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कुंभ राशि · 2027

कुंभ राशि 2027: सेहत
100 में से 67

2027 में कुंभ राशि के लिए सेहत, दौर-दर-दौर: कुंभ से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।

कुंभ2027सेहतचंद्र राशि से
आप कुंभ पढ़ रहे हैं · बदलने के लिए दूसरी राशि चुनेंकृष्ण पक्ष, घटता चंद्रमा · चंद्रमा 93% रोशन
2027 में सेहत का हाल, संक्षेप में

100 में से 67। जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय: 26 जून से 25 नवंबर तक। सेहत के लिए सबसे मज़बूत महीने: जुलाई, सितंबर और अक्टूबर; सबसे कमज़ोर: फ़रवरी।

स्वास्थ्य67

सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 3 जून से 25 जून तक मिला-जुला; 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।

24 जनवरी तक, और फिर 26 जून से 25 नवंबर तक

सातवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: ताक़त बनी रहती है, छोटी-मोटी बीमारियाँ जल्दी निकल जाती हैं और थकाने वाले हफ़्ते के बाद आप जल्दी सँभल जाते हैं। जीवनसाथी अक्सर आपको अच्छी आदतों की ओर ले जाते हैं — साथ में सैर करें, साथ में खाएँ, समय पर सोएँ। जीवनसाथी की अपनी सेहत भी आम तौर पर अच्छी रहती है; अगर आप दोनों में से किसी ने जाँच टाल रखी है, तो इसी समय साथ जाकर करा लें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।

25 जनवरी से 25 जून तक

छठे भाव में गुरु का होना सेहत के लिए सबसे ज़्यादा ध्यान माँगने वाली स्थितियों में से एक है: गुरु से जुड़ी तकलीफ़ें — वज़न, शुगर, लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पाचन — बढ़ने लगती हैं, और पहले टाली गई कोई परेशानी अब ध्यान माँग सकती है। अच्छी बात यह है कि इलाज असर करता है: सही डॉक्टर मिलते हैं और इलाज पूरा होता है। शुगर, लिवर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच कराएँ, दवाएँ डॉक्टर के कहे अनुसार लें, और तला और मीठा कम करें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है, इसलिए नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।

26 नवंबर से

आठवें भाव में गुरु का होना सेहत के लिए परीक्षा की स्थिति है: कोई पुरानी, छिपी या धीरे-धीरे बढ़ती तकलीफ़ सामने आ सकती है, और ठीक होने में उम्मीद से ज़्यादा समय लगता है। गुरु की रक्षा फिर भी साथ है, इसलिए यह समय चीज़ों को जल्दी पकड़ने का है, उनसे डरने का नहीं। दो हफ़्ते से ज़्यादा चलने वाले किसी लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें, स्वास्थ्य बीमा चालू रखें, और अगर डॉक्टर कोई प्रक्रिया बताएँ तो दूसरी राय लेकर उनकी सलाह मानें।

2 जून तक

दूसरे भाव में शनि, साढ़े साती का आख़िरी चरण, खान-पान और चेहरे पर असर दिखाते हैं: खाना देर से या अनियमित होता है, और दाँत, मसूड़ों, गले और आँखों को देखभाल चाहिए। चरम चरण का भारीपन उतरने लगता है, पर धीरे-धीरे। खाने का समय तय करें, बासी, तला और बहुत ठंडा खाना कम करें, और दाँत व आँखों की जाँच करा लें; तय समय पर परिवार के साथ खाना किसी भी डाइट से ज़्यादा मदद करता है। शनि की दृष्टि आपके आठवें भाव पर भी है: पुरानी बीमारियों पर नज़र रखें, और सड़क पर सावधानी ज़्यादा ज़रूरी है।

