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तुला राशि · 2027

तुला राशि 2027: प्रेम और विवाह
100 में से 69

2027 में तुला राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: तुला से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।

तुला2027प्रेम और विवाहचंद्र राशि से
आप तुला पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
2027 में प्रेम और विवाह का हाल, संक्षेप में

100 में से 69। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, मई और नवंबर; सबसे कमज़ोर: जून।

प्रेम69

प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 3 जून से 25 जून तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

ग्यारहवें भाव में गुरु प्रेम की पुरानी इच्छाएँ पूरी करते हैं: जिस रिश्ते की उम्मीद थी वह आगे बढ़ता है, और दोस्त या रिश्तेदार सही व्यक्ति से मिलवाते हैं। सगाई या शादी के लिए यह सबसे अच्छे समयों में से एक है, और परिवार आसानी से राज़ी होते हैं। शादीशुदा जोड़ों का साथ में सामाजिक जीवन ख़ुशहाल रहता है और परिवार में अच्छी ख़बर आती है। अगर प्रस्ताव रखने या हाँ कहने के सही मौक़े का इंतज़ार था, तो वह यही है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है। पर आपके सातवें भाव में शनि के कारण 26 जून से 19 अक्टूबर तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है।

25 जनवरी से 25 जून तक

दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में रखते हैं, इसलिए प्रेम को उतना समय नहीं मिलता जितना चाहिए। अविवाहित लोग अक्सर काम के ज़रिए या किसी बड़े के परिचय से किसी से मिलते हैं — पर शुरू में ही देख लें कि शादी के बाद करियर को लेकर दोनों की सोच मिलती है। शादीशुदा लोग ध्यान रखें कि जीवनसाथी को अनदेखा महसूस न हो। साथ बिताने के लिए नियमित समय तय करें, और दफ़्तर का तनाव घर न लाएँ। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।

26 नवंबर से

बारहवें भाव में गुरु प्रेम में दूरी या ख़र्च लाते हैं: साथी का दूसरे शहर या देश में होना, मिलने के लिए यात्राएँ, या शादी की तैयारी का बजट से बाहर जाना। अविवाहितों को विदेश या घर से दूर रिश्ता मिल सकता है — यह चल सकता है, पर व्यक्ति को अच्छी तरह जानने में समय लें। शादीशुदा जोड़े साथ में एकांत और यात्राओं का आनंद लेते हैं, पर चुपचाप दूरी बनाने से बचें। शादी का ख़र्च पहले से मिलकर तय की गई सीमा में रखें।

2 जून तक, और फिर 20 अक्टूबर से

छठे भाव में शनि व्यावहारिक देखभाल से रिश्तों को संभालते हैं: पुराने झगड़े सुलझते हैं, विरोधियों या अफ़वाहों की रुकावट घटती है, और आप समस्याओं को शांति से संभालते हैं। शर्तों या किसी तीसरे की वजह से अटकी रिश्ते की बात लगातार कोशिश से फिर आगे बढ़ सकती है। शादीशुदा जोड़े घर के काम, दिनचर्या और सेहत की आदतें साथ बाँटें — बड़े दिखावे से ज़्यादा छोटी-छोटी देखभाल मायने रखती है। बरसों से चली आ रही ग़लतफ़हमियाँ दूर करने का अच्छा समय।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

सातवें भाव में शनि विवाह की मुख्य परीक्षा हैं: नए रिश्ते तय होने में देर लगती है, और प्रस्ताव अक्सर देरी, शर्तों या उम्र के अंतर के साथ आते हैं। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो सिर्फ़ समय निकलने के डर से जल्दबाज़ी न करें — शनि के इस दौर में धीरे और अच्छी तरह जाँचकर किया गया चुनाव टिकाऊ होता है। शादीशुदा जोड़ों को दूरी या ज़िम्मेदारियों का बोझ महसूस होता है; खुली बातचीत और काम का बँटवारा रिश्ता बनाए रखते हैं। इस समय अलगाव जैसा अंतिम फ़ैसला न लें।

पूरे साल

चौथे भाव में राहु घर में बेचैनी लाते हैं; घर के असंतोष का ग़ुस्सा साथी पर न निकालें।

रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय

14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) और खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ

2027 में तुला राशि: प्रेम और विवाह, महीने दर महीने

2027 में तुला राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना नवंबर (81) है और सबसे कमज़ोर जून (57)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।

