2027 में धनु राशि के लिए सेहत, दौर-दर-दौर: धनु से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 65। जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय: 26 जून से 19 अक्टूबर तक। सेहत के लिए सबसे मज़बूत महीने: जुलाई, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; 24 जनवरी तक, 3 जून से 25 जून तक और 20 अक्टूबर से मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक धीमा।
नौवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: आस्था और उम्मीद भरा मन शरीर की मदद करता है, और किसी भी बीमारी से उबरना आसान रहता है। पिता और बड़ों की सेहत में सुधार होता है, और उनकी वह पूरी जाँच कराने का यही सही समय है जिसे वे टालते आ रहे हैं। तीर्थ और लंबी यात्राएँ आपके लिए ठीक हैं, पर लंबे सफ़र में देर तक बैठे रहें तो रोज़ स्ट्रेचिंग से कूल्हों और जाँघों को चलाते रहें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय सेहत के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: इसमें तैयारी करें; बेहतर समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है। पर आपके चौथे भाव में शनि के कारण 20 अक्टूबर से 25 नवंबर तक का समय सेहत के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: जाँच समय पर कराएँ और बदलाव धीरे-धीरे करें।
आठवें भाव में गुरु का होना सेहत के लिए परीक्षा की स्थिति है: कोई पुरानी, छिपी या धीरे-धीरे बढ़ती तकलीफ़ सामने आ सकती है, और ठीक होने में उम्मीद से ज़्यादा समय लगता है। गुरु की रक्षा फिर भी साथ है, इसलिए यह समय चीज़ों को जल्दी पकड़ने का है, उनसे डरने का नहीं। दो हफ़्ते से ज़्यादा चलने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, स्वास्थ्य बीमा चालू रखें, और अगर डॉक्टर कोई प्रक्रिया बताएँ तो दूसरी राय लेकर उनकी सलाह मानें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।
दसवें भाव में गुरु काम को केंद्र में ले आते हैं, और सबसे ज़्यादा दबाव सेहत पर पड़ता है: लंबे घंटे, छूटा हुआ खाना, कुर्सी पर ग़लत ढंग से बैठना और देर रात तक जागना। इसका असर सबसे पहले घुटनों, कमर और आँखों पर दिखता है, और बैठे रहने से वज़न बढ़ता है। सैर या योग का समय किसी मीटिंग की तरह पक्का करें, दोपहर का खाना समय पर खाएँ, और दिन भर स्क्रीन पर रहते हैं तो आँखों की जाँच करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है, इसलिए इलाज असर करता है और पुरानी तकलीफ़ें घटती हैं।
चौथे भाव में शनि (कंटक शनि, छोटी पनौती) मन की शांति पर भार डालते हैं, और उसके ज़रिए नींद, छाती और ब्लड प्रेशर पर भी। घर की चिंताएँ या माँ की बीमारी इस बोझ को बढ़ा सकती है। नींद की रक्षा करें — सोने से पहले आख़िरी घंटे में स्क्रीन नहीं, हल्का रात का खाना, रोज़ एक ही समय पर सोना — ब्लड प्रेशर नियमित जँचवाएँ, और रोज़ दस मिनट अनुलोम-विलोम या शांत साँस को दें। शनि की दृष्टि आपके पहले और छठे भाव पर भी है: थकान और जकड़न बढ़ सकती है, इसलिए दिनचर्या हल्की और नियमित रखें; पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं।
पाँचवें भाव में शनि मन को ज़्यादा सोचने पर मजबूर करते हैं, और चिंता अक्सर पेट पर उतरती है: एसिडिटी, गैस और धीमा पाचन। बच्चों की सेहत या पढ़ाई की फ़िक्र इसे और बढ़ा सकती है। खाना तय समय पर खाएँ, रात का खाना हल्का और जल्दी रखें, और खाने के बाद दस मिनट टहलें; अगर पेट की तकलीफ़ बार-बार लौटे तो सिर्फ़ एंटासिड के भरोसे न रहें, डॉक्टर को दिखाएँ।
दूसरे भाव में राहु जंक फ़ूड, अनियमित खाने और तंबाकू या ज़्यादा चाय जैसी आदतों की ओर खींचते हैं; जो मुँह में जाता है उस पर ध्यान दें, और दाँत व गले का ख़याल रखें। आठवें भाव में केतु अचानक छोटी चोट और नसों का तनाव लाते हैं; धारदार औज़ारों, सीढ़ियों और सड़क पर सावधानी रखें।
26 जून से 19 अक्टूबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें।
गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ें — गाड़ी सावधानी से चलाएँ, ग़ुस्से और ब्लड प्रेशर पर क़ाबू रखें, और डॉक्टर कहें कि रुक सकता है तो पहले से तय ऑपरेशन इन हफ़्तों से बाहर रखें
बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें
सूर्य ग्रहण: आपके आठवें भाव (अचानक बदलाव का भाव) में ग्रहण — ज़्यादा आराम करें, दिन हल्का रखें, और इसके आसपास के हफ़्ते में नई डाइट या भारी कसरत शुरू न करें
शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें
2027 में धनु राशि के लिए सेहत के मामले में सबसे अच्छा महीना सितंबर (79) है और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (51)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | पहले से तय ऑपरेशन के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 70 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| फ़रवरी | 51 | छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके दूसरे भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | 3 |
| मार्च | 53 | छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 54 | छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं; गुरु और मंगल वक्री | 5 |
| मई | 56 | छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं | 4 |
| जून | 62 | छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं; बुध वक्री | 4 |
| जुलाई | 76 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके दूसरे भाव में | 6 |
| अगस्त | 74 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके आठवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके दूसरे भाव में | 5 |
| सितंबर | 79 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; शनि वक्री | 7 |
| अक्टूबर | 77 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; शनि और बुध वक्री | 7 |
| नवंबर | 71 | बड़ों का आशीर्वाद, अच्छा सुधार; शनि वक्री | 8 |
| दिसंबर | 62 | काम सेहत को दबाता है; शनि वक्री | 9 |
मंगल, जो ऊर्जा, रक्त और चोट के ग्रह हैं, एक राशि में लगभग छह हफ़्ते रहते हैं, वक्री हों तो ज़्यादा। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से सिर्फ़ तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं; बाक़ी समय जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ों से सँभलकर रहें। 2027 में धनु राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 24 अगस्त से 7 अक्टूबर तक।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | सेहत के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 मार्च तक | सिंह | नौवाँ | भारी |
| 10 मार्च से 25 अप्रैल तक | कर्क | आठवाँ | भारी |
| 26 अप्रैल से 4 जुलाई तक | सिंह | नौवाँ | भारी |
| 5 जुलाई से 23 अगस्त तक | कन्या | दसवाँ | भारी |
| 24 अगस्त से 7 अक्टूबर तक | तुला | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 8 अक्टूबर से 17 नवंबर तक | वृश्चिक | बारहवाँ | भारी |
| 18 नवंबर से 26 दिसंबर तक | धनु | पहला | भारी |
| 27 दिसंबर से | मकर | दूसरा | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
धनु से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
शरीर: ऊर्जा और रोगों से लड़ने की ताक़त। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
रोग, संक्रमण और दिनचर्या। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
पुराने रोग, ऑपरेशन और लंबा इलाज। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके आठवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके आठवें भाव में रहेंगे।
अस्पताल, नींद और आराम। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कर्क, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं। आपात स्थिति में नहीं: ऑपरेशन कब हो, यह डॉक्टर तय करते हैं।
पहले से तय ऑपरेशन के मुहूर्त
2027 में पहले से तय ऑपरेशन के 78 मुहूर्तों में से 6 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 18 दिन सेहत के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 19 अक्टूबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
गुरु स्वयं धनु राशि के स्वामी हैं। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल सेहत के लिए गुरु का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो गुरुवार को ॐ गुरवे नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चने की दाल और हल्दी का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। गुरु के सभी उपाय →
100 में से 65, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 25 जनवरी से 2 जून तक समय धीमा रहता है।
सेहत के लिए सबसे ज़्यादा अंक जुलाई (76), सितंबर (79) और अक्टूबर (77) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (51)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में जाँच कराने और नई दिनचर्या शुरू करने का समय 26 जून से 19 अक्टूबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
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