2027 में मेष राशि के लिए सेहत, दौर-दर-दौर: मेष से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 64। कोई भी दौर पूरी तरह पक्ष में नहीं है; अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 नवंबर तक है। सेहत के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, सितंबर और नवंबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी और दिसंबर।
सेहत के लिए 2027 में समय 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 26 नवंबर से धीमा।
पाँचवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: मन साफ़ रहता है, चिंता घटती है और पाचन ठीक होता है, क्योंकि पाँचवाँ भाव मन के साथ पेट का भी है। नई दिनचर्या शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है — योग, सुबह की सैर, खान-पान की योजना — क्योंकि अभी शुरू की गई आदतें टिकती हैं। यह समय गर्भावस्था और बच्चों की सेहत के लिए भी अनुकूल है; दोनों में डॉक्टर से नियमित जाँच फिर भी ज़रूरी है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं। पर आपके बारहवें भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय सेहत के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: जाँच समय पर कराएँ और बदलाव धीरे-धीरे करें। पर आपके पहले और बारहवें भाव में शनि के कारण 26 जून से 25 नवंबर तक का समय सेहत के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: जाँच समय पर कराएँ और बदलाव धीरे-धीरे करें।
चौथे भाव में गुरु घर में सुकून और शांति लाते हैं, जिससे नींद अच्छी होती है और मन ठहरता है। इसका दूसरा पहलू ढीली दिनचर्या है — ज़्यादा बैठना, घर का भारी खाना, कम चलना — और इसका असर छाती और वज़न पर दिखता है। इस समय माँ की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, इसलिए किसी तकलीफ़ का इंतज़ार किए बिना उनकी जाँच करा दें, और अपने दिन में शाम की सैर बनाए रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है; नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।
छठे भाव में गुरु का होना सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थितियों में से एक है: गुरु से जुड़ी तकलीफ़ें — वज़न, शुगर, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन — बढ़ने लगती हैं, और पहले टाली गई कोई परेशानी अब ध्यान माँग सकती है। अच्छी बात यह है कि इलाज असर करता है: सही डॉक्टर मिलते हैं और इलाज पूरा होता है। शुगर, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराएँ, दवाएँ डॉक्टर के कहे अनुसार लें, और तला और मीठा कम करें।
बारहवें भाव में शनि, साढ़े साती का पहला चरण, सबसे पहले नींद पर असर दिखाते हैं: नींद देर से आती है, कच्ची रहती है या रात में टूटती है, और थकान वहीं से बढ़ती है। सेहत पर ख़र्च — जाँच, इलाज, अस्पताल — बढ़ सकता है, और पैरों व आँखों को देखभाल चाहिए। तय समय पर सोकर और देर रात स्क्रीन से दूर रहकर नींद बचाएँ, सेहत के लिए कुछ पैसा अलग रखें, और ख़र्च के डर से जाँच न टालें। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है: पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं।
पहले भाव में शनि, साढ़े साती के चरम पर, शरीर पर भार डालते हैं: ऐसी थकान जो नींद से भी पूरी नहीं जाती, जोड़ों में जकड़न, कमर और घुटनों का दर्द, और दाँतों की देखभाल की ज़रूरत। मन भी भारी रह सकता है, और यह भारीपन थकान का ही हिस्सा है। धीमी पर पक्की दिनचर्या रखें — रोज़ सैर, हल्का योग, सोना और खाना तय समय पर — और थकान अनदेखी करके जुटे रहने के बजाय हड्डियों, ख़ून और दाँतों की जाँच करा लें।
दसवें भाव में राहु काम को हावी कर देते हैं — तनाव, छूटा खाना और देर रातें; काम के दिन का एक पक्का अंत तय करें।
इस साल कोई भी समय सेहत के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है, इसलिए नींद, रोज़ की सैर और समय पर खाना — ये बुनियादी बातें पूरे साल बनाए रखें। पूरी जाँच या पहले से तय ऑपरेशन के लिए 14 अप्रैल से 25 नवंबर तक सबसे आसान समय है; पर जब डॉक्टर कहें कि इलाज ज़रूरी है, तो उसी समय कराएँ, ग्रह चाहे जो कहें।
गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ें — गाड़ी सावधानी से चलाएँ, ग़ुस्से और ब्लड प्रेशर पर क़ाबू रखें, और डॉक्टर कहें कि रुक सकता है तो पहले से तय ऑपरेशन इन हफ़्तों से बाहर रखें
बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें
शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें
