2027 में कर्क राशि के लिए करियर, दौर-दर-दौर: कर्क से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 65। सबसे अच्छा समय: 26 जून से 25 नवंबर तक। काम के लिए सबसे मज़बूत महीने: जनवरी, सितंबर और नवंबर; सबसे कमज़ोर: दिसंबर।
काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक है; 25 जनवरी से 25 जून तक मिला-जुला; 26 नवंबर से धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
दूसरे भाव में गुरु का होना कमाई के लिए सबसे अच्छी स्थितियों में से एक है: वेतन बढ़ना, बेहतर तनख़्वाह वाला ऑफ़र या व्यापार में लगातार आमदनी की संभावना है, और काम पर आपकी बात का वज़न होता है। तनख़्वाह की बात अभी करें, बाद में नहीं। पारिवारिक व्यापार ख़ास तौर पर अच्छा चलता है; बैंकिंग, पढ़ाना, खाने-पीने का काम और सलाह का काम भी। इस समय गुरु की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है, इसलिए बड़े आपके काम पर ध्यान देते हैं और भूमिका बढ़ सकती है।
पहले भाव में गुरु आपको फिर से सबकी नज़र में लाते हैं: लोग आपकी बात सुनते हैं और आत्मविश्वास लौटता है। ज़िम्मेदारी वाला पद लेने या अपना काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर शास्त्र ज़रूरत से ज़्यादा फैलने से मना करते हैं — उतना ही वादा करें जितना निभा सकें, और दफ़्तर के झगड़ों में अहं को दूर रखें। नौकरी ढूँढ रहे लोगों को इंटरव्यू आसानी से मिलेंगे, पर ऑफ़र के लिए अच्छी तैयारी चाहिए।
तीसरे भाव में गुरु का होना करियर के लिए कमज़ोर स्थिति है: मेहनत पूरी होती है, पर श्रेय और पैसा देर से मिलता है। तबादला, काम की छोटी यात्राएँ और जगह बदलना आम है। जल्दबाज़ी में नौकरी न छोड़ें और थोड़ी सी बढ़ोतरी के लिए नौकरी न बदलें — हुनर बढ़ाएँ, अपने काम को ठीक से सामने रखें और यह समय निकलने दें।
नौवें भाव में शनि भाग्य को भी मेहनत माँगने वाला बनाते हैं: बड़ों या पिता से मदद सीमित रहती है और दूर की योजनाओं में समय लगता है। अनुशासन हो तो उच्च शिक्षा और पढ़ाना अच्छा चलता है। इस दौर में सिफ़ारिश पर नहीं, अपने काम के रिकॉर्ड पर भरोसा करें।
दसवें भाव में शनि करियर को इस दौर की मुख्य परीक्षा बनाते हैं: काम का भारी बोझ, सख़्त बॉस और धीरे मिलने वाली पहचान। अनुशासन से निभाया जाए तो यह पक्की जगह बनाती है — कई लोगों को असली ज़िम्मेदारी इसी में मिलती है। बड़ों से अहं का टकराव और किसी भी तरह का शॉर्टकट न करें।
सातवें भाव में राहु साझेदारों और ग्राहकों को अस्थिर बनाते हैं; हर सौदा लिखित में रखें और भरोसे से पहले जाँच लें। पहले भाव में केतु काम से मन उचाट कर सकते हैं; अपने लक्ष्य लिखकर रखें और हर महीने देखें।
26 जून से 25 नवंबर तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 24 जनवरी तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। बस 26 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक (बुध वक्री) अनुबंध और ऑफ़र लेटर पर दस्तख़त टालें। बुध का वक्री दौर 10 जून से 5 जुलाई तक है; ऊपर उसके वही दिन हैं जो इस समय में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें
बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें
शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में कर्क राशि के लिए काम के मामले में सबसे अच्छा महीने सितंबर और नवंबर (74) हैं और सबसे कमज़ोर दिसंबर (54)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | नौकरी शुरू करने के दिन | नया व्यापार शुरू करने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 73 | आमदनी बढ़ती है; गुरु और मंगल वक्री | 2 | 11 |
| फ़रवरी | 55 | फिर से पहचान, पर सँभलकर; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके सातवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके दूसरे भाव में | 2 | 7 |
| मार्च | 59 | फिर से पहचान, पर सँभलकर; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 9 |
| अप्रैल | 60 | फिर से पहचान, पर सँभलकर; गुरु और मंगल वक्री | 2 | 8 |
| मई | 63 | फिर से पहचान, पर सँभलकर | 2 | 7 |
| जून | 61 | फिर से पहचान, पर सँभलकर; बुध वक्री | 2 | 6 |
| जुलाई | 71 | आमदनी बढ़ती है; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके सातवें भाव में | 4 | 13 |
