लग्न
लग्न वह राशि है जो आपके जन्म के समय पूर्व में उदित हो रही थी। यही आपकी कुंडली का हर भाव तय करता है, और कुछ ग्रहों को आपका मित्र और कुछ को नहीं बनाता है।
हर लग्न, उसका स्वामी, योगकारक (BPHS 34), दिल्ली में वह कितनी देर उदित रहता है, और रत्न इंजन का सबसे ज़्यादा चुना रत्न
| लग्न | स्वामी | योगकारक | उदय समय | सबसे ज़्यादा चुना रत्न |
|---|---|---|---|---|
| मेष लग्न | मंगल | — | 1 घंटे 34 मिनट | पुखराज |
| वृषभ लग्न | शुक्र | शनि | 1 घंटे 56 मिनट | नीलम |
| मिथुन लग्न | बुध | — | 2 घंटे 14 मिनट | हीरा |
| कर्क लग्न | चंद्र | मंगल | 2 घंटे 22 मिनट | मूंगा |
| सिंह लग्न | सूर्य | मंगल | 2 घंटे 16 मिनट | मूंगा |
| कन्या लग्न | बुध | — | 2 घंटे 20 मिनट | पन्ना |
| तुला लग्न | शुक्र | शनि | 2 घंटे 20 मिनट | नीलम |
| वृश्चिक लग्न | मंगल | सूर्य, चंद्र | 2 घंटे 18 मिनट | मोती |
| धनु लग्न | गुरु | — | 2 घंटे 4 मिनट | पन्ना |
| मकर लग्न | शनि | शुक्र | 1 घंटे 42 मिनट | हीरा |
| कुंभ लग्न | शनि | शुक्र | 1 घंटे 28 मिनट | हीरा |
| मीन लग्न | गुरु | — | 1 घंटे 26 मिनट | पुखराज |
लग्न वह राशि है जो जन्म के समय पूर्व में उदित हो रही थी, और यह लगभग हर दो घंटे में बदलता है; यह शरीर, स्वभाव और पूरे जीवन की दिशा के लिए पढ़ा जाता है, और कुंडली का हर भाव इसी से गिना जाता है। राशि चंद्रमा की राशि है, जो मन और रोज़ के राशिफल के लिए पढ़ी जाती है। सूर्य राशि पश्चिमी तरीक़ा है, सूर्य से। एक ही दिन जन्मे दो लोगों की राशि एक हो सकती है, पर कुछ घंटों के अंतर से लग्न अलग।
जन्म के क्षण पूर्व में उदित हो रही राशि। यही पहला भाव है, और बाक़ी हर भाव इसी से गिना जाता है।
जन्म तिथि, सही समय और जगह से; लग्न कैलकुलेटर इसे निकाल देता है।
कोई लग्न अपने आप में सबसे अच्छा नहीं। हर लग्न कुछ ग्रहों को शुभ और कुछ को अशुभ बनाता है, और कुंडली वहीं से पढ़ी जाती है।


