2027 में मिथुन राशि के लिए पैसा, दौर-दर-दौर: मिथुन से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 64। निवेश और बचत बढ़ाने का सबसे अच्छा समय: 3 जून से 9 जून तक। पैसे के लिए सबसे मज़बूत महीने: अप्रैल, मई और जून; सबसे कमज़ोर: जनवरी और नवंबर।
धन के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 3 जून से 25 जून तक है; 25 जनवरी से 2 जून तक, 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक धीमा।
तीसरे भाव में गुरु का होना धन के लिए कमज़ोर स्थिति है: उतनी ही आमदनी के लिए ज़्यादा मेहनत लगती है, और यात्रा, भाई-बहन और गैजेट पर छोटे-छोटे ख़र्च मिलकर बड़े हो जाते हैं। नौकरी वाले बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद न रखें; व्यापारियों को भुगतान के लिए पीछे लगना पड़ता है और ग्राहक बचाए रखने के लिए मुनाफ़ा घटाना पड़ सकता है। हर महीने ख़र्च का हिसाब रखें, बचत को हाथ न लगाएँ, और जल्दी मुनाफ़े के चक्कर में बार-बार निवेश न बदलें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके नौवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: बड़ों की मदद या भाग्य का साथ पैसों के मामले आसान कर सकता है; लाभ और अटका पैसा उम्मीद से ज़्यादा आसानी से मिलता है।
दूसरे भाव में गुरु का होना धन के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: आमदनी बढ़ती है, बचत आख़िरकार खाते में टिकती है और परिवार के पैसों के मामले ठीक से सुलझते हैं। नौकरी वाले अच्छी बढ़ोतरी या बोनस की उम्मीद रख सकते हैं; व्यापार में नक़दी की आवक लगातार बनी रहती है और ग्राहक समय पर भुगतान करते हैं। हर महीने की एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट बनाएँ या थोड़ा-थोड़ा करके सोना ख़रीदें — अभी जो अलग रखेंगे, वह टिकता है और बढ़ता है। पर आपके दसवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 2 जून तक का समय धन के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 3 जून से 9 जून तक है।
चौथे भाव में गुरु पैसे को घर की ओर ले जाते हैं: घर ख़रीदना या उसकी मरम्मत, गाड़ी, या माँ की मदद। अपने रहने के लिए प्रॉपर्टी ख़रीदने का ठीक-ठाक समय है, और परिवार की ज़मीन-जायदाद के मामले आगे बढ़ सकते हैं। बाक़ी निवेशों पर रिटर्न सामान्य रहता है, और अभी लिया गया होम लोन हर महीने की आमदनी में आराम से समाना चाहिए। दिखावे के लिए नहीं, ज़रूरत के लिए ख़रीदें, और किसी भी प्रॉपर्टी के काग़ज़ दो बार जाँचें।
दसवें भाव में शनि आमदनी को कड़ी मेहनत से बाँध देते हैं: पैसा आता है, पर सिर्फ़ उस मेहनत का जो दिखती है और लगातार होती है। नौकरी वालों की भूमिका बेहतर वेतन से पहले भारी हो सकती है; व्यापारियों को सख़्त नियम, टैक्स की जाँच या महँगी देरी का सामना करना पड़ सकता है। अनुशासन से बचत के लिए यह स्थिर समय है, पर नए काम पर बड़े दाँव के लिए नहीं। टैक्स समय पर भरें, हिसाब-किताब साफ़ रखें, और एक बार के जोखिम के बजाय नियमित जमा से बचत बढ़ाएँ। शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: ख़र्च धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए हर महीने अपने ख़र्च की समीक्षा करें।
ग्यारहवें भाव में शनि लगातार और टिकाऊ लाभ देते हैं: आमदनी बढ़ती है, पुराने निवेश पकते हैं और लंबे समय से अटका पैसा आख़िरकार मिलता है। नौकरी वालों को भरोसेमंद बढ़ोतरी मिलती है; व्यापारियों को पुराने ग्राहकों और लंबे अनुबंधों से लाभ होता है; धीरज से बचत करने वालों का निवेश फल देता है। निवेश के लिए प्रॉपर्टी या ज़मीन ख़रीदने, बुढ़ापे के लिए पैसा जोड़ने और क़र्ज़ चुकाने का बहुत अच्छा समय। हर लाभ का कुछ हिस्सा फिर से निवेश करते रहें — यहाँ फ़ायदा समय के साथ बढ़ता है। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके आठवें भाव पर भी है: बीमा, टैक्स और क़र्ज़ के काग़ज़ ठीक रखें।
आठवें भाव में राहु अचानक लाभ भी देते हैं और अचानक नुक़सान भी; सट्टा, छिपे शुल्क वाली योजनाएँ और अस्पष्ट क़र्ज़ से बचें, और बीमा चालू रखें। दूसरे भाव में केतु बचत के प्रति लापरवाह बनाते हैं; हर महीने अपने-आप कटने वाली बचत शुरू करें ताकि पैसा ख़र्च होने से पहले अलग हो जाए।
3 जून से 9 जून तक: एसआईपी शुरू करें या बढ़ाएँ, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट में पैसा डालें, निवेश के लिए सोना या प्रॉपर्टी ख़रीदें, और अपना बकाया पैसा माँगें। 10 जून से बुध वक्री होते हैं, इसलिए यह समय उससे पहले रखा गया है।
गुरु वक्री: लाभ धीमा होता है और वादा किया पैसा टलता है; आने से पहले उसे ख़र्च न करें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी के फ़ैसले महँगे पड़ते हैं, और ज़मीन या क़र्ज़ के विवाद भड़कते हैं; जल्दी में ज़मीन न ख़रीदें, न ट्रेडिंग करें
बुध वक्री: क़र्ज़ के काग़ज़, बैंक के दस्तावेज़ और निवेश की शर्तें दोबारा पढ़ें; भुगतान और ट्रांसफ़र में गड़बड़ हो सकती है
सूर्य ग्रहण: आपके दूसरे भाव (धन और परिवार का भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में बड़ा निवेश या बड़ी ख़रीदारी न करें, और नया क़र्ज़ न लें
