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नई दिल्ली

नामकरण का मुहूर्त दिसंबर 2026
शुभ तारीख़ें और समय

नामकरण संस्कार, आम तौर पर ग्यारहवें या बारहवें दिन।

5 शुभ दिनसबसे अच्छा: गुरुवार, 3 दिसंबर

दिसंबर में नामकरण का मुहूर्त

नई दिल्ली के समय से

दिसंबर 2026 में नामकरण के लिए 5 शुभ दिन हैं: 3, 4, 14, 25 और 30 दिसंबर। सबसे अच्छा दिन गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 (91%) है।

3दिसंबर
गुरुवार, 3 दिसंबरकृष्ण दशमी · उत्तरा फाल्गुनी सुबह 9:23 तक, फिर हस्तमुहूर्तसुबह 6:57 से 10:05; सुबह 11:49 से दोपहर 12:10सबसे अच्छा समय:सुबह 8:15 से 9:34
4दिसंबर
शुक्रवार, 4 दिसंबरकृष्ण एकादशी · हस्तमुहूर्तसुबह 6:58 से 10:02; सुबह 11:45 से दोपहर 12:11सबसे अच्छा समय:सुबह 6:58 से 8:16
14दिसंबर
सोमवार, 14 दिसंबर विवाह पंचमीश्रवणमुहूर्तसुबह 7:05 से 9:22; सुबह 11:06 से दोपहर 12:15सबसे अच्छा समय:सुबह 7:05 से 8:22
25दिसंबर
शुक्रवार, 25 दिसंबरकृष्ण द्वितीया · पुनर्वसुमुहूर्तसुबह 7:11 से 8:41; सुबह 10:23 से दोपहर 12:21सबसे अच्छा समय:सुबह 7:11 से 8:28
30दिसंबर
बुधवार, 30 दिसंबरकृष्ण सप्तमी · उत्तरा फाल्गुनीमुहूर्तसुबह 7:12 से 8:20; सुबह 10:02 से दोपहर 12:23सबसे अच्छा समय:सुबह 7:12 से 8:20

यहाँ दिया हर दिन नीचे लिखे नियमों पर पहले से खरा उतरता है। % केवल इन दिनों को आपस में आँकता है: यह दिन की तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण को इस काम के हिसाब से तौलता है, और 80% या उससे ऊपर के दिन सबसे अच्छे हैं।

दिसंबर5 दिन
सोममंगलबुधगुरुशुक्रशनिरवि12391%491%56789101112131485%151617181920212223242591%262728293091%31

5 शुभ दिन दिसंबर 2026 में नामकरण के लिए; नीचे महीने का हर दिन, शुभ हो या नहीं, और क्यों।

