तुला ज्योतिष में आपकी चंद्र राशि है। इस पेज पर तुला राशि का 2027 का हाल है, तुला से गिने भावों में ग्रहों की चाल के हिसाब से।
2027 में सबसे अच्छे महीने जनवरी और नवंबर हैं और सबसे धीमे जून, अगस्त और दिसंबर — साथ में साल के ज़्यादातर हिस्से में शनि आपके साथ हैं।
गुरु आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में हैं। आमदनी बढ़ती है, अटका पैसा आता है, और मित्र व जान-पहचान मनचाही चीज़ दिलाने में मदद करते हैं।
गुरु आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में आते हैं। काम जीवन के केंद्र में रहता है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और काग़ज़ात पर ध्यान रखें। पर इस दौर में गुरु कर्क राशि में उच्च के हैं, जिससे दसवें भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं: वे आती हैं, पर कम, और ज़रूरत पर मदद मिलती है।
गुरु आपके बारहवें भाव (ख़र्च और दूर देश का भाव) में आते हैं। पैसा बाहर जाता है, अक्सर अच्छे कामों में, और विदेश यात्रा व साधना के योग बनते हैं।
2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर सेशनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल।
3 जून से 19 अक्टूबर तकशनि आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में धीरज चाहिए; काम से जुड़ी यात्राएँ बढ़ती हैं।
काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 25 जनवरी से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।
2027 में करियर का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 3 जून से 25 जून तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) और खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
2027 में प्रेम और विवाह का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।
2027 में सेहत का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए धन के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। बस 20 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) क़र्ज़ के काग़ज़ों पर दस्तख़त और बड़े निवेश टालें।
2027 में पैसा का पूरा फल: हर दौर, महीने दर महीने, सावधानी की तारीख़ें और मुहूर्त के दिन →
घर-परिवार के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए घर-परिवार के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
ग्यारहवें भाव में गुरु परिवार की इच्छाएँ पूरी करते हैं: लंबे समय से अटकी योजना — घर, शादी या बच्चे का दाख़िला — आगे बढ़ती है, और बड़े भाई-बहन साथ देते हैं। रिश्तेदार और दोस्त आसानी से जुटते हैं, और घर की आमदनी बढ़ती है। जो काम इंतज़ार में है — पारिवारिक कार्यक्रम, ख़रीदारी या सबका मिलना — उसे इसी समय पूरा करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है, इसलिए बच्चों की पढ़ाई और उनसे जुड़ी अच्छी ख़बरों पर आशीर्वाद रहता है।
दसवें भाव में गुरु काम और मान-सम्मान को केंद्र में रखते हैं, और घर को आपका समय कम मिलता है। आपके काम से परिवार का नाम बढ़ता है और माता-पिता को आपकी तरक़्क़ी पर गर्व होता है। हफ़्ते में एक दिन परिवार के लिए तय रखें, काम की बातें घर में साझा करें, और पारिवारिक योजनाएँ सिर्फ़ काम के हिसाब से तय न करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे और चौथे भाव पर भी है: पारिवारिक मेल-जोल में अपनापन रहता है और घर की बचत सुधरती है; घर या वाहन की योजनाओं को सहारा मिलता है और घर में सुकून लौटता है।
बारहवें भाव में गुरु दूरी लाते हैं: परिवार का कोई सदस्य काम या पढ़ाई के लिए दूर जा सकता है, या आपको कुछ समय घर से दूर रहना पड़ सकता है। घर का ख़र्च बढ़ता है — यात्रा, सेहत, किसी रिश्तेदार की ज़रूरत या धार्मिक काम पर — हालाँकि साथ मिलकर की गई तीर्थ यात्रा और दान अच्छे रहते हैं। माता-पिता से लगातार संपर्क में रहें, पारिवारिक ख़र्च का बजट पहले से बनाएँ और दिखावे के लिए क़र्ज़ न लें।
