2027 में कन्या राशि के लिए पैसा, दौर-दर-दौर: कन्या से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 58। कोई भी दौर पूरी तरह पक्ष में नहीं है; अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 जून तक है। पैसे के लिए सबसे मज़बूत महीने: मार्च, अप्रैल और मई; सबसे कमज़ोर: जुलाई और अगस्त।
धन के लिए 2027 में समय 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला रहता है; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा।
बारहवें भाव में गुरु ख़र्च बढ़ाते हैं, अक्सर अच्छे कामों पर — यात्रा, बच्चे की विदेश में पढ़ाई, शादी, अस्पताल या दान — पर पैसा आने से तेज़ जाता है। नौकरी वालों की तनख़्वाह खिंची-खिंची रहती है; व्यापारियों को किसी भी कमाई से पहले सेटअप या विदेश से जुड़े ख़र्च उठाने पड़ते हैं। बड़े ख़र्चों की योजना पहले से बनाएँ, आपातकाल के लिए पैसा अलग रखें, और जिसने पहले पैसा नहीं लौटाया उसे फिर उधार न दें। घर से दूर या विदेश में प्रॉपर्टी सोच-समझकर ली जाए तो ठीक रह सकती है।
ग्यारहवें भाव में गुरु का होना लाभ का सबसे अच्छा समय है: एक से ज़्यादा जगह से आमदनी बढ़ती है, अटका और पुराना पैसा मिलता है, और पहले किया निवेश फल देने लगता है। नौकरी वाले बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापारियों के ऑर्डर और मुनाफ़ा बढ़ते हैं; निवेशकों को लगातार रिटर्न मिलता है। इस समय अपना दिया हुआ पैसा वापस माँगें, पुराने क़र्ज़ चुकाएँ, और हर लाभ का एक तय हिस्सा ख़र्च करने से पहले बचत में डालें। पर आपके सातवें और आठवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 25 जून तक का समय धन के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: पैसे का कोई बड़ा फ़ैसला छोटे क़दमों में बाँटकर लें।
पहले भाव में गुरु आत्मविश्वास और मान बढ़ाते हैं, और पैसा आम तौर पर समय पर आता है — पर चाहतें भी बढ़ती हैं: बड़ा घर, नई गाड़ी, धूमधाम वाला समारोह। नौकरी वालों की आमदनी में उछाल नहीं, स्थिरता रहती है; व्यापारियों पर ग्राहक आसानी से भरोसा करते हैं। रहन-सहन पर होने वाला ख़र्च बजट में रखें, और सिर्फ़ दिल बड़ा होने की वजह से किसी के गारंटर न बनें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें भाव पर भी है, इसलिए बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है।
सातवें भाव में शनि दूसरों पर टिके पैसे को धीमा करते हैं: सौदे देर से पूरे होते हैं, ग्राहक भुगतान टालते हैं और साझेदार हिसाब को लेकर मुश्किल खड़ी कर सकता है। जीवनसाथी से जुड़े या साझा ख़र्च बढ़ सकते हैं। नौकरी वाले ख़र्च पर क़ाबू रखें तो ज़्यादा असर नहीं पड़ता; व्यापारी बकाया वसूलने पर ध्यान दें और जब तक हर शर्त काग़ज़ पर न हो, नई साझेदारी न करें। मालिकाना हक़ साफ़ किए बिना साझा पैसा प्रॉपर्टी या नए काम में न लगाएँ।
आठवें भाव में शनि का होना (अष्टम शनि) धन के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: अचानक ख़र्च, देर से भुगतान, टैक्स या बीमा की परेशानी और फँसे हुए निवेश। नौकरी वाले कई महीनों का आपातकालीन पैसा अलग रखें; व्यापारी कारोबार फैलाने, लंबे उधार पर माल देने या गारंटी पर दस्तख़त करने से बचें। सट्टा, शॉर्टकट और अस्पष्ट योजनाओं से पूरी तरह दूर रहें। टैक्स और क़र्ज़ के हर काग़ज़ को ठीक रखें — इस समय साफ़ रिकॉर्ड ही आपकी रक्षा करता है। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: बचत धीरे बढ़ती है और परिवार के ख़र्च के लिए पक्का बजट चाहिए।
पाँचवें भाव में राहु ट्रेडिंग, लॉटरी और जल्दी मुनाफ़े की टिप की ओर खींचते हैं; अच्छी तरह परखे लंबे समय के विचार चलते हैं, जुआ नहीं — सट्टे में कभी उससे ज़्यादा न लगाएँ जितना खोना सह सकें। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।
इस साल कोई भी समय बड़े निवेश के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर बड़ी रक़म लगानी ही हो या प्रॉपर्टी ख़रीदनी हो, तो 14 अप्रैल से 25 जून तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना नियमित बचत जारी रखें और इंतज़ार करें।
गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी के फ़ैसले महँगे पड़ते हैं, और ज़मीन या क़र्ज़ के विवाद भड़कते हैं; जल्दी में ज़मीन न ख़रीदें, न ट्रेडिंग करें
बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है
सूर्य ग्रहण: आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में बड़ा निवेश या बड़ी ख़रीदारी न करें, और नया क़र्ज़ न लें
शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में कन्या राशि के लिए पैसे के मामले में सबसे अच्छा महीना मई (71) है और सबसे कमज़ोर जुलाई और अगस्त (49)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के दिन | गाड़ी ख़रीदने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 54 | पैसा बाहर जाता है; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 8 |
