2027 में कन्या राशि के लिए प्रेम और विवाह, दौर-दर-दौर: कन्या से गिने भावों में गुरु, शनि, राहु और केतु की चाल से पढ़ा गया।
100 में से 63। कोई भी दौर पूरी तरह पक्ष में नहीं है; अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 जून तक है। प्रेम और विवाह के लिए सबसे मज़बूत महीने: अप्रैल, मई और दिसंबर; सबसे कमज़ोर: अगस्त।
प्रेम और विवाह के लिए 2027 में समय 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से मिला-जुला रहता है; 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक धीमा।
बारहवें भाव में गुरु प्रेम में दूरी या ख़र्च लाते हैं: साथी का दूसरे शहर या देश में होना, मिलने के लिए यात्राएँ, या शादी की तैयारी का बजट से बाहर जाना। अविवाहितों को विदेश या घर से दूर रिश्ता मिल सकता है — यह चल सकता है, पर व्यक्ति को अच्छी तरह जानने में समय लें। शादीशुदा जोड़े साथ में एकांत और यात्राओं का आनंद लेते हैं, पर चुपचाप दूरी बनाने से बचें। शादी का ख़र्च पहले से मिलकर तय की गई सीमा में रखें।
ग्यारहवें भाव में गुरु प्रेम की पुरानी इच्छाएँ पूरी करते हैं: जिस रिश्ते की उम्मीद थी वह आगे बढ़ता है, और दोस्त या रिश्तेदार सही व्यक्ति से मिलवाते हैं। सगाई या शादी के लिए यह सबसे अच्छे समयों में से एक है, और परिवार आसानी से राज़ी होते हैं। शादीशुदा जोड़ों का साथ में सामाजिक जीवन ख़ुशहाल रहता है और परिवार में अच्छी ख़बर आती है। अगर प्रस्ताव रखने या हाँ कहने के सही मौक़े का इंतज़ार था, तो वह यही है। इस समय गुरु की दृष्टि आपके पाँचवें और सातवें भाव पर भी है: प्रेम में सच्चाई रहती है और प्रेम विवाह को साथ मिलता है; शादी की बात आगे बढ़ती है और अच्छा रिश्ता आने की संभावना है। पर आपके सातवें और आठवें भाव में शनि के कारण 25 जनवरी से 25 जून तक का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें।
पहले भाव में गुरु आपका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और लोग आपको पसंद करने लगते हैं: आप पर ध्यान जाता है, और आप साफ़ समझते हैं कि जीवनसाथी में क्या चाहिए। अविवाहित और रिश्ता ढूँढ रहे लोगों के लिए यह वह समय है जब परिवार और दोस्त आपकी शादी की बात गंभीरता से लेने लगते हैं और भरोसे के लोगों के ज़रिए अच्छे रिश्ते आते हैं। शादीशुदा लोगों के लिए पुरानी बातों पर खुलकर बात करना आसान होता है। बस अहं या शर्तों की लंबी सूची की वजह से अच्छा रिश्ता हाथ से न जाने दें। पर आपके सातवें भाव में शनि के कारण 26 नवंबर से आगे का समय प्रेम और विवाह के लिए कुल मिलाकर मिला-जुला रहता है: रिश्ते के सबसे बड़े फ़ैसले किसी साफ़ दौर तक रुकने दें।
सातवें भाव में शनि विवाह की मुख्य परीक्षा हैं: नए रिश्ते तय होने में देर लगती है, और प्रस्ताव अक्सर देरी, शर्तों या उम्र के अंतर के साथ आते हैं। अगर आप रिश्ता ढूँढ रहे हैं, तो सिर्फ़ समय निकलने के डर से जल्दबाज़ी न करें — शनि के इस दौर में धीरे और अच्छी तरह जाँचकर किया गया चुनाव टिकाऊ होता है। शादीशुदा जोड़ों को दूरी या ज़िम्मेदारियों का बोझ महसूस होता है; खुली बातचीत और काम का बँटवारा रिश्ता बनाए रखते हैं। इस समय अलगाव जैसा अंतिम फ़ैसला न लें।
