2027 में मेष राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: मेष से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 63। कोई भी दौर पूरी तरह पक्ष में नहीं है; अपेक्षाकृत आसान समय 26 जून से 25 नवंबर तक है। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, सितंबर और नवंबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक मिला-जुला रहता है; 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से धीमा।
पाँचवें भाव में गुरु का होना प्रेम के लिए सबसे अच्छे समयों में से एक है: भावनाएँ सच्ची होती हैं, और अभी शुरू हुए रिश्ते के शादी तक पहुँचने की अच्छी संभावना है। अविवाहित लोग नए लोगों से मिलने के लिए हाँ कहें; जो पहले से प्रेम में हैं वे अभी घरवालों से बात कर सकते हैं, क्योंकि प्रेम विवाह को आशीर्वाद मिलने की संभावना ज़्यादा है। शादीशुदा जोड़ों में फिर से नज़दीकी लौटती है, और कई लोग संतान की योजना बनाते हैं। रिश्ते में ईमानदारी रखें — न खेल, न छिपाव। इस समय गुरु की दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर भी है, इसलिए दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है। पर आपके बारहवें भाव में शनि के कारण 24 जनवरी तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें। पर आपके पहले और बारहवें भाव में शनि के कारण 26 जून से 25 नवंबर तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें।
चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।
छठे भाव में गुरु प्रेम में खटपट लाते हैं: छोटी बहसें बड़ी हो जाती हैं, काम का दबाव समय कम छोड़ता है, और किसी एक की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है। रिश्ते की बात माँगों, परिवारों के मतभेद या किसी तीसरे की दख़ल से अटक सकती है, इसलिए बातें सीधी और साफ़ रखें। शादीशुदा जोड़े मतभेद रिश्तेदारों के ज़रिए नहीं, आपस में शांति से सुलझाएँ। इस समय एक-दूसरे की देखभाल और धैर्य ही रिश्ते को मज़बूत रखते हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है, इसलिए परिवार आपके फ़ैसले का साथ देता है और घर में अपनापन बढ़ता है।
बारहवें भाव में शनि, साढ़े साती का पहला चरण, प्रेम में दूरी और मन में चुपचाप चिंता लाते हैं: साथी का दूर होना, नींद की कमी, या अपने सबसे क़रीबी लोगों से अनदेखा महसूस करना। अविवाहितों को घर से दूर कोई मिल सकता है, पर पक्का करने से पहले समय लें। शादीशुदा जोड़े अपने बीच चुप्पी न बढ़ने दें — साथ में एकांत का समय निकालें और चिंताएँ जल्दी साझा करें। शादी और घर के ख़र्च पर लगाम रखें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें।
पहले भाव में शनि, साढ़े साती के चरम पर, आपको गंभीर और थका हुआ रखते हैं, और इसका असर प्रेम पर पड़ता है: आप अपने में सिमट सकते हैं, और दूसरों को आप तक पहुँचना मुश्किल लग सकता है। रिश्ते की बात धीरे चलती है और छोटी शंकाओं पर टूट सकती है, इसलिए हाँ या ना के लिए दबाव डालने के बजाय समय दें। शादीशुदा जोड़े ज़िम्मेदारियों का बोझ महसूस करते हैं — बोझ बाँटें और चुप रहने के बजाय मन की बात कहें। जो रिश्ता इस दौर में टिकता है, वह लंबा चलता है। शनि की दृष्टि आपके सातवें भाव पर भी है: विवाह के मामले धीरे चलते हैं और धैर्य माँगते हैं, पर अभी बना रिश्ता टिकता है।
दसवें भाव में राहु ध्यान रुतबे और काम की ओर खींचते हैं; काग़ज़ पर शानदार दिखने वाला रिश्ता भी मन से सही लगना चाहिए।
इस साल कोई भी समय शादी तय करने के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर अच्छा रिश्ता आए और दोनों परिवार राज़ी हों, तो 26 जून से 25 नवंबर तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना लोगों से मिलते रहें और बिना दबाव के बात बनने दें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में मेष राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीने सितंबर और नवंबर (71) हैं और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (53)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 70 | प्रेम खिलता है; गुरु और मंगल वक्री | 6 |
| फ़रवरी | 53 | पहले घर, फिर प्रेम; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके दसवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 11 |
| मार्च | 56 | पहले घर, फिर प्रेम; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 57 | पहले घर, फिर प्रेम; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| मई | 60 | पहले घर, फिर प्रेम | 17 |
| जून | 58 | पहले घर, फिर प्रेम; बुध वक्री | 13 |
| जुलाई | 68 | प्रेम खिलता है; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके दसवें भाव में | 5 |
| अगस्त | 65 | प्रेम खिलता है; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके चौथे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके दसवें भाव में | — |
| सितंबर | 71 | प्रेम खिलता है; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 68 | प्रेम खिलता है; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 71 | प्रेम खिलता है; शनि वक्री | 10 |
| दिसंबर | 55 | छोटी तकरार, नरमी रखें; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में मेष राशि के लिए इनके 15 में से 11 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक, 9 सितंबर से 26 अक्टूबर तक और 15 दिसंबर से हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | आठवाँ | अच्छा |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | नौवाँ | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | दसवाँ | भारी |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | बारहवाँ | अच्छा |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | पहला | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | दूसरा | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | तीसरा | अच्छा |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | चौथा | अच्छा |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | पाँचवाँ | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | छठा | भारी |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | सातवाँ | भारी |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | आठवाँ | अच्छा |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | नौवाँ | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | दसवाँ | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
मेष से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पहले भाव में रहेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पाँचवें भाव में रहेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ वृश्चिक, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 10 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 14 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (26 जून से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
शुक्र आपके सातवें भाव (तुला) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए शुक्र का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो शुक्रवार को ॐ शुक्राय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन सफ़ेद वस्त्र और चावल का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। शुक्र के सभी उपाय →
100 में से 63, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2027 का कोई भी दौर पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (70), सितंबर (71) और नवंबर (71) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (53)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
जो क़दम टल न सके, उसके लिए 2027 में अपेक्षाकृत आसान समय 26 जून से 25 नवंबर तक है। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 26 जून से 13 जुलाई तक और 10 नवंबर से 25 नवंबर तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
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