छठे भाव में शनि का होना परिवार के लिए मज़बूत स्थिति है: रिश्तेदारों से पुराने विवाद आपके पक्ष में सुलझते हैं, परिवार का क़र्ज़ उतरता है, और नियम से बड़ों की सेहत सुधरती है। घर की समस्याएँ आप शांति से संभालते हैं। अटका प्रॉपर्टी का मामला निपटाने, परिवार का क़र्ज़ चुकाने और पूरे घर के लिए सेहतमंद दिनचर्या बनाने का अच्छा समय।
सातवें भाव में शनि घर के माहौल को गंभीर बनाते हैं: जीवनसाथी की सेहत या काम, या ससुराल की ज़िम्मेदारियाँ आपका ज़्यादा समय लेती हैं। संयुक्त परिवार के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं। घर में ज़िम्मेदारियाँ साफ़-साफ़ बाँटें, रूठकर चुप्पी साधने से बचें, और व्यस्तता के बावजूद ससुराल आना-जाना बनाए रखें। शनि की दृष्टि आपके चौथे और नौवें भाव पर भी है: घर और प्रॉपर्टी के काम धीरे चलते हैं, और माँ को ज़्यादा देखभाल चाहिए; पिता या बड़े दूर-दूर से लग सकते हैं, इसलिए उनसे मिलते रहें और उनकी ज़िम्मेदारियों में हाथ बँटाएँ।
चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी और प्रॉपर्टी के विवाद का ख़तरा लाते हैं; ख़रीदने से पहले मालिकाना हक़ और काग़ज़ ध्यान से जाँचें, और सिर्फ़ बेचैनी में घर न बदलें।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 26 जून से 25 नवंबर तक: गृह प्रवेश की योजना बनाएँ, घर या वाहन ख़रीदें, टलता आ रहा पारिवारिक कार्यक्रम करें और परिवार को एक साथ लाएँ। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और होम लोन या बिक्री के काग़ज़ों पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं। इन दौरों में अगस्त साल के सबसे धीमे महीनों में है (वक्री ग्रह या ग्रहण), इसलिए सबसे बड़े क़दम उस महीने में न रखें। इस दौर में गृह प्रवेश के मुहूर्त 7 मई से 2 जून तक, 26 जून से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय गृह प्रवेश के लिए वर्जित हिंदू महीनों के कारण बंद है; चातुर्मास में पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार उनमें गृह प्रवेश नहीं रखते, इसलिए गृह प्रवेश की तारीख़ इन्हीं में रखें। गृह प्रवेश मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: पारिवारिक योजनाएँ और कार्यक्रम टलते हैं; तारीख़ें लचीली रखें और अभी बड़ा एडवांस न दें
मंगल वक्री: घर में ग़ुस्सा जल्दी आता है और प्रॉपर्टी के झगड़े भड़कते हैं; भाई-बहनों से बहस से बचें और निर्माण का काम शुरू न करें
बुध वक्री: परिवार में ग़लतफ़हमी आसानी से होती है; प्रॉपर्टी के काग़ज़ दोबारा पढ़ें और ज़रूरी बात आमने-सामने करें
शनि वक्री: पुराने पारिवारिक विवाद और अटके प्रॉपर्टी के मामले लौटते हैं; नई योजना से पहले उन्हें धैर्य से निपटाएँ
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री; सूर्य ग्रहण 6 फ़रवरी; चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु, मंगल और बुध वक्री
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; गुरु और मंगल वक्री
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह
गुरु दसवें भाव में — मिली-जुली जगह, उच्च के होने से बेहतर; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; बुध वक्री; चंद्र ग्रहण 18 जुलाई
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री; सूर्य ग्रहण 2 अगस्त; चंद्र ग्रहण 17 अगस्त
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि वक्री
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि सातवें भाव में — भारी जगह, नीच के होने से और भारी; शनि और बुध वक्री
गुरु ग्यारहवें भाव में — अच्छी जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री
गुरु बारहवें भाव में — मिली-जुली जगह; शनि छठे भाव में — अच्छी जगह; शनि वक्री
गुरु वक्री 13 अप्रैल तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 25 जनवरी से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: तरक़्क़ी धीमी होती है और योजनाएँ बदलती हैं।
मंगल वक्री 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक, आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में, और 10 मार्च से दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में: ग़ुस्सा जल्दी आता है; हो सके तो प्रॉपर्टी सौदे और पहले से तय ऑपरेशन टालें।