शनि वक्री: पुराने क़र्ज़, पुराना बकाया और टैक्स के पुराने मामले लौटते हैं; नया लेने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में मिथुन राशि के लिए पैसे के मामले में सबसे अच्छा महीना जून (77) है और सबसे कमज़ोर जनवरी और नवंबर (57)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के दिन | गाड़ी ख़रीदने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 57 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 7 |
| फ़रवरी | 62 | बचत बढ़ती है; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके आठवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके तीसरे भाव में | 4 | 6 |
| मार्च | 67 | बचत बढ़ती है; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 6 |
| अप्रैल | 69 | बचत बढ़ती है; गुरु और मंगल वक्री | 4 | 7 |
| मई | 71 | बचत बढ़ती है | 4 | 7 |
| जून | 77 | बचत बढ़ती है; बुध वक्री | 4 | 5 |
| जुलाई | 62 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में | 4 | 6 |
| अगस्त | 60 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके दूसरे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके आठवें भाव में | 5 | 7 |
| सितंबर | 65 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; शनि वक्री | 6 | 3 |
| अक्टूबर | 63 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; शनि और बुध वक्री | 4 | 5 |
| नवंबर | 57 | मेहनत ज़्यादा, कमाई उतनी ही; शनि वक्री | 4 | 9 |
| दिसंबर | 61 | पैसा घर में लगता है; शनि वक्री | 3 | 7 |
बुध, जो व्यापार, हिसाब-किताब और सौदों के ग्रह हैं, आम तौर पर दो-तीन हफ़्ते में राशि बदलते हैं, और साल के तीन वक्री दौरों के आसपास ज़्यादा देर रुकते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से दूसरे, चौथे, छठे, आठवें, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: काग़ज़ी काम, मोल-भाव और व्यापार के दौर। 2027 में मिथुन राशि के लिए इनके 17 में से 8 दौर अच्छे भाव में पड़ते हैं; तालिका में हर एक लिखा है।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | पैसे के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 जनवरी तक | धनु | सातवाँ | भारी |
| 10 जनवरी से 27 जनवरी तक | मकर | आठवाँ | अच्छा |
| 28 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | कुंभ | नौवाँ | भारी |
| 24 फ़रवरी से 11 मार्च तक | मकर | आठवाँ | अच्छा |
| 12 मार्च से 4 अप्रैल तक | कुंभ | नौवाँ | भारी |
| 5 अप्रैल से 21 अप्रैल तक | मीन | दसवाँ | अच्छा |
| 22 अप्रैल से 5 मई तक | मेष | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 6 मई से 22 मई तक | वृषभ | बारहवाँ | भारी |
| 23 मई से 29 जुलाई तक | मिथुन | पहला | भारी |
| 30 जुलाई से 13 अगस्त तक | कर्क | दूसरा | अच्छा |
| 14 अगस्त से 30 अगस्त तक | सिंह | तीसरा | भारी |
| 31 अगस्त से 20 सितंबर तक | कन्या | चौथा | अच्छा |
| 21 सितंबर से 20 अक्टूबर तक | तुला | पाँचवाँ | भारी |
| 21 अक्टूबर से 4 नवंबर तक | कन्या | चौथा | अच्छा |
| 5 नवंबर से 25 नवंबर तक | तुला | पाँचवाँ | भारी |
| 26 नवंबर से 14 दिसंबर तक | वृश्चिक | छठा | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | धनु | सातवाँ | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
मिथुन से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके दूसरे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके दूसरे भाव में रहेंगे।
अचानक का पैसा: विरासत, बीमा, क़र्ज़ और छिपे नुकसान। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके आठवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
आय, लाभ और मुनाफ़ा। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे।
ख़र्च, नुकसान और दूर जाने वाला पैसा। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मकर, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में ज़मीन-जायदाद ख़रीदने के 49 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से कोई भी दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (3 जून से 9 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर नहीं पड़ता; ऊपर की तालिका हर बचा दिन गिनती है।
गाड़ी ख़रीदने के मुहूर्त
2027 में गाड़ी ख़रीदने के 89 मुहूर्तों में से 14 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 1 दिन पैसे के आपके सबसे अच्छे दौर (3 जून से 9 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ता है:
चंद्र आपके दूसरे भाव (कर्क) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: जमा-पूँजी, पारिवारिक धन और हाथ का पैसा। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल पैसे के लिए चंद्र का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो सोमवार को ॐ सोमाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चावल और सफ़ेद वस्त्र का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। चंद्र के सभी उपाय →
100 में से 64, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 24 जनवरी तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक समय धीमा रहता है।
पैसे के लिए सबसे ज़्यादा अंक अप्रैल (69), मई (71) और जून (77) के हैं, और सबसे कम जनवरी और नवंबर के (57)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में निवेश और बड़ी ख़रीदारी का समय 3 जून से 9 जून तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