| फ़रवरी | 62 | साल का सबसे अच्छा लाभ; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 4 | 6 |
| मार्च | 67 | साल का सबसे अच्छा लाभ; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 7 |
| अप्रैल | 69 | साल का सबसे अच्छा लाभ; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 11 |
| मई | 71 | साल का सबसे अच्छा लाभ | 4 | 8 |
| जून | 61 | साल का सबसे अच्छा लाभ; बुध वक्री | 4 | 6 |
| जुलाई | 49 | पैसा बाहर जाता है; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 4 | 7 |
| अगस्त | 49 | पैसा बाहर जाता है; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके ग्यारहवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 5 | 7 |
| सितंबर | 50 | पैसा बाहर जाता है; शनि वक्री | 6 | 4 |
| अक्टूबर | 50 | पैसा बाहर जाता है; शनि और बुध वक्री | 4 | 6 |
| नवंबर | 54 | पैसा बाहर जाता है; शनि वक्री | 4 | 9 |
| दिसंबर | 65 | पैसा आता है, चाहतें बढ़ती हैं; शनि वक्री | 3 | 10 |
बुध, जो व्यापार, हिसाब-किताब और सौदों के ग्रह हैं, आम तौर पर दो-तीन हफ़्ते में राशि बदलते हैं, और साल के तीन वक्री दौरों के आसपास ज़्यादा देर रुकते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: काग़ज़ी काम, मोल-भाव और व्यापार के दौर। 2027 में कन्या राशि के लिए इनके 17 में से 9 दौर अच्छे भाव में पड़ते हैं; तालिका में हर एक लिखा है।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | पैसे के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 जनवरी तक | धनु | चौथा | अच्छा |
| 10 जनवरी से 27 जनवरी तक | मकर | पाँचवाँ | भारी |
| 28 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | कुंभ | छठा | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 11 मार्च तक | मकर | पाँचवाँ | भारी |
| 12 मार्च से 4 अप्रैल तक | कुंभ | छठा | अच्छा |
| 5 अप्रैल से 21 अप्रैल तक | मीन | सातवाँ | भारी |
| 22 अप्रैल से 5 मई तक | मेष | आठवाँ | अच्छा |
| 6 मई से 22 मई तक | वृषभ | नौवाँ | भारी |
| 23 मई से 29 जुलाई तक | मिथुन | दसवाँ | अच्छा |
| 30 जुलाई से 13 अगस्त तक | कर्क | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 14 अगस्त से 30 अगस्त तक | सिंह | बारहवाँ | भारी |
| 31 अगस्त से 20 सितंबर तक | कन्या | पहला | भारी |
| 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक | तुला | दूसरा | अच्छा |
| 21 अक्टूबर से 4 नवंबर तक | कन्या | पहला | भारी |
| 5 नवंबर से 25 नवंबर तक | तुला | दूसरा | अच्छा |
| 26 नवंबर से 14 दिसंबर तक | वृश्चिक | तीसरा | भारी |
| 15 दिसंबर से | धनु | चौथा | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कन्या से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
अचानक का पैसा: विरासत, बीमा, क़र्ज़ और छिपे नुकसान। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके आठवें भाव में रहेंगे।
आय, लाभ और मुनाफ़ा। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे।
ख़र्च, नुकसान और दूर जाने वाला पैसा। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके बारहवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मेष, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के 49 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 8 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (14 अप्रैल से 25 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं:
गाड़ी ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में गाड़ी ख़रीदने के 89 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 15 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (14 अप्रैल से 25 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
शुक्र आपके दूसरे भाव (तुला) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल पैसे के लिए शुक्र का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो शुक्रवार को ॐ शुक्राय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन सफ़ेद वस्त्र और चावल का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। शुक्र के सभी उपाय →
100 में से 58, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2027 का कोई भी दौर पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक समय धीमा रहता है।
पैसे के लिए सबसे ज़्यादा अंक मार्च (67), अप्रैल (69) और मई (71) के हैं, और सबसे कम जुलाई और अगस्त के (49)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
जो क़दम टल न सके, उसके लिए 2027 में अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 जून तक है।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