आठवें भाव में शनि का होना (अष्टम शनि) रिश्तों के लिए एक चुनौती भरी स्थिति है: छिपी बातें सामने आती हैं, ससुराल या साझा पैसे से तनाव बनता है, और मन उदास रहता है। रिश्ते की बात अचानक टूट सकती है या ज़रूरी बातें देर से पता चल सकती हैं, इसलिए सब कुछ जाँच लें और जल्दबाज़ी न करें। शादीशुदा जोड़े एक-दूसरे के तनाव के साथ धैर्य रखें और ऐसी बात न कहें जो वापस न ली जा सके। यह जो है उसे बचाने का समय है, बड़े बदलाव करने का नहीं। शनि की दृष्टि आपके दूसरे और पाँचवें भाव पर भी है: घर में कड़वे शब्द सामान्य से ज़्यादा भारी पड़ते हैं, इसलिए एक-दूसरे के परिवार के बारे में नरमी से बोलें; प्रेम में हल्कापन कम और गंभीरता ज़्यादा रहती है, इसलिए साथ में सहज ख़ुशी के पल निकालें।
पाँचवें भाव में राहु अचानक तेज़ आकर्षण और अलग तरह के प्रेम संबंध लाते हैं; रोमांच का आनंद लें, पर पूरा भरोसा करने से पहले तथ्य और इरादे जाँच लें। ग्यारहवें भाव में केतु चाहने वालों की भीड़ से हटाकर एक सच्चे रिश्ते की ओर मन ले जाते हैं।
इस साल कोई भी समय शादी तय करने के लिए पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। अगर अच्छा रिश्ता आए और दोनों परिवार राज़ी हों, तो 14 अप्रैल से 25 जून तक अपेक्षाकृत आसान समय है; वरना लोगों से मिलते रहें और बिना दबाव के बात बनने दें। इस दौर में शादी के मुहूर्त सिर्फ़ 15 अप्रैल से 25 जून तक के दौर में पड़ते हैं (हर दिन मुहूर्त पेज पर है); इस दौर का बाक़ी समय खरमास (सूर्य के धनु या मीन में रहने का महीना, जिसमें शादी का मुहूर्त नहीं होता) के कारण बंद है, इसलिए शादी की तारीख़ इन्हीं में रखें। विवाह मुहूर्त की तारीख़ें, 2027 →
गुरु वक्री: रिश्ते की बात धीमी पड़ती है और परिवारों के वादे टलते हैं; दबाव डाले बिना संपर्क बनाए रखें
मंगल वक्री: ग़ुस्सा जल्दी भड़कता है; बात कड़वी होने से पहले बहस से हट जाएँ
बुध वक्री: संदेशों का ग़लत मतलब निकलता है; ज़रूरी बातें मैसेज पर नहीं, आमने-सामने करें
शनि वक्री: रिश्ते की पुरानी बातें लौटती हैं; उन्हें फिर दबाने के बजाय धैर्य से सुलझाएँ
2027 में कन्या राशि के लिए प्रेम और विवाह के मामले में सबसे अच्छा महीना मई (72) है और सबसे कमज़ोर अगस्त (54)। हर महीना उसके बीच की स्थिति से पढ़ा गया है, और उसमें पड़ने वाले हर वक्री ग्रह और ग्रहण के लिए अंक थोड़ा घटता है; इसीलिए अच्छे दौर के भीतर भी कोई महीना नीचे आ सकता है।
| महीना | अंक | किस वजह से | शादी के दिन |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 57 | दूरी और समर्पण; गुरु और मंगल वक्री | 8 |
| फ़रवरी | 62 | मनोकामना पूरी होती है; गुरु, मंगल और बुध वक्री; 6 फ़रवरी को सूर्य ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में; 21 फ़रवरी को चंद्र ग्रहण, आपके बारहवें भाव में | 13 |
