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तुला राशि · वार्षिक राशिफल

तुला राशिफल 2027
पूरा साल

तुला ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर तुला राशि का 2027 का हाल है, तुला से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।

तुला2027वैदिक ज्योतिषचंद्र राशि से
आप तुला पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
शनितुला राशि पर अभी साढ़े साती नहीं है।अगली साढ़े साती 22 अक्टूबर 2038 से शुरू होगी। तारीख़ें देखें →
2027 · तुला · स्वामी शुक्र
अच्छा

2027 में सबसे अच्छे महीने जनवरी और नवंबर हैं और सबसे धीमे जून, अगस्त और दिसंबर — साथ में साल के ज़्यादातर हिस्से में शनि आपके साथ हैं।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।

25 जनवरी से 25 जून तक

गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में आते हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें। पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे दसवें भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।

26 नवंबर से

गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में आते हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल।

3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में धीरज चाहिए; काम से जुड़ी यात्राएँ बढ़ती हैं।

करियर68प्रेम69स्वास्थ्य70धन70घर-परिवार72
कुल मिलाकर69
01

2027 में करियर, प्रेम, सेहत, धन और परिवार

हर पहलू का सार और सबसे अच्छा समय; पूरा फल उसके अपने पेज पर
करियर68

काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 25 जनवरी से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

सबसे अच्छा समय

20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।

2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

प्रेम69

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 3 जून से 25 जून तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) और खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

स्वास्थ्य70

सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।

2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

धन70

धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।

2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →

घर-परिवार72

घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए घर-परिवार के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।

25 जनवरी से 25 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।

26 नवंबर से

बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर से

छठे भाव में शनि का होना परिवार के लिए मज़बूत स्थिति है: रिश्तेदारों से पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझते हैं, परिवार का क़र्ज़ उतरता है, और नियम से बड़ों की सेहत सुधरती है। घर की समस्याएँ आप शांति से संभालते हैं। अटका प्रॉपर्टी का मामला निपटाने, परिवार का क़र्ज़ चुकाने और पूरे घर के लिए सेहतमंद दिनचर्या बनाने का अच्छा समय।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

सातवें भाव में शनि घर के माहौल को गंभीर बनाते हैं: जीवनसाथी की सेहत या काम, या ससुराल की ज़िम्मेदारियाँ आपका ज़्यादा समय लेती हैं। संयुक्त परिवार के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं। घर में ज़िम्मेदारियाँ साफ़-साफ़ बाँटें, रूठकर चुप्पी साधने से बचें, और व्यस्तता के बावजूद ससुराल आना-जाना बनाए रखें। शनि की दृष्टि आपके चौथे और नौवें भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।

पूरे साल

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी और प्रॉपर्टी के विवाद का ख़तरा लाते हैं; ख़रीदने से पहले मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें, और सिर्फ़ बेचैनी में घर न बदलें।

घर-परिवार के आयोजनों का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 जून से 25 नवंबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं। इन दौरों में अगस्त साल के सबसे धीमे महीनों में है (वक्री ग्रह या ग्रहण), इसलिए सबसे बड़े क़दम उस महीने में न रखें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त 7 मई से 2 जून तक, 26 जून से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है; चातुर्मास में पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार उनमें गृह प्रवेश नहीं रखते, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ

02

2027 के अच्छे और कमज़ोर महीने

अंकों के साथ, सबसे अच्छा महीना चिह्नित
महीना-दर-महीना
78जन॰
65फ़र॰
70मार्च
72अप्रैल
75मई
सबसे कमज़ोर62जून
66जुल॰
64अग॰
69सित॰
67अक्टू॰
सबसे अच्छा79नव॰
64दिस॰
  • जन॰ · 78

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • फ़र॰ · 65

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी

  • मार्च · 70

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री

  • अप्रैल · 72

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री

  • मई · 75

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह

  • जून · 62

    गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री

  • जुल॰ · 66

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई

  • अग॰ · 64

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त

  • सित॰ · 69

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री

  • अक्टू॰ · 67

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री

  • नव॰ · 79

    गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री

  • दिस॰ · 64

    गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री

03

2027 की अहम तारीख़ें

गुरु और शनि का राशि बदलना, वक्री (उल्टी चाल वाले) ग्रह और ग्रहण
  1. 1 जन॰वक्री

    गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 25 जनवरी से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।

  2. 10 जन॰वक्री

    मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 10 मार्च से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।

  3. 25 जन॰गोचर

    गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जिससे इस भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं।

  4. 6 फ़र॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में।

  5. 9 फ़र॰वक्री

    बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में, और 24 फ़रवरी से चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।

  6. 21 फ़र॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। उपच्छाया ग्रहण।

  7. 3 जूनगोचर

    शनि आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में धीरज चाहिए; काम से जुड़ी यात्राएँ बढ़ती हैं। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।

