2027 में कुंभ राशि के लिए पैसा, दौर-दर-दौर: कुंभ से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 64। निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय: 26 जून से 19 अक्टूबर तक। पैसे के लिए सबसे मज़बूत महीने: जुलाई, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
सातवें भाव में गुरु दूसरों के ज़रिए पैसा लाते हैं: अच्छा सौदा, फ़ायदेमंद साझेदारी, या जीवनसाथी जिसकी आमदनी या परिवार से घर की कमाई बढ़ती है। व्यापारियों को बड़े ग्राहकों और साफ़ अनुबंधों से लाभ होता है; नौकरी वालों के घर की आमदनी जीवनसाथी के ज़रिए बढ़ सकती है। मिलकर प्रॉपर्टी ख़रीदने या परिवार की निवेश योजना बनाने का अच्छा समय है। साझेदारी कितनी भी दोस्ताना लगे, पैसों की शर्तें लिखित में रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है। पर आपके दूसरे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय धन के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है। पर आपके दूसरे भाव में शनि के कारण 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक का समय धन के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: पैसे का कोई बड़ा फ़ैसला छोटे क़दमों में बाँटकर लें।
छठे भाव में गुरु क़र्ज़ लेना आसान बनाते हैं — बैंक लोन मंज़ूर कर देते हैं और दोस्त झट से उधार दे देते हैं — पर अभी लिया क़र्ज़ बाद में भारी पड़ता है। इलाज, मुक़दमे का ख़र्च या दूसरों को दिया उधार बचत को खा सकता है। नौकरी वाले आपातकाल के लिए अलग पैसा रखें; व्यापारी उधार के भरोसे कारोबार न फैलाएँ और बाज़ार में फँसे पैसे पर नज़र रखें। पहले ऊँचे ब्याज वाला क़र्ज़ चुकाएँ, उतना ही उधार दें जितना डूबने पर सह सकें, और स्वास्थ्य बीमा चालू रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए बाक़ी चीज़ें धीमी लगें तब भी बचत और परिवार के पैसे को सहारा मिलता है।
आठवें भाव में गुरु का होना धन के लिए परीक्षा की स्थिति है: अचानक ख़र्च, अटका भुगतान या बिना चेतावनी गिरता निवेश। इसका एक शांत पहलू भी है — बीमा का दावा, विरासत, पीएफ़ या परिवार का पुराना पैसा मिल सकता है। नौकरी वाले नई ईएमआई न लें; व्यापारी नक़दी बचाकर रखें और लंबे उधार पर माल न दें। सट्टे से दूर रहें और किसी की गारंटी पर दस्तख़त न करें।
दूसरे भाव में शनि, साढ़े साती का आख़िरी चरण, धन के लिए सबसे तंग स्थिति है: आमदनी धीरे आती है, परिवार के ख़र्च बढ़ते हैं और बचत बनाना मुश्किल होता है। नौकरी वालों की बढ़ोतरी छोटी रहती है; व्यापारियों का भुगतान धीरे आता है और मुनाफ़ा कम रहता है। टाले जा सकने वाले ख़र्च घटाएँ, छोटी ज़रूरतों के लिए लंबे समय की बचत न तोड़ें, और नया क़र्ज़ न लें — सबसे भारी दौर बीत चुका है और दबाव लगातार घटता जाएगा। शनि की दृष्टि आपके आठवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें; लाभ देर से और सिर्फ़ लगातार मेहनत पर मिलता है, इसलिए पैसा आने से पहले उसे ख़र्च न करें।
तीसरा भाव धन के लिए शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: लगातार मेहनत से लगातार आमदनी होती है, और आख़िरकार बचत का अनुशासन भी आता है। नौकरी वालों को अतिरिक्त काम, साइड की कमाई या सही समय पर नौकरी बदलने से फ़ायदा होता है; व्यापारियों को बिक्री पर ज़ोर और छोटी यात्राओं से। लंबे समय की एसआईपी या आरडी शुरू करने और उस पर टिके रहने का बहुत अच्छा समय है। सोच-समझकर जोखिम लें, पर उतना ही जितना सह सकें। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।
बारहवें भाव में राहु ख़र्च और छिपे नुक़सान बढ़ाते हैं — यात्रा, विदेश के लेन-देन, ऑनलाइन धोखाधड़ी; ख़र्च पर क़ाबू रखें और भुगतान की हर माँग की जाँच करें। छठे भाव में केतु पुराने क़र्ज़ चुपचाप उतारने में मदद करते हैं।
26 जून से 19 अक्टूबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी के फ़ैसले महँगे पड़ते हैं, और ज़मीन या क़र्ज़ के विवाद भड़कते हैं; जल्दी में ज़मीन न ख़रीदें, न ट्रेडिंग करें
बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है
शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में कुंभ राशि के लिए पैसे के मामले में सबसे अच्छा महीना सितंबर (81) है और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (49)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के दिन | गाड़ी ख़रीदने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 65 | सौदे और साझा लाभ; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 7 |