| मार्च | 68 | मनोकामना पूरी होती है; गुरु, मंगल और बुध वक्री | 7 |
| अप्रैल | 70 | मनोकामना पूरी होती है; गुरु और मंगल वक्री | 9 |
| मई | 72 | मनोकामना पूरी होती है | 19 |
| जून | 70 | मनोकामना पूरी होती है; बुध वक्री | 15 |
| जुलाई | 56 | दूरी और समर्पण; बुध वक्री; 18 जुलाई को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | 5 |
| अगस्त | 54 | दूरी और समर्पण; शनि वक्री; 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण, आपके ग्यारहवें भाव में; 17 अगस्त को चंद्र ग्रहण, आपके पाँचवें भाव में | — |
| सितंबर | 58 | दूरी और समर्पण; शनि वक्री | — |
| अक्टूबर | 57 | दूरी और समर्पण; शनि और बुध वक्री | — |
| नवंबर | 58 | दूरी और समर्पण; शनि वक्री | 10 |
| दिसंबर | 71 | रिश्ते के लिए तैयार; शनि वक्री | 6 |
शुक्र, जो प्रेम, विवाह और सुख के ग्रह हैं, लगभग हर महीने नई राशि में जाते हैं। गोचर (चंद्र राशि से ग्रहों की चाल का फल) में वे चंद्र राशि से छठे, सातवें और दसवें को छोड़ हर भाव में अच्छे माने जाते हैं। 2027 में कन्या राशि के लिए इनके 15 में से 12 दौर अच्छे हैं; भारी दौर 21 मार्च से 9 मई तक और 28 जून से 22 जुलाई तक हैं।
| कब | राशि | चंद्र राशि से भाव | प्रेम और विवाह के लिए |
|---|---|---|---|
| 28 जनवरी तक | वृश्चिक | तीसरा | अच्छा |
| 29 जनवरी से 23 फ़रवरी तक | धनु | चौथा | अच्छा |
| 24 फ़रवरी से 20 मार्च तक | मकर | पाँचवाँ | अच्छा |
| 21 मार्च से 14 अप्रैल तक | कुंभ | छठा | भारी |
| 15 अप्रैल से 9 मई तक | मीन | सातवाँ | भारी |
| 10 मई से 3 जून तक | मेष | आठवाँ | अच्छा |
| 4 जून से 27 जून तक | वृषभ | नौवाँ | अच्छा |
| 28 जून से 22 जुलाई तक | मिथुन | दसवाँ | भारी |
| 23 जुलाई से 15 अगस्त तक | कर्क | ग्यारहवाँ | अच्छा |
| 16 अगस्त से 8 सितंबर तक | सिंह | बारहवाँ | अच्छा |
| 9 सितंबर से 2 अक्टूबर तक | कन्या | पहला | अच्छा |
| 3 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक | तुला | दूसरा | अच्छा |
| 27 अक्टूबर से 20 नवंबर तक | वृश्चिक | तीसरा | अच्छा |
| 21 नवंबर से 14 दिसंबर तक | धनु | चौथा | अच्छा |
| 15 दिसंबर से | मकर | पाँचवाँ | अच्छा |
नियम फलदीपिका के गोचर अध्याय (गोचरफल) का है, जो हर गोचर चंद्र राशि से पढ़ता है।
कन्या से गिनकर, ऊपर का फल इन्हीं भावों से पढ़ा गया है। हर एक के साथ उसकी राशि, उसके स्वामी, और 2027 में उसमें रहने वाले या उस पर दृष्टि डालने वाले धीमे ग्रह (गुरु, शनि, राहु और केतु, जो एक राशि में साल या उससे ज़्यादा रहते हैं) दिए हैं।
आप स्वयं: आप कैसे दिखते हैं और क्या चाहते हैं। इसके स्वामी बुध हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके पहले भाव पर दृष्टि डालेंगे; गुरु 26 नवंबर से आपके पहले भाव में रहेंगे।
परिवार, बसने वाला घर और आपस की बोलचाल। इसके स्वामी शुक्र हैं। 2027 में शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके दूसरे भाव पर दृष्टि डालेंगे।