2027 में मेष राशि के लिए सेहत के मामले में सबसे अच्छा महीने सितंबर और नवंबर (71) हैं और सबसे कमज़ोर फ़रवरी और दिसंबर (55)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | पहले से तय ऑपरेशन के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 70 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; गुरु और मंगल वक्री | 5 |
| फ़रवरी | 55 | घर का सुकून, माँ की सेहत; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके दसवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 4 |
| मार्च | 59 | घर का सुकून, माँ की सेहत; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 8 |
| अप्रैल | 61 | घर का सुकून, माँ की सेहत; गुरु और मंगल वक्री | 4 |
| मई | 64 | घर का सुकून, माँ की सेहत | 5 |
| जून | 62 | घर का सुकून, माँ की सेहत; बुध वक्री | 4 |
| जुलाई | 68 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके दसवें भाव में | 6 |
| अगस्त | 65 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके चौथे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके दसवें भाव में | 5 |
| सितंबर | 71 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; शनि वक्री | 7 |
| अक्टूबर | 68 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; शनि और बुध वक्री | 5 |
| नवंबर | 71 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; शनि वक्री | 7 |
| दिसंबर | 55 | पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान; शनि वक्री | 9 |
मंगल, जो ऊर्जा, रक्त और चोट के ग्रह हैं, एक राशि में लगभग छह हफ़्ते रहते हैं, वक्री हों तो ज़्यादा। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से सिर्फ़ तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं; बाक़ी समय जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ों से सँभलकर रहें। 2027 में मेष राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 5 जुलाई से 23 अगस्त तक।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | सेहत के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 मार्च तक | सिंह | पाँचवाँ | भारी |
| 10 मार्च से 25 अप्रैल तक | कर्क | चौथा | भारी |
| 26 अप्रैल से 4 जुलाई तक | सिंह | पाँचवाँ | भारी |
| 5 जुलाई से 23 अगस्त तक | कन्या | छठा | अच्छा |
| 24 अगस्त से 7 अक्टूबर तक | तुला | सातवाँ | भारी |
| 8 अक्टूबर से 17 नवंबर तक | वृश्चिक | आठवाँ | भारी |
| 18 नवंबर से 26 दिसंबर तक | धनु | नौवाँ | भारी |
| 27 दिसंबर से | मकर | दसवाँ | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
मेष से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
शरीर: ऊर्जा और रोगों से लड़ने की ताक़त। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव में रहेंगे।
रोग, संक्रमण और दिनचर्या। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके छठे भाव में रहेंगे।
पुराने रोग, ऑपरेशन और लंबा इलाज। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
अस्पताल, नींद और आराम। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके बारहवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ वृश्चिक, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं। आपात स्थिति में नहीं: ऑपरेशन कब हो, यह डॉक्टर तय करते हैं।
पहले से तय ऑपरेशन के मुहूर्त
2027 में पहले से तय ऑपरेशन के 78 मुहूर्तों में से 9 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 30 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (14 अप्रैल से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
मंगल स्वयं मेष राशि के स्वामी हैं। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल सेहत के लिए मंगल का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन मसूर दाल और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। मंगल के सभी उपाय →
100 में से 64, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2027 का कोई भी दौर पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
सेहत के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (70), सितंबर (71) और नवंबर (71) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी और दिसंबर के (55)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
जो क़दम टल न सके, उसके लिए 2027 में अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 नवंबर तक है।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