| फ़रवरी | 49 | क़र्ज़ आसान, बाद में भारी; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके बारहवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके सातवें भाव में | 4 | 6 |
| मार्च | 51 | क़र्ज़ आसान, बाद में भारी; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 7 |
| अप्रैल | 52 | क़र्ज़ आसान, बाद में भारी; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 11 |
| मई | 53 | क़र्ज़ आसान, बाद में भारी | 4 | 7 |
| जून | 65 | क़र्ज़ आसान, बाद में भारी; बुध वक्री | 4 | 5 |
| जुलाई | 79 | सौदे और साझा लाभ; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 4 | 6 |
| अगस्त | 77 | सौदे और साझा लाभ; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके छठे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 5 | 6 |
| सितंबर | 81 | सौदे और साझा लाभ; शनि वक्री | 6 | 2 |
| अक्टूबर | 79 | सौदे और साझा लाभ; शनि और बुध वक्री | 4 | 5 |
| नवंबर | 65 | सौदे और साझा लाभ; शनि वक्री | 4 | 8 |
| दिसंबर | 52 | अचानक ख़र्च, छिपा पैसा; शनि वक्री | 3 | 9 |
बुध, जो व्यापार, हिसाब-किताब और सौदों के ग्रह हैं, आम तौर पर दो-तीन हफ़्ते में राशि बदलते हैं, और साल के तीन वक्री दौरों के आसपास ज़्यादा देर रुकते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: काग़ज़ी काम, मोल-भाव और व्यापार के दौर। 2027 में कुंभ राशि के लिए इनके 17 में से 8 दौर अच्छे भाव में पड़ते हैं; तालिका में हर एक लिखा है।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | पैसे के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 जनवरी तक | धनु | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 10 जनवरी से 27 जनवरी तक | मकर | बारहवाँ | भारी |
| 28 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | कुंभ | पहला | भारी |
| 24 फ़रवरी से 11 मार्च तक | मकर | बारहवाँ | भारी |
| 12 मार्च से 4 अप्रैल तक | कुंभ | पहला | भारी |
| 5 अप्रैल से 21 अप्रैल तक | मीन | दूसरा | अच्छा |
| 22 अप्रैल से 5 मई तक | मेष | तीसरा | भारी |
| 6 मई से 22 मई तक | वृषभ | चौथा | अच्छा |
| 23 मई से 29 जुलाई तक | मिथुन | पाँचवाँ | भारी |
| 30 जुलाई से 13 अगस्त तक | कर्क | छठा | अच्छा |
| 14 अगस्त से 30 अगस्त तक | सिंह | सातवाँ | भारी |
| 31 अगस्त से 20 सितंबर तक | कन्या | आठवाँ | अच्छा |
| 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक | तुला | नौवाँ | भारी |
| 21 अक्टूबर से 4 नवंबर तक | कन्या | आठवाँ | अच्छा |
| 5 नवंबर से 25 नवंबर तक | तुला | नौवाँ | भारी |
| 26 नवंबर से 14 दिसंबर तक | वृश्चिक | दसवाँ | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | धनु | ग्यारहवाँ | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कुंभ से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
अचानक का पैसा: विरासत, बीमा, क़र्ज़ और छिपे नुकसान। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके आठवें भाव में रहेंगे।
आय, लाभ और मुनाफ़ा। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ख़र्च, नुकसान और दूर जाने वाला पैसा। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके बारहवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कन्या, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के 49 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 15 दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
गाड़ी ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में गाड़ी ख़रीदने के 89 मुहूर्तों में से 10 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 14 दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
गुरु आपके दूसरे भाव (मीन) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल पैसे के लिए गुरु का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो गुरुवार को ॐ गुरवे नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चने की दाल और हल्दी का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। गुरु के सभी उपाय →
100 में से 64, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
पैसे के लिए सबसे ज़्यादा अंक जुलाई (79), सितंबर (81) और अक्टूबर (79) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (49)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में निवेश और बड़ी ख़रीदारी का समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