| अगस्त | 69 | आमदनी बढ़ती है; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके पहले भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके सातवें भाव में | 1 | 9 |
| सितंबर | 74 | आमदनी बढ़ती है; शनि वक्री | 4 | 8 |
| अक्टूबर | 72 | आमदनी बढ़ती है; शनि और बुध वक्री | 1 | 8 |
| नवंबर | 74 | आमदनी बढ़ती है; शनि वक्री | 4 | 8 |
| दिसंबर | 54 | मेहनत ज़्यादा, फल धीमा; शनि वक्री | 6 | 9 |
सूर्य, जो अधिकार, बड़ों और सरकार के ग्रह हैं, हर महीने नई राशि में जाते हैं (संक्रांति)। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: माँगने, आवेदन करने और नज़र में आने के महीने। 2027 में कर्क राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 13 जनवरी तक, 14 अप्रैल से 14 जून तक, 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक और 16 दिसंबर से।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | काम के लिए |
|---|---|---|---|
| 13 जनवरी तक | धनु | छठा | अच्छा |
| 14 जनवरी से 12 फ़रवरी तक | मकर | सातवाँ | भारी |
| 13 फ़रवरी से 14 मार्च तक | कुंभ | आठवाँ | भारी |
| 15 मार्च से 13 अप्रैल तक | मीन | नौवाँ | भारी |
| 14 अप्रैल से 14 मई तक | मेष | दसवाँ | अच्छा |
| 15 मई से 14 जून तक | वृषभ | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 15 जून से 16 जुलाई तक | मिथुन | बारहवाँ | भारी |
| 17 जुलाई से 16 अगस्त तक | कर्क | पहला | भारी |
| 17 अगस्त से 16 सितंबर तक | सिंह | दूसरा | भारी |
| 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक | कन्या | तीसरा | अच्छा |
| 18 अक्टूबर से 16 नवंबर तक | तुला | चौथा | भारी |
| 17 नवंबर से 15 दिसंबर तक | वृश्चिक | पाँचवाँ | भारी |
| 16 दिसंबर से | धनु | छठा | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कर्क से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
वेतन और काम से होने वाली आमदनी। इसके स्वामी सूर्य हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके दूसरे भाव में रहेंगे।
रोज़ का काम, नौकरी, प्रतिस्पर्धा और काम की जगह के विरोधी। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
व्यापार के साझेदार, ग्राहक और सौदे। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके सातवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
नौकरी, पद और बड़ों की नज़र में आपकी साख। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके दसवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दसवें भाव में रहेंगे।
लाभ, तरक़्क़ी और वे लोग जो इन्हें लाते हैं। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ कुंभ, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
नौकरी शुरू करने के मुहूर्त
2027 में नौकरी शुरू करने के 33 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 12 दिन काम के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त
2027 में नया व्यापार शुरू करने के 103 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 39 दिन काम के आपके सबसे अच्छे दौर (26 जून से 25 नवंबर तक) में और "सावधानी" वाले बुध के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
मंगल आपके दसवें भाव (मेष) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: नौकरी, पद और बड़ों की नज़र में आपकी साख। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल काम के लिए मंगल का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन मसूर दाल और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। मंगल के सभी उपाय →
100 में से 65, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 26 नवंबर से समय धीमा रहता है।
काम के लिए सबसे ज़्यादा अंक जनवरी (73), सितंबर (74) और नवंबर (74) के हैं, और सबसे कम दिसंबर के (54)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में नौकरी या तरक़्क़ी के लिए आगे बढ़ने का समय 26 जून से 25 नवंबर तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
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