शादी का दिन: नक्षत्र, तिथि और समय, यानी वही सब जो पंडित जी सबसे पहले पूछते हैं।
दिसंबर 2026 में शादी के लिए 7 शुभ दिन हैं: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 (91%) है।
यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।
7 शुभ दिन दिसंबर 2026 में शादी के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।
शादी का मुहूर्त फेरों का समय होता है: कन्यादान और सप्तपदी, यानी अग्नि के चारों ओर सात फेरे, इसी के भीतर होते हैं, जबकि बारात, जयमाला और रिसेप्शन इसके आगे-पीछे हो सकते हैं। फेरों का ठीक लग्न आम तौर पर परिवार के पंडित जी दिन के मुहूर्त के भीतर ही तय करते हैं।
इस महीने के काल:
त्योहार के दिन, इस काम के लिए:
| जाँच | यह दिन | नियम |
|---|---|---|
| वार | गुरुवार | कोई भी वार |
| नक्षत्र | हस्त | उन 11 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है |
| तिथि | कृष्ण एकादशी | अनुमत तिथि |
| योग | प्रीति | उन 9 योगों में से नहीं जिनसे यह बचता है |
| करण | वणिज | उन 5 करणों में से नहीं जिनसे यह बचता है |
| सबसे अच्छा समय | रात 11:04 से अगले दिन सुबह 6:58 | राहु काल (दोपहर 1:29 से 2:47) से बाहर |
यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए शादी (विवाह) के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।
ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।
मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए; तीक्ष्ण, काटने और अलग करने वाले कामों के लिए; उग्र, कठोर और ज़ोर वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (हस्त), मृदु (मृगशिरा, अनुराधा, रेवती), चर (स्वाति), तीक्ष्ण (मूल) और उग्र (मघा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें विष्कम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ और वैधृति योग और चतुष्पद, किंस्तुघ्न, नाग, शकुनि और विष्टि करण छोड़े जाते हैं।
शादी के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय
7 दिन: बुधवार, 2 दिसंबर 2026, गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, शनिवार, 5 दिसंबर 2026, रविवार, 6 दिसंबर 2026, शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 और शनिवार, 12 दिसंबर 2026, नई दिल्ली के लिए।
पंचांग के हिसाब से नहीं: श्रवण सुबह 9:12 तक, फिर धनिष्ठा: इनमें से कोई नक्षत्र शादी के लिए नहीं लिया जाता।
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 (91%): कृष्ण एकादशी और हस्त नक्षत्र, सबसे अच्छा समय रात 11:04 से अगले दिन सुबह 6:58।
इसके 31 दिनों में से 16 दिन तब पड़ते हैं जब सूर्य ऐसी राशि में हों जिसमें यह काम नहीं होता और 8 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते।
फ़रवरी 2027 में, 13 दिन; जनवरी 2027 में 8।
पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और शादी के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।
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