प्रेम, प्रेम-संबंध और संतान। इसके स्वामी शनि हैं। 2027 में राहु पूरे साल आपके पाँचवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके पाँचवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
विवाह और जीवनसाथी। इसके स्वामी गुरु हैं। 2027 में शनि 2 जून तक और 20 अक्टूबर से आपके सातवें भाव में रहेंगे; गुरु 25 जनवरी से 25 जून तक और 26 नवंबर से आपके सातवें भाव पर दृष्टि डालेंगे।
ससुराल और विवाह की लंबी उम्र। इसके स्वामी मंगल हैं। 2027 में गुरु 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक आपके आठवें भाव पर दृष्टि डालेंगे; शनि 3 जून से 19 अक्टूबर तक आपके आठवें भाव में रहेंगे।
चंद्राष्टम वह समय है जब चंद्रमा आपकी राशि से आठवीं राशि, यहाँ मेष, से गुज़रते हैं: हर महीने लगभग सवा दो दिन, जिनमें परंपरा कोई नई शुरुआत नहीं करती। मुहूर्त की तारीख़ें सबके लिए होती हैं; ये वे दिन हैं जो आपका चंद्राष्टम हटाने के बाद बचते हैं।
शादी के मुहूर्त
2027 में शादी के 92 मुहूर्तों में से कोई भी आपके चंद्राष्टम पर नहीं पड़ता। इनमें से 31 दिन अपेक्षाकृत आसान दौर (14 अप्रैल से 25 जून तक) में और "सावधानी" वाले बुध और मंगल के वक्री हफ़्तों से बाहर पड़ते हैं; मुहूर्त के अंकों से सबसे मज़बूत 10:
गुरु आपके सातवें भाव (मीन) के स्वामी हैं, और यह भाव इनका है: विवाह और जीवनसाथी। परंपरा किसी भाव को उसके स्वामी के ज़रिए बल देती है, इसलिए इस साल प्रेम और विवाह के लिए गुरु का उपाय सबसे उपयोगी है। हो सके तो गुरुवार को ॐ गुरवे नमः का 108 बार जप करें, और उसी दिन चने की दाल और हल्दी का दान करें। मज़बूत स्वामी धीमे दौर में भी अपने भाव को सँभाले रखता है। गुरु के सभी उपाय →
100 में से 63, ठीक-ठाक। इस पैमाने पर 80 और ऊपर बहुत अच्छा है, 65 से 79 अच्छा, 50 से 64 ठीक-ठाक और 50 से नीचे भारी। 2027 का कोई भी दौर पूरी तरह आपके पक्ष में नहीं है। 24 जनवरी तक और 26 जून से 25 नवंबर तक समय धीमा रहता है।
प्रेम और विवाह के लिए सबसे ज़्यादा अंक अप्रैल (70), मई (72) और दिसंबर (71) के हैं, और सबसे कम अगस्त के (54)। हर महीने की वजह ऊपर महीने दर महीने वाली तालिका में है।
जो क़दम टल न सके, उसके लिए 2027 में अपेक्षाकृत आसान समय 14 अप्रैल से 25 जून तक है। शादी के मुहूर्त इसके भीतर सिर्फ़ 15 अप्रैल से 25 जून तक के दौर में पड़ते हैं।
गुरु वक्री: 13 अप्रैल तक; मंगल वक्री: 10 जनवरी से 1 अप्रैल तक; बुध वक्री: 9 फ़रवरी से 3 मार्च तक, 10 जून से 5 जुलाई तक और 7 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक; शनि वक्री: 9 अगस्त से 24 दिसंबर तक। हर एक में क्या करें, यह ऊपर "सावधानी" में है।
आपकी अपनी कुंडली सिर्फ़ आपकी है। इसे मुफ़्त बनाएँ, या 24 में से किसी भी ज्योतिषी से उस गोचर के बारे में पूछें जो सच में आप पर चल रहा है। पैसे मिनट के हिसाब से, और सिर्फ़ तब तक जब कोई जवाब दे रहा हो।
मुफ़्त कुंडली बनाएँ

