हर दिन सूर्योदय की तिथि, पूर्णिमांत मास (उत्तर भारत का, जो पूर्णिमा पर ख़त्म होता है), और उसमें आने वाले व्रत-त्योहार, नई दिल्ली के लिए।
हर ख़ाने में लिखी संख्या उस दिन नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है, पक्ष के भीतर गिनी हुई, जैसी दीवार वाले कैलेंडर में छपी होती है। जिस तारीख़ पर क्लिक हो सकता है, उसका पूरा पंचांग अलग पेज पर है।
चातुर्मास शनिवार, 25 जुलाई से शुक्रवार, 20 नवंबर तक: विष्णु जी के विश्राम के चार महीने, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक; इसमें शादी, जनेऊ और विद्यारंभ के मुहूर्त नहीं निकलते; ये शनिवार, 21 नवंबर से फिर हो सकते हैं, जो कार्तिक शुक्ल एकादशी लगने के बाद का पहला सूर्योदय है; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: मुंडन सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण।
पितृ पक्ष शनिवार, 26 सितंबर से शनिवार, 10 अक्टूबर तक: पितरों के श्राद्ध का पखवाड़ा; यह नई गाड़ी के मुहूर्त शनिवार, 10 अक्टूबर तक बंद रखता है; बाक़ी काम इन दिनों वैसे भी बंद हैं: शादी और विद्यारंभ चातुर्मास के कारण, मुंडन और जनेऊ सूर्य की राशि के कारण, गृह प्रवेश चंद्र मास के कारण; ज़मीन-जायदाद की ख़रीद और नए व्यापार के मुहूर्त पंचांग में फिर भी हैं, पर कई परिवार सर्व पितृ अमावस्या के बाद तक रुकते हैं।
शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर से सोमवार, 19 अक्टूबर तक: शरद ऋतु की नवरात्रि, दशहरे से एक दिन पहले तक।
नई दिल्ली के लिए, भारतीय समय में। तिथि हर जगह एक ही क्षण शुरू और ख़त्म होती है; व्रत का दिन और उसके समय नई दिल्ली के हैं, और विदेश में एक दिन आगे-पीछे हो सकते हैं।
| दिन | सूर्योदय की तिथि | मास | व्रत-त्योहार |
|---|---|---|---|
| 1 गुरु | कृष्ण पंचमी | आश्विन | |
| 2 शुक्र | कृष्ण षष्ठी | आश्विन | |
| 3 शनि | कृष्ण सप्तमी | आश्विन | जीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश) |
| 4 रवि | कृष्ण नवमी | आश्विन | |
| 5 सोम | कृष्ण दशमी | आश्विन | |
| 6 मंगल | कृष्ण एकादशी | आश्विन | इंदिरा एकादशी |
| 7 बुध | कृष्ण द्वादशी | आश्विन | |
| 8 गुरु | कृष्ण त्रयोदशी | आश्विन | गुरु प्रदोष व्रत · मासिक शिवरात्रि |
| 9 शुक्र | कृष्ण चतुर्दशी | आश्विन | |
| 10 शनि | अमावस्या | आश्विन | सर्व पितृ अमावस्या |
| 11 रवि | शुक्ल प्रतिपदा | आश्विन | शारदीय नवरात्रि |
| 12 सोम | शुक्ल द्वितीया | आश्विन | |
| 13 मंगल | शुक्ल तृतीया | आश्विन | |
| 14 बुध | शुक्ल चतुर्थी | आश्विन | |
| 15 गुरु | शुक्ल पंचमी | आश्विन | |
| 16 शुक्र | शुक्ल षष्ठी | आश्विन | |
| 17 शनि | शुक्ल सप्तमी | आश्विन | तुला संक्रांति |
| 18 रवि | शुक्ल सप्तमी | आश्विन | |
| 19 सोम | शुक्ल अष्टमी | आश्विन | दुर्गा अष्टमी · महानवमी |
| 20 मंगल | शुक्ल नवमी | आश्विन | दशहरा |
| 21 बुध | शुक्ल दशमी | आश्विन | |