  1. 1 दिसंबरमंगलवार · काल भैरव जयंतीयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  2. 2 दिसंबरबुधवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा फाल्गुनी) और शुभ तिथि (कृष्ण दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण (पंचांग के दो और अंग: योग सूर्य और चंद्रमा से रोज़ बनने वाले 27 योगों में से एक है, करण आधी तिथि) से मुक्त हो
  3. 3 दिसंबरगुरुवारशुभसुबह 8:15 से 9:34कृष्ण दशमी · उत्तरा फाल्गुनी सुबह 9:23 तक, फिर हस्त91%
  4. 4 दिसंबरशुक्रवारशुभसुबह 6:58 से 8:16कृष्ण एकादशी · हस्त91%
  5. 5 दिसंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  6. 6 दिसंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  7. 7 दिसंबरसोमवारमुहूर्त नहींकृष्ण चतुर्दशी अगले दिन सुबह 4:13 तक, फिर अमावस्या: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  8. 8 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  9. 9 दिसंबरबुधवारमुहूर्त नहींज्येष्ठा रात 9:00 तक, फिर मूल: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  10. 10 दिसंबरगुरुवारमुहूर्त नहींमूल रात 11:58 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  11. 11 दिसंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तराषाढ़ा) और शुभ तिथि (शुक्ल द्वितीया और शुक्ल तृतीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  12. 12 दिसंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  13. 13 दिसंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  14. 14 दिसंबरसोमवार · विवाह पंचमीशुभसुबह 7:05 से 8:22शुक्ल पंचमी · श्रवण85%
  15. 15 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  16. 16 दिसंबरबुधवारबंदसंक्रांति: सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं
  17. 17 दिसंबरगुरुवारमुहूर्त नहींशुक्ल अष्टमी रात 11:26 तक, फिर शुक्ल नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती
  18. 18 दिसंबरशुक्रवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (उत्तरा भाद्रपद और रेवती) और शुभ तिथि (शुक्ल दशमी) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  19. 19 दिसंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  20. 20 दिसंबररविवार · गीता जयंतीयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  21. 21 दिसंबरसोमवारमुहूर्त नहींभरणी दोपहर 1:09 तक, फिर कृत्तिका: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  22. 22 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  23. 23 दिसंबरबुधवार · दत्तात्रेय जयंती · मार्गशीर्ष (अगहन) पूर्णिमामुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी और मृगशिरा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  24. 24 दिसंबरगुरुवारमुहूर्त नहींइस दिन के शुभ नक्षत्र (पुनर्वसु) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा और कृष्ण द्वितीया) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो
  25. 25 दिसंबरशुक्रवारशुभसुबह 7:11 से 8:28कृष्ण द्वितीया · पुनर्वसु91%
  26. 26 दिसंबरशनिवारयह वार नहींशनिवार को यह काम नहीं किया जाता
  27. 27 दिसंबररविवारयह वार नहींरविवार को यह काम नहीं किया जाता
  28. 28 दिसंबरसोमवारमुहूर्त नहींमघा शाम 4:33 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी: इनमें से कोई नक्षत्र नामकरण के लिए नहीं लिया जाता
  29. 29 दिसंबरमंगलवारयह वार नहींमंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  30. 30 दिसंबरबुधवारशुभसुबह 7:12 से 8:20कृष्ण सप्तमी · उत्तरा फाल्गुनी91%
  31. 31 दिसंबरगुरुवारमुहूर्त नहींकृष्ण अष्टमी दोपहर 12:32 तक, फिर कृष्ण नवमी: इनमें से कोई तिथि नामकरण के लिए नहीं ली जाती

मुहूर्त किस काम के लिए

और यह दिन कैसे मनाया जाता है

नामकरण वह संस्कार है जिसमें बच्चे का नाम पहली बार पुकारा जाता है। मनुस्मृति (2.30) इसे जन्म के दसवें या बारहवें दिन बताती है, और उत्तर भारत में कई परिवार ग्यारहवाँ या बारहवाँ दिन रखते हैं। छोटी-सी पूजा या हवन के बाद पिता या घर के बड़े बच्चे के दाएँ कान में नाम कहते हैं, और नाम का पहला अक्षर अक्सर जन्म नक्षत्र से लिया जाता है।

पंचांग में दिसंबर 2026

नामकरण के लिए इसके 31 दिन किस वजह से खुले या बंद रहे
शुभ5 दिन
ऐसा वार जिसमें यह काम नहीं होता13 दिन
ठीक नक्षत्र और तिथि साथ नहीं12 दिन
संक्रांति1 दिन

त्योहार के दिन, इस काम के लिए:

  • मंगलवार, 1 दिसंबर, काल भैरव जयंती: मंगलवार को यह काम नहीं किया जाता
  • सोमवार, 14 दिसंबर, विवाह पंचमी: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 7:05 से 8:22
  • रविवार, 20 दिसंबर, गीता जयंती: रविवार को यह काम नहीं किया जाता
  • बुधवार, 23 दिसंबर, दत्तात्रेय जयंती और मार्गशीर्ष (अगहन) पूर्णिमा: इस दिन के शुभ नक्षत्र (रोहिणी और मृगशिरा) और शुभ तिथि (कृष्ण प्रतिपदा) किसी ऐसे घंटे में साथ नहीं आते जो अशुभ योग या करण से मुक्त हो

एक दिन की जाँच

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, इस महीने का सबसे अच्छा दिन, नियमों पर
जाँचयह दिननियम
वारगुरुवार सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार में से एक
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी उन 16 नक्षत्रों में से एक जिनमें यह काम होता है
तिथिकृष्ण दशमी अनुमत तिथि
सबसे अच्छा समयसुबह 8:15 से 9:34 राहु काल (दोपहर 1:29 से 2:47) से बाहर
लग्न और भावधनु लग्न लग्न मकर, मेष, कर्क या तुला न हो

