2027 में कन्या राशि के लिए करियर, दौर-दर-दौर: कन्या से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 62। सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक। काम के लिए सबसे मज़बूत महीने: मार्च, अप्रैल और मई; सबसे कमज़ोर: अगस्त।
काम के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 25 जनवरी से 2 जून तक है; 3 जून से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए काम के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
बारहवें भाव में गुरु काम को पर्दे के पीछे ले जाते हैं: मेहनत होती है पर श्रेय देर से मिलता है और ख़र्च बढ़ते हैं — यात्रा, जगह बदलना या नया सेटअप। विदेशी कंपनी, निर्यात, अस्पताल, रिसर्च, सेवा-संस्था या घर से दूर का काम इसमें ठीक चलता है। अभी सिर्फ़ पैसे के लिए नौकरी न बदलें; विदेश जाने या सीखने के लिए बदलाव ठीक रह सकता है।
ग्यारहवें भाव में गुरु का होना काम में लाभ का सबसे अच्छा समय है: वेतन बढ़ना, प्रमोशन, अटका पैसा मिलना और लक्ष्य पूरे होना। बड़े अधिकारी और जान-पहचान आपके साथ हैं — किसी की सिफ़ारिश से मनचाही नौकरी मिल सकती है। अगर ज़्यादा माँगने का इंतज़ार कर रहे थे, तो इसी समय माँगें। पर आपके आठवें भाव में शनि के कारण 3 जून से 25 जून तक का समय काम के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: बड़े फ़ैसले छोटे हिस्सों में, सोच-समझकर लें।
पहले भाव में गुरु आपको फिर से सबकी नज़र में लाते हैं: लोग आपकी बात सुनते हैं और आत्मविश्वास लौटता है। ज़िम्मेदारी वाला पद लेने या अपना काम शुरू करने के लिए अच्छा समय है, पर शास्त्र ज़रूरत से ज़्यादा फैलने से मना करते हैं — उतना ही वादा करें जितना निभा सकें, और दफ़्तर के झगड़ों में अहं को दूर रखें। नौकरी ढूँढ रहे लोगों को इंटरव्यू आसानी से मिलेंगे, पर ऑफ़र के लिए अच्छी तैयारी चाहिए।
सातवें भाव में शनि साझेदारी और ग्राहकों से रिश्तों की परीक्षा लेते हैं: सौदे देर से पूरे होते हैं और साझेदार धीमे या मुश्किल हो सकते हैं। नौकरी वाले धैर्य से ठीक रहते हैं; नई साझेदारी तभी करें जब शर्तें बिल्कुल साफ़ हों।
आठवें भाव में शनि का होना (अष्टम शनि) काम के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: देरी, अचानक बदलाव, पुनर्गठन और बिना श्रेय की मेहनत। काग़ज़ात ठीक रखें, शॉर्टकट और अधिकारियों से विवाद से बचें, और अगली नौकरी पक्की किए बिना नौकरी न छोड़ें। रिसर्च, बीमा, खनन, तेल और पर्दे के पीछे का काम अपवाद हैं। शनि की दृष्टि आपके दसवें भाव पर भी है: काम का बोझ भारी और पहचान धीमी, और लगातार मेहनत ही रास्ता है।
पाँचवें भाव में राहु सट्टे और शॉर्टकट की ओर खींचते हैं; चतुर विचार काम करते हैं, जुआ नहीं। ग्यारहवें भाव में केतु अनपेक्षित जगह से लाभ देते हैं।
14 अप्रैल से 2 जून तक: वेतन बढ़ाने की बात करें, बेहतर नौकरी के लिए आवेदन करें, सौदा पक्का करें या नया काम शुरू करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है।
गुरु वक्री: तरक़्क़ी धीमी होती है और बड़ों के वादे टलते हैं; अभी उन पर भरोसा न करें
बुध वक्री: ऑफ़र लेटर, अनुबंध और ईमेल दोबारा पढ़ें; इंटरव्यू की ज़्यादा तैयारी करें
सूर्य ग्रहण: आपके ग्यारहवें भाव (लाभ भाव) में ग्रहण — इसके आसपास के हफ़्ते में नई नौकरी या नया काम शुरू न करें
शनि वक्री: पुराना अटका काम और पुराने विवाद लौटते हैं; नया शुरू करने से पहले उन्हें निपटाएँ
2027 में कन्या राशि के लिए काम के मामले में सबसे अच्छा महीना मई (76) है और सबसे कमज़ोर अगस्त (50)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | नौकरी शुरू करने के दिन | नया व्यापार शुरू करने के दिन |
|---|---|---|---|---|
| जनवरी | 57 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; गुरु और मंगल वक्री | 2 | 10 |
| फ़रवरी | 67 | वेतन और प्रमोशन का समय; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 2 | 6 |
| मार्च | 72 | वेतन और प्रमोशन का समय; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 3 | 8 |
| अप्रैल | 74 | वेतन और प्रमोशन का समय; गुरु और मंगल वक्री | 2 | 7 |
| मई | 76 | वेतन और प्रमोशन का समय | 2 | 7 |
| जून | 66 | वेतन और प्रमोशन का समय; बुध वक्री | 2 | 5 |
| जुलाई | 51 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 4 | 12 |
