2027 में वृषभ राशि के लिए सेहत, दौर-दर-दौर: वृषभ से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 69। जाँच और नई दिनचर्या का सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से। सेहत के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, नवंबर और दिसंबर; सबसे कमज़ोर: अगस्त।
सेहत के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से है; 26 जून से 19 अक्टूबर तक मिला-जुला; 3 जून से 25 जून तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए सेहत के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
चौथे भाव में गुरु घर में सुकून और शांति लाते हैं, जिससे नींद अच्छी होती है और मन ठहरता है। इसका दूसरा पहलू ढीली दिनचर्या है — ज़्यादा बैठना, घर का भारी खाना, कम चलना — और इसका असर छाती और वज़न पर दिखता है। इस समय माँ की सेहत पर ध्यान देना पड़ सकता है, इसलिए किसी तकलीफ़ का इंतज़ार किए बिना उनकी जाँच करा दें, और अपने दिन में शाम की सैर बनाए रखें। इस समय गुरु की दृष्टि आपके आठवें और बारहवें भाव पर भी है: छिपी तकलीफ़ें समय पर पकड़ में आती हैं और ज़रूरी प्रक्रिया आम तौर पर ठीक से हो जाती है; नींद सुधरती है और सेहत का ख़र्च सँभल जाता है।
तीसरे भाव में गुरु का होना ताक़त के लिए कमज़ोर स्थिति है: ऊर्जा आती-जाती रहती है, और अच्छी शुरुआत के बाद व्यायाम का मन ढीला पड़ जाता है। छोटी यात्राएँ और भागदौड़ दिनचर्या तोड़ती हैं, और थकान सबसे पहले कंधों, गले और साँस पर दिखती है। नियम इतना छोटा रखें कि निभ सके — रोज़ बीस मिनट की सैर और दस मिनट प्राणायाम इस समय उस बड़े जिम प्लान से ज़्यादा काम आते हैं जो महीने भर में छूट जाए।
पाँचवें भाव में गुरु सेहत के लिए अच्छे हैं: मन साफ़ रहता है, चिंता घटती है और पाचन ठीक होता है, क्योंकि पाँचवाँ भाव मन के साथ पेट का भी है। नई दिनचर्या शुरू करने का यह सबसे अच्छा समय है — योग, सुबह की सैर, खान-पान की योजना — क्योंकि अभी शुरू की गई आदतें टिकती हैं। यह समय गर्भावस्था और बच्चों की सेहत के लिए भी अनुकूल है; दोनों में डॉक्टर से नियमित जाँच फिर भी ज़रूरी है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पहले भाव पर भी है, इसलिए ताक़त लौटती है और छोटी तकलीफ़ें जल्दी ठीक होती हैं।
ग्यारहवें भाव में शनि स्थिर और टिकाऊ सेहत देते हैं: पुराने दर्द में राहत मिलती है, ऊर्जा एक-सी रहती है और अभी बनाई गई दिनचर्या साथ बनी रहती है। नियमित सैर से पैर और टखने मज़बूत रहते हैं, और बड़े भाई-बहनों की सेहत भी आम तौर पर ठीक रहती है। लंबा लक्ष्य तय करने का यह बहुत अच्छा समय है — वज़न का कोई लक्ष्य, या रोज़ कितने क़दम चलने हैं — और उसे पूरे दौर में निभाएँ। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पहले और आठवें भाव पर भी है: थकान और जकड़न बढ़ सकती है, इसलिए दिनचर्या हल्की और नियमित रखें; पुरानी बीमारियों पर नज़र रखें, और सड़क पर सावधानी ज़्यादा ज़रूरी है।
बारहवें भाव में शनि, साढ़े साती का पहला चरण, सबसे पहले नींद पर असर दिखाते हैं: नींद देर से आती है, कच्ची रहती है या रात में टूटती है, और थकान वहीं से बढ़ती है। सेहत पर ख़र्च — जाँच, इलाज, अस्पताल — बढ़ सकता है, और पैरों व आँखों को देखभाल चाहिए। तय समय पर सोकर और देर रात स्क्रीन से दूर रहकर नींद बचाएँ, सेहत के लिए कुछ पैसा अलग रखें, और ख़र्च के डर से जाँच न टालें। शनि की दृष्टि आपके छठे भाव पर भी है: पुरानी तकलीफ़ें देर तक रहती हैं और धीरज से लगातार इलाज माँगती हैं।
नौवें भाव में राहु लंबी या विदेश यात्रा लाते हैं जो दिनचर्या और नींद बिगाड़ती है; अपनी दवाएँ साथ रखें और खाने का समय जितना हो सके सामान्य रखें।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से: पूरी जाँच करा लें, सैर, योग या खान-पान का जो नियम टालते आ रहे थे उसे शुरू करें, और अगर डॉक्टर ने कोई पहले से तय ऑपरेशन बताया है तो उसे इसी समय रखें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है।
गुरु वक्री: खान-पान ढीला पड़ता है, और वज़न, शुगर और लिवर पर नज़र चाहिए; अच्छी दिनचर्या को छूटने न दें
मंगल वक्री: जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ें — गाड़ी सावधानी से चलाएँ, ग़ुस्से और ब्लड प्रेशर पर क़ाबू रखें, और डॉक्टर कहें कि रुक सकता है तो पहले से तय ऑपरेशन इन हफ़्तों से बाहर रखें
बुध वक्री: स्क्रीन और चिंता का असर नसों, त्वचा और नींद पर पड़ता है; रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्ची पर अमल से पहले उन्हें दोबारा देख लें