गुरु आपके दसवें भाव में: काम इस दौर का केंद्र है — ज़िम्मेदारी बढ़ती है और भूमिका बदल सकती है; अहं और कागज़ी काम पर ध्यान रखें। कर्क गुरु की उच्च राशि है, जिससे इस भाव की मुश्किलें हल्की पड़ती हैं।
सूर्य ग्रहण, 6 फ़रवरी: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में।
बुध वक्री 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, आपके पाँचवें भाव (संतान, पढ़ाई और प्रेम) में, और 24 फ़रवरी से चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में: संदेश, अनुबंध और गैजेट की ख़रीद दोबारा जाँचें।
चंद्र ग्रहण, 21 फ़रवरी: आपके ग्यारहवें भाव (आमदनी, लाभ और मित्र) में। उपच्छाया ग्रहण।
शनि आपके सातवें भाव में: विवाह और साझेदारी में धीरज चाहिए; काम से जुड़ी यात्राएँ बढ़ती हैं। मेष शनि की नीच राशि है, जहाँ वे सबसे कमज़ोर होते हैं।
बुध फिर वक्री 10 जून से 5 जुलाई तक, आपके नौवें भाव (भाग्य, धर्म, पिता और लंबी यात्राएँ) में; वही सावधानी रखें।
गुरु आपके ग्यारहवें भाव में: लाभ और मनोकामनाएँ पूरी — आमदनी, मित्र और जान-पहचान सब साथ देते हैं।
चंद्र ग्रहण, 18 जुलाई: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में। उपच्छाया ग्रहण।
सूर्य ग्रहण, 2 अगस्त: आपके दसवें भाव (करियर और मान-सम्मान) में। नई दिल्ली से दोपहर 3:53 से शाम 5:02 तक दिखेगा; सूतक रात 3:53 से।
शनि वक्री 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक, आपके सातवें भाव (विवाह और साझेदारी) में, और 20 अक्टूबर से छठे भाव (रोज़ का काम, सेहत और विरोधी) में: पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटती हैं; अधूरे काम पूरे करें।
चंद्र ग्रहण, 17 अगस्त: आपके चौथे भाव (घर, माँ और मन की शांति) में।
बुध फिर वक्री 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक, आपके पहले भाव (आप, आपकी सेहत और मन) में, और 21 अक्टूबर से बारहवें भाव (ख़र्च, नींद और दूर की जगहें) में; वही सावधानी रखें।
शनि आपके छठे भाव में: शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक — विरोधियों पर जीत, क़र्ज़ से मुक्ति और पुरानी समस्याओं का हल।
गुरु आपके बारहवें भाव में: ख़र्च, यात्रा और आध्यात्मिक काम — पैसा जाता है, अक्सर अच्छे कामों में; विदेश यात्रा के योग।
जिन ग्रहणों के आगे "भारत से दिखेगा" या "उपच्छाया" नहीं लिखा, वे भारत से नहीं दिखेंगे, इसलिए उनका सूतक नहीं माना जाता।
उपच्छाया ग्रहण में चंद्रमा बस हल्का धुँधला होता है, इसलिए दिखने पर भी सूतक नहीं माना जाता।
2027 में शादी के मुहूर्त 15 जनवरी से 14 मार्च तक, 15 अप्रैल से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं, और गृह प्रवेश के 7 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 7 मई से 4 जुलाई तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में। खरमास (सूर्य धनु या मीन में) 14 जनवरी तक, 15 मार्च से 14 अप्रैल तक और 16 दिसंबर से है, और चातुर्मास (विष्णु जी के विश्राम के चार महीने) 14 जुलाई से 9 नवंबर तक; इनमें शादी नहीं होती, और गृह प्रवेश के लिए पंचांग कुछ दिन देता है, पर उत्तर भारत के कई परिवार इनके बाद ही गृह प्रवेश करते हैं। (नई दिल्ली के अनुसार; हर दिन की तारीख़ें मुहूर्त पेज पर हैं।)
जिनके चंद्रमा तुला में हों, वे मिलनसार, न्यायप्रिय और व्यवहार-कुशल होते हैं। ऐसे लोग संतुलन और मेल-जोल चाहते हैं, झगड़े से बचते हैं और सुंदरता की समझ रखते हैं; साझेदारी इनके लिए बहुत मायने रखती है। ये फ़ैसला लेने में देर लगाते हैं और कभी सिर्फ़ शांति बनाए रखने के लिए हाँ कह देते हैं। तुला शुक्र की राशि है, इसलिए ये व्यापार, क़ानून, डिज़ाइन और लोगों को जोड़ने वाले कामों में अच्छा करते हैं।
अच्छा, 100 में से 69। चारों पहलू आसपास हैं, 68 से 70 के बीच।
सबसे अच्छे: नवंबर (79) और जनवरी (78)। सबसे धीमे: जून (62), अगस्त और दिसंबर (64)।
नहीं। 2027 में शनि किसी भी समय तुला से बारहवें, पहले या दूसरे भाव में नहीं हैं।
अंक 6, 7; रंग गुलाबी, हरा और सफ़ेद।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