  8. 10 जूनवक्री

    बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में; वही सावधानी रखें।

  9. 26 जूनगोचर

    गुरु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी — आमदनी, मित्र और जान-पहचान सब साथ देते हैं।

  10. 18 जुल॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। उपच्छाया ग्रहण।

  11. 2 अग॰ग्रहण

    सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।

  12. 9 अग॰वक्री

    शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, और 20 अक्टूबर से छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।

  13. 17 अग॰ग्रहण

    चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में।

  14. 7 अक्टू॰वक्री

    बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में, और 21 अक्टूबर से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में; वही सावधानी रखें।

  15. 20 अक्टू॰गोचर

    शनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल।

  16. 26 नव॰गोचर

    गुरु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, यात्रा और आध्यात्मिक काम — पैसा जाता है, अक्सर अच्छे कामों में; विदेश यात्रा के योग।

जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।

उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।

शादी और गृह प्रवेश के मुहूर्त, 2027

2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)

विवाह मुहूर्त 2027 · गृह प्रवेश मुहूर्त 2027

04

तुला राशि का स्वभाव

गुण, करियर और किनसे बनती है

जिनके चंद्रमा तुला में हों, वे मिलनसार, न्यायप्रिय और व्यवहार-कुशल होते हैं। ऐसे लोग संतुलन और मेल-जोल चाहते हैं, झगड़े से बचते हैं और सुंदरता की समझ रखते हैं; साझेदारी इनके लिए बहुत मायने रखती है। ये फ़ैसला लेने में देर लगाते हैं और कभी सिर्फ़ शांति बनाए रखने के लिए हाँ कह देते हैं। तुला शुक्र की राशि है, इसलिए ये व्यापार, क़ानून, डिज़ाइन और लोगों को जोड़ने वाले कामों में अच्छा करते हैं।

प्रतीकतराजू
तत्ववायु
प्रकारचर
स्वामीशुक्र
नक्षत्रचित्रा (तीसरा-चौथा चरण), स्वाति, विशाखा (पहला से तीसरा चरण) (चरण यानी नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा; इस राशि में उतने ही चरण आते हैं जितने लिखे हैं)
शुभ दिनशुक्रवार
स्वभाव की बातें
मिलनसारन्यायप्रियव्यवहार-कुशलशालीनशांतिप्रिय
ख़ूबियाँ
संतुलितसहयोगीकला-प्रेमीविनम्र
इन पर ध्यान दें
दुविधा में रहने वालासबको ख़ुश रखने वालाटकराव से बचने वालाऐश-आराम का शौक़ीन
करियर
क़ानूनव्यापारडिज़ाइनमानव संसाधनजनसंपर्क
05

2027 के उपाय

2027 और आपकी राशि के लिए
मंत्रॐ शुक्राय नमः — रोज़ 108 बार, आपकी राशि के स्वामी शुक्र के लिए। इससे मन स्थिर रहता है; दिन का कोई भी शांत समय ठीक है।
सुझाव2027 में घर-परिवार आपके सबसे मज़बूत पक्ष है (72) और काम पर सबसे ज़्यादा ध्यान चाहिए (68)। कुल मिलाकर साल के सबसे अच्छे महीने जनवरी और नवंबर हैं; हर पक्ष का अपना सबसे अच्छा समय उसके खाने में दिया है।
पूरा विवरणसाल भर रोज़ सुबह या शाम किसी शांत समय शुक्र का मंत्र «ॐ शुक्राय नमः» 108 बार जपें; शुक्रवार को यह ख़ास तौर पर करें। 26 नवंबर से गुरु आपके बारहवें भाव में हैं: इन महीनों में गुरुवार को «ॐ गुरवे नमः» का 108 बार जाप करें और चने की दाल और हल्दी का दान करें।
तुला का आज का राशिफल पढ़ें →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
चरण (नक्षत्र का)
नक्षत्र का एक चौथाई हिस्सा, आकाश के 3°20′। जो नक्षत्र दो राशियों में बँटा हो, उसके कुछ चरण एक राशि में और बाक़ी दूसरी में आते हैं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 तुला राशि के लिए कैसा रहेगा?

अच्छा, 100 में से 69। चारों पहलू आसपास हैं, 68 से 70 के बीच।

2027 में तुला राशि के लिए सबसे अच्छा महीना कौन-सा है?

सबसे अच्छे: नवंबर (79) और जनवरी (78)। सबसे धीमे: जून (62), अगस्त और दिसंबर (64)।

क्या 2027 में तुला राशि पर साढ़े साती है?

नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय तुला से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं।

2027 में तुला राशि के शुभ अंक और रंग क्या हैं?

अंक 6, 7; रंग गुलाबी, हरा और सफ़ेद।

राशिफल सौ करोड़ लोगों को बारह हिस्सों में बाँटता है।

आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।

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