महीनाअंककिस वजह सेशादी के दिन
जनवरी80मनोकामना पूरी होती है; गुरु और मंगल वक्री7
फ़रवरी66काम में दबा प्रेम; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके चौथे भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके ग्यारहवें भाव में11
मार्च71काम में दबा प्रेम; गुरु, मंगल और बुध वक्री6
अप्रैल73काम में दबा प्रेम; गुरु और मंगल वक्री9
मई76काम में दबा प्रेम16
जून57काम में दबा प्रेम; बुध वक्री14
जुलाई62मनोकामना पूरी होती है; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में5
अगस्त60मनोकामना पूरी होती है; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके दसवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में—
सितंबर65मनोकामना पूरी होती है; शनि वक्री—
अक्टूबर63मनोकामना पूरी होती है; शनि और बुध वक्री—
नवंबर81मनोकामना पूरी होती है; शनि वक्री8
दिसंबर70दूरी और समर्पण; शनि वक्री4
2027 में तुला राशि से शुक्र का गोचर

शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में तुला राशि के लिए इनके 15 में से 12 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 15 अप्रैल से 3 जून तक और 23 जुलाई से 15 अगस्त तक हैं।

कबराशिचंद्र राशि से भावप्रेम और विवाह के लिए
28 जनवरी तकवृश्चिकदूसराअच्छा
29 जनवरी से 23 फ़रवरी तकधनुतीसराअच्छा
24 फ़रवरी से 20 मार्च तकमकरचौथाअच्छा
21 मार्च से 14 अप्रैल तककुंभपाँचवाँअच्छा
15 अप्रैल से 9 मई तकमीनछठाभारी
10 मई से 3 जून तकमेषसातवाँभारी
4 जून से 27 जून तकवृषभआठवाँअच्छा
28 जून से 22 जुलाई तकमिथुननौवाँअच्छा
23 जुलाई से 15 अगस्त तककर्कदसवाँभारी
16 अगस्त से 8 सितंबर तकसिंहग्यारहवाँअच्छा
9 सितंबर से 2 अक्टूबर तककन्याबारहवाँअच्छा
3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तकतुलापहलाअच्छा
27 अक्टूबर से 20 नवंबर तकवृश्चिकदूसराअच्छा
21 नवंबर से 14 दिसंबर तकधनुतीसराअच्छा
15 दिसंबर सेमकरचौथाअच्छा

नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।

तुला राशि: प्रेम और विवाह के भाव

तुला से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।

  • पहला भाव · तुला

    आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • दूसरा भाव · वृश्चिक

    परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • पाँचवाँ भाव · कुंभ

    प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • सातवाँ भाव · मेष

    विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके सातवें भाव में रहेंगे।

  • आठवाँ भाव · वृषभ

    ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

2027 में तुला राशि के लिए मुहूर्त के दिन

चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ वृषभ, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।

शादी के मुहूर्त

2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 12 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 33 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:

तुला राशि: प्रेम और विवाह के लिए उपाय

मंगल आपके सातवें भाव (मेष) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए मंगल का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन मसूर दाल और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। मंगल के सभी उपाय →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
चंद्राष्टम
हर महीने के वे लगभग दो दिन जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव से गुज़रते हैं: रोज़ के काम का समय, नई शुरुआत का नहीं।
चातुर्मास और खरमास
दो दौर जिनमें शादी और दूसरे नए शुभ काम नहीं रखे जाते। चातुर्मास भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने हैं, आषाढ़ की देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देव उठनी एकादशी तक। खरमास वह महीना है जब सूर्य धनु में, और फिर मीन में होते हैं — लगभग मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 में तुला राशि के लिए प्रेम और विवाह का समय कैसा रहेगा?

100 में से 69, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 3 जून से 25 जून तक समय धीमा रहता है।

2027 में तुला राशि के प्रेम और विवाह के लिए कौन-से महीने सबसे अच्छे हैं?

प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (80), मई (76) और नवंबर (81) के हैं, और सबसे कम जून के (57)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।

2027 में तुला राशि वाले रिश्ते या शादी की बात कब आगे बढ़ाएँ?

2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं।

2027 में तुला राशि के लिए किन तारीख़ों पर सावधान रहें?

गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।

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9 विस्तृत रिपोर्ट, जिनमें जन्म कुंडली, कुंडली मिलान और वार्षिक भविष्यवाणी हैं।हिंदी, अंग्रेज़ी और हिंग्लिशरिपोर्ट देखें
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