| अगस्त | 50 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके ग्यारहवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 1 | 8 |
| सितंबर | 52 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; शनि वक्री | 4 | 8 |
| अक्टूबर | 51 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; शनि और बुध वक्री | 1 | 7 |
| नवंबर | 58 | पर्दे के पीछे का काम, ख़र्च ज़्यादा; शनि वक्री | 4 | 8 |
| दिसंबर | 66 | फिर से पहचान, पर सँभलकर; शनि वक्री | 6 | 8 |
सूर्य, जो अधिकार, बड़ों और सरकार के ग्रह हैं, हर महीने नई राशि में जाते हैं (संक्रांति)। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव में अच्छे माने जाते हैं: माँगने, आवेदन करने और नज़र में आने के महीने। 2027 में कन्या राशि के लिए इनके अच्छे दौर ये हैं: 13 फ़रवरी से 14 मार्च तक, 15 जून से 16 अगस्त तक और 17 नवंबर से 15 दिसंबर तक।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | काम के लिए |
|---|---|---|---|
| 13 जनवरी तक | धनु | चौथा | भारी |
| 14 जनवरी से 12 फ़रवरी तक | मकर | पाँचवाँ | भारी |
| 13 फ़रवरी से 14 मार्च तक | कुंभ | छठा | अच्छा |
| 15 मार्च से 13 अप्रैल तक | मीन | सातवाँ | भारी |
| 14 अप्रैल से 14 मई तक | मेष | आठवाँ | भारी |
| 15 मई से 14 जून तक | वृषभ | नौवाँ | भारी |
| 15 जून से 16 जुलाई तक | मिथुन | दसवाँ | अच्छा |
| 17 जुलाई से 16 अगस्त तक | कर्क | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 17 अगस्त से 16 सितंबर तक | सिंह | बारहवाँ | भारी |
| 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक | कन्या | पहला | भारी |
| 18 अक्टूबर से 16 नवंबर तक | तुला | दूसरा | भारी |
| 17 नवंबर से 15 दिसंबर तक | वृश्चिक | तीसरा | अच्छा |
| 16 दिसंबर से | धनु | चौथा | भारी |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कन्या से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
वेतन और काम से होने वाली आमदनी। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
रोज़ का काम, नौकरी, प्रतिस्पर्धा और काम की जगह के विरोधी। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके छठे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
व्यापार के साझेदार, ग्राहक और सौदे। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके सातवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
नौकरी, पद और बड़ों की नज़र में आपकी साख। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दसवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
लाभ, तरक़्क़ी और वे लोग जो इन्हें लाते हैं। इसके स्वामी चंद्र हैं। 2027 में केतु पूरे साल आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके ग्यारहवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मेष, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
नौकरी शुरू करने के मुहूर्त
2027 में नौकरी शुरू करने के 33 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 3 दिन काम के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं:
नया व्यापार शुरू करने के मुहूर्त
2027 में नया व्यापार शुरू करने के 103 मुहूर्तों में से 9 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 11 दिन काम के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
बुध आपके दसवें भाव (मिथुन) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: नौकरी, पद और बड़ों की नज़र में आपकी साख। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल काम के लिए बुध का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो बुधवार को ॐ बुधाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन हरी मूँग और हरे वस्त्र का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। बुध के सभी उपाय →
100 में से 62, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक समय धीमा रहता है।
काम के लिए सबसे ज़्यादा अंक मार्च (72), अप्रैल (74) और मई (76) के हैं, और सबसे कम अगस्त के (50)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में नौकरी या तरक़्क़ी के लिए आगे बढ़ने का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; सूर्य ग्रहण: 2 अगस्त; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