| 22 गुरु | शुक्ल एकादशी | आश्विन | पापांकुशा एकादशी |
| 23 शुक्र | शुक्ल द्वादशी | आश्विन | शुक्र प्रदोष व्रत |
| 24 शनि | शुक्ल त्रयोदशी | आश्विन | |
| 25 रवि | शुक्ल चतुर्दशी | आश्विन | शरद पूर्णिमा |
| 26 सोम | पूर्णिमा | आश्विन | वाल्मीकि जयंती |
| 27 मंगल | कृष्ण प्रतिपदा | कार्तिक | |
| 28 बुध | कृष्ण तृतीया | कार्तिक | |
| 29 गुरु | कृष्ण चतुर्थी | कार्तिक | करवा चौथ · संकष्टी चतुर्थी |
| 30 शुक्र | कृष्ण पंचमी | कार्तिक | |
| 31 शनि | कृष्ण षष्ठी | कार्तिक |
तिथि वाले कॉलम में नई दिल्ली में सूर्योदय के समय की तिथि है। हर व्रत और त्योहार अपनी तिथि के अपने समय से तय होता है: प्रदोष शाम को, शिवरात्रि आधी रात (निशीथ) को, संकष्टी चंद्रोदय पर, पूर्णिमा का व्रत दोपहर में, दिवाली सूर्यास्त के बाद। इसलिए कोई व्रत ऐसे दिन भी पड़ सकता है जिसकी सूर्योदय वाली तिथि उससे पिछली हो।
जीवित्पुत्रिका (जितिया) शनिवार, 3 अक्टूबर को है, जिस दिन इसकी तिथि, अष्टमी, शुरू होती है: 2026 में यह तिथि एक सूर्योदय के बाद शुरू होकर अगले सूर्योदय से पहले ख़त्म हो जाती है।
जब तारीख़ अदालत दे, तो कोर्ट की सुनवाई वाले पेज पर हर दिन की सूर्य होरा है; क़ानूनी नोटिस के लिए नोटिस का जवाब वाले पेज पर जवाब के दिन हैं।
उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर में 1 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक आश्विन; फिर 27 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक कार्तिक। विक्रम संवत 2083।
नई दिल्ली में आश्विन पूर्णिमा व्रत रविवार, 25 अक्टूबर को।
नई दिल्ली में सर्व पितृ अमावस्या शनिवार, 10 अक्टूबर को।
नई दिल्ली में इंदिरा एकादशी मंगलवार, 6 अक्टूबर को और पापांकुशा एकादशी गुरुवार, 22 अक्टूबर को।
पितृ पक्ष गुरुवार, 1 अक्टूबर से शनिवार, 10 अक्टूबर तक; जीवित्पुत्रिका (जितिया; बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश) शनिवार, 3 अक्टूबर को; शारदीय नवरात्रि रविवार, 11 अक्टूबर को; दुर्गा अष्टमी सोमवार, 19 अक्टूबर को; महानवमी सोमवार, 19 अक्टूबर को; दशहरा मंगलवार, 20 अक्टूबर को; शरद पूर्णिमा रविवार, 25 अक्टूबर को; करवा चौथ गुरुवार, 29 अक्टूबर को। नई दिल्ली के लिए।
नई दिल्ली में सुबह 6:19 से सुबह 10:12 तक: प्रतिपदा रहते दिन का पहला तिहाई भाग। यह छूट जाए तो अभिजीत मुहूर्त, सुबह 11:45 से दोपहर 12:31 तक। 2026 में सुबह चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग है, और घटस्थापना में दोनों टाले जाते हैं, इसलिए कई परिवार अभिजीत मुहूर्त चुनते हैं।
नई दिल्ली में रात 8:17। भारत के पूर्व में चाँद पहले और पश्चिम व दक्षिण में बाद में निकलता है: 2026 में गुवाहाटी में शाम 7:23 से कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में रात 9:08 तक। हर शहर का समय करवा चौथ के पेज पर दिया है।
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