यहाँ दिए समय नई दिल्ली के हैं; हर शहर में ये सूर्योदय के साथ बदलते हैं, भारत भर में लगभग एक घंटे तक। तिथि और नक्षत्र हर जगह एक ही रहते हैं। अपने शहर के लिए नामकरण के मुहूर्त का पूरा पेज देखें।

मुहूर्त के नियम

बच्चे का नाम रखना
नक्षत्र
  • अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
  • ये शास्त्रीय वर्गीकरण के ध्रुव (स्थिर), चर, मृदु और क्षिप्र नक्षत्र हैं: उग्र, तीक्ष्ण और मिश्र नक्षत्रों को छोड़कर सब, जिन्हें मुहूर्त ग्रंथ संस्कार से दूर रखते हैं
तिथियाँ
  • शुक्ल: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
  • कृष्ण: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
वार
  • सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

ये वही नियम हैं जो प्रचलित पंचांग इस काम के लिए लगाते हैं; इनकी जड़ मुहूर्त के शास्त्रीय ग्रंथों में है, सबसे बढ़कर मुहूर्त चिंतामणि में।

मुहूर्त चिंतामणि 27 नक्षत्रों को उनके स्वभाव से बाँटता है: ध्रुव (स्थिर), जो टिकना चाहिए उसके लिए; क्षिप्र (लघु), व्यापार, पढ़ाई और जल्दी के काम के लिए; मृदु, मित्रता और संगीत जैसे कोमल कामों के लिए; चर, यात्रा जैसे चलने वाले कामों के लिए। इस काम के लिए ध्रुव (रोहिणी, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद), क्षिप्र (अश्विनी, पुष्य, हस्त), मृदु (मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा, रेवती) और चर (पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा) नक्षत्र लिए जाते हैं। इसमें रिक्ता (“ख़ाली”) तिथियाँ, चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी, छोड़ी जाती हैं, जिनमें शुरुआत नहीं की जाती, और अमावस्या भी। इसकी तालिका में शुक्ल षष्ठी और अष्टमी, और कृष्ण षष्ठी और अष्टमी भी नहीं हैं; इस काम के लिए इन्हें नहीं गिना जाता। रविवार सूर्य का दिन है, मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का दिन है, और सूर्य, मंगल और शनि क्रूर ग्रह हैं, इसलिए वे दिन छोड़े जाते हैं।

नामकरण के सारे नियम: किन महीनों में होता है, कौन-से काल बंद हैं, और समय

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

5 सवाल
दिसंबर 2026 में नामकरण के कितने शुभ दिन हैं?

5 दिन: गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, सोमवार, 14 दिसंबर 2026, शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 और बुधवार, 30 दिसंबर 2026, नई दिल्ली के लिए।

क्या विवाह पंचमी (14 दिसंबर 2026) नामकरण के लिए शुभ है?

हाँ: नामकरण के लिए शुभ, सबसे अच्छा समय सुबह 7:05 से 8:22।

दिसंबर 2026 में नामकरण के लिए सबसे अच्छा दिन कौन-सा है?

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 (91%): कृष्ण दशमी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, सबसे अच्छा समय सुबह 8:15 से 9:34।

दिसंबर 2026 के बाक़ी 26 दिन नामकरण के लिए किस वजह से बंद रहे?

इसके 31 दिनों में से 13 दिन उन वारों के हैं जिनमें यह काम नहीं होता, 12 दिनों में ठीक नक्षत्र और तिथि एक साथ नहीं आते और 1 दिन संक्रांति का है।

दिसंबर 2026 के आसपास किस महीने में नामकरण के ज़्यादा दिन हैं?

अक्टूबर 2026, नवंबर 2026 और फ़रवरी 2027 में, 6 दिन हर एक में।

ये शुभ दिन हैं। ज़रूरी नहीं कि आपके लिए भी शुभ हों।

पंचांग से निकला मुहूर्त नई दिल्ली में सबके लिए एक-सा है। आपकी अपनी कुंडली से पढ़ने पर यह बदल सकता है, और नामकरण के लिए ये दस मिनट आम तौर पर लगाने लायक हैं।

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