीं है। चातुर्मास (बरसात के चार महीने, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में माने जाते हैं), जो देवउठनी एकादशी पर ख़त्म होता है, 20 नवंबर 2026 तक इसे बंद रखता है। सूर्य के सिंह और कन्या राशि वाले महीने, जिनमें यह काम नहीं होता, 17 अक्टूबर 2026 तक चलते हैं। शुक्र 1 नवंबर 2026 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। अगला शुभ दिन शनिवार, 21 नवंबर 2026 है, फिर मंगलवार, 24 नवंबर 2026 और बुधवार, 25 नवंबर 2026। नवंबर 2026 में 1 और दिन है।
शादी का मुहूर्त फेरों का समय होता है: कन्यादान और सप्तपदी, यानी अग्नि के चारों ओर सात फेरे, इसी के भीतर होते हैं, जबकि बारात, जयमाला और रिसेप्शन इसके आगे-पीछे हो सकते हैं। फेरों का ठीक लग्न आम तौर पर परिवार के पंडित जी दिन के मुहूर्त के भीतर ही तय करते हैं।
इस महीने के काल:
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए शादी (विवाह) के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।
ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।
मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए; तीक्ष्ण, काटने और अलग करने वाले कामों के लिए; उग्र, कठोर और ज़ोर वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (हस्त), मृदु (मृगशिरा, अनुराधा, रेवती), चर (स्वाति), तीक्ष्ण (मूल) और उग्र (मघा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ और वैधृति योग और चतुष्पद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि करण छोड़े जाते हैं।
शादी के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय
एक भी नहीं, क्योंकि चातुर्मास, जो देवउठनी एकादशी पर ख़त्म होता है, 20 नवंबर 2026 तक इसे बंद रखता है; और सूर्य के सिंह और कन्या राशि वाले महीने, जिनमें यह काम नहीं होता, 17 अक्टूबर 2026 तक चलते हैं; और शुक्र 1 नवंबर 2026 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। अगला शुभ दिन शनिवार, 21 नवंबर 2026 है।
पंचांग के हिसाब से नहीं: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक।
इसके 31 दिनों में से 31 दिन चातुर्मास में पड़ते हैं।
दिसंबर 2026 में, 7 दिन; नवंबर 2026 में 4।
पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और शादी के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।
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