2027 में तुला राशि के लिए पैसा, दौर-दर-दौर: तुला से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 70। निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक। पैसे के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, मई और नवंबर; सबसे कमज़ोर: दिसंबर।
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
ग्यारहवें भाव में गुरु का होना लाभ का सबसे अच्छा समय है: एक से ज़्यादा जगह से आमदनी बढ़ती है, अटका और पुराना पैसा मिलता है, और पहले किया निवेश फल देने लगता है। नौकरी वाले बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापारियों के ऑर्डर और मुनाफ़ा बढ़ते हैं; निवेशकों को लगातार रिटर्न मिलता है। इस समय अपना दिया हुआ पैसा वापस माँगें, पुराने क़र्ज़ चुकाएँ, और हर लाभ का एक तय हिस्सा ख़र्च करने से पहले बचत में डालें। पर आपके सातवें भाव में शनि के कारण 26 जून से 19 अक्टूबर तक का समय धन के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है।
दसवें भाव में गुरु पैसे को काम से बाँध देते हैं: आमदनी नई भूमिका या बड़ी ज़िम्मेदारी पर टिकती है, और बोझ बढ़ने के बाद ही बढ़ती है। व्यापारियों को मुनाफ़ा दिखने से पहले विस्तार, लाइसेंस या साख पर ख़र्च करना पड़ सकता है। नियमित निवेश के लिए ठीक समय है, पर सिर्फ़ उम्मीद के भरोसे बचत को नए काम में झोंकने का नहीं। टैक्स और कारोबार के काग़ज़ात साफ़ रखें, और ईएमआई तभी बढ़ाएँ जब बढ़ी हुई आमदनी कुछ महीने टिक जाए। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।
बारहवें भाव में गुरु ख़र्च बढ़ाते हैं, अक्सर अच्छे कामों पर — यात्रा, बच्चे की विदेश में पढ़ाई, शादी, अस्पताल या दान — पर पैसा आने से तेज़ जाता है। नौकरी वालों की तनख़्वाह खिंची-खिंची रहती है; व्यापारियों को किसी भी कमाई से पहले सेटअप या विदेश से जुड़े ख़र्च उठाने पड़ते हैं। बड़े ख़र्चों की योजना पहले से बनाएँ, आपातकाल के लिए पैसा अलग रखें, और जिसने पहले पैसा नहीं लौटाया उसे फिर उधार न दें। घर से दूर या विदेश में प्रॉपर्टी सोच-समझकर ली जाए तो ठीक रह सकती है।
छठे भाव में शनि का होना धन के लिए मज़बूत स्थिति है: पुराने क़र्ज़ उतरते हैं, लगातार पीछे लगने से बकाया वसूल होता है और पैसों के विवाद में जीत मिलती है। नौकरी वालों को ओवरटाइम, सरकारी नौकरी और सेवा के काम से फ़ायदा होता है; व्यापारी दाम और अनुशासन के दम पर प्रतियोगियों से आगे निकलते हैं। क़र्ज़ जल्दी चुकाने, अटका मामला निपटाने और आपातकाल का पैसा जोड़ने का बहुत अच्छा समय है। अपना बकाया माँगते रहें — यहाँ शनि लगन का फल देते हैं। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें; ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।
सातवें भाव में शनि दूसरों पर टिके पैसे को धीमा करते हैं: सौदे देर से पूरे होते हैं, ग्राहक भुगतान टालते हैं और साझेदार हिसाब को लेकर मुश्किल खड़ी कर सकता है। जीवनसाथी से जुड़े या साझा ख़र्च बढ़ सकते हैं। नौकरी वाले ख़र्च पर क़ाबू रखें तो ज़्यादा असर नहीं पड़ता; व्यापारी बकाया वसूलने पर ध्यान दें और जब तक हर शर्त काग़ज़ पर न हो, नई साझेदारी न करें। मालिकाना हक़ साफ़ किए बिना साझा पैसा प्रॉपर्टी या नए काम में न लगाएँ।
चौथे भाव में राहु प्रॉपर्टी और वाहन को लेकर उलझन देते हैं; मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें और जल्दबाज़ी में घर न ख़रीदें।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें। बुध का वक्री दौर 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी के फ़ैसले महँगे पड़ते हैं, और ज़मीन या क़र्ज़ के विवाद भड़कते हैं; जल्दी में ज़मीन न ख़रीदें, न ट्रेडिंग करें
बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है
शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में तुला राशि के लिए पैसे के मामले में सबसे अच्छा महीना नवंबर (78) है और सबसे कमज़ोर दिसंबर (61)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के दिन | गाड़ी ख़रीदने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 77 | साल का सबसे अच्छा लाभ; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 8 |
| फ़रवरी | 66 | कमाई ज़िम्मेदारी के पीछे; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके चौथे भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके ग्यारहवें भाव में | 4 | 6 |