3 जून से 19 अक्टूबर तक

तीसरा भाव सेहत के लिए शनि की सबसे अच्छी जगहों में से एक है: दम-ख़म बढ़ता है, इच्छाशक्ति मज़बूत रहती है और एक बार शुरू की गई दिनचर्या टिकती है। यह लंबी चलने वाली आदत बनाने का समय है — रोज़ की सैर, ताक़त बढ़ाने वाला व्यायाम या योग, जो बरसों चले। बस ज़्यादती न करें: ज़ोर सबसे पहले कंधों, बाँहों और गर्दन पर पड़ता है, इसलिए वार्म-अप करें और भार धीरे-धीरे बढ़ाएँ। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके बारहवें भाव पर भी है: नींद कच्ची होती है और सेहत का ख़र्च बढ़ सकता है, इसलिए सोने का समय बचाएँ।

पूरे साल

बारहवें भाव में राहु नींद बिगाड़ते हैं और देर रात, स्क्रीन या नशे की आदतों की ओर खींच सकते हैं; सोने का समय बचाएँ और सेहत के ख़र्च के लिए पैसा अलग रखें। छठे भाव में केतु पुरानी तकलीफ़ें कम करने और इलाज को चुपचाप असर दिखाने में मदद करते हैं।

जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय

26 जून से 25 नवंबर तक: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है।

सावधानी
  • 13 अप्रैल तक

    गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें

  • 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक

    मंगल वक्री: जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ें — गाड़ी सावधानी से चलाएँ, ग़ुस्से और ब्लड प्रेशर पर क़ाबू रखें, और डॉक्टर कहें कि रुक सकता है तो पहले से तय ऑपरेशन इन हफ़्तों से बाहर रखें

  • 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक; 10 जून से 5 जुलाई तक; 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक

    बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें

  • 2 अगस्त

    सूर्य ग्रहण: आपके छठे भाव (काम, सेहत और विरोधियों का भाव) में ग्रहण — ज़्यादा आराम करें, दिन हल्का रखें, और इसके आसपास के हफ़्ते में नई डाइट या भारी कसरत शुरू न करें

  • 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक

    शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें

2027 में कुंभ राशि: सेहत, महीने दर महीने

2027 में कुंभ राशि के लिए सेहत के मामले में सबसे अच्छा महीना सितंबर (81) है और सबसे कमज़ोर फ़रवरी (52)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।

महीनाअंककिस वजह सेपहले से तय ऑपरेशन के दिन
जनवरी73साथ और स्थिर सेहत; गुरु और मंगल वक्री7
फ़रवरी52पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके बारहवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके सातवें भाव में4
मार्च55पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान; गुरु, मंगल और बुध वक्री8
अप्रैल57पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान; गुरु और मंगल वक्री5
मई59पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान4
जून65पुरानी तकलीफ़ों पर ध्यान; बुध वक्री3
जुलाई79साथ और स्थिर सेहत; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में7
अगस्त77साथ और स्थिर सेहत; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके छठे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में5
सितंबर81साथ और स्थिर सेहत; शनि वक्री6
अक्टूबर79साथ और स्थिर सेहत; शनि और बुध वक्री5
नवंबर74साथ और स्थिर सेहत; शनि वक्री7
दिसंबर57छिपी तकलीफ़ें सामने आती हैं; शनि वक्री8
2027 में कुंभ राशि से मंगल का गोचर

मंगल, जो ऊर्जा, रक्त और चोट के ग्रह हैं, एक राशि में लगभग छह हफ़्ते रहते हैं, वक्री हों तो ज़्यादा। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से सिर्फ़ तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं; बाक़ी समय जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ों से सँभलकर रहें। 2027 में कुंभ राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 10 मार्च से 25 अप्रैल तक और 18 नवंबर से 26 दिसंबर तक।

कबराशिचंद्र राशि से भावसेहत के लिए
9 मार्च तकसिंहसातवाँभारी
10 मार्च से 25 अप्रैल तककर्कछठाअच्छा
26 अप्रैल से 4 जुलाई तकसिंहसातवाँभारी
5 जुलाई से 23 अगस्त तककन्याआठवाँभारी
24 अगस्त से 7 अक्टूबर तकतुलानौवाँभारी
8 अक्टूबर से 17 नवंबर तकवृश्चिकदसवाँभारी
18 नवंबर से 26 दिसंबर तकधनुग्यारहवाँअच्छा
27 दिसंबर सेमकरबारहवाँभारी

नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।

कुंभ राशि: सेहत के भाव

कुंभ से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।

  • पहला भाव · कुंभ

    शरीर: ऊर्जा और रोगों से लड़ने की ताक़त। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।

  • छठा भाव · कर्क

    रोग, संक्रमण और दिनचर्या। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके छठे भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके छठे भाव में रहेंगे।

  • आठवाँ भाव · कन्या

    पुराने रोग, ऑपरेशन और लंबा इलाज। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके आठवें भाव में रहेंगे।

  • बारहवाँ भाव · मकर

    अस्पताल, नींद और आराम। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके बारहवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।

2027 में कुंभ राशि के लिए मुहूर्त के दिन

चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कन्या, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं। आपात स्थिति में नहीं: ऑपरेशन कब हो, यह डॉक्टर तय करते हैं।

पहले से तय ऑपरेशन के मुहूर्त

2027 में पहले से तय ऑपरेशन के 78 मुहूर्तों में से 9 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 23 दिन सेहत के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:

कुंभ राशि: सेहत के लिए उपाय

शनि स्वयं कुंभ राशि के स्वामी हैं। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल सेहत के लिए शनि का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो शनिवार को ॐ शं शनैश्चराय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन काले तिल और लोहे का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। शनि के सभी उपाय →

इस पेज के शब्द

आसान भाषा में
भाव
जीवन के बारह हिस्से जिनसे कुंडली पढ़ी जाती है, यहाँ आपकी चंद्र राशि से गिने गए: पहला भाव आप ख़ुद, दूसरा परिवार और बचत, सातवाँ विवाह, दसवाँ काम, बारहवाँ ख़र्च।
वक्री
जब कोई ग्रह धरती से देखने पर कुछ हफ़्तों तक उल्टी चाल चलते दिखते हैं। उनसे जुड़े काम धीमे पड़ते हैं और पुरानी बातें दोबारा सामने आती हैं।
दृष्टि
ग्रह जिस भाव में बैठे हों, वहाँ से जिन भावों को "देखते" हैं और उन पर असर डालते हैं: हर ग्रह अपने से सातवें भाव को; गुरु पाँचवें और नौवें को भी, शनि तीसरे और दसवें को, मंगल चौथे और आठवें को।
साढ़े साती
चंद्र राशि से बारहवें, पहले और दूसरे भाव पर शनि के साढ़े सात साल, लगभग ढाई-ढाई साल के तीन चरणों में।
चंद्राष्टम
हर महीने के वे लगभग दो दिन जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव से गुज़रते हैं: रोज़ के काम का समय, नई शुरुआत का नहीं।
ग्रहण और सूतक
ग्रहण यानी सूर्य या चंद्रमा पर छाया पड़ना। भारत से दिखने वाले ग्रहण से पहले का समय सूतक कहलाता है — सूर्य ग्रहण में लगभग बारह घंटे, चंद्र ग्रहण में नौ — जिसमें पूजा, खाना बनाना और नए काम रोके जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

4 सवाल
2027 में कुंभ राशि की सेहत कैसी रहेगी?

100 में से 67, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 25 जनवरी से 2 जून तक और 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।

2027 में कुंभ राशि के सेहत के लिए कौन-से महीने सबसे अच्छे हैं?

सेहत के लिए सबसे ज़्यादा अंक जुलाई (79), सितंबर (81) और अक्टूबर (79) के हैं, और सबसे कम फ़रवरी के (52)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।

2027 में कुंभ राशि की सेहत के लिए कौन-सा समय सबसे अच्छा है?

2027 में जाँच कराने और नई दिनचर्या शुरू करने का समय 26 जून से 25 नवंबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।

2027 में कुंभ राशि के लिए किन तारीख़ों पर सावधान रहें?

गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।

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