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नई दिल्ली

शादी (विवाह) का मुहूर्त अगस्त 2027
इस महीने क्यों नहीं, और अगली तारीख़

शादी का दिन: नक्षत्र, तिथि और समय, यानी वही सब जो पंडित जी सबसे पहले पूछते हैं।

इस महीने कोई नहींअगला: बुधवार, 10 नवंबर

अगस्त में शादी (विवाह) का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

अगस्त 2027 में शादी के लिए कोई शुभ दिन नहीं है। चातुर्मास (बरसात के चार महीने, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में माने जाते हैं), जो देवउठनी एकादशी पर ख़त्म होता है, 9 नवंबर 2027 तक इसे बंद रखता है। सूर्य के सिंह और कन्या राशि वाले महीने, जिनमें यह काम नहीं होता, 17 अक्टूबर 2027 तक चलते हैं। शुक्र 7 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। गुरु 17 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं। 2 अगस्त 2027 को यहाँ दिखने वाला ग्रहण इसे बंद रखता है। अगला शुभ दिन बुधवार, 10 नवंबर 2027 है, फिर गुरुवार, 11 नवंबर 2027 और सोमवार, 15 नवंबर 2027। नवंबर 2027 में 7 और दिन हैं।

अगले शुभ दिन

अगस्त के बाद
10नवंबर
बुधवार, 10 नवंबरशुक्ल द्वादशी · उत्तरा भाद्रपदमुहूर्तसुबह 9:11 से रात 11:40सबसे अच्छा समय:दोपहर 1:26 से रात 11:40
11नवंबर
गुरुवार, 11 नवंबर तुलसी विवाहशुक्ल त्रयोदशी · रेवतीमुहूर्तरात 10:57 से अगले दिन रात 1:46सबसे अच्छा समय:रात 10:57 से अगले दिन रात 1:46
15नवंबर
सोमवार, 15 नवंबरकृष्ण द्वितीया सुबह 5:42 तक, फिर कृष्ण तृतीया · रोहिणी सुबह 6:00 तक, फिर मृगशिरामुहूर्तदोपहर 3:21 से अगले दिन सुबह 6:43सबसे अच्छा समय:दोपहर 3:21 से अगले दिन सुबह 6:43

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

शादी का मुहूर्त फेरों का समय होता है: कन्यादान और सप्तपदी, यानी अग्नि के चारों ओर सात फेरे, इसी के भीतर होते हैं, जबकि बारात, जयमाला और रिसेप्शन इसके आगे-पीछे हो सकते हैं। फेरों का ठीक लग्न आम तौर पर परिवार के पंडित जी दिन के मुहूर्त के भीतर ही तय करते हैं।

पंचांग में अगस्त 2027

शादी के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ0 दिन
चातुर्मास30 दिन
ग्रहण1 दिन

इस महीने के काल:

  • चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक: पूरे महीने
  • शुक्र अस्त: पूरे महीने
  • गुरु अस्त: शनिवार, 14 अगस्त से
  • सूर्य ऐसी राशि में जिसमें यह काम नहीं होता: मंगलवार, 17 अगस्त से

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • सोमवार, 2 अगस्त, सावन सोमवार: सूर्य ग्रहण, जो यहाँ दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखता है: ग्रहण और उसके सूतक (ग्रहण से पहले के घंटे: सूर्य ग्रहण में बारह, चंद्र ग्रहण में नौ) में, जो रात 3:53 से है, कोई मुहूर्त नहीं लिया जाता
  • बुधवार, 4 अगस्त, हरियाली तीज: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • शुक्रवार, 6 अगस्त, नाग पंचमी: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • सोमवार, 9 अगस्त, सावन सोमवार: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • सोमवार, 16 अगस्त, सावन सोमवार: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • मंगलवार, 17 अगस्त, रक्षा बंधन: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • शुक्रवार, 20 अगस्त, कजरी तीज: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक
  • बुधवार, 25 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए शादी (विवाह) के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

विवाह
नक्षत्र
  • रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
तिथियाँ
  • अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि
वार
  • कोई भी वार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए; तीक्ष्ण, काटने और अलग करने वाले कामों के लिए; उग्र, कठोर और ज़ोर वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (हस्त), मृदु (मृगशिरा, अनुराधा, रेवती), चर (स्वाति), तीक्ष्ण (मूल) और उग्र (मघा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ और वैधृति योग और चतुष्पद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि करण छोड़े जाते हैं।

शादी के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
अगस्त 2027 में शादी के कितने शुभ दिन हैं?

एक भी नहीं, क्योंकि चातुर्मास, जो देवउठनी एकादशी पर ख़त्म होता है, 9 नवंबर 2027 तक इसे बंद रखता है; और सूर्य के सिंह और कन्या राशि वाले महीने, जिनमें यह काम नहीं होता, 17 अक्टूबर 2027 तक चलते हैं; और शुक्र 7 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं; और गुरु 17 सितंबर 2027 तक अस्त हैं, यानी सूर्य के इतने पास हैं कि दिखते नहीं; और 2 अगस्त 2027 को यहाँ दिखने वाला ग्रहण इसे बंद रखता है। अगला शुभ दिन बुधवार, 10 नवंबर 2027 है।

क्या कृष्ण जन्माष्टमी (25 अगस्त 2027) शादी के लिए शुभ है?

पंचांग के हिसाब से नहीं: चातुर्मास, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक।

अगस्त 2027 के सभी 31 दिन शादी के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 30 दिन चातुर्मास में पड़ते हैं और 1 दिन ग्रहण का है।

अगस्त 2027 के आसपास किस महीने में शादी के ज़्यादा दिन हैं?

जून 2027 में, 15 दिन; जुलाई 2027 में 5।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और शादी के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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