| मार्च | 71 | कमाई ज़िम्मेदारी के पीछे; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 6 |
| अप्रैल | 73 | कमाई ज़िम्मेदारी के पीछे; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 10 |
| मई | 76 | कमाई ज़िम्मेदारी के पीछे | 4 | 7 |
| जून | 65 | कमाई ज़िम्मेदारी के पीछे; बुध वक्री | 4 | 6 |
| जुलाई | 67 | साल का सबसे अच्छा लाभ; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में | 3 | 5 |
| अगस्त | 65 | साल का सबसे अच्छा लाभ; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके दसवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में | 4 | 5 |
| सितंबर | 70 | साल का सबसे अच्छा लाभ; शनि वक्री | 6 | 4 |
| अक्टूबर | 68 | साल का सबसे अच्छा लाभ; शनि और बुध वक्री | 4 | 6 |
| नवंबर | 78 | साल का सबसे अच्छा लाभ; शनि वक्री | 4 | 9 |
| दिसंबर | 61 | पैसा बाहर जाता है; शनि वक्री | 3 | 9 |
बुध, जो व्यापार, हिसाब-किताब और सौदों के ग्रह हैं, आम तौर पर दो-तीन हफ़्ते में राशि बदलते हैं, और साल के तीन वक्री दौरों के आसपास ज़्यादा देर रुकते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: काग़ज़ी काम, मोल-भाव और व्यापार के दौर। 2027 में तुला राशि के लिए इनके 17 में से 7 दौर अच्छे भाव में पड़ते हैं; तालिका में हर एक लिखा है।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | पैसे के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 जनवरी तक | धनु | तीसरा | भारी |
| 10 जनवरी से 27 जनवरी तक | मकर | चौथा | अच्छा |
| 28 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | कुंभ | पाँचवाँ | भारी |
| 24 फ़रवरी से 11 मार्च तक | मकर | चौथा | अच्छा |
| 12 मार्च से 4 अप्रैल तक | कुंभ | पाँचवाँ | भारी |
| 5 अप्रैल से 21 अप्रैल तक | मीन | छठा | अच्छा |
| 22 अप्रैल से 5 मई तक | मेष | सातवाँ | भारी |
| 6 मई से 22 मई तक | वृषभ | आठवाँ | अच्छा |
| 23 मई से 29 जुलाई तक | मिथुन | नौवाँ | भारी |
| 30 जुलाई से 13 अगस्त तक | कर्क | दसवाँ | अच्छा |
| 14 अगस्त से 30 अगस्त तक | सिंह | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 31 अगस्त से 20 सितंबर तक | कन्या | बारहवाँ | भारी |
| 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक | तुला | पहला | भारी |
| 21 अक्टूबर से 4 नवंबर तक | कन्या | बारहवाँ | भारी |
| 5 नवंबर से 25 नवंबर तक | तुला | पहला | भारी |
| 26 नवंबर से 14 दिसंबर तक | वृश्चिक | दूसरा | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | धनु | तीसरा | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
तुला से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
अचानक का पैसा: विरासत, बीमा, क़र्ज़ और छिपे नुकसान। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
आय, लाभ और मुनाफ़ा। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे।
ख़र्च, नुकसान और दूर जाने वाला पैसा। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके बारहवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ वृषभ, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के 49 मुहूर्तों में से 2 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 12 दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
गाड़ी ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में गाड़ी ख़रीदने के 89 मुहूर्तों में से 8 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 21 दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
मंगल आपके दूसरे भाव (वृश्चिक) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल पैसे के लिए मंगल का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन मसूर दाल और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। मंगल के सभी उपाय →
100 में से 70, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से समय मिला-जुला रहता है।
पैसे के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (77), मई (76) और नवंबर (78) के हैं, और सबसे कम दिसंबर के (61)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में निवेश और बड़ी ख़रीदारी का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