शनि वक्री: पुराने दर्द, जोड़ों की तकलीफ़ और थकान लौटती है; दिनचर्या बनाए रखें और डॉक्टर को दोबारा दिखाना न छोड़ें
2027 में वृषभ राशि के लिए सेहत के मामले में सबसे अच्छा महीना दिसंबर (84) है और सबसे कमज़ोर अगस्त (57)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | पहले से तय ऑपरेशन के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 78 | घर का सुकून, माँ की सेहत; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| फ़रवरी | 67 | ऊर्जा में उतार-चढ़ाव; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके नौवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में | 4 |
| मार्च | 72 | ऊर्जा में उतार-चढ़ाव; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 8 |
| अप्रैल | 74 | ऊर्जा में उतार-चढ़ाव; गुरु और मंगल वक्री | 5 |
| मई | 76 | ऊर्जा में उतार-चढ़ाव | 5 |
| जून | 58 | ऊर्जा में उतार-चढ़ाव; बुध वक्री | 4 |
| जुलाई | 59 | घर का सुकून, माँ की सेहत; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | 7 |
| अगस्त | 57 | घर का सुकून, माँ की सेहत; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके तीसरे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | 6 |
| सितंबर | 62 | घर का सुकून, माँ की सेहत; शनि वक्री | 8 |
| अक्टूबर | 60 | घर का सुकून, माँ की सेहत; शनि और बुध वक्री | 7 |
| नवंबर | 79 | घर का सुकून, माँ की सेहत; शनि वक्री | 8 |
| दिसंबर | 84 | साफ़ मन, अच्छा पाचन; शनि वक्री | 9 |
मंगल, जो ऊर्जा, रक्त और चोट के ग्रह हैं, एक राशि में लगभग छह हफ़्ते रहते हैं, वक्री हों तो ज़्यादा। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से सिर्फ़ तीसरे, छठे और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं; बाक़ी समय जल्दबाज़ी, गर्मी और धारदार चीज़ों से सँभलकर रहें। 2027 में वृषभ राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 10 मार्च से 25 अप्रैल तक और 24 अगस्त से 7 अक्टूबर तक।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | सेहत के लिए |
|---|---|---|---|
| 9 मार्च तक | सिंह | चौथा | भारी |
| 10 मार्च से 25 अप्रैल तक | कर्क | तीसरा | अच्छा |
| 26 अप्रैल से 4 जुलाई तक | सिंह | चौथा | भारी |
| 5 जुलाई से 23 अगस्त तक | कन्या | पाँचवाँ | भारी |
| 24 अगस्त से 7 अक्टूबर तक | तुला | छठा | अच्छा |
| 8 अक्टूबर से 17 नवंबर तक | वृश्चिक | सातवाँ | भारी |
| 18 नवंबर से 26 दिसंबर तक | धनु | आठवाँ | भारी |
| 27 दिसंबर से | मकर | नौवाँ | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
वृषभ से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
शरीर: ऊर्जा और रोगों से लड़ने की ताक़त। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
रोग, संक्रमण और दिनचर्या। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
पुराने रोग, ऑपरेशन और लंबा इलाज। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
अस्पताल, नींद और आराम। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके बारहवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ धनु, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं। आपात स्थिति में नहीं: ऑपरेशन कब हो, यह डॉक्टर तय करते हैं।
पहले से तय ऑपरेशन के मुहूर्त
2027 में पहले से तय ऑपरेशन के 78 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 25 दिन सेहत के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
शुक्र स्वयं वृषभ राशि के स्वामी हैं। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल सेहत के लिए शुक्र का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो शुक्रवार को ॐ शुक्राय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन सफ़ेद वस्त्र और चावल का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। शुक्र के सभी उपाय →
100 में से 69, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 3 जून से 25 जून तक समय धीमा रहता है।
सेहत के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (78), नवंबर (79) और दिसंबर (84) के हैं, और सबसे कम अगस्त के (57)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में जाँच कराने और नई दिनचर्या शुरू करने का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

