2027 में वृषभ राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: वृषभ से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 69। रिश्ता पक्का करने का सबसे अच्छा समय: 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: अप्रैल, मई और दिसंबर; सबसे कमज़ोर: अगस्त।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में सबसे अच्छा समय 2 जून तक और 20 अक्टूबर से है; 3 जून से 25 जून तक मिला-जुला; 26 जून से 19 अक्टूबर तक धीमा। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए प्रेम और विवाह के अच्छे दौर का वह हिस्सा धीमा रहता है।
चौथे भाव में गुरु ध्यान घर की ओर ले जाते हैं — नया घर, परिवार की ज़िम्मेदारियाँ या माता-पिता की ज़रूरतें — इसलिए प्रेम कुछ समय पीछे लग सकता है। शादीशुदा जोड़े मिलकर घर बसा या सँवार सकते हैं, और यह साझा काम उन्हें क़रीब लाता है। अविवाहितों के लिए परिवार की मंज़ूरी सामान्य से ज़्यादा मायने रखती है; रिश्ता तभी आगे बढ़ता है जब माता-पिता संतुष्ट हों। घर के कामों में जीवनसाथी के साथ अकेले बिताने का समय न खोएँ।
तीसरे भाव में गुरु प्रेम को व्यस्त पर हल्का रखते हैं: संदेश, फ़ोन, छोटी यात्राएँ और नए लोग ख़ूब, पर पक्की बात धीरे आगे बढ़ती है। अविवाहित लोग भाई-बहनों, पड़ोसियों, किसी कोर्स या सोशल मीडिया के ज़रिए लोगों से मिलते हैं — इसका आनंद लें, पर गंभीर मानने से पहले समय लें। रिश्ते की बात आसानी से शुरू होती है पर छोटी-छोटी बातों पर अटकती है, इसलिए नरमी से बात आगे बढ़ाते रहें। शादीशुदा लोगों के लिए रोज़ की दिनचर्या से दूर साथ में छोटी यात्राएँ अच्छी रहती हैं। इस समय गुरु की दृष्टि आपके सातवें और ग्यारहवें भाव पर भी है: शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है; दोस्त मदद करते हैं और प्रेम की कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है।
पाँचवें भाव में गुरु का होना प्रेम के लिए सबसे अच्छे समयों में से एक है: भावनाएँ सच्ची होती हैं, और अभी शुरू हुए रिश्ते के शादी तक पहुँचने की अच्छी संभावना है। अविवाहित लोग नए लोगों से मिलने के लिए हाँ कहें; जो पहले से प्रेम में हैं वे अभी घरवालों से बात कर सकते हैं, क्योंकि प्रेम विवाह को आशीर्वाद मिलने की संभावना ज़्यादा है। शादीशुदा जोड़ों में फिर से नज़दीकी लौटती है, और कई लोग संतान की योजना बनाते हैं। रिश्ते में ईमानदारी रखें — न खेल, न छिपाव।
ग्यारहवें भाव में शनि प्रेम में धीमे पर टिकाऊ नतीजे देते हैं: लंबा इंतज़ार ख़त्म होता है, और दोस्तों, साथ काम करने वालों या किसी बड़े की जान-पहचान से रिश्ता पक्का होता है। अविवाहित लोग जल्दबाज़ी वाले प्रेम से ज़्यादा व्यावहारिक और समझदारी भरा चुनाव पसंद करते हैं, और वह चुनाव टिकता है। शादीशुदा जोड़ों को दोस्तों और परिवार का साथ मिलता है, और लंबे समय से अटकी साझा योजनाएँ पूरी होती हैं। समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्ते को नाम देने का अच्छा समय। फिर भी, शनि की दृष्टि आपके पाँचवें भाव पर भी है: प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।
बारहवें भाव में शनि, साढ़े साती का पहला चरण, प्रेम में दूरी और मन में चुपचाप चिंता लाते हैं: साथी का दूर होना, नींद की कमी, या अपने सबसे क़रीबी लोगों से अनदेखा महसूस करना। अविवाहितों को घर से दूर कोई मिल सकता है, पर पक्का करने से पहले समय लें। शादीशुदा जोड़े अपने बीच चुप्पी न बढ़ने दें — साथ में एकांत का समय निकालें और चिंताएँ जल्दी साझा करें। शादी और घर के ख़र्च पर लगाम रखें। शनि की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें।
नौवें भाव में राहु दूसरे धर्म, क्षेत्र या देश से रिश्ता ला सकते हैं, और बड़ों का कुछ विरोध भी; सम्मान के साथ बातचीत जारी रखें।
14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से: परिवारों से मिलें, रिश्ता पक्का करें, सगाई करें या शादी की तारीख़ तय करें; अगर प्रेम में हैं, तो घरवालों से बात करें। 13 अप्रैल तक गुरु वक्री रहते हैं, इसलिए यह समय उसके बाद से रखा गया है। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय चातुर्मास (भगवान विष्णु के विश्राम के चार महीने, जिनमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) और खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में वृषभ राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना दिसंबर (84) है और सबसे कमज़ोर अगस्त (54)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 74 | पहले घर, फिर प्रेम; गुरु और मंगल वक्री | 8 |
| फ़रवरी | 71 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके नौवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके चौथे भाव में | 11 |
| मार्च | 76 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 4 |
| अप्रैल | 78 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; गुरु और मंगल वक्री | 7 |
| मई | 80 | बात ज़्यादा, जल्दी कम | 16 |
| जून | 62 | बात ज़्यादा, जल्दी कम; बुध वक्री | 14 |
| जुलाई | 56 | पहले घर, फिर प्रेम; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | 5 |
| अगस्त | 54 | पहले घर, फिर प्रेम; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके तीसरे भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके नौवें भाव में | — |
| सितंबर | 58 | पहले घर, फिर प्रेम; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 57 | पहले घर, फिर प्रेम; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 75 | पहले घर, फिर प्रेम; शनि वक्री | 10 |
| दिसंबर | 84 | प्रेम खिलता है; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में वृषभ राशि के लिए इनके 15 में से 11 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 28 जनवरी तक, 21 मार्च से 14 अप्रैल तक और 3 अक्टूबर से 20 नवंबर तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | सातवाँ | भारी |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | आठवाँ | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | नौवाँ | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | दसवाँ | भारी |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | बारहवाँ | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | पहला | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | दूसरा | अच्छा |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | तीसरा | अच्छा |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | चौथा | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | पाँचवाँ | अच्छा |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | छठा | भारी |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | सातवाँ | भारी |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | आठवाँ | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | नौवाँ | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
वृषभ से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके पाँचवें भाव में रहेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ धनु, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से 11 आपके चंद्राष्टम पर पड़ते हैं, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। बाक़ी में से 40 दिन प्रेम और विवाह के आपके सबसे अच्छे दौर (14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
मंगल आपके सातवें भाव (वृश्चिक) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए मंगल का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो मंगलवार को ॐ मंगलाय नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन मसूर दाल और गुड़ का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। मंगल के सभी उपाय →
100 में से 69, अच्छा। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 26 जून से 19 अक्टूबर तक समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक अप्रैल (78), मई (80) और दिसंबर (84) के हैं, और सबसे कम अगस्त के (54)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
2027 में रिश्ता या शादी की बात आगे बढ़ाने का समय 14 अप्रैल से 2 जून तक और 20 अक्टूबर से है; इसके भीतर भी "सावधानी" में लिखे वक्री हफ़्ते छोड़ दें। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 15 अप्रैल से 2 जून तक और 10 नवंबर से 15 दिसंबर तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
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